मगरखेडी कसरावद (खरगोन) गावमे तैयार स्वास्थ्य केंद्र मार्चमें उदघाटन के बावजूद बंद क्यों?आयुष्यमान कार्डपर और अन्यथाभी शासकीय अस्पतालमें मुफ्तमें दवाईयां दे राज्य सरकार !
मध्य प्रदेशके खरगोन जिलेमे करोना का संक्रमण बढ़नेकी खबर बारबार आती रही तो भी जिलेमे कोविड सेंटर्स की कमीही नहीं तो बेड्स की और विशेषत: ऑक्सिजन के साथके बेड्स की कमी क्यों?यह सवाल सभी जिलोंके लिए कमअधिक साबित हो रहा है | किसी भी सेंटर के सामने,जैसे बडवानीमें भी एक/दो बीमार बेडके लिए राह देखते, धरतीपर, पेड़की छावमें हैरान हुए परिवारजनोके साथ पड़े हुए पाते हैं हम और अन्य कई निजी अस्पतालमें मजबूरीसे भर्ती होनेके बाद सरकारी अस्पताल-कोविड सेंटरमेंही ऑक्सिजन की सुविधा होते हुए,यहाँ आनेके लिएही तडपते है | उपरोक्त्त् सवाल करते हुए नर्मदा बचाओ आंदोलन कि नेता मेधा पाटकरने कहा
ऐसी स्थितिमे एक ओर बडवानी जैसे जिलेमे सेंटर्स बढ़ाने पड़े है तो खरगोनके मगरखेडी गावमे एक नया सेंटर का निर्माण हुआ, सेवाकर्मीयोके लिए निवास व्यवस्था के लिए स्वतंत्र बिल्डिंग भी बनी,6 मार्च 2021 को नेताओंके हाथ उद्घाटन हुआ लेकिन आजतक यहाँ न स्वास्थ्य सेवा शुरू हुई है नहीं डॉक्टर,नर्सेस पहुंचे है | इस कारण आनंदखेडी-सीमांत गावसे लेकर करीबन 15/20 गावके मरीजोको खरगोन जिलेके कोविड सेंटर कम से कम 30 कि.मी.दूरीपर होता है | बडवानी जिलेकेही ठिकरी तहसीलके सेंटरमें उन्हें आकर भर्ती होना पड़ता है | बडवानी जिलेमेभी बेड्स और ऑक्सिजनकी त्रुटी बारबार भुगतनी पड रही है | मगरखेडी सेंटर तत्काल चालू करनेकी, खाली होंगे उन जिम्मेदारीके पदोंपर भर्ती करनेकी जिम्मेदारी शासन क्यों नहीं पूरा करता है ? जवाब चाहिए | आयुष्यमान कार्डके लाभोंसे वंचित क्यों है करोनाके मरीज? बडवानीसे लेकर इंदौर तकके डॉक्टर्स से तथा कई सारे गरीब मरीजोंके परिवारजनोंसे बातचीत होनेपर एक हैरानीकी बात सामने आई है | शासकीय अस्पतालोंके बहुत सारे मरीजोंके लिए जो षामिलदवाइयाँ डॉक्टर Prescribe करते हैं,वह उपलब्ध नहीं होनेसे मरीज की तरफसे खरीदने कहा जाता है | इनमे ज्यादा सशक्त Antibiotics आदि शामिल है | ये दवाईयां अगर मरीज के लोग खरीद सकते हैं तो शासन उपलब्ध क्यों नहीं कराती | 5 लाख रु.तक हॉस्पिटलमें भर्ती बीमारके इलाजका पूरा खर्च आयुष्यमान कार्ड के तहत शासनने उठाना है | इसमें दवाईयोंका खर्च भी शामिल है तो शासनसे दवा उपलब्ध नहीं करनेका कारण क्या सही है? दवाकी दुकानवालोंको शासन भुगतान क्यों नहीं कर सकती है? आयुष्यमान कार्ड योजनाका उल्लंघन और गरीबोंकी जान उधेड़ देनेवाला बोझ उनपर डालनेके पीछे कारण क्या है? 30 से 40 हजार तक का खर्च अगर गरीबोंको शासकीय अस्पतालमें भी करना पड़ रहा है,तो यह अन्यायही नहीं,अत्याचार भी है | आयुष्यमान कार्ड योजना के सभी नियमोंका संपूर्ण पालन करे म.प्रदेश शासन और शासकीय कोविड सेंटर तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों/अस्पतालोंमे उपचार का पूरा खर्च शासन उठाये | मुख्यमंत्रीजी,तत्काल जवाब दे और योजना का पालन करे |
नवीन मिश्रा राजकुमार दुबे मेधा पाटकर





