सरकारी स्कूल से पढ़ाई, फिजियोथेरेपी की डिग्री और फिर MPPSC जैसी कड़ी परीक्षा क्रैक करना आसान काम नहीं है लेकिन डीएसपी बनने वाली हिना खान तमाम युवाओं के लिए मिसाल बन गईं हैं.हिना का जन्म MP के आरोन कस्बे में हुआ.यह एमपी का एक छोटा सा टाउन है जहां उनके पिता सरकारी टीचर थे. घर में कभी लड़कियों को कम नहीं समझा गया.एक इंटरव्यू में हिना खान ने बताया कि हमारे समाज में लड़कियां गुड़ियां खेलती हैं, लड़के कुछ और लेकिन मेरे घर में कभी ऐसा फर्क नहीं रहा.उन्होंने गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल से 9वीं से 12वीं तक पढ़ाई की. पापा की नौकरी की वजह से घर में पढ़ाई का माहौल था लिहाजा उनकी पढ़ाई लिखाई अच्छी हुई.
बुआ को देखकर की बॉयोलॉजी से पढ़ाई
स्कूल के बाद हिना को बायोलॉजी में इंटरेस्ट आया. हिना के मुताबिक 10वीं पास करने के बाद बुआ की मोटी किताबें देखकर वह यह भी सोचती थीं कि वह भी इसी विषय की पढ़ाई करेंगी. इसी कारण से उन्होंने 11वीं-12वीं में बायोलॉजी लिया. इसके बाद उन्होंने PMT की परीक्षा दी. एमबीबीएस के लिए सेलेक्ट नहीं होने पर दोस्तों के साथ उन्होंने भी फिजियोथेरेपी में ग्रेजुएशन किया. हिना ने अलग अलग इंटरव्यूज में बताया कि उन्हें लोगों के दर्द दूर करने का काम अच्छा लगता था.
कई बार फेल से हो गई थीं निराश
ग्रेजुएशन के बाद हिना ने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की. 2012 में उनका सेलेक्शन वाणिज्य कर अधिकारी (Commercial Tax Officer)के पद पर हो गया.सरकारी नौकरी थी लेकिन हिना को यह नौकरी पसंद नहीं आई.हिना खान डेस्क जॉब नहीं चाहती थीं बल्कि जनता से डायरेक्ट कनेक्शन चाहती थीं.इसके लिए उन्होंने पुलिस सर्विसेज में जाने को सोचा लेकिन यह रास्ता आसान नहीं था.उन्होंने MPPSC परीक्षा में कई बार कोशिश की.प्रीलिम्स पास किया लेकिन मेन्स या इंटरव्यू तक नहीं पहुंच पाईं. लिहाजा असफलता ने उनका आत्मविश्वास तोड़ दिया.वह डिप्रेशन में आ गईं जिसकी वजह से दोस्तों से मिलना बंद कर दिया, लेकिन फैमिली और सेल्फ-मोटिवेशन से वह जल्द ही बाहर आ गईं.
और ऐसे पास की MPPSC PCS परीक्षा
आखिरकार हिना खान ने 2016 में MPPSC PCS परीक्षा पास कर लिया और वह DSP बन गईं.2018 में उनकी जॉइनिंग हुई.हिना का मानना है कि ये परीक्षा धैर्य का टेस्ट है.इसमें कोई शॉर्टकट नहीं होता.इसकी तैयारी में कोचिंग + सेल्फ स्टडी का मिक्स होना चाहिए.DSP बनने के बाद हिना ने घाटीगांव में SDOP के तौर पर काम किया. अब ग्वालियर में यूनिवर्सिटी एरिया की CSP हैं. हिना का कहना है कि पुलिस को सिर्फ लाठियां चलाने वाला समझा जाता है, लेकिन ये सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है लोगों की मदद का.
क्यों चर्चा में हैं हिना?
14 अक्टूबर 2025 को ग्वालियर में डॉ.अंबेडकर की स्टैच्यू को लेकर विवाद हो गया.यहां के एक वकील अनिल मिश्रा ने अंबेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे दलित संगठनों में गुस्सा भड़क गया.फूलबाग इलाके में हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा ने समर्थकों संग सुंदरकांड पाठ के बहाने टेंट लगाने की कोशिश की. हिना ने इस पर रोक लगाई और कहा कि ऑर्डर्स हैं इकट्ठा न हों.मिश्रा ने गुस्से में हिना पर सनातन विरोधी होने का इल्जाम लगाया और जय श्री राम के नारे लगवाए. हिना खान ने खुद जय श्री राम, जय जय श्री राम के नारे लगाने शुरू कर दिए जिसके बाद इसका वीडियो वायरल हो गया.इस तरह लोग हिना की मिसाल दे रहे हैं कि न उन्होंने धमकी दी, न पीछे हटीं.हिना खान की स्टोरी बताती है कि सरकारी स्कूल से भी IPS/DSP बना जा सकता है.





