मध्यप्रदेश के बड़वानी में बीते दिनों वायरल हुए एक ऑडियो के मामले में आदिवासी संगठन ‘जयस’ ने गुरुवार को अपना विरोध दर्ज कराया। ‘जयस’ कार्यकर्ताओं ने जिला पंचायत में जमकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने पाटी जनपद सीईओ काजल ज्वाला और जिला पंचायत के अधिकारियों पर रिश्वत मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मैडम निर्माण कार्य में 8 प्रतिशत का कमीशन लेती हैं। वहीं अन्य अधिकारियों के द्वारा भी 10-10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। यही नहीं उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायती राज अधिनियम से हटकर कार्रवाई करते हुए सरपंचों को सुनवाई और प्रगतिरत कार्य पूर्ण करने के दौरान ही सुनवाई से एक दिन पूर्व सभी पर एफआईआर तक दर्ज करवा दी गई।
नाराज होकर आवेदन किया आग के हवाले
उन्होंने अपने विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़वानी जिला पंचायत सीईओ को हटाने की मांग मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव से की है। मांग पूरी नहीं होने पर भोपाल में आंदोलन की चेतावनी दी गई। इधर देर शाम तक भी कोई अधिकारी जिस कार्यकर्ताओं से आवेदन या ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे थे। इससे नाराज ‘जयस’ कार्यकर्ताओं ने अपने हाथ से ही आवेदन को आग के हवाले कर अपना रोश व्यक्त किया। इस दौरान आदिवासी संगठन जायस के सैकड़ों आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने जिला पंचायत के सामने ही सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि एसडीओपी दिनेश चौहान और वरिष्ठ अधिकारी की समझाईश के बाद जयस कार्यकर्ताओं ने रोड को क्लियर किया और वहां से उठकर अपना धरना खत्म किया।





