अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

*28 वें शहीद किसान स्मृति सम्मेलन में मूलतापी घोषणा पत्र सर्वसम्मति से पारित*

Share

मुलतापी। मुल्तापी में 1998 में किसानों के शति पूर्ण आंदोलन पर गोली चालन में 24 किसानों की मौत के बाद हर वर्ष 12 जनवरी को मुल्तापी में शहीद किसान स्मृति सम्मेलन का आयोजन किया जाता रहा है। इस वर्ष भी आयोजन महात्मा गाधी के पोत्र तुषार गांधी और न्याय मूर्ति कोलसे पाटिल के आतिथ्य में आयोजित हुआ। जिसमें मूलतापी घोषणा पत्र पारित किया गया।

मुलतापी किसान आंदोलन पर गोलीचालन के बाद गत 28 वर्षों से किसान संघर्ष समिति द्वारा शहीद किसानों की स्मृति में सम्मेलन एवं किसान पंचायत का आयोजन किया जाता है। सम्मेलन में उपस्थित किसान, संघर्ष और रचना का संकल्प लेकर मुलतापी घोषणा पत्र जारी करते हैं।
28वें शहीद किसान स्मृति सम्मेलन और 337वीं किसान पंचायत में निम्न मूलतापी घोषणा पत्र सर्वसम्मति से पारित किया गया ।

  • सम्मेलन 12 जनवरी 1998 को पुलिस गोली चालन में शहीद 24 किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है तथा मुलताई तहसील में शहीद किसान स्मारक बनाने की मांग करता है।
  • सम्मेलन केंद्र सरकार से सभी फसलों की समर्थन मूल्य (सी2+50%) पर खरीद की गारंटी का कानून पारित कर लागू करने की मांग करता है।
  • सम्मेलन सभी किसानों के सम्पूर्ण कर्जा मुक्ति की मांग करता है।
  • सम्मेलन रोजगार के अधिकार को संविधान के मौलिक अधिकारों में शामिल करने की मांग करता है।
  • सम्मेलन प्रत्येक किसान परिवार को 10,000 रूपये प्रतिमाह किसान पेंशन देने की मांग करता है।
  • सम्मेलन देश के हर एक किसान परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी उपलब्ध कराने की मांग करता है। नौकरी न दिये जाने तक 10,000 रू प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देने की मांग करता है।
  • सम्मेलन मांग आधारित मनरेगा योजना को बहाल करने की मांग करता है। सम्मेलन ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा योजना 200 दिन के लिए 600 रूपये प्रतिदिन की मजदूरी पर सभी बेरोजगारों को उपलब्ध कराने तथा शहरों में भी रोजगार गारंटी योजना लागू करने की मांग करता है।
  • सम्मेलन 70 लाख स्वीकृत रिक्त पदों को भरने की सरकार से मांग करता है। सम्मेलन सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण करने, उन्हें कार्पोरेट को बेचने का नीतिगत विरोध करता है। सम्मेलन चार श्रम संहिताओं को रद्द करने, सभी श्रम कानूनों को बहाल करने की मांग करता है। कार्पोरेट पर 10 प्रतिशत अधिक कर (टैक्स) लगाने की मांग करता है।
  • सम्मेलन केंद्र सरकार द्वारा लाये गये राष्ट्रीय कृषि बाजार नीति के ड्राफ्ट को अस्वीकार करते हुए इसे तीन किसान विरोधी कानूनों को राज्य सरकारो के माध्यम से किसानों पर थोपने का षड्यंत्र मानता है ताकि किसानों की जमीनों को संविदा खेती के माध्यम से अडानी अंबानी को सौंपा जा सके तथा कृषि बाजार पर कॉर्पोरेट को कब्जा दिलाया जा सके।
  • सम्मेलन देश भर में आवारा पशु / जंगली जानवर से खेती-किसानी बचाने की मांग करता है।
  • सम्मेलन सिंगरौली साहित पूरे देश भर में जल-जंगल-जमीने बचाने की मांग करता है। एवं जल – जंगल- जमीने बचाने की लडाई में शामिल नेताओं / किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमें लेने की मांग करता है।
  • सम्मेलन कृषि योग्य भूमि के अधिग्रहण पर रोक लगाने की मांग करता है। अधिग्रहण हेतु ग्राम सभा की सहमति एवं सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय प्रभाव के परीक्षण कराने की मांग करता है। इन मांगों के पूरा होने तक सम्मेलन भूमि अधिग्रहण 2013 के कानून को अक्षरशः लागू करने की मांग करता है।
  • सम्मेलन, वन अधिकार कानून (पेसा कानून)लागू करने की मांग करता है तथा वन संरक्षण कानून में किये गये संशोधनों को रद्द करने की मांग करता है।
  • सम्मेलन नदियों के संरक्षण के लिए समग्र कानून बनाए जाने की मांग करता है।
  • सम्मेलन हर किसान परिवार को प्रधानमंत्री सम्मान निधि देने की मांग करता है।
  • सम्मेलन मध्यप्रदेश में सभी महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ देने और पक्का मकान उपलब्ध कराने की मांग करता है।
  • सम्मेलन उद्योगों एवं शहरों की तरह किसानों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने तथा बिजली कटौती बंद करने की मांग करता है।
  • सम्मेलन प्रदेश और देश में शराबबंदी लागू करने की मांग करता है।
  • सम्मेलन देश की सभी राज्य सरकारों से केरल की तरह 13 सब्जियों की एमएसपी पर खरीद की व्यवस्था करने की मांग करता है।
  • सम्मेलन केसीसी लोन की तरह सभी राष्ट्रीकृत बैंकों से 0% ब्याज दर पर सभी किसानों को होम लोन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग करता है।
  • सम्मेलन खाद और बीज आधे दाम पर उपलब्ध कराने की मांग करता है।
  • सम्मेलन, भाजपा सरकार से अपने घोषणा पत्र के अनुसार गेहूँ की 3100 रु. प्रति क्विंटल पर खरीद करने की मांग करता है।
  • सम्मेलन दूध के भाव 15 रु. प्रति फैट करने की मांग करता है।
  • सम्मेलन कृषि के उपयोग में आने वाली सभी वस्तुओं और यंत्रों पर जी.एस.टी. शुल्क खत्म करने की मांग करता है तथा शासन की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ सभी किसानों को देने की मांग करता है।
  • सम्मेलन मध्यप्रदेश और देश में जाति जनगणना कराने की मांग करता है ताकि कृषक जातियों की सामाजिक आर्थिक स्थिति के साथ-साथ उनकी विभिन्न क्षेत्रों में भागीदारी संबंधी तथ्य सामने आ सके।
  • सम्मेलन, छिंदवाड़ा के पेंच व्यपवर्तन परियोजना से विस्थापित किसानों को आदर्श पुनर्वास नीति 2002 में उल्लेखित सभी विस्थापित किसानों को जमीन के बदले जमीन देने, दिये गये प्लॉटों का मालिकाना हक देने, वसूला गया रजिस्ट्री शुल्क एवं स्टांप शुल्क वापस कराने, सभी पुनर्वास केंद्रों को राजस्व ग्राम घोषित कर पंचायत की योजनाएं लागू करने, हर विस्थापित परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी उपलब्ध कराने की मांग करता है ।
  • सम्मेलन माचागोरा बांध में मछली पालने और बेचने का अधिकार देने की मांग करता है।
  • सम्मेलन, सर्वोच्च अदालत से विस्थापितों के पुनर्वास को लेकर गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों को सजा देने की मांग करता है।
  • सम्मेलन, अडानी पॉवर प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित जमीनों को वर्तमान भूमि अधिग्रहण कानून के तहत किसानों को वापस करने की मांग करता है।
  • सम्मेलन अन्य राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में भी निराश्रित, वृद्ध, कल्याणी, परित्यक्ता, दिव्यांग और गरीबों को 3000 रूपये प्रति माह सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने की मांग करता है।
  • सम्मेलन प्रदेश भर में गौठानों की जमीनें खाली कराकर सुरक्षित करने की मांग करता है।
  • सम्मेलन मुलताई के शेरगढ़, वर्धा जलाशय परियोजना के अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामों में 108 किलोमीटर पाईप लाइन से सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराने की मांग करता है।
  • सम्मेलन आष्टा क्षेत्र के 35 गांव के किसानों को वर्धा- 2 एवं चंदोरा बांध से सूक्ष्म सिंचाई परियोजनान्तर्गत पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग करता है।
  • सम्मेलन पारसडोह बाँध परियोजनान्तर्गत आने वाले सभी ग्रामों को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने की मांग करता है।
  • सम्मेलन पाईप लाईन से परमंडल, जौलखेड़ा, भिलाई, मोही, चंदोरा, वलनी, हेटीखापा आदि ग्रामों को सिंचाई और साफ पीने का पानी उपलब्ध कराने की मांग करता है।
  • सम्मेलन सभी किसानों के बिजली बिल माफ करने की मांग करता है।
  • सम्मेलन आंदोलनों के दौरान किसानों पर दर्ज फर्जी मुकदमें वापस लेने की मांग करता है।
  • सम्मेलन मुलताई को जिला बनाकर कृषि महाविद्यालय, इंजीनियरिंग महाविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र एवं प्रदेश के सभी ग्रामीण स्कूलों में कृषि विषयों को पाठ्यक्रम में जोड़ने की मांग करता है।
  • सम्मेलन ईवीएम हटाओ, लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ आंदोलन का समर्थन करता है तथा वीवीपीएटी की 100% पर्चियों की गिनती कराई जाने की चुनाव आयोग से मांग करता है।
  • सम्मेलन इज़राइल द्वारा साढे चार लाख फिलिस्तीनियों के नरसंहार किये जाने को मानवता के खिलाफ अपराध मानता है तथा इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस द्वारा निकाले गये वारंट के आधार पर गिरफ्तारी की मांग करता है।
  • सम्मेलन, स्वतंत्र फिलीस्तीन राष्ट्र का समर्थन करता है तथा फिलीस्तीन को इज़राइली कब्ज़े से मुक्त कराने की मांग करता है।
  • सम्मेलन देश और दुनिया में किसानों, मजदूरों, आदिवासियों, युवाओं, महिलाओं, अल्पसंख्यकों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलनों का समर्थन करता है।
  • सम्मेलन देश के सभी किसान, मजदूर, आदिवासी, युवा एवं महिला संगठनों, मानव अधिकार संगठनों, राजनीतिक दलों से अपील करता है कि वे संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के समर्थन में संघर्ष के लिए सड़कों पर उतरें।
  • किसान संघर्ष समिति द्वारा आयोजित यह सम्मेलन जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय, राष्ट्रीय किसानी मंच, संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य संगठन होने के नाते किसानों से तीनों मंचों के द्वारा आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का संकल्प लेता है।
    आज हम जब किसान संघर्ष समिति के 28 वर्ष पूरे कर रहे है तब देश पर बेरोजगारी, महंगाई, सांप्रदायिक कट्टरता, जातिवाद हावी है। लोकतंत्र के नाम से चल रहा पूरा तंत्र, भ्रष्ट तंत्र, लूट तंत्र में तब्दील हो गया है। भारतीय संविधान में भले ही संघ – राज्य और विकेंद्रीकृत पंचायती राज के प्रावधान किए गए हो, लेकिन पूरा तंत्र केंद्रीकृत और मुट्ठी भर पूंजी पतियों के प्रभाव में चलता दिखाई देता है। केंद्रीय एजेंसियों और चुनाव आयोग तक का इस्तेमाल विपक्ष को कुचलने के लिए किया जा रहा है। सरकारें चंद करोड़पति, कॉरपोरेटस के अधिकतम मुनाफे को सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप गैर बराबरी और बेरोजगारी चरम पर है। एक तरफ़ पूंजी का केंद्रीकरण लगातार बढ़ रहा है। 1% आबादी के पास 60% पूंजी केंद्रित हो गई हैं। दूसरी तरफ कल्याणकारी राज्य लगातार सिकुड़ता जा रहा है । हर नागरिक को सम्मान पूर्वक जीवन जीने का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए राज्यों द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य और शिक्षा, न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति करने की जरूरत है। बुनियादी परिवर्तन द्वारा न्याय और समता पर आधारित सम्मानजनक रोजगार के बजाय, चुनावी परिप्रेक्ष्य में राजनीतिक दलों और शासनकर्ताओं के द्वारा ‘ राहत ‘ की तात्कालिक योजनाएं बनाकर लोगों को याचक बनाया जाना संविधान विरोधी है।
    आज की सबसे गंभीर चुनौतियां
  1. आजादी के आंदोलन के मूल्यों और समाजवादी आंदोलन के मूल्यों को लगातार धराशाई किया जा रहा है । लोकतंत्र और संविधान खतरे में है ।
  2. उग्र धर्मांधता तथा जातिवादी राजनीति के चलते बहुविधता पर आधारित सांस्कृतिक ताना – बाना ध्वस्त किया जाना। स्वतंत्रता आंदोलन में उभरी हुई जाति – धर्मनिरपेक्ष, सांस्कृतिक विविधता में एकता वाली भारत की संकल्पना (idea of India) पर आघात हो रहा है।
  3. दो-चार बड़े कॉरपोरेट्स के हाथ में पूरी आर्थिक, औद्योगिक व्यवस्था समेटी गई है जिसके चलते हमारे प्राकृतिक संसाधनों का अपरिमित दोहन, उन पर आधारित समाज समूहों का विस्थापन, पर्यावरण का विनाश और बढ़ती बेरोजगारी और विषमता यह कड़ी चुनौती है।
  4. लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं और लोकतांत्रिक संस्थाओं को निष्प्रभ करते हुए, सच बरतने वाले कार्यकर्ता – पत्रकारों को जेल में बंद करते हुए, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को संकुचित करते हुए, राज्य /सत्ता के कदम तानाशाही की तरफ बढ़ते जा रहे हैं।
  5. हमारे पंचशील पर आधारित, सभी देशों से सौहार्द के संबंध रखने वाले, युद्धखोरी में मध्यस्थ की भूमिका अदा करने वाले परराष्ट्रीय संबंध आज दुर्बल हो गए हैं। हमारे देश की संप्रभुता और निष्पक्षता के कारण विश्वभर में भारत का जो सम्मानजनक स्थान था वह अब नहीं रहा। हमारे पड़ोसियों के साथ हमारे संबंध दोस्ती के नहीं रहे। फिलिस्तीन में हो रहे मानव संहार पर भारतीय शासन चुप है। यह सब हमारे बुद्ध – गांधी के देश के लिए लज्जास्पद है। संविधान के अनुच्छेद 51 का उल्लंघन हो रहा है।
  6. जलवायु परिवर्तन का गंभीर संकट दुनिया पर मंडराते हुए भी, अपने देश में और दुनिया में पृथ्वी और प्रकृति के साथ आजीविका और जीवन को बचाने के प्रयास की दिशा में कुछ ठोस कदम उठाने के बजाय, अपनी विकास नीति का पुनर्विचार करने के बजाय, उसी पूंजीवादी विनाशकारी विकास की दिशा मे आगे बढ़ना बड़ी आपदाएं, राज्य – राज्य में विध्वंस बढ़ा रही है।
    भावी कार्यक्रम
    हम संकल्प लेते हैं कि –
  7. 16 जनवरी को संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आहूत अखिल भारतीय प्रतिरोध दिवस का समर्थन करते हुए भागीदारी करेंगे।
  8. 12 फरवरी की आम हड़ताल का समर्थन।
  9. बीज विधेयक और बिजली सुधार विधेयक को लेकर देशभर में चल रहे संकिमो के आंदोलन का समर्थन करते हैं।
  10. मनरेगा योजना की बहाली को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन में भागीदारी करेंगे।
  11. सोनम वांगचुक, सरजील इमाम, उमर खालिद की रिहाई की मांग करते हैं।
  12. अमरीका द्वारा वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी की निंदा करते हैं
    हम लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई को लेकर चलाए जा रहे आंदोलनों में भागीदारी करेंगे।
  13. देशभर के वंचित, पीड़ित, शोषितों को हर संवैधानिक अधिकार – शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, आजीविका आदि – दिलाने के लिए हम दलित, आदिवासी, किसान, श्रमिकों की संगठित जनशक्ति द्वारा सत्याग्रही कार्य चलाएंगे।
  14. विविध धर्मों के त्यौहार सभी धर्मों के अनुयायियों के साथ एकजुटता से मनाएंगे।
  15. देशभर में ‘नशामुक्ती’ के लिए, नशाबंदी कानून लाने के लिए जनप्रतिनिधियों के लिए शराब व्यापार के खिलाफ सत्याग्रह, संवाद और निवेदन जैसे माध्यमों द्वारा जनशक्ति जगाएंगे। अवैध शराब बिक्री रोकेंगे / ग्रामसभा, बस्ती सभाओं में नशा मुक्ति के प्रस्ताव पारित करवाएंगे।
  16. समता, न्याय, शांति और मानवीय मूल्यों के लिए कला समूहों और कला चेतना सम्पन्न युवा पीढ़ी को तैयार करेंगे । यह कला चेतना सम्पन्न युवा पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण,सामाजिक कुरीतियों, अंधविश्वास, पाखंड, असमानता , अपसंस्कृति के खिलाफ़ सामाजिक – राजनैतिक चेतना जगा एक प्रगतिशील जन संस्कृति का संवर्धन करेगी। हर राज्य / क्षेत्र में ‘कलापथक’ निर्माण करके, उसे जनजागरण का माध्यम बनाएंगे।
  17. जैविक खेती, सामूहिक / सहकारी संस्था द्वारा रोजगार निर्माण, ग्रामोद्योग, गृह उद्योग द्वारा स्थानीय संसाधनों से उत्पादन और वितरण के मुद्दों पर सक्रिय रहेंगे।
  18. अंधश्रद्धा निर्मूलन के लिए ढोंगी, फर्जी प्रस्तुतियों का अहिंसक विरोध करेंगे।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें