भोपाल के अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 6 नई कंपनियों का भूमि-पूजन
भोपाल। ‘मध्यप्रदेश में चारों ओर रोजगार की बारिश हो रही है। रोज उद्योग लग रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और उनके काम की वजह से समय बदल गया है। आज कपड़ा भले ही अचारपुरा में तैयार हो रहा है, लेकिन उसे पहनने वाले अमेरिका में बैठे हैं। ये बदलते दौर का समय है। अमेरिका विश्व का सबसे बड़ा देश है। साधन-संपन्न है। अगर अमेरिका में बड़े पैमाने पर कहीं से निर्यात हो रहा है, तो वह हमारे देश से और मध्यप्रदेश से हो रहा है। यह गर्व करने वाली बात है।

रेडिमेड गारमेंट्स, कॉटन सहित कई चीजों का निर्यात हो रहा है। क्या अमेरिका, क्या इंग्लैंड, चीन तक भारत के कॉटन से कपड़ा बनाकर बेचता है।’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 जुलाई को कही। वे अचारपुरा में उद्योगपतियो से संवाद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 6 नई यूनिटों का भूमि-पूजन भी किया। इस मौके पर उन्होंने अचारपुरा में एक हफ्ते में पुलिस चौकी खोलने और उद्योगों में काम करने वाले लड़कों को 5 हजार रुपये की मदद देने की घोषणा भी की। इस मौके पर उद्योगपतियों को आशय पत्र भी बांटे गए।
कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का कपास इतना बढ़िया है कि उसकी पूरी दुनिया में अलग साख और धाक है। आज के बदलते समय में रोजगार के लिए, युवाओं को काम दिलाने के लिए, आर्थिक संपन्नता के लिए सरकार ने अभियान चलाया है। मध्यप्रदेश के कारखाने मेहनत के मंदिर बनते जा रहे हैं। इनसे लोगों की जिंदगी आनंद में गुजर रही है। यह काम की पूजा है। उद्योगपतियों की पूंजी और कर्मचारियों की मेहनत जब इकट्ठी होती है, तो काम भी अद्भुत होता है। हम अपने जीवन को भी सफल करें और देश-प्रदेश के विकास के साथ भी कदम से कदम मिलाकर चलें। आज एक सेक्टर नहीं, बल्कि सभी क्षेत्रों में उज्ज्वल भविष्य के अवसर हैं। हमने उद्योगों के साथ-साथ किसानों के लिए अहम फैसले लिए हैं। हम किसानों को जलराशि और सिंचाई साधन बढ़ाकर उत्पादकता बढ़ाई जा रही है।
एमपी को बनाएंगे मिल्क कैपिटल
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम के सदस्य हैं, जो कहते हैं, करके दिखाते हैं। जब 1947 में देश आजाद हुआ तो उसकी अर्थव्यवस्था 15वें नंबर पर थी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गांव-गांव तक सड़कें बिछाईं। साल 2014 में जैसे ही नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने वैसे ही देश की अर्थव्यवस्था ने विकास करना शुरू कर दिया। 2014 में दसवीं अर्थव्यवस्था वाला भारत आज चौथे नंबर पर है। उसी तरह साल 2003 तक मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 11 हजार रुपये महीना थी, लेकिन आज प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 52 हजार रुपये हो गई है। हमारी सरकार एक तरफ रोजगार के अवसर दे रही है, तो दूसरी तरफ गांवों में सिंचाई के साधन बढ़ा रही है। साल 2003 तक मध्यप्रदेश में 7 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी, आज 55 लाख हेक्टेयर में सिंचाई हो रही है। हम 5 साल में इसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाएंगे। मध्यप्रदेश को दूध की राजधानी बनाएंगे।
देश में नंबर-1 होगा मध्यप्रदेश
उन्होंने कहा कि सरकार उद्योंगों में भी काम करने वाली बहनों की आर्थिक मदद कर रही है। हम बहनों की जिंदगी में सुख और आनंद लाने के लिए संकल्पित हैं। हमारी 20 महीने की सरकार ने पंजाब, गुजरात, मुंबई, दिल्ली, बैंगलुरू, कोलकाता सहित कई शहरों में रोजगार के लिए और राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए उद्योगपतियों से मुलाकात की, रोडशो किए। इसके अलावा इंग्लैंड, जापान, जर्मनी,दुबई,स्पेन जाकर अपने राज्य में उद्योंगों का नया माहौल बना रहे हैं। हर दूसरे-तीसरे दिन इंडस्ट्री लग रही हैं। आज भी 416 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 1600 लोगों को रोजगार दे रहे हैं। हम उद्योगपतियों के माध्यम से काम का नया मार्ग खोल रहे हैं। आने वाले समय में मध्यप्रदेश में देश में नंबर-1 बनेगा। सीएम डॉ. यादव ने अचारपुरा में एक हफ्ते में पुलिस चौकी खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बहनों के अलावा जो भाई यहां काम करने आएंगे उनको भी 5 हजार रुपये महीना दिया जाएगा। जहां-जहां रोजगार के कारखाने चलेंगे, वहां-वहां सरकार मदद करती रहेगी।
आने वाला समय एमपी का: एमएसएमई मंत्री कश्यप
एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि एक साल में ही अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र ने नई ऊंचाईयां अर्जित है। आने वाला समय मध्य प्रदेश का है और भविष्य में मध्य प्रदेश का डंका दुनिया में बजेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में ऐसा माहौल बना है कि दुनिया के बड़े-बड़े उद्योगपति फैक्ट्री खोलने के लिए मध्य प्रदेश आ रहे हैं। अब नया मध्य प्रदेश कृषि के साथ उद्योगों के लिए पहचाना जाएगा। मध्य प्रदेश के युवाओं को उद्योग एवं व्यापार से जोड़ना राज्य सरकार का लक्ष्य है। भोपाल से मात्र 12 किलोमीटर दूर अगरिया छाप में 82 एकड़ भूमि पर नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है।
राज्य में आया करोड़ों का निवेश- पीएस सिंह
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र सिंह ने कहा कि आज अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 6 नई औद्योगिक ईकाइयों का भूमि-पूजन किया गया है। जिनमें कुल निवेश 416 करोड़ का है और इससे 1600 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र उद्योग एवं एमएसएमई विभाग द्वारा 200 हेक्टेयर भूमि पर विकसित किया जा रहा है। प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और जीआईएस के माध्यम से 33.77 लाख करोड़ का निवेश आया है।
कारोबारियों ने क्या कहा
सनाय हेल्थकेयर के डायरेक्टर 23 साल के आदित्य शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगीकरण का वातावरण निर्मित हुआ है। अचारपुरा में हमें सभी अनुमतियां सिंगल विंडो के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। हमने यहां 120 करोड़ का निवेश किया है। 200 से 250 लोगों को रोजगार मिलेगा। यहां निर्मित मेडिसिन को दुनियाभर में निर्यात करेंगे। एसेट्स प्राइवेट लिमिडेट के रौनक चौधरी ने कहा कि हमने गुड़गांव में कंपनी का पंजीयन कराया।

कैसे प्रकट हुए भगवान शिव? जानें महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की अनसुनी कथा
श्रावण मास के पावन अवसर पर देशभर से लाखों श्रद्धालु उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन को पहुंच रहे हैं। इस पवित्र स्थल को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं और पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई हैं, जो इसे अन्य ज्योतिर्लिंगों से विशेष बनाती हैं। महाकाल मंदिर के पुजारी पं. महेश शर्मा ने बताया कि यह ज्योतिर्लिंग स्वयंभू और दक्षिणमुखी है, जिसकी स्थापना भगवान शिव ने स्वयं की थी।

जब अधर्म के अंत के लिए प्रकट हुए भगवान महाकाल
राजा चंद्रसेन, बालक की भक्ति और हनुमान की उपस्थिति से जुड़ी कथा
पं. महेश शर्मा के अनुसार, उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की स्थापना की कथा राजा चंद्रसेन, एक पांच वर्षीय बालक और भगवान हनुमान से जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि राजा चंद्रसेन भगवान शिव के परम भक्त थे और उनके मित्र शिवगण मणिभद्र ने उन्हें एक दिव्य चिंतामणि दी थी। इस मणि के प्रभाव से राजा की कीर्ति फैलने लगी, जिससे अन्य शासक ईर्ष्यावश उस पर आक्रमण करने लगे। संकट के समय राजा शिव भक्ति में लीन हो गए। इसी दौरान एक विधवा गोपी अपने छोटे बालक के साथ मंदिर दर्शन को पहुंची। राजा को ध्यान में लीन देख बालक भी भक्ति में रम गया और घर जाकर शिवलिंग की पूजा करने लगा। जब उसकी मां ने क्रोधवश पूजा सामग्री फेंकी, तभी वहां शिव स्वयं प्रकट हुए और एक सुंदर मंदिर के साथ स्वयंभू ज्योतिर्लिंग प्रकट हो गया। इस चमत्कारिक दृश्य को देख सभी चकित रह गए। राजा चंद्रसेन, आक्रमणकारी शासक और स्वयं हनुमानजी वहां पहुंचे और बालक की भक्ति की सराहना की। तभी से इस स्थल पर दक्षिणमुखी महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की स्थापना मानी जाती है।

उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से जुड़ी अनसुनी और दिव्य कहानी
दूषण राक्षस वध और धरती से प्रकट महाकाल की कथा
महाकाल मंदिर से जुड़ी एक अन्य प्रचलित कथा के अनुसार, प्राचीन काल में अवंती (वर्तमान उज्जैन) में वेदप्रिय नामक एक ब्राह्मण रहते थे, जो भगवान शिव के परम भक्त थे। वे प्रतिदिन पार्थिव शिवलिंग बनाकर पूजा करते थे। उसी दौरान रत्नमाल पर्वत पर दूषण नामक राक्षस का आतंक बढ़ता गया, जो ब्राह्मणों की धार्मिक गतिविधियों में विघ्न डालता था। शिव भक्तों की रक्षा के लिए भगवान शिव ने पहले उसे चेतावनी दी, लेकिन जब उसने हमला कर दिया, तब भगवान शिव धरती को चीरकर ‘महाकाल’ रूप में प्रकट हुए और राक्षस का वध कर दिया। इसके बाद शिव ने दूषण की भस्म से स्वयं का श्रृंगार किया। भय से मुक्त ब्राह्मणों की प्रार्थना पर भगवान शिव ने उसी स्थान को अपना स्थायी निवास बनाया, जो आज महाकालेश्वर मंदिर के रूप में श्रद्धा का केंद्र है।

उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की अद्भुत गाथा
श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रतीक
इन कथाओं के चलते महाकालेश्वर मंदिर ना केवल 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख स्थान रखता है, बल्कि शिवभक्तों के लिए विशेष आस्था का केंद्र भी है। श्रावण मास में यहां भस्म आरती सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होते हैं, जिन्हें देखने हजारों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।

हरियाली अमावस्या पर इंदौर ने ओढ़ी हरियाली की चादर, देखें अनदेखे नजारे
हरियाली अमावस्या पर पूरा इंदौर उत्साह, भक्ति और आनंद में मग्न है। सुबह से ही मंदिरों में भीड़ लगी हुई है और भजन, भंडारे का क्रम अनवरत चल रहा है। शहर के प्राकृतिक सुंदरता से सजे स्थानों पर भी अच्छी खासी आवाजाही नजर आ रही है। बारिश आने से इंदौर ने हरियाली की चादर ओढ़ ली है। यह नजारा शहर के रालामंडल की पहाड़ी से लिया है जो समुद्र तल से 782 मीटर ऊपर है, चारों और हरियाली छाई हुई है।

रालामंडल पर युवाओं की मौज मस्ती।
सावन के रंग भी बिखर रहे
सावन के रंग भी इंदौर में खूब छा रहे हैं। प्रमुख उद्यानों, पर्यटक स्थलों पर माहौल देखते ही बन रहा है। महिलाएं, बच्चे सावन के झूलों का आनंद ले रहे हैं। शहर के प्रमुख बाजारों में भी त्योहारों का माहौल बनने लगा है। खरीदारी के लिए प्रमुख बाजार सजने लगे हैं और राखी, गणेश चतुर्थी की तैयारियां भी नजर आने लगी हैं।

रालामंडल की पहाड़ी से खूबसूरत इंदौर।
हरियाली अमावस्या ब्राह्मण समाज ने लगाए पौधे
हरियाली अमावस्या पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ब्राह्मण समाजजनों ने 101 पौधे लगाए। यह पौधे स्कूल, मंदिर, पार्क, पुलिस थाना आदि स्थानों पर लगाए गए। अध्यक्ष अजय पंड्या ने बताया कि युवा संगठन की टीम ने पौधा रोपण व श्रमदान की जिम्मेदारी उठाई। संगठन के पूर्व अध्यक्ष निलेश मेहता ने सभी पौधे विभिन्न नर्सरी एवं समाज के चंद्रमोहन शर्मा के सहयोग से निःशुल्क उपलब्ध करवाए।

महिलाओं ने लिया सावन के झूलों का आनंद।
शोभा यात्राओं ने भक्तिमय किया माहौल
शहर में निकलने वाली शोभायात्राओं ने माहौल को भक्तिमय कर दिया। आज सुबह से शहर के कई क्षेत्रों में रहवासी संगठनों और धार्मिक संस्थाओं ने शोभायात्राओं का आयोजन किया।

*इंदौर में कानून को ताक पर रख बजरंगदलियों ने देवास के आदिवासियों और हाउल ग्रुप के सामाजिक कार्य कर्ता के साथ प्रेस क्लब में की मारपीट*
*अपने ऊपर लग रहे धर्मांतरण के आरोपों का खुलासा करने के लिए ग्रुप के सदस्य आए थे इंदौर प्रेस क्लब*
*इंदौर समाचार प्रेस में भी अपनी आप बीती बताने आए तो यहां भी असामाजिक तत्वो ने की मारपीट बाद में देवास पुलिस ने हमलावरों के बजाय ग्रुप सदस्यों को लिया हिरासत में*
आदिवासी युवाओं को ‘नास्तिक’ बनाने पर हिंदू संगठनों का हंगामा, आरोपियों से की मारपीट, पुलिस कर रही जांच
इंदौर। देवास जिले की पर्वतपुरा पंचायत के ग्राम शुक्रवासा में पिछले पांच सालों से इंदौर के पत्रकार सौरव बनर्जी अपने कुछ साथियों के साथ सामाजिक कार्यों में जुटे हुए थे ।वे वहां हाउल ग्रुप के नाम से सामाजिक संगठन चलाते थे तथा उसके माध्यम से आदिवासी बच्चों को शिक्षा देने तथा आदिवासियों के स्वास्थ्य के लिए गांव में ही स्वास्थ्य केंद्र भी चलाते थे। जहां से कई डॉक्टर और युवा छात्र एवं शिक्षक जुड़े हुए थे ।उनकी ये गतिविधियां लगातार बढ़ रही थी तथा आदिवासियों का विश्वास भी अर्जित कर रहे थे। गत पंचायत चुनाव में उन्होंने प्रत्याशी भीखड़ा किया था तथा उसी के चलते भाजपा के प्रत्याशी को पराजय का सामना करना पड़ा था ।इन्हीं सब बातों से कथित सत्ता दल के लोग परेशान थे तथा उन्हें जिले से हटाने के प्रयास में लगे हुए थे । इसी के चलते 22 जुलाई को उनके केंद्र पर हमला भी हुआ तथा देवास पुलिस ने अवैधानिक तरीके से उनके पांच साथियों को गिरफ्तार भी किया। हालांकि पुलिस ने पूछने पर भी यह जानकारी नहीं दी की किस कारण से गिरफ्तार किया गया है।
भाजपा से जुड़े बजरंग दल के कुछ लोगों ने उन पर धर्मांतरण का आरोप लगाया । जिसका पूरा खुलासा करने के लिए ही उन्होंने आज इंदौर में पत्रकार वार्ता आयोजित की थी। इंदौर प्रेस क्लब में जब सभी सदस्य पत्रकार वार्ता कर रहे थे, तभी कुछ असामाजिक तत्वों ने पहले तो पत्रकार वार्ता में हंगामा कर उसे भंग कर दिया तथा बाद में प्रेस क्लब परिसर में ही सौरव बनर्जी एवं अन्य महिला पुरुषों के साथ मारपीट की।
प्रेस क्लब परिसर में हुई इस घटना के बाद में सामाजिक कार्यकर्ता राहुल निहुरे के साथ इंदौर समाचार प्रेस पहुंचे तथा वहीं पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव एवं वरिष्ठ पत्रकार रामस्वरूप मंत्री एवं अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं को अपनी आपबीती सुनाई तथा शुक्रवासा में उनके द्वारा किए जा रहे कामों की जानकारी दी तथा सहयोग मांगा। जब राहुल निहोरे और रामस्वरूप मंत्री इंदौर समाचार प्रेस से चले गए। उसके बाद ये असामाजिक तत्व फिर इंदौर समाचार प्रेस पहुंचे तथा सौरव बनर्जी एवं अन्य महिला पुरुषों के साथ मारपीट की। उसी के थोड़ी देर बाद देवास पुलिस आई और सौरव बनर्जी एवं अन्य साथियों को पुलिस की गाड़ी में बैठाकर देवास ले गई ।
पांच वर्षों से देवास जिले के गांव शुक्रवासा में हाउल ग्रुप गरीब ,आदिवासी तथा किसानों,मजदूरों के सामाजिक उत्थान के काम में जुटा हुआ है। गरीब जनता की उन्नति देख शुक्रवासा गांव के कुछ भ्रष्ट और असमाजिक तत्व हाउल संगठन के हर सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनो को लगातार रोकने में लगे हुए है, क्योंकि इसमें उनका निहित स्वार्थ जुड़ा हुआ है।
इसके चलते वह संगठन के संस्थापक सौरव बनर्जी और अन्य सदस्यों के विरुद्ध अनर्गल अफ़वाह फैला कर छवि धूमिल और प्रताड़ित करे रहे है। इन सभी अफ़वाह और बेबुनियादी बातों का सच सामने लाने के लिए हाउल ग्रुप के सदस्य सौरव बनर्जी के नेतृत्व में इंदौर आए थे तथा इंदौर प्रेस क्लब में पत्रकारों को हकीकत से अवगत कराना चाहते थे । वे पत्रकारों से बात कर रहे थे तभी अपने को बजरंग दल का सदस्य बताने वाले कुछ और असामाजिक तत्वों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा किया तथा प्रेस क्लब परिसर में सौरव बनर्जी एवं अन्य सदस्यों के साथ मारपीट की।
इससे पूर्व 22 जुलाई, 2025 ( मंगलवार) को हाउल ग्रुप के शुकवासा कैंपस पर डबल चौकी से थाना प्रभारी, मयंक वर्मा, बरोठा थाना प्रभारी, अजय गुज्जर तथा देवास डीएसपी, नाम अज्ञात, अपनी टीम के साथ पहुंचे। कैंपस पर आ कर इन्होंने ग्रुप के सभी सदस्यों से बिना किसी सूचना या वारंट के पूछ-ताछ और छान- बीन की, उनके निजी दस्तावेज, कॉपियां बिना इजाज़त जांची, बिना किसी वारंट या जुर्म बताए ग्रुप के पांच सदस्यों नाम, प्रणय त्रिपाठी (पत्रकार), ताशिव पटेल (पत्रकार विद्यार्थी), बृजेंद्र राठौड़ (इंजीनियरिंग विद्यार्थी), युवराज सिंह चौहान (फिल्म मेकर), निलाद्री मुखोपाध्याय ( फिल्म निर्देशक, लेखक) को अरेस्ट कर ले गए तथा कैंपस में भी तोड़-फोड़ की।
हाउल ग्रुप और पर्वतपुरा पंचायत विकास समिति के सभी सदस्य इस असंवैधानिक हिरासत और पुलिसी दमन की तीव्र निंदा करते हैं एवं शासन से असामाजिक कर्मियों की तुरंत रिहाई, उनके जब्त किए गए मोबाइल अथवा अन्य सामान वापस करना और इसकी निष्पक्ष जांच कर, दोषियों पर कार्यवाही की मांग करते हैं।
हम सभी इंसाफपसंद नागरिकों से यह अनुरोध करते हैं कि वह दोनों थाना प्रभारी से संपर्क करें और हमारे साथियों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करें। देवास पुलिस की हिरासत में लिए जाने के बाद हाल ग्रुप के प्रमुख सौरव बनर्जी ने व्हाट्सएप पर किए संक्षिप्त मैसेज में कहा कि
हाउल ग्रुप के सभी सदस्य बरोठा पुलिस ने इंदौर समाचार के परिसर से उठकर देवास एसपी कार्यालय ले जा रहे हैं। इंदौर समाचार के ऑफिस में बजरंग दल के गुंडो ने घुस कर सभी सदस्यों को बहुत मारा । और पुलिस ने कहा सभी सदस्यों को बचाने के लिए वो आई है, और अब सबको देवास एसपी ऑफिस ले जा रही है। हो सकता है हम अब संपर्क ना कर पाएं तो कृपया देवास एसपी के यहां आकर हमें रिलीज करवाएं ।
देवास जिले के आदिवासी क्षेत्र में क्लब के माध्यम से सामाजिक कार्य करने का दावा करने वाले सौरभ बनर्जी और उनके साथियों के साथ इंदौर में मारपीट की घटना सामने आई है। यह घटना उस वक्त हुई जब सौरभ इंदौर में अपनी संस्था के कार्यों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। जानकारी के अनुसार, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस युवती के परिजन भी पहुंच गए जो हाल ही में सौरभ के साथ रह रही थी। उन्होंने मंच पर ही जोरदार हंगामा किया, जिसके चलते प्रेस कॉन्फ्रेंस बीच में ही रद्द करनी पड़ी। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया।

लोगों ने दर्ज कराई थी शिकायत
जानें क्या है पूरा मामला
परवतपुरा पंचायत के अंतर्गत शुक्रवासा और पर्वतपुर गांव के ग्रामीणों ने बरोठा थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि गांव के नजदीकी जंगलों में एक संस्था से जुड़े युवक-युवतियां पिछले चार-पांच वर्षों से रह रहे हैं, जो स्थानीय आदिवासी समुदाय को आर्थिक मदद और अन्य सुविधाएं देकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास कर रहे हैं।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की कार्रवाई
पुलिस ने मौके पर की कार्रवाई
शिकायत के बाद बरोठा थाना प्रभारी अजय गुर्जर, राजस्व टीम और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जंगल में प्लाईवुड की टपरियों में रह रहे 8-10 युवक-युवतियों को देखा गया। इनमें एक युवक सौरभ बनर्जी पश्चिम बंगाल का रहने वाला है, जबकि युवतियां इंदौर की बताई गई हैं। पूछताछ में इनके चार अन्य साथी भी सामने आए। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों को लेकर जांच शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान मोबाइल और लैपटॉप जब्त किए गए हैं। सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। जंगल में रहने का उद्देश्य और फंडिंग का स्रोत भी पुलिस जांच के दायरे में है।
संस्था से जुड़े प्रणय त्रिपाठी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी संस्था पिछले चार-पांच वर्षों से इस क्षेत्र में शिक्षा और ग्रामीण विकास पर कार्य कर रही है। उन्होंने दावा किया कि उनका उद्देश्य सिर्फ आदिवासी समुदाय के बच्चों की पढ़ाई और जीवन स्तर सुधारना है। संस्था पर लगाए गए धर्मांतरण के आरोप निराधार हैं।

ग्रामीणों ने की थी शिकायत
ग्रामीणों की आशंका, धर्म परिवर्तन का माहौल बन रहा
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में बाहरी युवक-युवतियों की मौजूदगी और लगातार आर्थिक सहायता दिए जाने से उन्हें आशंका है कि यहां धर्म परिवर्तन का माहौल बनाया जा रहा है। साथ ही, गांव में अक्सर इस समूह के पास भीड़ जमा रहती है और संदिग्ध गतिविधियां देखने को मिलती हैं। जिस भूमि पर ये टपरियां बनी हैं, वह देवराज रावत नामक व्यक्ति के नाम 1.6 हेक्टेयर की बताई जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया कि इस ट्राइबल क्षेत्र की जमीन पर संस्था ने एग्रीमेंट किया है, जो नियमों के खिलाफ है। पुलिस ने चार लोगों के बयान लिए हैं और आगे की जांच जारी है।

भोपाल में ड्रग्स और दरिंदगी का खुलासा, भाजपा नेता के भतीजे गिरफ्तार
भोपाल में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य शरीफ मछली का भाई शाहवर मछली और भतीजा याशीन अहमद एमडी ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किए गए हैं। भोपाल क्राइम ब्रांच ने शाही दरबार के पास से घेराबंदी कर दोनों को पकड़ा। याशीन के पास से एमडी ड्रग्स के साथ अवैध पिस्टल भी जब्त की गई है। आरोपियों की दो कारें और एक स्कूटर भी ज़ब्त की गई हैं, जिनका उपयोग ड्रग्स तस्करी में किया जा रहा था।
ड्रग्स से लव जिहाद तक की साजिशें
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि याशीन और शाहवर मछली मुंबई से एमडी ड्रग्स भोपाल लाकर युवाओं और कॉलेज छात्राओं को निशाना बनाते थे। पहले से पकड़े गए आरोपियों सैफुद्दीन और आशु उर्फ शाहरूख की पूछताछ में याशीन का नाम सामने आया। इनका नेटवर्क युवतियों को नशे का आदी बनाकर उन्हें नियमित ग्राहक में तब्दील करता था।
मोबाइल से मिले शर्मनाक वीडियो
याशीन के मोबाइल से एक दर्जन से अधिक वीडियो बरामद किए गए हैं, जिनमें वह और उसके साथी युवकों को निर्वस्त्र कर पीटते और युवतियों के साथ दरिंदगी करते नज़र आ रहे हैं। पीड़ित युवतियों में कई अन्य धर्म की बताई जा रही हैं, जिससे लव जिहाद का एंगल भी सामने आ रहा है। पुलिस को आशंका है कि युवतियों को नशे की लत देकर उनका यौन शोषण किया गया।
कियोस्क की आड़ में 2 साल से छाप रहा था नकली नोट, STF ने कटनी से पकड़ा
कटनी में कियोस्क की आड़ में एक युवक नकली नोट छापने का गोरखधंधा चला रहा था। वह 2 सालों से स्पेशल पेपर की मदद से नकली नोट छाप रहा था। फिर आने वाले कस्टमर को असली नोट के साथ नकली नोटों को भी पकड़ा देता था। जबलपुर एसटीएफ आरोपी को पकड़ कर पूछताछ कर रही है।

मध्य प्रदेश के कटनी जिले से नकली नोट छापने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नकली नोट छापने वाले एक युवक को एसटीएफ जबलपुर की टीम ने कटनी से गिरफ्तार किया है। आरोपी युवक अपने ऑनलाइन कियोस्क सेंटर की आड़ में यह फर्जीवाड़ा कर रहा था। वह दो साल से नकली नोट तैयार कर असली नोटों के साथ मिलाकर लोगों को देता था। नोट छापने के लिए वह स्पेशल पेपर का उपयोग करता था।
जबलपुर एसटीएफ प्रभारी संतोष तिवारी ने बताया कि उन्हें नकली नोट छापने की सूचना मिली थी। कटनी जिले के ग्राम बड़खेरा (कुठला) निवासी कृष्ण लोधी (36) ऑनलाइन कियोस्क सेंटर संचालित करने के साथ-साथ नकली नोटों की छपाई भी करता है। सूचना पर पुलिस ने युवक पर नजर रखना शुरू कर दिया।
आरोपी युवक के तैयार किए गए नकली नोट इतने बेहतर क्वालिटी के थे कि सामान्य आंखों से उन्हें पहचान पाना मुश्किल था। सिर्फ वॉटरमार्क की कमी उन्हें असली नोटों से अलग करती थी। सूचना पर पुलिस आरोपी पर नजर रख रही थी। जब उनको पर्याप्त सबूत मिले तो उन्होंने देर रात दबिश देकर पकड़ लिया।
छापे के दौरान आरोपी कृष्ण लोधी के घर से 156000 लाख मूल्य के नकली नोट बरामद किए गए। यह फेक करेंसी 100, 200 और 500 के नोटों की गड्डियों में थे। इनको एसटीएफ ने जब्त कर लिया। इसके साथ ही मौके से एक लैपटॉप, प्रिंटर, नोट कटर मशीन और नकली नोट छापने में उपयोग होने वाला स्पेशल पेपर भी मिला। कटर मशीन असली नोट के आकार के अनुसार कस्टमाइज की गई थी।
युवक ने थाने में कर लिया आत्मदाह! भागे-भागे अस्पताल लेकर पहुंचे पुलिसकर्मी
अपने दीदी जीजा और पुलिस से तंग से आकर एक युवक ने दर्दनाक कदम उठाया है। उसने थाने परिसर के अंदर ही खुद को आग लगा लिया। आनन-फानन में पुलिस वाले उसे अस्पताल लेकर पहुंचे।

ग्वालियर जिले में एक दर्दनाक घटना हुई है। एक युवक ने थाने कैंपस के अंदर ही अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा लिया और आत्मदाह की कोशिश की। आग लगता देख पुलिसकर्मी दौड़े और आग बुझाकर उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दरअसल, पूरा मामला हजीरा थाना क्षेत्र के लाईन नंबर 1 का है। ई-रिक्शा चलाने वाला आकाश अपनी पत्नी आरती और बेटा-बेटी के साथ रहता है। आकाश के घर में उसके जीजा शिव शंकर पाठक और उसकी बहन भारती पाठक करीब 9 साल से कब्जा करके रह रहे हैं। इसी मकान को लेकर कई बार आकाश तिवारी, उसकी बहन और जीजा के बीच विवाद हो चुका है। करीब 7 महीने पहले भी विवाद हुआ था। उस दौरान मारपीट और छेड़छाड़ की शिकायत आकाश तिवारी ने अपनी पत्नी आरती के साथ हजीरा थाने पहुंचकर की थी।
आकाश तिवारी के जीजा शिव शंकर पाठक ने भी अपने आप को चोट पहुंचाकर थाने में आकाश के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया था। मामला दर्ज होने के बाद हजीरा थाना पुलिस जांच के लिए आकाश को थाने बुला रही थी और जमानत कराने की बात कह रही थी। जिससे परेशान होकर गुरुवार को आकाश थाने पहुंचा और परिसर में खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। फिलहाल पुलिस ने आकाश को गंभीर हालात में ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल की बर्न यूनिट वार्ड में भर्ती कराया है। गंभीर हालत देखते हुए पुलिस अधिकारी आकाश का बयान लेने अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने आकाश की पत्नी के बयान के बाद थाने परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
जीजा से मकान को लेकर चल रहा है विवाद
एएसपी कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि एक युवक ने थाना परिसर में खुद को आग लगा ली। 80 फीसदी तक जल चुके युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवक ने बताया कि उसके बहन जीजा से मकान को लेकर विवाद चल रहा है। इस मामले में पुलिस भी उसकी मदद नहीं कर रही थी। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर गंभीर रूप से झुलसे युवक का बयान दर्ज किया। वहीं युवक की पत्नी ने भी बहन और बहनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं




