- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज जापान के रक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।वक्फ संशोधन एक्ट की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट पर सुनवाई।झारखंड के पीडीएस डीलर 5 मई को करेंगे राज्यव्यापी धरना प्रदर्शन।
अगर भारत-पाकिस्तान में हुई जंग, तो कौन किसका देगा साथ
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिसके लिए भारत ने पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं। पाकिस्तान ने इन आरोपों से इनकार किया है, लेकिन उसकी ओर से परमाणु हमले की धमकियां सामने आई हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर दोनों देशों के बीच युद्ध छिड़ता है, तो दुनिया के कौन-कौन से देश किसका साथ देंगे?पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है, जिससे युद्ध की आशंका गहरा गई है। भारत को अमेरिका, रूस और फ्रांस जैसे देशों का समर्थन मिलने की संभावना है, जबकि पाकिस्तान को चीन और तुर्की का साथ मिल सकता है।

भारत के साथ कौन-कौन देश?
इसमें कोई संदेह नहीं है कि पिछले एक दशक में भारत दुनिया के शक्तिशाली देशों में शामिल हो गया है। वैश्विक स्तर पर भारत की छवि काफी मजबूत हुई है। पहलगाम हमले के बाद दुनिया के ज्यादातर देश भारत के साथ खड़े दिखे। ऐसे में सवाल उठता है कि जंग के वक्त कौन-कौन से देश भारत का साथ दे सकते हैं?
1. अमेरिका: अमेरिका और भारत के बीच हाल के वर्षों में रक्षा और रणनीतिक साझेदारी मजबूत हुई है, खासकर क्वाड (QUAD) गठबंधन के जरिए। अमेरिका अब भारत को इंडो-पैसिफिक रणनीति में महत्वपूर्ण सहयोगी मानता है। पहलगाम हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तनाव को ‘लंबे समय से चली आ रही समस्या’ बताया, लेकिन भारत के साथ निकटता का संकेत दिया। युद्ध की स्थिति में अमेरिका भारत को कूटनीतिक समर्थन, खुफिया जानकारी, और संभवतः सैन्य उपकरण प्रदान कर सकता है। हालांकि, अमेरिका खुलकर सैन्य हस्तक्षेप से बच सकता है।
2. रूस: रूस और भारत के बीच दशकों पुराना रक्षा और कूटनीतिक रिश्ता है। भारत ने रूस से सुखोई-30, S-400 जैसे अहम हथियार खरीदे हैं। 1971 के युद्ध में रूस ने भारत का खुलकर समर्थन किया था। जंग के वक्त भी रूस भारत को हथियारों की आपूर्ति और संयुक्त राष्ट्र में समर्थन दे सकता है।
3. फ्रांस: फ्रांस भारत को राफेल लड़ाकू विमान और अन्य सैन्य हथियार देता रहा है। दोनों देशों के बीच मजबूत रक्षा समझौते हैं। पहलगाम हमले के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत के साथ फोन पर चर्चा की थी। युद्ध में फ्रांस भारत को हथियारों की आपूर्ति और कूटनीतिक समर्थन दे सकता है।
4. इजरायल: इजरायल और भारत के बीच रक्षा और तकनीकी सहयोग मजबूत है। 1999 के कारगिल युद्ध में इजरायल ने भारत को ड्रोन और नाइट विजन डिवाइस दिए थे। युद्ध की स्थिति में इजरायल भारत को सैन्य तकनीक और खुफिया जानकारी दे सकता है।
5. जापान और ऑस्ट्रेलिया: क्वाड के सदस्य के रूप में जापान और ऑस्ट्रेलिया भारत के साथ मजबूत रणनीतिक रिश्ते रखते हैं। दोनों देश चीन की क्षेत्रीय आक्रामकता को संतुलित करने के लिए भारत का समर्थन करते हैं। युद्ध में ये देश भारत को कूटनीतिक और आर्थिक सहायता प्रदान कर सकते हैं।
6. संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब: यूएई और सऊदी अरब ने हाल के वर्षों में भारत के साथ आर्थिक और आतंकवाद-विरोधी सहयोग बढ़ाया है। पाकिस्तान के साथ यूएई के रिश्ते हाल में तनावपूर्ण रहे हैं। युद्ध में ये देश भारत को कूटनीतिक और आर्थिक समर्थन दे सकते हैं।
7. अफगानिस्तान: भारत ने अफगानिस्तान में बुनियादी ढांचे और शिक्षा में भारी निवेश किया है। तालिबान और पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए, अफगानिस्तान भारत को क्षेत्रीय खुफिया जानकारी और कूटनीतिक समर्थन दे सकता है।पाकिस्तान के साथ कौन-कौन देश हो सकते हैं खड़े?
पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े फैसले लिए हैं। भारत वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की रणनीति पर काम कर रहा है। पाकिस्तान अपने यहां आतंकवाद को पालता है और यह बात किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में अब पाकिस्तान के साथ कम ही देश खड़े होते दिख रहे हैं। फिर भी अगर जंग होती है तो पाकिस्तान के संभावित समर्थक देश ये हो सकते हैं…1. चीन: चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा सैन्य और कूटनीतिक सहयोगी है। दोनों देशों के बीच गहरी दोस्ती है, और चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर इसका सबूत है। हाल की खबरों के अनुसार, चीन ने पाकिस्तान को मिसाइलें और अन्य सैन्य उपकरण प्रदान किए हैं। हालांकि, 1965 और 1971 के युद्धों में चीन ने प्रत्यक्ष हस्तक्षेप से परहेज किया था। युद्ध की स्थिति में चीन पाकिस्तान को हथियार, ड्रोन, और खुफिया समर्थन दे सकता है, लेकिन भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों (2023 में 136.2 बिलियन डॉलर) को देखते हुए खुलकर युद्ध में शामिल होने की संभावना कम है।
2. तुर्की: तुर्की ने हाल के वर्षों में पाकिस्तान के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाया है। सोशल मीडिया पर खबरें हैं कि तुर्की ने पाकिस्तान को युद्ध सामग्री भेजी है। युद्ध में तुर्की पाकिस्तान को सैन्य उपकरण और कूटनीतिक समर्थन दे सकता है।
3. इस्लामिक देशों का संगठन (OIC): पाकिस्तान OIC में सक्रिय भूमिका निभाता है। कुछ मुस्लिम देश, जैसे मलेशिया या ईरान, कूटनीतिक रूप से पाकिस्तान का समर्थन कर सकते हैं, लेकिन भारत के साथ इन देशों के आर्थिक रिश्तों को देखते हुए खुलकर युद्ध में शामिल होने की संभावना कम है।
ये देश रहेंगे तटस्थ
1. उत्तर कोरिया: उत्तर कोरिया और पाकिस्तान के बीच 1970-1990 के दशक में परमाणु और मिसाइल तकनीक का आदान-प्रदान हुआ था, लेकिन वर्तमान में उनके रिश्ते उतने मजबूत नहीं हैं। उत्तर कोरिया भारत के साथ भी तटस्थ रुख रखता है। युद्ध में उत्तर कोरिया संभवतः तटस्थ रहेगा।
2. बांग्लादेश: 1971 में भारत की मदद से स्वतंत्र होने के बावजूद, बांग्लादेश की वर्तमान सरकार की नीतियां स्पष्ट नहीं हैं। कुछ भारत-विरोधी बयान सामने आए हैं, लेकिन पाकिस्तान के साथ पूर्ण समर्थन की संभावना कम है।
दिल्ली से इजरायल जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट डायवर्ट
एयर इंडिया की एक फ्लाइट ने दिल्ली से इजरायल के तेल अवीव शहर के लिए उड़ान भरी, लेकिन लैंडिंग से पहले ही तेल अवीव एयरपोर्ट पर मिसाइल अटैक हो गया। इसके बाद आनन-फानन में फ्लाइट को अबु धाबी की तरफ मोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि यह फ्लाइट अब दिल्ली वापस आएगी।
दरअसल, फ्लाइट AI139 बोइंग 787 फ्लाइट अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी, तभी अचानक निर्धारित लैंडिंग से लगभग एक घंटे पहले यह घटना घटी। न्यूज एजेंसी के मुताबिक विमान दिल्ली वापस लौटेगा।फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से संकेत मिल रहा है कि विमान के जॉर्डन के हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने के दौरान डायवर्जन का निर्णय लिया गया था।
इजरायल ने सस्पेंड की तेल अवीव एयरपोर्ट की सभी उड़ानें
पूरा वाकया आज (4 मई) हुआ है। इस घटना के देखते हुए रविवार को तेल अवीव से दिल्ली के लिए निर्धारित वापसी की उड़ान रद्द कर दी गई है। एयर इंडिया ने अभी तक इस घटना के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। घटना ऐसे समय में हुई है, जब यमन से प्रोजेक्टेड मिसाइल के प्रभाव के बाद तेल अवीव हवाई अड्डे ने अस्थायी रूप से सभी उड़ानों को सस्पेंड कर दिया है।
वक्फ कानून पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट वक्फ संशोधन एक्ट की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई करेगा। कुछ सप्ताह पहले सरकार ने शीर्ष अदालत के सवालों के मद्देनजर इस विवादास्पद कानून के दो मुख्य बिंदुओं के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी थी। केंद्र ने 17 अप्रैल को कोर्ट को सूचित किया था कि वह मामले की सुनवाई की अगली तारीख पांच मई तक ‘वक्फ बाय यूजर’ सहित अन्य वक्फ संपत्तियों को गैर-अधिसूचित नहीं करेगा, न ही केंद्रीय वक्फ परिषद और बोर्ड में कोई नियुक्तियां करेगा।

सुप्रीम कोर्ट वक्फ संशोधन एक्ट की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई करेगा। कुछ सप्ताह पहले सरकार ने शीर्ष अदालत के सवालों के मद्देनजर इस विवादास्पद कानून के दो मुख्य बिंदुओं के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी थी। केंद्र ने 17 अप्रैल को कोर्ट को सूचित किया था कि वह मामले की सुनवाई की अगली तारीख पांच मई तक ‘वक्फ बाय यूजर’ सहित अन्य वक्फ संपत्तियों को गैर-अधिसूचित नहीं करेगा, न ही केंद्रीय वक्फ परिषद और बोर्ड में कोई नियुक्तियां करेगा।
सरकार ने बिना पक्ष सुने रोक न लगाने की अपील की थी
केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के वी विश्वनाथन की बेंच से कहा था कि संसद द्वारा उचित विचार-विमर्श के बाद पारित कानून पर सरकार का पक्ष सुने बिना रोक नहीं लगाई जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहले से पंजीकृत या अधिसूचना के माध्यम से घोषित वक्फ संपत्तियों, जिनमें ‘वक्फ बाय यूजर’ भी शामिल है, को अगली सुनवाई की तारीख तक न तो छेड़ा जाएगा और न ही गैर अधिसूचित किया जाएगा।
अदालत ने जवाब दाखिल करने के लिए दिया था हफ्तेभर का समय
इसके बाद बेंच ने केंद्र को कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर प्रारंभिक जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया और मामले की अगली सुनवाई पांच मई के लिए तय की। सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच सोमवार को पांच याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। याचिकाओं के इस समूह में एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी द्वारा दायर एक याचिका भी शामिल है।
पांच अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलने के बाद केंद्र ने वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 को पिछले महीने अधिसूचित किया था। वक्फ संशोधन विधेयक को लोकसभा ने 288 सदस्यों के समर्थन से पारित किया, जबकि 232 सांसद इसके खिलाफ थे। राज्यसभा में इसके पक्ष में 128 और इसके खिलाफ 95 सदस्यों ने मतदान किया। कई राजनीतिक दलों, मुस्लिम संगठनों और एनजीओ ने अधिनियम की वैधता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
भारत से जंग हुई तो इंग्लैंड भाग जाऊंगा… बोले पाकिस्तानी सांसद
पहलगाम हमले के बाद भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान में खलबली मची है। पाकिस्तानी सांसद शेर अफजल खान मरवत ने युद्ध की स्थिति में इंग्लैंड भाग जाने की बात कहकर सनसनी फैला दी है।
पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली के सदस्य शेर अफजल खान मरवत ने एक रिपोर्टर के सवाल के जवाब में ये बात कही। जब मरवत से पूछा गया कि अगर भारत के साथ युद्ध शुरू होता है तो क्या वह बंदूक लेकर सीमा पर लड़ने जाएंगे। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि ‘अगर भारत के साथ जंग छिड़ती है तो मैं इंग्लैंड भाग जाऊंगा।’
मरवत का जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई यूजर कह रहे हैं कि पाकिस्तान के सांसदों को भी अपनी सेना पर भरोसा नहीं है। इसके बाद जब उनसे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर सवाल पूछा गया तो दिलचस्प जवाब दिया। क्या भारतीय प्रधानमंत्री मोदी को तनाव कम करने के लिए पीछे हट जाना चाहिए? रिपोर्टर के इस सवाल पर मरवत ने तंज कसते हुए कहा, क्या मोदी मेरी मौसी का बेटा है जो मेरे कहने पर पीछे हट जाएगा?
सिंह इज किंग…पंजाब ने लखनऊ को आसानी से रौंदा
पंजाब किंग्स ने आईपीएल 2025 में लखनऊ सुपर जायंट्स को एक बार फिर हरा दिया है। इकाना स्टेडियम में हुए मुकाबले को अपने नाम करने वाली पंजाब ने हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम पर 37 रनों से जीत हासिल की। पहले बैटिंग करते हुए श्रेयस अय्यर की टीम ने 5 विकेट पर 236 रन बनाए। जवाब में लखनऊ सुपर जायंट्स ने पावरप्ले में टॉप-3 बल्लेबाजों को विकेट खो दिए। अंत में टीम 199 रन ही बना सकी। पंजाब की यह 11 मैच में 7वीं जीत है और 15 पॉइंट के साथ टीम टेबल में दूसरे स्थान पर आ गई है। वहीं लखनऊ की 11 मैच में छठी हार है।

प्रभसिमरन सिंह शतक से चूके
पंजाब किंग्स के युवा सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह ने 91 रनों की पारी खेली। इस छोटे कद के बल्लेबाज ने शानदार शॉट्स लगाते हुए 48 गेंद की पारी में छह चौके और सात छक्के जड़े। उनके अलावा कप्तान श्रेयस अय्यर ने 45 रन और जोश इंग्लिस ने 30 रन का योगदान दिया। पंजाब के विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन आईपीएल में अपना दूसरा शतक बनाने से नौ रन से चूक गए जब दिग्वेश राठी की गेंद पर स्विच हिट ने उन्हें पवेलियन लौटा दिया।
अंत में शशांक सिंह ने 15 गेंद में नाबाद 33 रन बनाकर टीम को इस स्कोर तक पहुंचाया। पंजाब किंग्स की पारी में 16 छक्के जड़े थे जिसमें से 13 तेज गेंदबाजों पर लगे। मयंक यादव पर आधा दर्जन छक्के जड़े जिन्होंने अपने चार ओवर में 60 रन लुटाए। एलएसजी के लिए आकाश सिंह और दिग्वेश राठी ने दो दो विकेट हासिल किए। प्रिंस यादव को एक विकेट मिला।
एलएसजी ने अच्छी शुरुआत करते हुए प्रियांश आर्य (01) को पवेलियन भेज दिया जो बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आकाश सिंह की आउटस्विंगर पर डीप बैकवर्ड प्वाइंट पर मयंक यादव को आसान कैच दे बैठे। प्रभसिमरन शुरू में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज जोस इंग्लिस का अच्छा साथ निभा रहे थे जिन्होंने मयंक यादव की गेंदों पर छक्कों की हैट्रिक लगाई। इंग्लिस के आउट होने के बाद प्रभसिमरन ने कप्तान अय्यर के साथ मिलकर 7.5 ओवर में 78 रन की साझेदारी निभाई।
पावरप्ले में ही टॉप-3 बल्लेबाज आउट
इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी एलएसजी का शीर्ष क्रम विफल रहा जिसमें अर्शदीप (16 रन देकर तीन विकेट) की भूमिका अहम रही जिन्होंने पावरप्ले में तीन विकेट झटके। आयुष बदोनी (74 रन, 40 गेंद, पांच चौके, पांच छक्के) और अब्दुल समद (45 रन, 24 गेंद, दो चौके, चार छक्के) ने छठे विकेट के लिए 81 रन की भागीदारी निभाकर टीम को उबारने की कोशिश की। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और 20 ओवर में सात विकेट पर 199 रन ही बना सकी।
बदोनी ने अकेले दम पर मोर्चा संभाले रखा, लेकिन अंतिम ओवर में युजवेंद्र चहल (50 रन देकर एक विकेट) की गेंद पर आउट हुए और उन्होंने सुनिश्चित किया कि टीम का नेट रन रेट ज्यादा प्रभावित नहीं हो। पंजाब किंग्स को अर्शदीप ने शानदार शुरुआत कराई जिन्होंने तीसरे ही ओवर में मिचेल मार्श और ऐडन मारक्रम को आउट कर एलएसजी को दो झटके दे दिए। मार्श खाता भी नहीं खोल सके और डीप स्क्वायर लेग पर वढेरा के हाथों कैच आउट हुए।




