अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए तुरंत युद्धविराम और बातचीत का आग्रह किया है. ट्रंप ने युद्ध को “पागलपन” बताया है. ट्रंप ने यह भी सुझाव दिया कि चीन शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जबकि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कार्रवाई के लिए इस अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया.
ट्रंप ने रविवार को पेरिस में यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात के कुछ ही घंटों बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल के माध्यम से ये टिप्पणियां कीं. यह बैठक पिछले महीने ट्रंप की चुनावी जीत के बाद ट्रंप और जेलेंस्की के बीच पहली आमने-सामने की बातचीत थी.
ट्रंप ने की युद्धविराम की अपील
ट्रंप ने लिखा, ‘जेलेंस्की और यूक्रेन एक समझौता करना चाहते हैं और युद्ध के पागलपन को रोकना चाहते हैं.’ उन्होंने दावा किया कि कीव ने लगभग 400,000 सैनिकों को खो दिया है. इन आंकड़ो में मारे गए सैनिक और घायल दोनों शामिल हैं.
ट्रंप ने कहा, ‘तुरंत युद्धविराम होना चाहिए और बातचीत शुरू होनी चाहिए. मैं व्लादिमीर को अच्छी तरह जानता हूं. यह उनके लिए कार्रवाई करने का समय है. चीन मदद कर सकता है. दुनिया इंतज़ार कर रही है.’
ट्रंप नोट्रे डेम कैथेड्रल को फिर से शुरू करने के लिए पेरिस में थे. उन्होंने शनिवार को फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा आयोजित एक बैठक में जेलेंस्की के साथ लगभग एक घंटा समय बिताया. फ्रांसीसी और यूक्रेनी अधिकारियों ने बयान जारी कर कहा कि बातचीत अच्छी रही है.
जेलेंस्की ने क्या कहा?
ट्रंप की टिप्पणियों का जवाब देते हुए, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस बात पर जोर दिया कि शांति केवल समझौतों के माध्यम से मिल सकती है, बल्कि इसके लिए विश्वसनीय गारंटी की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा, ‘जब हम रूस के साथ प्रभावी शांति के बारे में बात करते हैं, तो हमें सबसे पहले शांति के लिए प्रभावी गारंटी के बारे में बात करनी चाहिए. यूक्रेन के लोग किसी और से ज्यादा शांति चाहते हैं.’ उन्होंने रूस द्वारा पिछले उल्लंघनों का हवाला देते हुए एक साधारण युद्धविराम के विचार को खारिज कर दिया.
जेलेंस्की ने कहा, ‘बिना गारंटी के युद्धविराम को किसी भी समय फिर से शुरू किया जा सकता है, जैसा कि पुतिन पहले भी कर चुके हैं. यह सुनिश्चित करने के लिए कि यूक्रेन के लोगों को अब और नुकसान न उठाना पड़े, हमें शांति की विश्वसनीयता की गारंटी देनी चाहिए और कब्जे को अनदेखा नहीं करना चाहिए.’
जेलेंस्की ने ट्रंप द्वारा बताए गए हताहतों के आंकड़ों का भी खंडन किया, जिसमें कहा गया कि युद्ध में 43,000 यूक्रेनी सैनिक मारे गए और 370,000 घायल हुए. राष्ट्रपति पुतिन ने पहले शांति समझौते के लिए अपनी शर्तों को बताया है, जिसमें यूक्रेन द्वारा नाटो की सदस्यता को त्यागना और मौजूदा समय में आंशिक कब्जे वाले चार यूक्रेनी क्षेत्रों पर रूसी नियंत्रण को मान्यता देना शामिल है.
रूस मुश्किल वक्त में दोस्तों को नहीं छोड़ता–मिखाइल उल्यानोव

बशर अल असद और उनके परिवार को रूस में राजनीतिक शरण दी है. उन्हें मानवीय आधार पर शरण दी गई है.रूस के राजदूत मिखाइल उल्यानोव ने कहा कि असद और उनका परिवार मॉस्को में है. रूस मुश्किल दोस्तों में अपने दोस्तों को धोखा नहीं देता. यह रूस और अमेरिका के बीच अंतर है.
बता दें कि सीरिया में पिछले 11 दिनों से विद्रोही गुटों और सेना के बीच कब्जे के लिए लड़ाई चल रही थी, विद्रोही लड़ाकों ने रविवार को राजधानी दमिश्क पर भी कब्जा कर लिया, वो सड़कों पर गोलीबारी करके जीत का जश्न मना रहे हैं.
प्रेसिडेंशियल हाउस में लूटपाट
सीरियाई विद्रोहियों के राजधानी दमिश्क में घुसने के बाद राष्ट्रपति बशल अल-असद को देश छोड़कर भागना पड़ा. इसके बाद विद्रोहियों और आम जनता ने प्रेसिडेंशियल हाउस में जमकर लूटपाट की. प्रेसिडेंशियल हाउस से लोगों को फर्नीचर और महंगी चीजों को ले जाते देखा गया. इस दौरान लोगों ने भवन से लुइ वितां सहित कई महंगे आइटम लूट लिए. कई ब्रांडेंड कारों को भी लोगों ने लूट लिया.
मालूम हो कि सीरिया में 2011 में विद्रोह शुरू हुआ था, जब असद सरकार ने लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों को क्रूरता से कुचल दिया. यह संघर्ष धीरे-धीरे गृहयुद्ध में बदल गया, जिसमें असद सरकार के खिलाफ कई विद्रोही गुट खड़े हुए. आखिरकार, 13 साल के इस संघर्ष ने असद शासन को झुका दिया. विद्रोही गुटों ने दमिश्क पर कब्जा कर न केवल असद सरकार को उखाड़ फेंका, बल्कि सीरियाई जनता को एक नई शुरुआत का मौका दिया है.
बता दें कि इससे पहले रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने इस साल 24 जुलाई को क्रेमलिन में बशर अल असद से मुलाकात की थी. दोनों नेताओं के बीच मिडिल ईस्ट की स्थिति पर चर्चा हुई थी.





