तेरी दोस्ती ने हमको
जीवन जीना सिखा दिया
उदास रहता था मेरा चेहरा
उसको मुस्कुराना सिखा दिया।
न मिली मोहब्बत जीवन में
इसका अब कोई गम नहीं रहा
तेरी दोस्ती ने मुझको
हर लम्हा जीना सिखा दिया।
रब करे तू हमेशा खुश रहे
मेरी हर दुआ में शामिल रहे
तेरी दोस्ती ने मुझको
जीवन का बदलाव सिखा दिया।
मेरी रिद्धियां मेरी सिद्धियां
तुमको सदा सलामत रखें
तेरी दोस्ती ने मुझको
मानव से महामानव बना दिया।
डॉ.राजीव डोगरा
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश (युवा कवि लेखक)
(हिंदी अध्यापक)
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