इंदौर में थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी के बच्चे निःशुल्क मिलने वाली दवाओं के लिए दर दर भटक रहे हैं। प्रशासन द्वारा बनाई गई व्यवस्था के अनुरूप यह दवाएं बच्चों को निःशुल्क खजराना गणेश मंदिर और रणजीत हनुमान से मिलती हैं। रणजीत हनुमान मंदिर से दवाएं नियमित रूप से मिल रही हैं लेकिन खजराना गणेश मंदिर में बच्चों को दवाओं के लिए बार बार बुलाया जाता है और इसके बाद भी दवाएं नहीं दी जाती हैं। पीड़ित बच्चे और उनके पैरेंट्स कई बार इसकी शिकायत जिला प्रशासन को कर चुके हैं लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। खजराना गणेश मंदिर में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को मुफ्त मिलने वाली दवाओं और महंगे इंजेक्शनों की किल्लत हो गई है। प्रशासन की व्यवस्था के बावजूद मंदिर प्रबंधन द्वारा बच्चों को बार-बार चक्कर लगवाए जा रहे हैं और नए पंजीकरण बंद कर दिए हैं।

पीड़ित बच्चों ने इससे जुड़ी कई परेशानियां बताई। मयूर कटारिया, सुधीर मंदवानी और आकृति कोडवानी ने कहा कि हमें हर महीने नियमित दवाएं लगती हैं। खजराना मंदिर से कुछ समय तो दवाएं मिलती रही लेकिन बाद में दो महीने या तीन महीने में एक बार दवा मिलती है। इसमें कुछ खाने की दवाएं आती हैं और कुछ इंजेक्शन आते हैं। इंजेक्शन तो कभी नहीं मिल पाते। एक इंजेक्शन की कीमत 3 हजार रुपए तक होती है और कई बच्चों को तो महीने में दस इंजेक्शन तक लगते हैं। इस स्थिति में पैरेंट्स इंजेक्शन नहीं लगवा पाते हैं।
खजराना के दान से दी जाती हैं दवाइयां
थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को खजराना मंदिर में आने वाले दान से दवाएं दी जाती हैं। समाजसेवी प्रकाश रोचलानी ने बताया कि मंदिर प्रशासन दवाओं की व्यवस्था क्यों नहीं कर पा रहा है यह समझ से बाहर है। दान की तो कोई कमी नहीं है। प्रशासन भी लगातार उन्हें इस बात पर निर्देशित करता रहता है। इसके बावजूद दवाएं क्यों नहीं मिल पा रही हैं हमें समझ में नहीं आ रहा। हम पहले भी कई बार कलेक्टर कार्य़ालय में शिकायत कर चुके हैं और हर बार कलेक्टर कार्यालय से मंदिर प्रशासन को जानकारी भी दी जाती है। कलेक्टर कार्यालय से निर्देश मिलने पर एक से दो महीने तक व्यवस्था ठीक रहती है लेकिन फिर वही परेशानी शुरू हो जाती है।
नए रजिस्ट्रेशन भी बंद
पीड़ित बच्चों ने बताया कि खजराना मंदिर में थैलेसीमिया की दवाएं निःशुल्क देने के लिए रजिस्ट्रेशन होते हैं। पिछले कुछ समय से रजिस्ट्रेशन भी बंद हैं। नए बच्चे जो मदद मांगने आ रहे हैं उन्हें कहा जा रहा है कि अब नए रजिस्ट्रेशन नहीं होंगे।
बच्चों की शिकायत दर्ज की है, उन्हें जल्द दवाएं उपलब्ध करवाएंगे
कलेक्टर कार्यालय में रेड क्रास विभाग के प्रमुख अजीत श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चों ने अपनी परेशानियां बताई हैं और हमने उनकी सभी परेशानियों को संज्ञान में लिया है। जल्द ही खजराना मंदिर प्रशासन के साथ में बैठक की जाएगी और इस विषय पर जानकारी मांगी जाएगी। बच्चों को दवाओं के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा, हम जल्द ही इसकी व्यवस्था करेंगे।






