इंदौर । निगमायुक्त व निगम के जोनल अधिकारियों द्वारा स्थानीय मंत्री की अनसुनी किए जाने से नाराज मंत्री के कोप का कहर निगम पर गिरने लगा है। इसके चलते एक साथ तीन जोनल अधिकारियों की इंदौर से रवानगी हो गई है। इनको बचाने का निगमायुक्त ने भरसक प्रयास किया, लेकिन उनके सभी प्रयास विफल साबित हुए।
नगर निगम के अफसरों द्वारा नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की उपेक्षा करना भारी पडने लगा है। हाल ही में मंत्री के फोन करने के बाद भी भवन अधिकारी ने बिल्डिंग तोड़ दी। इस मामले में मंत्री ने निगमायुक्त की कार्यप्रणाली पर सार्वजनिक मंच से निशाना साधा था। इसके बाद मंत्री के कोप की गाज निगम अफसरों पर गिरना शुरू हो गई है। इसके चलते ही शासन ने तीन जोनल अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर दिए।
इनमें निगम जोन 10 के जोनल अधिकारी व भवन अधिकारी शैलेंद्र मिश्रा का तबादला सिंगरौली, निगम जोन 13 के जोनल अधिकारी व भवन अधिकारी अंकेश बिरथरिया का तबादला देवास और निगम जोन 16 के जोनल अधिकारी व
कुर्सी का दिखा असर; बात नहीं करते, फोन भी नहीं उठाते
बताया जाता है कि निगमायुक्त शिवम वर्मा द्वारा भवन निरीक्षक से भवन अधिकारी बनाने के साथ ही जोनल अधिकारी बनाए गए अंकेश बिरथरिया और शैलेंद्र मिश्रा पर कुर्सी मिलने का असर इस कदर हावी हुआ कि उन्होंने आमजन से 1 बात करना ही बंद कर दिया। लोग फोन करते शिकायत लेकर पहुंचते तो यह बात नहीं करते और फोन तक नहीं उठाते थे। इन अफसरों ने अपनी कमाई के लिए नियम विरुद्ध नक्शे पास कर अवैध निर्माण को बढ़ावा दिया। इन दोनों अफसरों का एक ही टारगेट रहा कि निगमायुक्त की चापलूसी में कमी नहीं होनी चाहिए। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण निगमायुक्त के जन्मदिन पर दिखा जब दोनों अफसर फोटो लेकर निगमायुक्त को बधाई देने उनके निवास पहुंच गए।
भवन अधिकारी दीपक गरगटे का तबादला मुरैना किया गया है। इन तबादलों से निगम में हड़कंप मच गया है। निगमायुक्त शिवम वर्मा के चहेतों में शामिल यह तीनों अफसरों का तबादला रुकवाने का निगमायुक्त ने भरसक प्रयास किया, लेकिन मंत्री के आगे वह बेबस हो गए।
अफसरों के फूलने लगे हैं हाथपांव… नगर निगम में अफसरों के तबादलों से चचर्चाएं शुरू हो गई है कि मंत्री ने पहले हमले में ही तीन अफसरों को इंदौर से रवानगी दे दी है। इसके बाद अभी कई नाम बाकी है, जिनकी रवानगी होना तय माना जा रहा है। सूत्रों की माने तो निगम अफसरों पर
गिरने वाली गाज की स्क्रिप्ट एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर ने लिखी है। कई बार ऐसे मामले हुए जब उन्होंने इन अफसरों को काम बताए, लेकिन अफसरों ने निगमायुक्त का हवाला देकर काम नहीं किया।
अब जब खुद मंत्री के फोन को अनसुना कर दिया गया, तो राठौर ने मौके पर ही कुछ अफसरों को हटाने की बात मंत्री से कह दी। इसके चलते ही तीन जोनल अधिकारियों की इंदौर से रवानगी हो गई। कहा जा रहा है जल्द ही कुछ और आदेश जारी हो सकते हैं। इससे सभी अफसरों के हाथपांव फूलने लगे है





