समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज से रिंकू सिंह ने हाल ही में सगाई की थी। सगाई के कुछ दिन बाद ही शुक्रवार को क्रिकेटर रिंकू सिंह को एक ही दिन में दो झटके लग गए हैं। पहले रिंकू सिंह को चुनाव आयोग ने मतदाता जागरूकता अभियान से हटा दिया। वहीं, अब बीएसए वाली फाइल रोक दी गई है। हालांकि, उनकी फाइल रोके जाने के पीछे रिंकू सिंह की शैक्षिक योग्यता को कारण बताया गया है।
लखनऊ:समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज से रिंकू सिंह ने हाल ही में सगाई की थी। सगाई के कुछ दिन बाद ही शुक्रवार को क्रिकेटर रिंकू सिंह को एक ही दिन में दो झटके लग गए हैं। पहले रिंकू सिंह को चुनाव आयोग ने मतदाता जागरूकता अभियान से हटा दिया। वहीं, अब बीएसए वाली फाइल रोक दी गई है। हालांकि, उनकी फाइल रोके जाने के पीछे रिंकू सिंह की शैक्षिक योग्यता को कारण बताया गया है।
एक माह पहले पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों में 11 खिलाड़ियों को नौकरी का ऑफर दिया था। इस ऑफर में क्रिकेटर रिंकू सिंह को बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर जॉइनिंग की स्वीकृति दी गई थी। स्वीकृति मिलने के बाद रिंकू से दस्तावेज मांगे गए थे। इस मामले में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि क्रिकेटर रिंकू सिंह की फाइल सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने रखी गई थी, लेकिन इस पद के लिए उनकी शैक्षिक योग्यता न होने के कारण ये फैसला लिया गया है। रिंकू सिंह की तैनाती इसी कारण से रोक दी गई है।
बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि शैक्षिक योग्यता की कमी के चलते रिंकू सिंह की फाइल रोक दी गई है। नौकरी की प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। आगे से जो भी निर्देश आएंगे, उससे अवगत कराया जाएगा। बता दें कि उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, बीएसए पद के लिए न्यूनतम पोस्ट ग्रेजुएट होना अनिवार्य है, जबकि रिंकू सिंह केवल आठवीं पास हैं। हालांकि, उनको ये नौकरी मिल जाती तो उन्हें सात साल के अंदर पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री हासिल करनी होती। जोकि तय समय में संभव नहीं था।





