पाल”विक्रमोत्सव पर प्रदेश भर में महाशिवरात्रि मेलों का शुभारंभ होगा। उज्जैन में होने वाले शुभारंभ कार्यक्रम में विंटेज कार, स्पोर्टस बाइक और जनजातीय कलाकारों की प्रस्तुति के साथ कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस अवसर पर 84 महादेव की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में विक्रमोत्सव-2025 की तैयारियों को लेकर आयोजन समिति की बैठक की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमोत्सव के कैलेंडर का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में महाशिवरात्रि पर्व 26 फरवरी से विक्रमोत्सव-2025 का आरंभ होगा। सृष्टिकर्ता महादेव के महोत्सव से सृष्टि के आरंभ दिवस वर्ष प्रतिपदा 30 मार्च तक चलने वाला विक्रमोत्सव, सम्राट विक्रमादित्य के युग, भारत उत्कर्ष, नवजागरण और भारत विद्या पर केंद्रित रहेगा।
प्रदर्शनियों और कवि सम्मेलनों का होगा आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव में उज्जैन के साथ अन्य स्थानों पर भी सम्राट विक्रमादित्य, भारतीय ऋषि वैज्ञानिक परंपरा, देवी अहिल्याबाई पर केंद्रित प्रदर्शनियां लगाई जाएं। भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न पक्षों पर जन-जन में जानकारी के प्रसार के लिए गतिविधियों संचालित की जाए। उन्होंने प्रदेश की भीली, गोंडी जैसी जनजातीय बोलियां के कवियों को भी कवि सम्मेलन में शामिल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित गीत, कविता और रचनाओं को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव में होने वाले राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन में ड्रोन और रोबोटिक-शो जैसे आयोजन हों। उन्होंने महाकौशल, बुंदेलखंड, बघेलखंड क्षेत्र में भी विज्ञान सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान सम्मेलनों में इसरो सहित अन्य महत्वपूर्ण विज्ञान और शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों को भी आमंत्रित किया जाए।
विक्रमोत्सव में होंगे ये कार्यक्रम
“विक्रमोत्सव पर प्रदेश भर में महाशिवरात्रि मेलों का शुभारंभ होगा। उज्जैन में होने वाले शुभारंभ कार्यक्रम में विंटेज कार, स्पोर्टस बाइक और जनजातीय कलाकारों की प्रस्तुति के साथ कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस अवसर पर 84 महादेव की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्राचीन भारतीय काल गणना पर आधारित “वैदिक घड़ी एप” का लोकार्पण होगा। कार्यक्रम में सिंहस्थ-2028 की रूपरेखा का निर्धारण किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत ताल वादक आनंदम शिवमणि एवं लोक गायक हंसराज रघुवंशी की सांगीतिक प्रस्तुति होगी। विक्रम व्यापार मेला के अंतर्गत वस्त्रोद्योग, हथकरघा, उपकरणों की प्रदर्शनी आयोजित होगी। आदि शिल्प के तहत जनजातीय शिल्प, पारम्परिक व्यंजन एवं जनजातीय परंपरागत चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे।विज्ञापन