,ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन मेरठ

सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है।
अब ना अहले वलवले हैं और ना अरमानों की भीड़
देश पर मिटने की हसरत अब दिले बिस्मिल में है,
गाते हुए आते थे।
उन्होंने अपनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हमारे शहीदों के लिए यह सच्ची श्रद्धांजलि होगी कि,,,
वो शाह रात में रोशन किताब छोड़ गए
वो चले गए मगर अपने ख्वाब छोड़ गए, हजार जब्र हों लेकिन यह फैसला है अटल
वो जहन जहन में इंकलाब छोड़ गए।
इस अवसर पर जिला मंत्री राज कुमार गुर्जर ने अपनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह हमारे शहीदों के सपनों का भारत नहीं है, आज सरकार शहीदों के सपनों को रौंद रही है और उनके सपनों के खिलाफ काम कर रही है। आज यह सरकार आम जनता की नहीं है यह चंद पूंजीपतियों की सरकार है, जो देश की जनता के हितों के खिलाफ काम कर रही है।
इस अवसर पर बोलते हुए ए आई एल यू के प्रांतीय मंत्री ब्रजवीर सिंह ने कहा कि आज हम बहुत खतरनाक समय में जी रहे हैं ऐसे में वकीलों को आगे आकर समस्याओं को दूर करना होगा। हमारे वकीलों ने आजादी के आंदोलन में बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी। हमारे वकीलों को उसी भूमिका को आगे बढ़ाना है और वकालत के पेशे में आई नैतिक गिरावट को और पतनशीलता को दूर करना होगा।
अपनी श्रद्धांजलि देते हुए ऑल इंडिया लाइफ यूनियन के जिला अध्यक्ष अब्दुल जब्बार खान ने कहा कि यह शहीदों के सपनों का भारत नहीं है। आज बहुत सारी गुलामियां उग आई हैं जैसे जातिवाद, सांप्रदायिकता, वर्णवाद भ्रष्टाचार, ऊंच-नीच। हमें इन गुलामियों के खिलाफ लड़ना होगा और शहीदों के सपनों का देश बनाना होगा।
इस अवसर पर अशोक गुप्ता, रामगोपाल शर्मा, धर्म सिंह सत्याल, विजय शर्मा और नेपाल सिंह सोम ने भी अपने विचार व्यक्त किए। गोष्ठी में संगीता सिंह, विजय शर्मा, आफाक अहमद, धर्म सिंह सत्याल, प्रवीण भारती, अजय कुमार, अजीत कुमार, सुनील कुमार, सुशील कुमार, कुलविंदर सिंह, जियाउल हक, जावेद गाजी आदि अधिवक्ता उपस्थित थे।
,,,,, मुनेश त्यागी




