‘दो लोग 160 सीटों की गारंटी दे रहे थे’, शरद पवार का सनसनीखेज दावा, फडणवीस ने क्या कहा?
राष्ट्रवादी पार्टी एसपी प्रमुख शरद पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी की ओर से लगाए गए चुनाव में धांधली के आरोपों का समर्थन किया है। उन्होंने केंद्रीय चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर भी संदेह जताया है। इस दौरान शरद पवार ने कहा कि हमारी आपत्ति चुनाव आयोग से है, इसलिए आयोग को भी जवाब देना चाहिए।
राष्ट्रवादी पार्टी एसपी प्रमुख शरद पवार ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी की ओर से लगाए गए चुनाव में धांधली के आरोपों का समर्थन किया है। उन्होंने केंद्रीय चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर भी संदेह जताया है। इस दौरान शरद पवार ने कहा कि हमारी आपत्ति चुनाव आयोग से है, इसलिए आयोग को भी जवाब देना चाहिए। बीजेपी या मुख्यमंत्री को इसमें शामिल होने की कोई जरूरत नहीं है। आयोग को दूध का दूध और पानी का पानी का फैसला करना चाहिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा है कि यह राहुल गांधी की बैठक का नतीजा है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा चुनाव को लेकर शरद पवार के सनसनीखेज दावे का भी खंडन किया। शरद पवार ने दावा किया था कि विधानसभा चुनाव से पहले दो लोग 160 सीटों की गारंटी दे रहे थे।
फडणवीस ने क्या कहा?
मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि पवार साहब को यह बात राहुल गांधी से मिलने के बाद ही क्यों याद आई। राहुल गांधी कई सालों से ईवीएम के बारे में बात करते रहे हैं। हालांकि, शरद पवार ने अब तक इस बारे में कभी कुछ नहीं कहा था। दरअसल, शरद पवार साहब ने कई बार स्पष्ट रुख अपनाया था कि ईवीएम को दोष देना गलत है। अब अचानक बोलने से राहुल गांधी की बैठक का नतीजा सामने आ रहा है। जिस तरह राहुल गांधी सलीम जावेद की कहानियां गढ़ रहे हैं और उनकी स्क्रिप्ट पर हर दिन काल्पनिक कहानियां सुना रहे हैं, क्या पवार साहब को भी ऐसी ही स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा है? मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा।
चुनाव आयोग के बुलाने पर कोई नहीं जाता
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि चाहे कितना भी भ्रम फैलाया जाए, भारत जैसे स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव कहीं नहीं होते। ये सभी समूह सार्वजनिक रूप से बोलते हैं, लेकिन चुनाव आयोग के बुलाने पर कोई नहीं जाता। वे चुनाव आयोग के सामने हलफनामा देने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उन्होंने संसद में शपथ ली है। हम हलफनामा नहीं देंगे। क्योंकि अगर हम अदालत को बता दें कि हमने संसद में शपथ ली है, तो क्या बात बनेगी?
विपक्ष पर निशाना
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी अदालती मामले में हलफनामा मांगा जा रहा है, तो आप हलफनामा क्यों नहीं देते? आपको पता है कि आप झूठ बोल रहे हैं, अगर आप इस झूठे हलफनामे में पकड़े गए, तो कल आपके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने यह भी तीखी टिप्पणी की कि ऐसे लोग हैं जो रोज़ झूठ बोलते हैं और भाग जाते हैं।





