नई दिल्ली. केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डायरेक्ट टैक्स सिस्टम में बड़े बदलावों का ऐलान किया है. 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 पुराने 1961 के कानून की जगह लेगा. सरकार का दावा है कि इससे टैक्स नियम आसान होंगे, विवाद घटेंगे और रिटर्न फाइल करना आसान होगा. लेकिन आम लोगों के मन में सवाल यह है कि इन बदलावों से आम करदाता का बटुआ भरेगा या खाली रहेगा? आइए जानते हैं इनकम टैक्स से जुड़े 10 बड़े ऐलान.
Budget 2026 के 10 बड़े इनकम टैक्स बदलाव
1. विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए TCS घटा
लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा और मेडिकल खर्च के लिए भेजी जाने वाली रकम पर TCS 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी कर दिया गया है. यह राहत 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगी।
2. बिलेटेड रिटर्न वालों को संशोधन का ज्यादा वक्त
रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की समय-सीमा 9 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई है. हालांकि, बिलेटेड रिटर्न की डेडलाइन पहले जैसी ही रहेगी.
3. इक्विटी फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर STT बढ़ा
इक्विटी फ्यूचर्स पर STT 0.02% से बढ़कर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.1% से बढ़कर 0.15% हो गया है, जिससे F&O ट्रेडिंग महंगी होगी.
4. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के टैक्स नियम स्पष्ट
मैच्योरिटी तक रखे गए SGB पर कैपिटल गेन टैक्स छूट अब केवल उन्हीं निवेशकों को मिलेगी जिन्होंने बॉन्ड RBI के मूल इश्यू में खरीदे हों. सेकेंडरी मार्केट से खरीदे SGB पर टैक्स लग सकता है.
5. शेयर बायबैक पर फिर कैपिटल गेन टैक्स
बजट 2026 में शेयर बायबैक पर कैपिटल गेन टैक्स बहाल किया गया है. अब निवेशकों को केवल नेट प्रॉफिट पर टैक्स देना होगा, जिससे लंबी अवधि के निवेशकों को राहत मिलेगी.
6) 6 महीने की विदेशी संपत्ति डिस्क्लोजर स्कीम
एक बार की 6 महीने की स्कीम लाई गई है, जिसमें टैक्सपेयर बिना मुकदमे के विदेशी आय या संपत्ति घोषित कर सकते हैं. छोटे टैक्सपेयर, सैलरीड लोग, छात्र और NRI इसके दायरे में हैं.
7. ITR डेडलाइन पर स्पष्टता
ITR-1 और ITR-2 की डेडलाइन 31 जुलाई ही रहेगी. नॉन-ऑडिट मामलों में 31 अगस्त तक रिटर्न फाइल की जा सकेगी. रिवाइज्ड रिटर्न 31 मार्च तक मामूली चार्ज के साथ दाखिल होगी.
8. छोटे टैक्सपेयर को बड़ी राहत
अब छोटे टैक्सपेयर ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए लोअर या निल TDS सर्टिफिकेट ले सकेंगे. साथ ही, फॉर्म 15G/15H सीधे डिपॉजिटरी के जरिए कंपनियों तक पहुंचेगा.
9. क्रिप्टो न बताने पर सख्त जुर्माना
क्रिप्टो ट्रांजैक्शन रिपोर्ट न करने पर एक्सचेंजों पर 200 रुपये रोजाना का जुर्माना और गलत रिपोर्टिंग पर 50,000 रुपये तक पेनल्टी लगेगी.
10. NRI से प्रॉपर्टी खरीदना हुआ आसान
रेजिडेंट खरीदारों को अब NRI से प्रॉपर्टी खरीदते समय TAN लेने की जरूरत नहीं होगी. PAN के जरिए ही TDS कटौती संभव होगी, जिससे प्रक्रिया तेज और आसान होगी.





