अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

महाराष्ट्र से UP-बिहार जा रही ट्रेनों में भीड़, खंडवा पहुंची काशी एक्सप्रेस में 80 सीटर कोच में 250 से ज्यादा पैसेंजर

Share

खंडवा/

नौकरी ही चली गई तो अब वहां रहकर क्या करते..। वापस जाना ही अच्छा था। ढाई हजार रुपए टिकट है। वह भी नहीं था इसलिए ऐसे ही चढ़ गए। यहां आते-आते तक टीटीई ने एक-एक हजार रुपए उगाही शुरू कर दी। उधार लेकर दिए हैं, बस घर जाना चाहते हैं अब।’

खचाखच भरकर महाराष्ट्र से मध्यप्रदेश के खंडवा आई काशी एक्सप्रेस में बगैर टिकट बैठे राहुल ने दैनिक भास्कर से यह बात कही। वे ठाणे में थे, इलाहाबाद जा रहे हैं। उनके साथियों ने भी यही बात कही। काशी एक्सप्रेस की एक स्लिपर बोगी मे 80 सीटें थी, जिसमें 250 से ज्यादा लोग ठूंस-ठूंसकर बैठे हुए मिले। ट्रेन के जनरल से लेकर स्लीपर कोच के गेट से गलियारे तक सिर्फ सिर दिखाई दे रहे थे।

पलायन का हाल दूसरी ट्रेनों में भी एक जैसा

लॉकडाउन के बाद महाराष्ट्र से यूपी-बिहार के मजदूरों का पलायन फिर से शुरू हो चुका है। शुक्रवार की शाम करीब 5 बजे खंडवा पहुंची मुंबई एलटीटी से गोरखपुर जा रही काशी एक्सप्रेस इसकी गवाह थी। उसमें पैर रखने की भी जगह नहीं थी। यात्रियों के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो गया था।

कोरोना संक्रमण के बीच लॉकडाउन को लेकर इन दिनों यात्री जानजोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं। बिना कन्फर्म टिकट या फिर टिकट लिए बिना ही वे यात्रा कर रहे हैं। जगह नहीं मिलने पर दरवाजे ओर टॉयलेट के पास बैठकर सफर कर रहे हैं। स्लीपर कोच में बमुश्किल अन्य यात्री इंट्री कर पा रहे थे। 80 सीटर स्लीपर कोच में 250 से ज्यादा यात्री सवार थे। काशी एक्सप्रेस के अलावा पवन एक्सप्रेस, तुलसी, कुशीनगर, गोवा एक्सप्रेस, पुष्पक व कामायनी एक्सप्रेस के भी यही हाल है।
अब नौकरी नहीं रही तो घर वापसी ही ठीक है
थाणे से इलाहाबाद की यात्रा कर रहे राहुल व उसके साथियों ने बताया लॉकडाउन होने की स्थिति में व्यवसाय-कारोबार ठप हो गए हैं। जिसके चलते हमारी नौकरियां नहीं रहीं। इससे बेहतर है कि संक्रमणकाल में हम घर वापसी कर ले, जहां हमारा परिवार इंतजार कर रहा है। करीब 2500 रुपए का रेल टिकट था, हमारें पास रुपए नहीं थे तो बिना टिकट सवार हो गए। इस पर टीटीई ने आकर 1-1 हजार रुपए की वसूली शुरू कर दी। दोस्तों से उधार लेकर उन्हें देना पड़ा।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें