अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

*ब्रिटेन ने भारत को बताया ‘दमनकारी’ देश तो भारत ने उसे निराधार और भारत-विरोधी बताया*

Share

भारत ने ब्रिटिश संसदीय समिति की रिपोर्ट को खारिज करते हुए उसे निराधार और भारत-विरोधी बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि रिपोर्ट में लगाए गए आरोप असत्यापित स्रोतों पर आधारित हैं, जिनका भारत के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया रहा है। भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया है।

नई दिल्ली: भारत ने शुक्रवार को ब्रिटिश संसदीय समिति की उस रिपोर्ट का कड़ा खंडन किया, जिसमें उस पर ब्रिटेन में दमनकारी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भारत ने इन दावों को निराधार और भारत-विरोधी बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मामले पर पलटवार करते हुए कहा कि हमने रिपोर्ट में भारत का उल्लेख देखा है और इन निराधार आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हैं। ये दावे असत्यापित और संदिग्ध स्रोतों से आए हैं, जो मुख्य रूप से प्रतिबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों से जुड़े हैं जिनका भारत-विरोधी शत्रुता का स्पष्ट और प्रलेखित इतिहास है।

क्या है पूरा मामला
दरअसल, ब्रिटेन की एक संसदीय समिति ने गुरुवार को दमनकारी देशों की लिस्ट जारी कर दी जिसमें भारत का भी नाम डाल दिया। ‘ट्रांस नेशनल रिप्रेशन इन द यूके’ नाम की इस लिस्ट में टोटल 12 देश शामिल हैं। इस लिस्ट में चीन, रूस और तुर्की का नाम सबसे ऊपर है, लेकिन भारत और कुछ अन्य देशों पर भी ऐसे आरोप लगे हैं।
रिपोर्ट में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि कुछ विदेशी सरकारें ब्रिटेन में रहने वाले लोगों को डराने और उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। कमेटी नेब्रिटेन में विदेशी सरकारों की एक्टिविटी को मानवाधिकारों के लिए खतरा बताया और ब्रिटिश सरकार से इस पर कार्रवाई करने की मांग की

रिपोर्ट में खालिस्तानी संगठन का भी जिक्र
ब्रिटिश समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी सरकारों की तरफ से ब्रिटेन में रहने वाले लोगों को निशाना बनाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। रिपोर्ट में ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) संगठन का जिक्र है। यह एक खालिस्तान समर्थक संगठन है, जिसे भारत ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत “गैरकानूनी संगठन” घोषित किया है।

3 साल में गतिविधियों में 48 फीसदी बढ़ोतरी का दावा
ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसी MI5 की जांच में ऐसे मामलों में 2022 के बाद 48% की बढ़ोतरी हुई है। यह भी बताया गया कि कुछ देश इंटरपोल के नियमों का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें