अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

*बाबा वेंगा की भविष्यवाणी सच! क्या भारत पर भी ‘धरती की तीन तरंगे’ के तांडव का असर?*

Share

2011 में जापान में 9 की तीव्रता का भूकंप आया था तो उससे भीषण सुनामी आई थी। इससे पूरी दुनिया में करीब 20 देशों में जान-माल का नुकसान हुआ था। अब रूस में 8.8 की तीव्रता का भूकंप कितनी तबाही लाएगा, ये तो वक्त ही बताएगा। आइए-समझते हैं भूकंप के पीछे का खेल।

रूस में भीषण भूकंप आया है। यह सबसे खतरनाक है, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.7-8.8 तक बताई जा रही है। रूस के कमचटका प्रायद्वीप में आए इस भूकंप से अमेरिका से लेकर जापान तक सुनामी आने की चेतावनी जारी की गई है। अलास्का और कमचटका प्रायद्वीप में अमेरिका-रूस के परमाणु ठिकाने भी हैं। वहीं जापान में फुकुशिमा परमाणु संयंत्र को खाली करा लिया गया है। अगर जापान में सुनामी आती है तो जाहिर है उसका असर भारत के भी अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तक भी पड़ना स्वाभाविक है। एक दिन पहले ही इस क्षेत्र में भूकंप भी आया था। इस भूकंप से बुल्गारिया की भविष्यवक्ता बाबा वेंगा की वो खौफनाक भविष्यवाणी याद आ रही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2025-2026 के बीच धरती हिलेगी और लोगों को बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ेगा और भीषण भूकंप से विनाश यानी महाप्रलय की शुरुआत हो सकती है। बाबा वेंगा ने भयानक भूकंप और यूरोप में एक बड़े सैन्य संघर्ष की भविष्यवाणी भी की थी। जानते हैं भीषण भूकंप के पीछे त्रिदेवों का खेल समझते हैं।

निया में पहला सबसे भीषण भूकंप 1952 में आया था

USGS के अनुसार, भूकंप एक बहुत ही खतरनाक प्राकृतिक आपदा है। इसने दुनिया भर में बहुत नुकसान पहुंचाया है। 1960 में बायोबियो, चिली में 9.5 तीव्रता का भूकंप आया था। इसे वाल्डिविया भूकंप या ग्रेट चिली भूकंप भी कहा जाता है। यह अब तक का सबसे बड़ा भूकंप था। इसमें 1,655 लोग मारे गए और 20 लाख लोग बेघर हो गए। वहीं, 1952 में कामचटका क्राई, रूस में दुनिया का पहला रिकॉर्डेड 9 की तीव्रता का भूकंप आया था। इससे एक बड़ी सुनामी आई, जिसने हवाई द्वीप में 10 लाख डॉलर से ज्यादा का नुकसान किया। 2011 में तोहोकू, जापान में 9.1 की तीव्रता का ग्रेट तोहोकू भूकंप आया था। इस भूकंप और सुनामी से 15,000 से ज्यादा लोग मारे गए और 130,000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए।

भारत में अब तक का सबसे भीषण भूकंप यहां आया

भारत में अब तक का सबसे भीषण भूकंप अरुणाचल प्रदेश में आ चुका है। 1950 में रिक्टर स्केल पर 8.6 की तीव्रता के आए इस भूकंप को असम-तिब्बत भूकंप भी कहा जाता है। इस भूकंप से जोरदार कंपन हुई। जमीन में दरारें तक पड़ गईं और कई जगह भूस्खलन हुआ। इस भूकंप में 780 लोगों की जान चली गई।

भूकंप समझने के लिए पहले धरती की बनावट जानें

भूकंप को समझने के लिए सबसे पहले हमें धरती की बनावट को समझना होगा। हमारी पृथ्वी चार परतों से बनी हुई है। ये चार परतें हैं-इनर कोर, आउटर कोर, मैंटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैंटल कोर को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई भागों में बंटी होती है, जिसे टेक्टोनिक प्लेट्स भी कहा जाता है। पृथ्वी के अंदर 7 तरह की प्लेट्स होती हैं, जो भारी दबाव और तापमान की वजह से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेट्स बहुत ज्यादा जोर से हिलती हैं, तो हमें भूकंप के झटके महसूस होते हैं।

EARTHQUAKE

ये त्रिदेव भूकंप को बना देते हैं विनाशकारी

बड़े भूकंपों के पीछे त्रिदेव हैं यानी धरती की तीन तरंगे। भूकंप आने के पीछे ये तीन अलग-अलग प्रकार की भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं, जिनमें पी-तरंगें, एस-तरंगें और सतही तरंगें शामिल हैं। पी-तरंगें सबसे तेजी से यात्रा करती हैं और एक सनसनी पैदा करती हैं जो एक झटका या धमाके की तरह महसूस होती है। एस-तरंगें धीमी गति से चलती हैं। यह आमतौर पर लुढ़कने या झूलने वाली गति की तरह महसूस होती हैं। वहीं, सतही तरंगे केवल बड़े भूकंपों के दौरान ही पैदा होती हैं। पृथ्वी को एक ओर से दूसरी ओर हिला सकती हैं या समुद्री लहरों की तरह जमीन को हिला सकती हैं।

र स्केल क्या है, जिस पर मापे जाते हैं भूकंप

USGS के अनुसार, भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है। रिक्टर स्केल एक लॉगरिदमिक स्केल है, जिसका मतलब है कि रिक्टर स्केल पर हर एक अंक की बढ़ोतरी से भूकंप की तीव्रता 10 गुना बढ़ जाती है। उदाहरण के लिए, 6.0 तीव्रता का भूकंप 5.0 तीव्रता के भूकंप से दस गुना ज्यादा शक्तिशाली होता है।

भूकंप आने की क्या होती है बड़ी वजह

भूकंप के कई कारण हो सकते हैं। जब पृथ्वी के अंदर की ऊर्जा अचानक निकलती है, तब भूकंप आते हैं। मगर, सबसे बड़ा कारण टेक्टोनिक प्लेटों की गति है। टेक्टोनिक प्लेटें पृथ्वी की सतह को बनाने वाली बड़ी चट्टानें हैं। ये प्लेटें लगातार गतिमान रहती हैं और जब वे आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे से दूर जाती हैं, तो भूकंप आ सकता है। कुछ भूकंप मानव जनित हैं। टेक्टोनिक प्लेटों के अलावा, ज्वालामुखी के फटने, भूस्खलन, खदानों में विस्फोट, परमाणु परीक्षणों की वजह से भी भूकंप आ सकते हैं।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें