आज के बड़े इवेंट
- ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला आज इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से पृथ्वी पर लौट सकते हैं
- दिल्ली हाई कोर्ट में आज 15वीं प्रेस परिषद के गठन को लेकर होगी बहस
- कांग्रेस आलाकमान से आज कर्नाटक CM सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की मुलाकात
- गृहमंत्री अमित शाह आज पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की मीटिंग में भाग लेने रांची पहुंचेंगे
- सुप्रीम कोर्ट में आज बिहार में वोटर लिस्ट के SIR को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई
रिटायरमेंट के बाद खेती करेंगे गृहमंत्री अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि वह रिटायरमेंट के बाद वेद, उपनिषद पढ़ेंगे और खेती करेंगे। बीजेपी को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी रिटायरमेंट की योजना बता दी है। उन्होंने कहा कि रिटायर होने के बाद वह वेद, उपनिषद पढ़ेंगे और प्राकृतिक खेती करेंगे। उनका मानना है कि प्राकृतिक खेती एक वैज्ञानिक प्रयोग है और इसके कई फायदे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि वह रिटायरमेंट के बाद वेद, उपनिषद पढ़ेंगे और खेती करेंगे। बीजेपी को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी रिटायरमेंट की योजना बता दी है। उन्होंने कहा कि रिटायर होने के बाद वह वेद, उपनिषद पढ़ेंगे और प्राकृतिक खेती करेंगे। उनका मानना है कि प्राकृतिक खेती एक वैज्ञानिक प्रयोग है और इसके कई फायदे हैं। अमित शाह ने यह बात अहमदाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने यह भी बताया कि वह अभी भी अपनी जमीन पर प्राकृतिक खेती करते हैं।
वेद, उपनिषद और प्राकृतिक खेती…
अमित शाह ने कहा, ‘मैंने तो तय किया है कि मैं जब भी रिटायर होऊंगा, मैं अपना बाकी जीवन वेद, उपनिषद और प्राकृतिक खेती के लिए खर्च करूंगा। प्राकृतिक खेती, एक वैज्ञानिक प्रयोग है जो कई प्रकार के फायदे देता है। फर्टिलाइजर वाला गेंहू खाने से कैंसर होता है, बीपी बढ़ता है, डायबिटीज होता है, थायरोड की प्रॉब्लम आती है। शुरू-शुरू में तो हमें मालूम नहीं पड़ा…तो खाने वाले के शरीर को अच्छा रखने के लिए बिना फर्टिलाइजर वाला खाना खाना चाहिए। इसका मतलब कि दवाइयों की जरूरत ही नहीं है। दूसरा उत्पादन बढ़ता है। मैंने प्राकृतिक खेती अपनाई है। आज मेरे उत्पादन में डेढ़ गुना की बढ़ोतरी हुई है।’
प्राकृतिक खेती के फायदे बताए
अमित शाह ने प्राकृतिक खेती को एक वैज्ञानिक प्रयोग बताया। उन्होंने कहा कि इसके कई फायदे हैं। उन्होंने उर्वरक के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के बारे में भी बात की। शाह ने कहा कि उर्वरक वाला गेहूं खाने से कैंसर और बीपी जैसी बीमारियां होती हैं। शाह ने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बिना फर्टिलाइजर वाला भोजन जरूरी है। अगर ऐसा होता है, तो दवाइयों की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन भी बढ़ता है।
9 जुलाई, 2025 को अमित शाह ने गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान की सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ ‘सहकार-संवाद’ किया. इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम लगभग एक घंटे तक चला।
ईरान के निशाने पर ट्रंप, कभी भी हो सकता है ड्रोन अटैक
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फिर से मारने की धमकी दी है। एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि ट्रंप अब फ्लोरिडा में भी सुरक्षित नहीं हैं। ईरानी परमाणु संयंत्रों पर अमेरिकी बमबारी के बाद यह धमकी आई है। खामेनेई के एक करीबी सलाहकार ने कहा कि ट्रंप के कार्यों ने उन्हें निशाने पर ला दिया है।

ईरान ने एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हत्या की धमकी दी है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने चेतावनी में कहा है कि ट्रंप को उनके घर में निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ट्रंप का डोनाल्ड ट्रंप अब अपने फ्लोरिडा स्थित आवास मारा-ए-लागो में सुरक्षित नहीं हैं। यह धमकी ईरानी परमाणु संयंत्रों पर अमेरिकी बमबारी के बाद आई है। इस बमबारी में ईरान के तीन परमाणु प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचा है। इतना ही नहीं, ऐसा अंदेशा है कि इस हमले के कारण ईरान का परमाणु कार्यक्रम कम से कम 5 साल पीछे चला गया है। अमेरिका ने यह बमबारी इजरायल के अनुरोध पर किया था, जिसमें अमेरिकी बी-2 बमवर्षक विमानों ने ईरानी परमाणु प्रतिष्ठानों पर बंकर बस्टर बम गिराए थे
खामेनेई के करीबी ने क्या कहा
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी सलाहकार और एक प्रमुख राजनीतिक हस्ती जावेद लारीजानी ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि ट्रंप के कार्यों ने उन्हें निशाने पर ला दिया है। लारीजानी ने कहा कि धूप में लेटे हुए अमेरिकी राष्ट्रपति पर एक छोटे ड्रोन का हमला करना आसान होगा। उन्होंने कहा, “ट्रंप ने कुछ ऐसा कर दिया है कि अब वह मारा-ए-लागो में धूप सेंक नहीं सकते। जब वह पेट के बल धूप में लेटे होंगे, तो एक छोटा ड्रोन उन पर कभी भी गिर सकता है। यह बहुत आसान है।”
ट्रंप को मारने के लिए क्राउडफंडिंग
यह बयान एक क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म द्वारा ट्रंप पर इनाम की पेशकश के बाद आई है। ब्लड पैक्ट या फारसी में अहदे खून नामक इस प्लेटफॉर्म की स्थापना “सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का मजाक उड़ाने और उन्हें धमकाने वालों के खिलाफ प्रतिशोध” के लिए की गई थी। 7 जुलाई की शाम तक, इस साइट ने 2 करोड़ डॉलर से ज्यादा की राशि जुटाने का दावा किया था। वर्तमान में इस फंड में कुल राशि 2.7 करोड़ डॉलर से ज्यादा हो गई है। इसका घोषित उद्देश्य ट्रंप की हत्या के लिए 10 करोड़ डॉलर का इनाम इकट्ठा करना है।
अमेरिका ने ईरान पर लगाए हैं गंभीर आरोप
इस प्लेटफॉर्म के होमपेज पर एक संदेश में लिखा है, “हम ईश्वर के दुश्मनों और अली खामेनेई की जान को खतरा पैदा करने वालों को न्याय के कटघरे में लाने वाले किसी भी व्यक्ति को इनाम देने का संकल्प लेते हैं।” 2020 में इराक में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या की मंजूरी देने के बाद से ट्रंप को बार-बार हत्या की धमकियों का सामना करना पड़ा है। अमेरिकी अधिकारियों ने खुलासा किया है कि IRGC ट्रंप की हत्या के प्रयास की योजना बनाने में शामिल था।
जगुआर प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाले पायलट कौन
राजस्थान के चूरू जिले में एक दुखद घटना में, भारतीय वायुसेना का जगुआर फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें स्क्वाड्रन लीडर लोकेंद्र सिंह सिंधु और उनके सह-पायलट शहीद हो गए। यह विमान नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था और तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना का शिकार हुआ।

राजस्थान के चूरू जिले के राजलदेसर थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर भारतीय वायुसेना का एक जगुआर फाइटर जेट खेतों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में जेट में सवार दोनों पायलट-स्क्वॉड्रन लीडर लोकेंद्र सिंह सिंधु और को-पायलट शहीद हो गए। हादसे के बाद इलाके दिन भर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। साथ ही घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा रही। भारतीय वायुसेना का विमान से आए लोगों ने घटनास्थल का जायजा लेकर जांच प्रारंभ की। चूरू जिले से तमाम बड़े आला अधिकारी ने स्थिति का जायजा लिया।
हादसा इतना भयावह था कि चारों ओर मलबा बिखर गया और आग की लपटों के साथ धुएं का गुबार आसमान में छा गया। मंजर देख ग्रामीणों को एक महीने पहले 12 जून को अहमदाबाद में हुए उस खौफनाक एयर इंडिया विमान हादसे की याद ताजा हो गई, जिसमें उड़ान भरने के कुछ देर बाद एअर इंडिया का विमान बोइंग 787 ड्रीमलाइन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें 250 से अधिक विमान यात्री लगी आग में जलकर दर्दनाक मौत का शिकार हो गए थे।
शहीद हुए पायलट की पहचान हरियाणा के रोहतक निवासी स्क्वाड्रन लीडर लोकेंद्र सिंह सिंधु (44) के रूप में हुई है। वह हरियाणा राज्य के रोहतक की देव कॉलोनी के रहने वाले थे। उनके पिता जोगेंद्र सिंधु महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से सेवानिवृत्त सुपरिटेंडेंट हैं, जबकि पत्नी सुरभि सिंधु पेशे से डॉक्टर हैं। लोकेंद्र के साले भी एयरफोर्स में कार्यरत हैं और सूरतगढ़ में तैनात हैं।
हादसे की वजह अब तक स्पष्ट नहीं, वायुसेना ने गठित की जांच टीम
भारतीय वायुसेना की ओर से जारी बयान में बताया गया कि यह फाइटर जेट एक नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था और सूरतगढ़ एयरबेस से उड़ान भरी थी। जेट तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ, ऐसा शुरुआती तौर पर माना जा रहा है। हालांकि, पक्की वजह जानने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का गठन किया गया है। घटना के बाद सेना की रेस्क्यू टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची थी। घटनास्थल के पास कोई हेलीपैड नहीं था, इसलिए वायुसेना का हेलिकॉप्टर सड़क पर लैंड कराया गया। प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित तमाम नेताओं ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन को राहत-बचाव कार्य में जुटा दिया गया है और पूरे घटनाक्रम की निगरानी की जा रही है।
एलन मस्क के ऐलान से टेस्ला को भारी नुकसान
मेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बिग ब्यूटीफुल बिल से नाराज एलन मस्क ने अपना अलग राजनीतिक दल अमेरिका पार्टी बनाने की घोषणा की। उनका यह कदम उनकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के निवेशकों को रास नहीं आया। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क की नया राजनीतिक दल ‘ अमेरिका पार्टी ‘ बनाने की योजना से उनकी कंपनी को नुकसान हो रहा है। टेस्ला के समर्थक डैन इविस का कहना है कि मस्क का राजनीति में शामिल होना निवेशकों को पसंद नहीं आ रहा है। मस्क की इस घोषणा के बाद टेस्ला के शेयर लगभग 7 प्रतिशत गिर गए। इससे कंपनी को एक ही दिन में 68 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। यह 5 जून के बाद सबसे बड़ी गिरावट थी। उस समय मस्क का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ सार्वजनिक विवाद हुआ था। मस्क ने पिछले हफ्ते कहा था कि उनकी पार्टी का नाम ” अमेरिका पार्टी” होगा। इसका लक्ष्य 2 या 3 सीनेट सीटें और 8 से 10 हाउस डिस्ट्रिक्ट जीतना है। वे विवादास्पद कानूनों पर निर्णायक वोट बनाकर “लोगों की सच्ची इच्छा” के अनुसार काम करना चाहते हैं।
टेस्ला के समर्थक डैन इविस ने एक रिसर्च नोट में कहा है कि टेस्ला के निवेशक नहीं चाहते कि मस्क राजनीति में उतरें। उन्होंने सीबीएस मनीवॉच को बताया, “सीधे शब्दों में कहें तो, मस्क का राजनीति में गहराई से उतरना और अब बेल्टवे प्रतिष्ठान से मुकाबला करना टेस्ला के निवेशकों/शेयरधारकों को बिल्कुल पसंद नहीं है। वे नहीं चाहते कि मस्क इस महत्वपूर्ण समय में ऐसा करें। मस्क के समर्थक हर हाल में उनका साथ देंगे, लेकिन कई टेस्ला निवेशक अब थक गए हैं क्योंकि मस्क लगातार राजनीति के रास्ते पर जा रहे हैं।”
टेस्ला के वाहनों की बिक्री गिरी
टेस्ला के लिए यह मुश्किल समय है। कंपनी की इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री अप्रैल और जून के बीच 13% से ज्यादा गिर गई है। पिछले साल इसी अवधि में बिक्री हुई अच्छी थी। यूरोप में अप्रैल में बिक्री लगभग 50% गिर गई। जबकि उस क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार बढ़ रहा था। यूरोपियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने मई में यह डेटा जारी किया था।
मस्क का राजनीति में शामिल होना पहले भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय रहा है। इस साल की शुरुआत में, “डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी” (DOGE) पर ट्रम्प प्रशासन के साथ उनका काम कुछ लोगों को टेस्ला की छवि के लिए हानिकारक लगा था। उन्होंने मई में DOGE से दूरी बना ली थी। इससे टेस्ला के शेयर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा था। लेकिन अब उनका फिर से राजनीति में शामिल होना निवेशकों को चिंतित कर रहा है।
मस्क के राजनीति में जाने से निवेशक डरे
डैन इविस के अनुसार, मस्क को इस समय टेस्ला पर ध्यान देना चाहिए। कंपनी को इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। मस्क का राजनीति में शामिल होना निवेशकों को डरा रहा है। उन्हें लगता है कि मस्क का ध्यान भटक रहा है। मस्क का कहना है कि “अमेरिका पार्टी” लोगों की आवाज उठाएगी। यह पार्टी उन मुद्दों पर ध्यान देगी जो लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। लेकिन निवेशकों को लगता है कि मस्क का ध्यान भटका रहा है। मस्क का कहना है कि वह “लोगों की सच्ची इच्छा” के अनुसार काम करना चाहते हैं। लेकिन निवेशकों को लगता है कि उन्हें कंपनी के शेयरधारकों की इच्छा के अनुसार काम करना चाहिए।
एक्स की सीईओ लिंडा याकारिनो का इस्तीफा
एलन मस्क की कंपनी ‘एक्स’ की सीईओ लिंडा याकारिनो ने इस्तीफा दे दिया है। उनका दो साल का कार्यकाल पूरा हो गया था। उनके कार्यकाल में कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लिंडा ने सोशल मीडिया पर मस्क का आभार जताया। मार्केट रियलिस्ट के अनुसार, लिंडा याकारिनो की कुल संपत्ति लगभग 342 करोड़ रुपये है।

एलन मस्क की सोशल मीडिया कंपनी ‘एक्स’ की सीईओ लिंडा याकारिनो ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दो साल के कार्यकाल के बाद उनका यह फैसला ऐसे समय में आया है जब एक्स कई चुनौतियों का सामना कर रही है। इनमें Grok चैटबॉट का यहूदी विरोधी टिप्पणियों का विवाद और मस्क की ओर से एक्स को अपनी एआई कंपनी xAI को बेचे जाने का हालिया कदम शामिल हैं। याकारिनो ने सोशल मीडिया पर मस्क का आभार जताया। कहा कि उन्हें बोलने की आजादी की रक्षा करने, कंपनी को बदलने और एक्स को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाने की जिम्मेदारी मिली। उन्होंने एक्स टीम की भी सराहना की और कहा कि अब एक्स, xAI के साथ एक नए अध्याय में प्रवेश कर रही है।
लिंडा याकारिनो की नेटवर्थ
मार्केट रियलिस्ट के अनुसार, लिंडा याकारिनो की कुल अनुमानित संपत्ति लगभग 4 करोड़ डॉलर (करीब 342 करोड़ रुपये) है, जो उनके प्रभावशाली करियर और स्मार्ट निवेश को दर्शाती है। एक्स की सीईओ के रूप में उन्हें सालाना 60 लाख डॉलर (लगभग 51 करोड़ रुपये) का वेतन मिलता था, जिसमें प्रदर्शन-आधारित बोनस भी शामिल थे। यह भी सामने आया था कि एक्स के साथ तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट पूरा करने पर उन्हें 20 लाख डॉलर का इंसेंटिव और 40 लाख डॉलर के स्टॉक ऑप्शन भी मिलने थे, जो निश्चित रूप से उनकी नेटवर्थ में और बढ़ोतरी करते। उनकी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा NBCUniversal में उनके लंबे और सफल कार्यकाल से आया है, जहां उन्हें सालाना लगभग 40 लाख डॉलर मिलते थे। साथ ही परफॉर्मेंस बोनस भी मिलता था।
याकारिनो की संपत्ति केवल उनके वेतन तक ही सीमित नहीं है। उनके पास एक विविध निवेश पोर्टफोलियो भी है। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पास दो लग्जरी जहाज, सात कारों का एक कलेक्शन और पांच रियल एस्टेट प्रॉपर्टी भी हैं, जो उनकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाती हैं। इसके अलावा, उन्होंने लगभग 50 लाख डॉलर के निवेश के साथ 13 कंपनियों के शेयरों में भी निवेश किया है। इन कंपनियों में स्टारबक्स, जनरल मोटर्स, कॉस्टको, प्रॉक्टर एंड गैंबल और कॉग्निजेंट जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जो उनके रणनीतिक निवेश दृष्टिकोण को उजागर करते हैं।
2023 में संभाली थी एक्स की कमान
लिंडा याकारिनो ने 2023 में एक्स की कमान संभाली थी। लेकिन, मीडिया उद्योग में उनका प्रभाव दशकों पुराना है। 1963 में जन्मी याकारिनो ने पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी से लिबरल आर्ट्स और टेलीकम्युनिकेशन में डिग्री हासिल की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1992 में टेड टर्नर की मीडिया कंपनी से की, जहां उन्होंने विज्ञापन बिक्री, मार्केटिंग और अधिग्रहण में प्रमुख भूमिकाएं निभाईं। NBCUniversal में उनके लगभग एक दशक के कार्यकाल को वैश्विक विज्ञापन रणनीति को आकार देने और 70 बिलियन डॉलर के प्रीमियम वीडियो विज्ञापन इकोसिस्टम को बदलने का श्रेय दिया जाता है। एक्स में उनका कार्यकाल चुनौतीपूर्ण रहा, खासकर एलन मस्क के नेतृत्व में विज्ञापन जगत के प्रति सख्त रुख और प्लेटफॉर्म पर विज्ञापनदाताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के कारण, जिससे उनकी नेटवर्थ और व्यावसायिक यात्रा दोनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा।
माल्या, मोदी, पारेख… सबको मिला दो, उससे भी बड़ा है जेन स्ट्रीट घोटाला
व्हिसलब्लोअर मयंक बंसल ने चौंकाने वाला दावा किया है। उनके अनुसार, ग्लोबल ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट ने भारतीय शेयर बाजार में, विशेष रूप से ऑप्शन ट्रेडिंग में एक्सपायरी-डे ट्रेड्स में हेरफेर करके भारी मुनाफा कमाया है। बंसल यूएई के एक हेज फंड के प्रमुख हैं। बाजार नियामक सेबी को सबसे पहले इस मामले की जानकारी देने वाले वही थे। उन्होंने दावा किया है कि जेन स्ट्रीट ने 2024 में अकेले 25,000 करोड़ रुपये कमाए हैं। यह रकम विजय माल्या, नीरव मोदी और केतन पारेख जैसे बड़े भारतीय घोटालेबाजों की धोखाधड़ी की संयुक्त राशि से भी ज्यादा है। बंसल ने इस बात पर जोर दिया कि सेबी की ओर से सिर्फ 21 ट्रेडिंग दिनों के विश्लेषण में मिला 4,800 करोड़ रुपया तो बस बहुत बड़े पहाड़ का सिरा भर है। जुलाई 2023 से शुरू हुए दो साल की अवधि में जेन स्ट्रीट का कुल मुनाफा 36,500 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इसका लगभग पूरा हिस्सा ‘गैरकानूनी रूप से प्राप्त’ किया गया है।

सेबी ने 3 जुलाई को जेन स्ट्रीट पर कार्रवाई करते हुए उसे भारत में कारोबार करने से रोक दिया। साथ ही 4,844 करोड़ रुपये जब्त कर लिए। जेन स्ट्रीट ने इन आरोपों को गलत बताया है। कहा है कि वह ‘बेसिक आर्बिट्राज’ कर रही थी।
जेन स्ट्रीट के हेरफेर का तरीका
बंसल ने BT TV को दिए इंटरव्यू में जेन स्ट्रीट के हेरफेर के तरीके के बारे में भी डिटेल से बताया। इसे दो चरण में अंजाम दिया गया। सबसे पहले, फर्म अंडरलाइंग इंडेक्स को प्रभावित करने के लिए कैश और फ्यूचर्स में बड़ी पोजीशन लेती थी। फिर, एक्सपायरी के दिनों में यह अंडरलाइंग को अपने डेरिवेटिव पोजीशन की प्रॉफिटेबिलिटी के अनुरूप करने के लिए मैनिपुलेट करती थी। एक बार जब इंडेक्स को कृत्रिम रूप से बढ़ाया जाता था तो जेन स्ट्रीट शॉर्ट ऑप्शंस पोजीशन स्थापित करती थी। यानी ‘लॉन्ग पुट और शॉर्ट कॉल’। फिर अपनी कैश होल्डिंग्स बेच देती थी। इन रणनीतियों के कारण कैश/फ्यूचर्स में लगभग 7,000 करोड़ रुपये का जानबूझकर नुकसान होता था। लेकिन, ऑप्शंस से होने वाले कहीं अधिक बड़े लाभ से यह नुकसान आसानी से भर जाता था। यह हेरफेर बैंक निफ्टी, निफ्टी, सेंसेक्स और मिडकैप सहित कई इंडेक्सों में हर एक्सपायरी के दिन होता था।
ये आंकड़े बता रहे हैं कितना बड़ा घपला
जेन स्ट्रीट के लाभ की तुलना उसके प्रतिस्पर्धियों से करने पर इस हेरफेर की भयावहता और स्पष्ट हो जाती है। बंसल ने बताया कि 2024 में जेन स्ट्रीट का 3 अरब रुपये (300 करोड़ रुपये) का लाभ उसके निकटतम प्रतिद्वंद्वी की कमाई ₹320-360 मिलियन (32-36 करोड़ रुपये) से नौ गुना ज्यादा था। यह इतना बड़ा अंतर था जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता था।
बंसल का आरोप है कि जेन स्ट्रीट सामान्य आर्बिट्राज ट्रेडिंग नहीं कर रही थी, बल्कि इंडेक्स को जानबूझकर अपनी ऑप्शंस पोजीशन के लाभ के लिए ‘मूव’ कर रही था। यह दर्शाता है कि फर्म एक व्यवस्थित तरीके से बाजार में हेरफेर कर रही थी, न कि सिर्फ बाजार की कमजोरियों का फायदा उठा रही थी।
बिहार में नीतीश को बड़ा झटका, देखते रह गई JDU और इस नेता को उड़ा ले गए तेजस्वी
नवादा में जेडीयू को बड़ा झटका लगा है क्योंकि पूर्व विधायक कौशल यादव ने आरजेडी में वापसी की है। तेजस्वी यादव ने कौशल यादव और उनकी पत्नी पूर्णिमा यादव को पार्टी में शामिल किया, जिससे बिहार की राजनीति में हलचल है। कौशल यादव की घर वापसी से आरजेडी को नवादा में मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव आया है। नवादा के बाहुबली नेता और JDU के पूर्व विधायक कौशल यादव ने नीतीश कुमार को झटका दिया है। वह 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल में वापस आ गए हैं। बुधवार को नवादा में RJD नेता तेजस्वी यादव ने कौशल यादव और उनकी पत्नी पूर्णिमा यादव को पार्टी में शामिल किया। इससे बिहार की राजनीति में हलचल है। RJD के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि तेजस्वी के समर्थन में माहौल है और BJP-NDA की दिल्ली वाली चाल बिहार में सफल नहीं होगी।

कौशल यादव की घर वापसी
कौशल यादव पहले भी RJD में थे, इसलिए उन्होंने इसे ‘घर वापसी’ कहा है। तेजस्वी यादव ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि कौशल यादव का अनुभव और लोगों का समर्थन नवादा में RJD को मजबूत करेगा। हम मिलकर बिहार को नई दिशा देंगे। वहीं, कौशल ने दावा किया कि वह नवादा की सभी पांच विधानसभा सीटें RJD को जिताएंगे। माना जा रहा है कि तेजस्वी का यह कदम नवादा में पार्टी को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
हिसुआ से विधायक रह चुके हैं कौशल
कौशल यादव 2005 और 2010 में JDU के टिकट पर हिसुआ से विधायक रहे थे। उनकी बाहुबली वाली छवि और यादव समुदाय में अच्छी पकड़ है। पिछले 20 सालों से वे नीतीश कुमार के करीबी थे और हर चुनाव में JDU के लिए 40-50 हजार वोट लाते थे। उनकी पत्नी पूर्णिमा यादव भी हिसुआ से विधायक रह चुकी हैं। लेकिन, 2020 के MLC चुनाव में JDU के सहयोगी दल द्वारा उनके करीबी को हराने की वजह से वे नाराज हो गए थे।कौशल की एंट्री से बिहार की सियासत में बदलाव
RJD के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि कौशल की एंट्री से बिहार में बदलाव आएगा। उन्होंने BJP और NDA पर हमला करते हुए कहा कि BJP और NDA को लग रहा है कि तेजस्वी के पक्ष में हवा बह रही है। दिल्ली में BJP ने जो चाल चलकर सरकार बनाई, वही चाल बिहार में चलने की कोशिश हो रही है। लेकिन, बिहार की जनता समझदार है, और तेजस्वी को रोकना अब मुमकिन नहीं है।
नवादा में होगा जेडीयू को नुकसान!
सियासी पंडितों की माने तो कौशल यादव का RJD में जाना नीतीश कुमार के लिए एक बड़ा झटका है। नवादा में JDU पहले से ही कमजोर है। कौशल का यादव और मुस्लिम वोट JDU को नुकसान पहुंचा सकता है। कौशल यादव की इलाके में यादव वोटरों के बीच अच्छी पकड़ है। ऐसे में बिहार चुनाव से पहले सीएम नीतीश को बड़ा झटका लगा है।

सरकार का दावा- इस साल 50 हजार नौकरियां मिलेंगी, RRB ने अबतक 9000 लोगों को भेजे नियुक्ति पत्र
रेलवे भर्ती बोर्ड ने पहली तिमाही में 9,000 से ज्यादा उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र भेजे हैं। रेलवे मंत्रालय ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 50,000 से ज्यादा उम्मीदवारों को नौकरियां दी जाएंगी। मंत्रालय ने कहा कि नवंबर 2024 से अब तक 55,197 पदों के लिए सात अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की हैं। इन अधिसूचनाओं के तहत 1.86 करोड़ से…
रेल मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने नवंबर 2024 से अब तक 55,197 पदों के लिए सात अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की हैं। इन अधिसूचनाओं के तहत 1.86 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवारों की कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं (सीबीटी) आयोजित की गई हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इससे आरआरबी को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 50,000 से अधिक उम्मीदवारों को नौकरी देने का मौका मिलेगा। इस साल की पहली तिमाही में 9,000 से ज्यादा लोगों को पहले ही नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं।
उम्मीदवार घर के पास ही दे सकेंगे परीक्षा
रेलवे मंत्रालय ने कहा कि आरआरबी की परीक्षाओं के लिए सीबीटी आयोजित कराना एक बहुत बड़ी प्रक्रिया है, जिसके लिए व्यापक योजना और तालमेल की जरूरत होती है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि आरआरबी ने उम्मीदवारों को उनके घर के पास परीक्षा केंद्र आवंटित करने की पहल की है, जिसमें महिलाओं और दिव्यांगजनों (पीडब्ल्यूबीडी) को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाना और निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित कराने के लिए अधिक कर्मचारियों की जरूरत है।
2026-27 में भी की जाएंगी 50000 से अधिक नियुक्तियां
रेलवे मंत्रालय ने कहा कि आरआरबी ने अपने सालाना कैलेंडर के अनुसार 2024 से अब तक 1,08,324 पदों के लिए 12 अधिसूचनाएं जारी की हैं। अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी 50,000 से अधिक नियुक्तियां प्रस्तावित की जाएंगी।
आधार कार्ड के जरिये की जा रही उम्मीदवारों की पहचान
मंत्रालय ने कहा कि परीक्षाओं की निष्पक्षता बढ़ाने के लिए आरआरबी ने एक नई पहल की है। पहली बार उम्मीदवारों की पहचान करने के लिए ई-केवाईसी आधारित आधार कार्ड प्रमाणीकरण का उपयोग किया गया है, जिससे 95 फीसदी से अधिक सफलता मिली है। इसके अलावा, सभी परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए 100% जैमर लगाए जा रहे हैं, ताकि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का गलत इस्तेमाल न कर सके।

शृंगला बोले- गेंद अमेरिका के पाले में, पहले दौर की बात पूरी; फैसला व्हाइट हाउस को लेना है
पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने कहा, हम ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही इस समझौते पर काम कर रहे हैं। अमेरिका एकमात्र ऐसा प्रमुख साझेदार है जिसके साथ भारत ने अभी तक कोई व्यापार समझौता नहीं किया है। अमेरिका की व्यापक टैरिफ रणनीति के बारे में उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन घरेलू विनिर्माण को संरक्षण देने और राजस्व बढ़ाने के लिए टैरिफ का इस्तेमाल कर रहा है।
शृंगला ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि भारत ने ट्रंप प्रशासन के साथ बातचीत शुरू करने की पहल शुरू में ही कर दी थी। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के मात्र 25 दिन बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाशिंगटन का दौरा किया था और दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने और एक पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते की दिशा में काम करने पर सहमति जताई थी।
पूर्व विदेश सचिव ने कहा, हम ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही इस समझौते पर काम कर रहे हैं। अमेरिका एकमात्र ऐसा प्रमुख साझेदार है जिसके साथ भारत ने अभी तक कोई व्यापार समझौता नहीं किया है। अमेरिका की व्यापक टैरिफ रणनीति के बारे में उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन घरेलू विनिर्माण को संरक्षण देने और राजस्व बढ़ाने के लिए टैरिफ का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा, कम से कम 10 फीसदी की आधार दर और कुछ मामलों में तो चीन जैसे देशों में इससे भी ज्यादा शुल्क लगाकर, अमेरिका न सिर्फ ज्यादा राजस्व अर्जित करता है, बल्कि अमेरिकी बाजार में प्रवेश के लिए भी बाधाएं खड़ी करता है।
ट्रंप के टैरिफ का दूसरा दौर, 7 और देशों को जारी किए पत्र
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ का दूसरा दौर शुरू किया। इसमें उन्होंने श्रीलंका अल्जीरिया, ब्रुनेई, इराक, लीबिया, मोल्दोवा और फिलीपीन को 30 फीसदी तक टैरिफ को लेकर पत्र जारी किए। इससे पहले, ट्रंप ने 14 देशों को टैरिफ को लेकर पत्र भेजा था। ट्रंप ने अल्जीरिया, इराक, लीबिया पर 30-30 फीसदी, ब्रुनेई और मोल्दोवा पर 25 फीसदी व फिलीपीन पर 20 फीसदी टैरिफ लगाया गया है। ट्रंप ने सोमवार को 14 देशों को टैरिफ वाले पत्र भेजे थे। सभी देशों पर टैरिफ एक साथ 1 अगस्त से प्रभावी होंगे। विभिन्न देशों के उत्पादों पर टैरिफ लगाने के अलावा, जनवरी में व्हाइट हाउस लौटने के बाद से ट्रंप ने स्टील, एल्युमीनियम और ऑटोमोबाइल पर भी क्षेत्र-विशिष्ट शुल्क लगाए हैं। मंगलवार को ट्रंप ने कहा था कि वे तांबे और दवाओं पर भी टैरिफ लगाने जा रहे हैं।
21 देशों को भेजे टैरिफ पत्रों में अब तक भारत का नाम नहीं
अमेरिका ने अब तक 20 देशों को टैरिफ का पत्र भेज चुका है, लेकिन इनमें भारत का नाम नहीं है। भारत और अमेरिका के बीच अभी टैरिफ पर वार्ता जारी है।
कृषि, डेयरी पर अटकी है बात
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि उनका प्रशासन भारत के साथ व्यापार समझौते के बहुत करीब है। लेकिन सूत्रों ने बताया कि दोनों देशों के बीत बात कृषि और डेयरी क्षेत्र को लेकर अटकी है। अमेरिका चाहता है कि भारत अपने कृषि और डेयरी क्षेत्र को भी अमेरिकी उत्पादों के लिए खोल दे, लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं है।

गाजा नरसंहार पर ईरान बोला: सभी इंसानों के लिए शर्मनाक, दुख जताना नाकाफी; इस्राइल के दोस्त नेतन्याहू को रोकें
भारत में ईरान के राजदूत इराज इलाही ने गाजा संकट और ईरान-इस्राइल तनाव पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए गाजा की स्थिति को मानवता के लिए शर्मनाक बताया। उन्होंने इस्राइल पर कई बार युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि ईरान ने कभी संघर्षविराम की मांग नहीं की, बल्कि आत्मरक्षा में जवाब दिया।
भारत में ईरान के राजदूत इराज इलाही ने बुधवार को गाजा संकट, ईरान और इस्राइल के बीच चल रहे तनाव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गाजा की स्थिति को मानवता के लिए शर्मनाक बताते हुए कहा कि जो देश इस्राइल से अच्छे रिश्ते रखते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री नेतन्याहू को नरसंहार रोकने के लिए मनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने ईरान और इस्राइल के बीच तनाव को लेकर भी बातचीत की। इलाही ने कहा कि हमने कभी युद्धविराम की मांग नहीं की थी। जब इस्राइल ने हमला बंद किया, तब हमने भी पलटवार रोक दिया। उन्होंने कहा कि हम खुद को बचाने के लिए तैयार थे और अगर जरूरत होती तो युद्ध जारी रखते।
बता दें कि ईरानी राजदूत इराज इलाही ने यह बात वॉइसेज ऑफ कॉन्शियंस: फॉर पैलेस्टाइन’ नामक एक कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने शांति और स्थिरता स्थापित करने में भारत की भूमिका का भी जिक्र किया। इलाही ने कहा कि भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में बड़ी और प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
इस्राइल पर लगाया युद्धविराम तोड़ने का आरोप
ईरानी राष्ट्रपति इलाही ने इस्राइल पर गाजा और लेबनान में कई बार युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस्राइल ने गाजा और लेबनान में कई बार युद्धविराम तोड़े इसीलिए हम सतर्क हैं और हर स्थिति के लिए तैयार हैं।
इसके साथ ही राजदूत इलाही ने इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू की अमेरिका यात्रा और डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने की आलोचना की। उन्होंने इसे शांति का मज़ाक और प्रचार बताया। साथ ही कहा कि गाजा में नरसंहार अमेरिका की मदद के बिना मुमकिन नहीं है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी (आईएईए) से सहयोग रोक दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान की जनता आईएईए के रवैये से खुश नहीं है, इसलिए संसद ने सहयोग बंद करने का कानून पास किया है।
भारत-ईरान के बीच चाबहार पोर्ट को लेकर सहयोग
राजदूत ने चाबहार बंदरगाह परियोजना को लेकर भी बात की। उन्होंने बताया कि युद्ध के दौरान भी चाबहार बंदरगाह चालू रहा। हर साल वहां से सामान का ट्रांजिट बढ़ रहा है और आने वाले महीनों में इसे ईरान की रेल व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। उन्होंने इसे दक्षिण एशिया, मध्य एशिया और यूरोप तक जाने का सबसे छोटा, सस्ता और सुरक्षित मार्ग बताया। गौरतलब है कि भारत ने मई 2024 में चाबहार के शाहिद बेहश्ती पोर्ट को विकसित करने और चलाने के लिए ईरान के साथ 10 साल का समझौता किया है।

भारत ने ऋण सहायता की पेशकश की, मजबूत होंगे दोनों देशों के संबंध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नामीबिया दौरे के दौरान भारत ने नामीबिया को रक्षा उपकरण खरीदने के लिए लाइन ऑफ क्रेडिट (ऋण सुविधा) की पेशकश की है। नामीबिया ने भारत से रक्षा सहयोग में रुचि दिखाई है। इसके साथ ही नामीबिया ने जल्द ही इंटरनेशनल चीता अलायंस (आईबीसीए) से जुड़ने का भरोसा दिलाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नामीबिया दौरा कई मायनों में खास रहा। कारण है कि इस यात्रा के दौरान भारत और नामीबिया के बीच कई अहम समझौते हुए हैं। इसमें मुख्य रूप भारत ने नामीबिया को रक्षा क्षेत्र में सहयोग के लिए एक लाइन ऑफ क्रेडिट (ऋण सुविधा) की पेशकश की है, ताकि वह भारत से रक्षा उपकरण खरीद सके। मामले में जानकारी देते हुए भारत के उच्चायुक्त राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि नामीबिया ने भारत से रक्षा उपकरणों में दिलचस्पी दिखाई है और भारत ने इसके लिए खासतौर पर एक वित्तीय सहायता का प्रस्ताव रखा है।
चीता संरक्षण में साथ आएंगे भारत और नामीबिया
इसके साथ ही पीएम मोदी के दौरा के दौरान नामीबिया ने भरोसा दिलाया है कि वह जल्द ही इंटरनेशनल चीता अलायंस (आईबीसीए) का हिस्सा बनेगा। यह संगठन भारत की पहल पर दुनिया भर में शेर, बाघ, तेंदुआ, चीता जैसे बड़े बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण के लिए बनाया गया है। यह अलायंस अप्रैल 2023 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रोजेक्ट टाइगर की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर लॉन्च किया गया था। बता दें कि इससे पहले बीते साल 2022 में नामीबिया से आठ चीतों को भारत लाकर मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में बसाया गया था, जो विश्व का पहला महाद्वीपीय चीता स्थानांतरण था।
मलेरिया के खिलाफ भी भारत का समर्थन
नामीबिया में भारत के उच्चायुक्त राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी भारत मदद के लिए आगे आया है। नामीबिया ने मलेरिया की समस्या से निपटने के लिए भारत से दवाइयों और जांच किट की मदद मांगी थी, जिसे जल्द ही भेजा जाएगा।
सामरिक और ऐतिहासिक मुलाकातें
गौरतलब है कि अपने नामीबिया दौरे के दौरान पीएम मोदी ने वहां के पहले राष्ट्रपति सैम नुजोमा को श्रद्धांजलि अर्पित की और स्टेट हाउस में राष्ट्रपति नांदी-नदाइत्वा के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। पीएम मोदी का पारंपरिक तरीके से गर्मजोशी से स्वागत किया गया। ध्यान रहे कि नामीबिया, प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की विदेश यात्रा का आखिरी चरण था। इससे पहले वे घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना और ब्राजील का दौरा कर चुके हैं, जहां उन्होंने ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लिया और कई अहम समझौते किए।
देशभर में भारी बारिश, कई नदियां उफनीं; त्रिपुरा में बाढ़…सैकड़ों बेघर, वाराणसी में कई घाट डूबे
देशभर में हो रही मूसलाधार बारिश से कई नदियां उफान पर हैं। यूपी के वाराणसी और प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वाराणसी में मणिकर्णिका समेत कई घाट डूब गए गए हैं। नागपुर में मूसलाधार बारिश के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई, एक व्यक्ति पानी की तेज धार में बह गया है और 71 गांव जलमग्न हो गए। दक्षिण त्रिपुरा में भी बारिश ने कहर बरपाया है और 100 से अधिक परिवार बेघर हो गए हैं।
कश्मीर में राहत की बौछारें, जम्मू में बादल फटा
प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार को बारिश से पारे में गिरावट आई है। किश्तवाड़ जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर बादल फटने से नदी-नालों में उफान आ गया। अभी कहीं से जानमान के नुकसान की सूचना नहीं है। चिनाब में भी जलस्तर बढ़ा है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार वीरवार को भी रियासी, रामबन, उधमपुर, जम्मू, सांबा और कठुआ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के आसार हैं। शुक्रवार से मौसम में सुधार आएगा। कई दिन से तप रहे कश्मीर में राहत की बारिश हुई है। इससे अधिकांश जिलों में दिन का पारा सामान्य से 5 से 8 डिग्री नीचे चला गया है। राजधानी श्रीनगर में मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक बारिश जारी रही। शाम को मौसम खुला। यहां दिन का पारा सामान्य से 8.0 डिग्री गिरकर 22.7 और न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कश्मीर में राहत की बौछारें, जम्मू में बादल फटा
प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार को बारिश से पारे में गिरावट आई है। किश्तवाड़ जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर बादल फटने से नदी-नालों में उफान आ गया। अभी कहीं से जानमान के नुकसान की सूचना नहीं है। चिनाब में भी जलस्तर बढ़ा है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार वीरवार को भी रियासी, रामबन, उधमपुर, जम्मू, सांबा और कठुआ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के आसार हैं। शुक्रवार से मौसम में सुधार आएगा। कई दिन से तप रहे कश्मीर में राहत की बारिश हुई है। इससे अधिकांश जिलों में दिन का पारा सामान्य से 5 से 8 डिग्री नीचे चला गया है। राजधानी श्रीनगर में मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक बारिश जारी रही। शाम को मौसम खुला। यहां दिन का पारा सामान्य से 8.0 डिग्री गिरकर 22.7 और न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बंगाल-राजस्थान में भी झमाझम
राजस्थान में यूं तो बारिश जारी है, लेकिन बृहस्पतिवार से इसमें तेजी आने की संभावना है। बीते 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक 98 मिमी बारिश हनुमानगढ़ में दर्ज की गई। पूर्वी राजस्थान में 10 जुलाई से और पश्चिमी राजस्थान में 12 जुलाई से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिम बंगाल के बर्धमान, झारग्राम, पुरुलिया और बांकुड़ा समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण बंगाल के कुछ जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। राज्य के गंगा के तटीय क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बना है इससे अगले दो दिनों तक बंगाल के साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी तेज बारिश होने की संभावना है।
उद्घाटन से पहले ही ढहा राजमार्ग का हिस्सा…राजस्थान के झुंझुनूं जिले में भारी बारिश के कारण एक राजमार्ग का नवनिर्मित हिस्सा उफनती कतली नदी की चपेट में आकर ढह गया। उद्घाटन से पहले ही ढह जाने पर इसके निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा संबंधी लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। झुंझुनूं पुलिस नियंत्रण कक्ष के अनुसार, बाघुली और जहाज गांव को एनएच 52 से जोड़ने वाला यह खंड छह महीने पहले बनकर तैयार हुआ था और उद्घाटन की राह तांक रहा था।
त्रिपुरा में मुहुरी उफनी
दक्षिण त्रिपुरा जिले में अचानक आई बाढ़ से घरों में पानी भर गया, जिससे 100 से अधिक परिवार बेघर हो गए हैं। एहतियात के तौर पर जिले के सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बुधवार को बंद करने पड़े। मुहुरी नदी का जलस्तर खतरे के निशान (15.70 मीटर) से ऊपर पहुंच गया है। लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाके बाढ़ के पानी में डूब गए। 118 परिवारों के 289 लोग 10 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
नागपुर में रेड अलर्ट
महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में भारी बारिश हुई है। मौसम विभाग ने पहले ही नागपुर और वर्धा जिलों के लिए भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया था। बारिश के कारण उफनते नालों में दो लोग गिर गए, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और एक लापता है। दोनों घटनाएं अलग-अलग जगहों पर हुईं। नागपुर जिले में 71 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए और उनका जिले के शेष भाग से संपर्क टूट गया है। बीते 24 घंटे में नागपुर में 172.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। बुधवार को सभी स्कूल और कॉलेजों में भी छुट्टियां घोषित कर दी गईं।




