उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में एक बार फिर हंगामा देखने के मिला। यहां महाकाल मंदिर में महिला सुरक्षाकर्मी और श्रद्धालुओं के बीच विवाद हो गया। मंगलवार सुबह गेट नंबर-4 पर महिला सुरक्षाकर्मी और श्रद्धालु के बीच हुई कहासुनी इतनी बढ़ गई कि बात मारपीट और कुर्सी फेंकने तक पहुंच गई। मामले में एक्शन लेते हुए मंदिर समिति ने सुरक्षाकर्मी की ड्यूटी तत्काल प्रभाव से हटा दी है। अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
महिला सुरक्षाकर्मी और श्रद्धालु के बीच मारपीट
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रवेश को लेकर महिला सुरक्षाकर्मी और महिला श्रद्धालु के बीच कहासुनी हो गई। इस दौरान महिला सुरक्षाकर्मी और महिला श्रद्धालु के बीच मारपीट हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर सुरक्षाकर्मी ज्योति ने श्रद्धालु पर कुर्सी फेंक दी। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस के जवानों और अन्य श्रद्धालुओं ने बीच बचाव किया। घटना मंगलवार सुबह मंदिर के गेट नंबर-4 पर हुई। पूरे हंगामे से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
महिला सुरक्षाकर्मी ने कुर्सी फेंकी, मचा हंगामा
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि विवाद और हंगामे में गुस्साई महिला सुरक्षाकर्मी ज्योति कुर्सी उठाती है और महिला श्रद्धालु पर फेंक देती है। इसमें महिला सुरक्षाकर्मी और श्रद्धालु के बीच हाथापाई होती दिखाई दे रही हैं। मंदिर के गेट नंबर 4 पर प्रवेश के विवाद में महिला सुरक्षाकर्मी और महिला श्रद्धालु के बीच हाथापाई होती दिखाई दे रही है। मौके पर मौजूद पुलिस वाले और अन्य लोग बीच-बचाव कर मामला शांत कराते हैं।
गेट नंबर-4 से शीघ्र दर्शन को लेकर विवाद
बताया जा रहा है कि गेट नंबर-4 से 250 रुपए के शीघ्र दर्शन टिकट वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाता है। इस रास्ते से नियमित दर्शनार्थियों को फेस रीडिंग मशीन के जरिए एंट्री मिलती है। बताया गया कि एक महिला श्रद्धालु के साथ एक अन्य दर्शनार्थी जबरन अंदर जाने की कोशिश कर रहा था, जब महिला सुरक्षाकर्मी ने उसे रोका तो विवाद बढ़ गया।
ड्यूटी से हटाई गई सुरक्षाकर्मी
मंदिर समिति के उप प्रशासक एसएन सोनी ने जानकारी दी कि क्रिस्टल सुरक्षा एजेंसी की महिला कर्मचारी ज्योति की ड्यूटी तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है। भविष्य में यदि उसे काम पर रखा जाएगा, तो उसे तैनाती ऐसी जगह की जाएगी जहां उसका श्रद्धालुओं से सीधा संपर्क न हो।
पहले भी हुआ है विवाद
इससे पहले 14 फरवरी को त्रिवेणी संग्रहालय के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान भी महिला सुरक्षाकर्मी का स्थानीय महिलाओं से विवाद हो चुका है। यहां फूल-प्रसादी की दुकान लगाने वाली महिलाओं से मारपीट का मामला सामने आया था। उस समय मामला थाने तक पहुंचा था।





