“*पूरे शहर में कमीशनबाज़ी के चक्कर में खोदाई, स्मार्ट सिटी योजना करोड़ों के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी, सड़क दुर्घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि, सर्वत्र महा भ्रष्टाचार, बिना रिश्वत के कोई काम नहीं,बेतरतीब यातायात,शहर गड्ढों में तब्दील,दोनों समय पानी नहीं-पानी के बिलों की वसूली दोनों समय की,फर्जी बिलों में करोड़ों का भ्रष्टाचार,विभिन्न बेइंतहा करों (taxes) की जबरिया लूट, ध्वस्त क़ानून व्यवस्था, हत्या, आत्महत्या, गैंगरेप,ड्रग, सट्टे-जुओं के अड्डों से माहवारी,तस्करी, करोड़ों की सरकारी ज़मीनों पर क़ब्ज़े, ज़मीनों-मकानों,भूखंडों पर अवैध क़ब्ज़े,व्यापारियों- उद्योगपतियों से अनावश्यक अड़िबाज़ी,विभिन्न क़िस्म के माफियाओं-गुंडों-अपराधियों-हत्यारों-बलात्कारियों को अनैतिक संरक्षण इत्यादि इन सभी का अपराधी भी कौन है, सभी चुप्प क्यों, बताइएगा, माननीय “जनप्रतिनिधियों जी”…..![]()
“*मान. जनप्रतिनिधियों जी, उक्त “अभिशप्तता” आप लोगों की ही “अकर्मण्यता, निकम्मेपन के कारण शहर की पहचान में तब्दील होती जा रही है,यदि जनप्रतिनिधि सक्रिय, मानसिक -शैक्षणिक रूप से समृद्ध, शहर और नागरिकों के प्रति सकारात्मक सोच रखने वाले होंगे तो आपको अपनी ही पार्टी की बैठक में “विधवा विलाप” करने की आवश्यकता नहीं होगी*”…..![]()
“*कृपाकर इंसानों के चलने लायक़ सड़कों, अवैध निर्माणों,उचित पार्किंग,पार्किंगों/पैदल चलने वाले पथों पर क़ब्ज़े, ई-रिक्शा के लिए बनाये गये नियमों/ कानूनों के परिपालन आदि को लेकर भी आप अपनी पार्टी की बैठकों में एकजुटता दिखाइए, कुछ शुरुआत तो करनी ही होगी*”…..![]()





