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*सत्तादल एवं विपक्ष के नेताओं को चुनौती दे रहा भ्रष्टाचार में लिप्त कृषि अधिकारी*

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आर्थिक अपराध अनवेषण ब्यूरो में दर्ज है एफआईआर, चल रही जांच

 मण्डला। अदिवासी बाहुल्य मण्डला जिला भ्रष्टाचारी अधिकारियों के लिए शरणस्थली बन गई है। अन्य जिले में करोड़ों का घोटाला करके आओ और सतादल के नेता मंत्रियों को नजराना भेंट कर ऐसी जगह शरण ले लो जहां भ्रष्टाचारी सुरक्षित हो जायें। जिले में कुछ तकनीकी अधिकारी और कुछ हितग्राही मूलक योजनाओं का क्रियान्वयन करने वाले अधिकारी जिनकी छबि अन्य जिलों में ऐसी है कि जिम्मेदार अधिकारी अन्य जिले में स्थानांतरण कर पदस्थ करने में भी विचार करते हैं, लेकिन प्रदेश में बैठी भाजपा सरकार के मंत्री और उनके प्रमुख सचिव की अहम भूमिका से इन भ्रष्टाचारियों की नियुक्ति ऐसे जिले में कर योजनाओं में घोटाला करने के लिए बैठा दिया जाता है।

ऐसा ही एकनसुनवाई में फिर पहुंचा बीज घोटाले की जांच का मामलाः किसान रूपभान सिंह पाराशर आयु 35 वर्ष जाति राठौर ने मालवार को होने वाली जनसुनवाई में आवेदन देकर फिर से बीज घोटाले की जांच पर सवाल उठा दिये हैं। उन्होंने कहा है कि समनापुर विकासखण्ड में कृषि विभाग में बीज वितरण में हुये बीज घोटाले की जाँच रिपोर्ट जान बूझकर अधिकारियों द्वारा रोकी गई है उसे पुनः जांच कराई जाये। उन्होंने प्रशासन का ध्यान आकर्षण

अधिकारी मण्डला जिले के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग डिप्टी डायरेक्टर बनाकर बैठा दिया गया है। यह अधिकारी का कहना है कि भ्रष्टाचार से कमाये हुए कुछ हिस्से को कृषि मंत्री से लेकर प्रमुख सचिव तक भेजा जाता है इसलिए हम जैसे भ्रष्टाचारी अधिकारी कर्मचारियों पर कार्यवाही होना नामुकिन है। जबकि योजना में अधिकारी कर्मचारी द्वारा किये गये घोटाले की जांच के बाद ही आर्थिक अपराध शाखा में मामला दर्ज हुआ है। अब सवाल ये उठता है कि मण्डला के नेता अपने जिले में साफ छबि वाले अधिकारी की नियुक्ति कराने में भी पीछे हैं, कहीं किसानों का शोषण करने बाला भ्रष्टाचारी अधिकारी को इस जिले से भगाने में भी पीछे हैं।

कराते हुए कहा कि मेरे द्वारा जनवरी 2023 में जिले के सातों विकासखण्ड में कृषि विभाग में बीज वित्तरण में एंव कृषि विभाग में चल रहे समस्त योजना में किये गये भरस्टाचार एवं घोटाले की जांच कराए जाने के लिए आवेदन तत्कालीन कलेक्टर विकास मिश्रा के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया था। उक्त आवेदन के आधार पर तत्कालीन कलेक्टर द्वारा सातों विकासखण्ड में कृषि विभाग में हुए भष्टाचार एवं घोटाले की जांब के लिए टीम

गठित की गई थी गठित टीम के द्वारा मात्र समनापुर विकाष खण्ड में एक योजना बीज वितरण एन एफ एस एम टरफा योजना की जांच की गई। आवेदन में बताया गया कि उक्त जांच में वर्तमान कृषि विस्तार अधिकारी सकूँन धुर्वे ने स्पस्ट बयान जांच टीम को दिया कि तत्कालीन नोडल अधिकारी अभिलाषा चौरमिया एवं एच एस आद्वया के द्वारा मौखिक निर्देश देकर एवं दबाव बनाकर 900 रुपए

किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग मण्डला कार्यालय में पदस्थ डिप्टी डायरेक्टर अश्विनी झारिया एवं इनके और साथी कर्मचारियों के विरुद्ध मेरे द्वारा ईओडब्ल्यू में शिकायत की गई है। शिकायत की जांच करने के बाद ही एफआईआर दर्ज की गई है। यदि शिकायत फर्जी होती तो एफआईआर दर्ज नहीं होती। ये तो प्रदेश में भाजपा सरकार में कृषि मंत्री की मेहरबानी से मण्डला जिले में उच्च पद देकर पदस्त किया गया है। जबकि उक्त व्यक्ति के विरुद्ध आर्थिक अपराध शाखा में मामला दर्ज है। इसकी जानकारी विभाग के उच्चअधिकारी से लेकर मंत्री तक है। बावजूद इन्हें उच्च पद देकर जिले में पदस्थ करना ही इन सबकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठता है। मध्यप्रदेश सरकार के कृषि मंत्री भी नहीं चाहते कि किसानों की आय दोगुनी हो। हम किसान इन भरस्टाचारी अधिकारियों के शिकार होते रहते है।

रूप भान सिंह परासर (पीड़ित किसान)

30 किलो प्रति बोरी के हिशाव से बीज का विक्रय कराया गया एच एस अट्टया के द्वारा जांच में बयान में बताया गया कि उनके द्वारा सकून धुर्वे को 469.20 क्विंटल चना बेज वितरण हेतु दिया गया जबकि शकुन धुर्वे ने बताया कि उसे 255 क्लिंटल बीज प्राप्त हुआ है जिसे दवाव देकर 900 रुपए प्रति 30 किलो बोरी के हिशाव से विक्रय कराया गया है उक्त विक्रय से प्राप्त धन राशि 7.59,000 रुपए नगद एच एस अड्या के पास जमा किया गया है जिसकी पावती शकुन धुर्व के पास है। नियमानुसार प्रदत 255 क्विंटल का 340 प्रदर्शन होते हैं और कृषक अंश 775/-रू. एक प्रदर्शन 75 किलो चना बेज का बनता है इस हिसाब से कुल 2,63,500/-रु. जमा किया जाना चाहिये उक्त विक्रय राशि एवं जमा गशि से स्पष्ट है कि जिले के किसानों के साथ छलकपट कर उनसे अवैध वसूली कर उनसे विक्रय राशि ली गई है जिसमें विकासखण्ड से लेकर जिले तक के सभी पदाधिकारी मिले हुये है।

इनका कहना है

मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस ने विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। आम जनता किसान युवा महिलाएं इस सरकार से लगातार अपनी बात कह रहे हैं, लेकिन वे सरकार सुनने को तैयार नहीं है। सरकार अपनी वादा खिलाफी का ग्राफ लगातार बढ़ाते जा रही है। और सदन में झूठ पे झूठ बोले जा रही है। इसलिए विधान सभा परिसर में भैस के सामने बीन बजाकर प्रदर्शन किया। अपने क्षेत्र के जरूरी मुद्दों को लेकर शामिल होने पहुंचे हैं जहां वर्तमान भाजपा सरकार के खराब रवैये के चलते सभी कोंग्रेसियो को प्रदर्शन करना पड़ा। किसानों के लिए बनाई गई योजना में घोटला तो चल रहा है. वहीं अन्य योजनाओं का भी यहीं हाल है।

नारायण सिंह पट्टा,

कांग्रेस विधायक

Ramswaroop Mantri

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