डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की मांग बढ़ रही है। इस मामले पर भारतीय विदेश मंत्रालय से सवाल किया गया। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सावधानीपूर्वक उत्तर दिया। पत्रकारों ने व्हाइट हाउस के बयानों पर सवाल पूछा था। जायसवाल ने कहा कि इस बारे में व्हाइट हाउस से ही पूछना उचित होगा। वही सटीक जवाब दे पाएंगे।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की मांग तेजी से उठ रही है। इस बीच अब इस मामले पर भारतीय विदेश मंत्रालय का भी जवाब सामने आया है। दरअसल, पत्रकारों ने जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से इस मुद्दे पर सवाल किया तो उन्होंने काफी सधे अंदाज में इसका जवाब दिया।
क्या था सवाल और भारत ने क्या दिया जवाब
पत्रकारों ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से सवाल करते हुए पूछा कि व्हाइट हाउस की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल देने की मांग तेजी से उठ रही है, इसपर आप क्या कहना चाहेंगे। वहीं, इसपर रणधीर जायसवाल ने जवाब देते हुए कहा कि जहां तक व्हाइट हाउस के बयानों का सवाल है, कृपया आप अपना सवाल उनसे ही पूछें। इसका सटीक जवाब वही दे पाएंगे।
व्हाइट हाउस ने ट्रंप को नोबेल देने की मांग दोहराई
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने दावा करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया भर के कई संघर्ष क्षेत्रों में कई शांति समझौते और युद्धविराम करवाए हैं। उन्होंने कहा कि ये शांति समझौते औसतन हर महीने एक होते हैं और इसलिए अमेरिकी राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए।
व्हाइट हाउस ने किस-किस देश में युद्ध रुकवाने का किया दावा
व्हाइट हाउस के दावे के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप ने अब तक थाईलैंड और कंबोडिया, इजराइल और ईरान, रवांडा और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, भारत और पाकिस्तान, सर्बिया और कोसोवो, मिस्र और इथियोपिया के बीच संघर्ष समाप्त कर दिया है। इसका मतलब है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने छह महीने के कार्यकाल के दौरान औसतन हर महीने लगभग एक शांति समझौता या युद्धविराम करवाया है।
अब कंबोडिया ने ट्रंप को नोबेल देने की उठाई मांग
वहीं अब पाकिस्तान के बाद कंबोडिया ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की मांग उठाई है। देश के उप प्रधानमंत्री सन चंथोल ने कहा कि ट्रंप ने कंबोडिया और थाईलैंड के बीच सीमा पर हुए संघर्ष को खत्म करने और संघर्षविराम पर पहुंचने में मदद की है। हम डोनाल्ड ट्रंप के लिए नोबल की मांग करते हैं।




