क्या भारत पर भारी भरकम टैरिफ लगाने जा रहे ट्रंप?
डोनाल्ड ट्रंप ने 9 जुलाई की टैरिफ डेडलाइन पर फिर गोलमोल बात कर दी है। ट्रंप ने एक साथ दो बातें कही हैं। पहले कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते करने के लिए 9 जुलाई की डेडलाइन बढ़ानी पड़ेगी। अगर समझौते नहीं हुए तो उन देशों पर ज्यादा टैक्स लगेगा। ट्रंप ने फिर कर दी गोलमोल बात, 9 जुलाई की पिक्चर अभी धुंधली, भारत का क्यों लिया अलग से नाम?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 जुलाई की टैरिफ डेडलाइन पर फिर गोलमोल बात कर दी है। ट्रंप ने एक साथ दो बातें कही हैं। पहले कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते करने के लिए 9 जुलाई की डेडलाइन बढ़ानी पड़ेगी। अगर समझौते नहीं हुए तो उन देशों पर ज्यादा टैक्स लगेगा। इसके बाद यह भी बोल दिया कि वह ऐसा कर सकते हैं। इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के ‘संडे मॉर्निंग फ्यूचर्स’ कार्यक्रम में मारिया बार्टिरोमो के साथ इंटरव्यू में यह बात कही। यह इंटरव्यू शुक्रवार को रिकॉर्ड किया गया था। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि मुझे इसकी जरूरत पड़ेगी।’ फिर उन्होंने जोड़ा, ‘मैं कर सकता हूं, कोई बड़ी बात नहीं है।’ ट्रंप ने बताया कि भारत उन देशों में से एक है जो समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हो सकता है। यह भारत के नजरिये से काफी मायने रखता है।
ट्रंप के इस बयान से पहले शुक्रवार को उन्होंने कहा था कि प्रशासन समय सीमा के साथ जो चाहे वो कर सकता है। इसमें समय सीमा को बढ़ाना या कम करना शामिल है। उन्होंने शुक्रवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में संवाददाताओं से कहा, ‘मैं इसे छोटा करना चाहूंगा। मैं सभी को पत्र भेजना चाहूंगा, ‘बधाई हो, आप 25% टैक्स दे रहे हैं।’
इस साल की शुरुआत में ट्रंप और उनके सलाहकारों ने बातचीत के लिए बड़ी योजनाएं बनाई थीं। उन्होंने बार-बार कहा है कि वे व्यापार घाटे को कम करने और बाधाओं को हटाने के लिए कई देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं।
वित्त मंत्री भी जता चुके हैं डेडलाइन पर संदेह
शुक्रवार को अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने समय सीमा पर संदेह जताया था। उन्होंने कहा था कि देश बहुत अच्छे सौदों के साथ हमारे पास आ रहे हैं। लेकिन, हो सकता है कि टैक्स लागू होने की तारीख तक सभी सौदे पूरे न हों।
यह भी साफ नहीं है कि प्रशासन जिन व्यापार समझौतों को सुरक्षित करना चाहता है, वे कितने व्यापक होंगे। ट्रंप ने ब्रिटेन के साथ जिस समझौते को व्यापक बताया है, उसमें भी कई महत्वपूर्ण मुद्दे अनसुलझे हैं। हाल ही में चीन के साथ हुए समझौते में भी फेंटेनल की तस्करी और अमेरिका के निर्यातकों की चीनी बाजारों तक पहुंच को लेकर सवाल बने हुए हैं।
ट्रंप ने संकेत दिया है कि भारत एक ऐसा देश है जो समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हो सकता है। पिछले हफ्ते भारतीय व्यापार अधिकारियों की एक टीम ने वाशिंगटन में अधिकारियों के साथ बैठक की। भारत के लिए ट्रंप का बयान काफी महत्वपूर्ण है।
जुलाई 9 की डेडलाइन का महत्व
टैरिफ का खतरा: अमेरिका ने 2 अप्रैल को कई देशों पर ‘जवाबी टैरिफ’ (रेसिप्रोकल टैरिफ) लगाए थे, जिसमें भारत पर 26% अतिरिक्त शुल्क शामिल था। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने इन टैरिफ को 9 जुलाई तक के लिए निलंबित कर दिया था ताकि देशों को व्यापार समझौते पर बातचीत करने का समय मिल सके।
दबाव की रणनीति: ट्रंप का यह कहना कि वह डेडलाइन को बढ़ाने की उम्मीद नहीं करते हैं, भारत पर एक समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के लिए एक स्पष्ट दबाव की रणनीति है। अगर 9 जुलाई तक कोई डील नहीं होती है तो भारतीय निर्यात पर ये 26% अतिरिक्त टैरिफ फिर से लग सकते हैं, जिससे भारतीय वस्तुओं का अमेरिकी बाजार में महंगा होना और निर्यातकों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाएगा।
‘डील के करीब’ होने का संकेत
सकारात्मक संकेत, लेकिन सतर्कता जरूरी: ट्रंप का यह कहना कि भारत एक समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हो सकता है, एक सकारात्मक संकेत है कि दोनों पक्षों के बीच प्रगति हुई है। पिछले हफ्ते भारतीय व्यापार अधिकारियों के वाशिंगटन में बैठकें करना भी इस बात की पुष्टि करता है।
‘ओपन अप इंडिया’ की अमेरिकी मांग: ट्रंप ने पहले भी कहा है कि वह भारत को ‘खोलना’ चाहते हैं, जिसका मतलब है कि अमेरिका भारतीय बाजार में अपने उत्पादों और सेवाओं (जैसे कृषि उत्पाद, डेयरी, मेडिकल उपकरण, ऑटोमोबाइल, ई-कॉमर्स, डिजिटल सेवाएं) के लिए अधिक पहुंच चाहता है। भारत को इन क्षेत्रों में रियायतें देने पर दबाव का सामना करना पड़ेगा।
भारत के लिए प्रमुख चुनौतियां
कृषि और डेयरी: भारत के लिए सबसे संवेदनशील क्षेत्र कृषि और डेयरी हैं। अमेरिका जेनेटकली मॉडिफाइड (जीएम) फसलों और डेयरी उत्पादों के लिए अधिक बाजार पहुंच चाहता है। भारत खाद्य सुरक्षा और अपने लाखों किसानों की आजीविका की रक्षा के लिए इन क्षेत्रों में रियायतें देने का पुरजोर विरोध कर रहा है।
टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाएं: भारत अमेरिका से स्टील, ऑटोमोबाइल और फार्मास्यूटिकल्स पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ से छूट चाहता है। साथ ही व्यापार में अन्य गैर-टैरिफ बाधाओं को भी कम करना चाहता है।
एमएसएमई और आईपीआर: छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) और बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) से संबंधित मुद्दे भी बातचीत के महत्वपूर्ण बिंदु हैं।
संतुलन साधना: भारत को एक तरफ अमेरिकी बाजार तक पहुंच बनाए रखने और संभावित टैरिफ से बचने के लिए एक डील करने की जरूरत है। वहीं दूसरी तरफ उसे अपने घरेलू उद्योगों और नीतिगत संप्रभुता की रक्षा भी करनी होगी।
‘मिनी-डील’ की संभावना
कई विश्लेषकों का मानना है कि दोनों पक्ष एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते के बजाय एक सीमित दायरे के ‘मिनी-डील’ पर सहमत हो सकते हैं। इस मिनी-डील में कुछ औद्योगिक उत्पादों (जैसे ऑटोमोबाइल पर भारत की ओर से शुल्क कम करना) और सीमित कृषि उत्पादों (जैसे बादाम, सेब, शराब पर शुल्क में कमी) पर रियायतें शामिल हो सकती हैं, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों को अभी भी संरक्षित रखा जा सकता है।
बड़ी खरीद: समझौते में भारत की ओर से अमेरिका से बड़ी मात्रा में तेल, एलएनजी, वाणिज्यिक विमान और परमाणु ऊर्जा उपकरण खरीदने के रणनीतिक समझौते भी शामिल हो सकते हैं। इससे अमेरिका का व्यापार घाटा कम हो सकेगा।
2. पाक आर्मी के तीन ब्रिगेडियर चोर रास्ते से पहुंचे ढाका
बांग्लादेश में पाकिस्तान की सेना का दखल लगातार बढ़ रहा है। पाकिस्तानी सेना के अफसर गुपचुप ढाका पहुंच रहे हैं और संवेदनशील आर्मी ठिकानों का दौरा कर रहे हैं। पाकिस्तानी आर्मी के तीन और ब्रिगेडियरों के बांग्लादेश पहुंचने की बात सामने आई है। ये तीनों ब्रिगेडियर रविवार को बेहद सीक्रेट तरीके से ढाका पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि ये तीनों अफसर रामू छावनी का दौरे करने के लिए ढाका आए हैं।

बांग्लादेश में पाकिस्तान की सेना का दखल लगातार बढ़ रहा है। पाकिस्तानी सेना के अफसर गुपचुप ढाका पहुंच रहे हैं और संवेदनशील आर्मी ठिकानों का दौरा कर रहे हैं। पाकिस्तानी आर्मी के तीन और ब्रिगेडियरों के बांग्लादेश पहुंचने की बात सामने आई है। ये तीनों ब्रिगेडियर रविवार को बेहद सीक्रेट तरीके से ढाका पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि ये तीनों अफसर रामू छावनी का दौरे करने के लिए ढाका आए हैं। कॉक्स बाजार स्थित बांग्लादेश आर्मी का ये हेडक्वार्टर म्यांमार में गृहयुद्ध के चलते चर्चा में है। बांग्लादेशी आर्मी के इस बेस से कथित तौर पर म्यांमार में जुंटा शासन से लड़ रहे विद्रोही गुट अराकान आर्मी को मदद पहुंचाई जा रही है।
नॉर्थईस्ट न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि रविवार शाम को ढाका के शाह जलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यूएई की फ्लाइट से पाक आर्मी के तीन लोग उतरे। एयरपोर्ट ये इनको ढाका के अधिकारी रेडिसन ब्लू होटल ले गए, जहां विशेष लोगों को ठहराया जाता है। ये तीनों लोग पाकिस्तान आर्मी मेडिकल कोर के अफसर हैं। इनके नाम ब्रिगेडियर जनरल नदीम अहमद, ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद तल्हा और ब्रिगेडियर जनरल साऊद अहमद राव हैं। तीनों पाकिस्तानी अफसर बांग्लादेश की सेना के निमंत्रण पर ढाका आए हैं।
पाकिस्तान के इन तीनों अफसरों के पासपोर्ट की वैधता एक वर्ष के लिए है, जिससे पता चलता है कि वे किसी खास उद्देश्य के लिए जारी किए गए हैं। खास बात यह है कि ये तीनों अधिकारी बांग्लादेश सेना के कॉक्स बाजार स्थित रामू 10वें इन्फैंट्री डिवीजन हेडक्वार्टर का दौरा करेंगे। एक बांग्लादेशी सेवानिवृत्त मेजर जनरल ने कहा कि ये तीनों पाक अफसर निश्चित रूप से अंडर कवर हैं। अगर ऐसा नहीं है तो फिर ये रामू छावनी का दौरा क्यों कर रहे हैं।
रामू छावनी को इस साल अप्रैल से के बाद से अति-संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठान में बदल दिया गया है। माना जा रहा है कि यह हेडक्वार्टर अराकान आर्मी को रसद और दूसरी मदद पहुंचाने के लिए बांग्लादेश सेना का केंद्र बना हुआ है। अमेरिका के इशारे पर बांग्लादेश आर्मी म्यांमार के रखाइन में अराकान आर्मी को मदद भेज रही है। पाक आर्मी के ये अफसर 5 जुलाई को वापस दुबई के रास्ते वापस पाकिस्तान लौटेंगे।
ढाका में पैर जमा रही पाक सेना
पाकिस्तान और बांग्लादेश के रिश्ते ऐतिहासिक तौर पर बहुत अच्छे नहीं रहे हैं। हालांकि बीते 10 महीनों में दोनों देशों के रिश्ते तेजी से सुधरे हैं। बीते साल अगस्त में मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार की कमान संभालने के बाद पाकिस्तान को बांग्लादेश में दखल की पूरी इजाजत दे दी है। पाकिस्तान की आर्मी और खुफिया एजेंसी ISI के लोग लगातार ढाका का दौरा कर रहे हैं।
यूपी में ओबीसी या दलित के सवाल पर उलझन
जल्द से जल्द नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम तय करने के लिए भाजपा ने कई प्रदेशों के नए अध्यक्ष तय करने के लिए बीते दो दिनों से जबर्दस्त माथापच्ची हो रही है। अब तक इस क्रम में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड समेत आठ राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय करने के लिए बैठकों का दौर जारी है।

पार्टी की योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बुधवार से शुरू हो रही पांच देशों की आठ दिवसीय विदेश यात्रा और शुक्रवार से हो रही संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारकों की बैठक से पूर्व राज्यों के अध्यक्षों के नाम पर अंतिम सहमति बनाने की है। इस बीच नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए पार्टी और संघ के बीच जारी गतिरोध खत्म नहीं हुआ है। पार्टी चाहती है कि इस संबंध में भी प्रांत प्रचारकों की बैठक से पूर्व आम सहमति की स्थिति कायम हो जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव बिहार विधानसभा चुनाव तक टल सकता है। गौरतलब है कि बिहार में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं।
यूपी में इन चेहरों पर चर्चा
पार्टी की रणनीति उत्तर प्रदेश में बतौर प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी या दलित चेहरे को मौका देने की है। चूंकि बीते लोकसभा चुनाव में इन दोनों ही वर्ग के वोट बैंक छिटके हैं, ऐसे में पार्टी यह तय नहीं कर पा रही है कि वर्तमान परिस्थितियों में किस वर्ग पर दाव लगाया जाए। फिलहाल जिन चेहरों पर चर्चा हुई है उनमें दलित बिरादरी के पूर्व केंद्रीय मंत्री रमाशंकर कठेरिया, सांसद विद्यासागर सोनकर, जबकि ओबीसी वर्ग से लोध बिरादरी के योगी सरकार में मंत्री धर्मपाल सिंह, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, सांसद बाबूराम निषाद, पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन शामिल हैं। इस संबंध में केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश के नेताओं से भी राय ली है।
जल्द सहमति नहीं तो लंबा खिंचेगा चुनाव
अगर पीएम के विदेश दौरे और संघ के तीन दिवसीय प्रांत प्रचारकों की बैठक में इन विषयों पर सहमति नहीं बनी तो राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव ही नहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव भी बिहार विधानसभा चुनाव तक टल सकता है। किन राज्यों पर किन चेहरों को मिल सकता है मौका? पश्चिम बंगाल में पार्टी ममता बनर्जी के खिलाफ महिला चेहरा को मौका देना चाहती है। इसके लिए सांसद लॉकेट चटर्जी, अग्निमित्रा पॉल के नाम पर चर्चा हुई है। हालांकि शमित भट्टाचार्य भी इस पद की दौड़ में हैं। कर्नाटक में बीवाई विजयेंद्र की जगह सीटी रवि या सुनील कुमार को, महाराष्ट्र में वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष रविंद्र चव्हान को मौका दिए जाने की संभावना है। मध्यप्रदेश में इस पद के लिए अलग-अलग चार नामों पर मंथन हुआ है। इनमें एससी वर्ग के लालसिंह आर्य, प्रदीप लारिया, एसटी वर्ग के फग्गन सिंह कुलस्ते, सुमेर सोलंकी के नाम शामिल हैं।
नड्डा के उत्तराधिकार पर अब भी यक्ष प्रश्न
राष्ट्रीय अध्यक्ष के सवाल पर संघ और भाजपा के बीच अब तक सहमति नहीं बन पाई है। इसका कारण संघ की लगाई गई शर्त है। संघ चाहता है कि क्षेत्र, जाति या राजनीतिक संदेश के मोह में पड़ने के बदले भाजपा इस पद की जिम्मेदारी ऐसे वरिष्ठ नेता को दे जो संगठन और सरकार के बीच एक स्पष्ट रेखा खींचने के साथ संगठन को मजबूती देने में सक्षम हो। इसके अलावा संघ भविष्य की राजनीति के लिए इसी आधार पर सरकार और केंद्रीय संगठन में भी बदलाव की रूपरेखा तैयार करना चाहता है।
संविधान की प्रस्तावना पर टिप्पणी मामले में दत्तात्रेय होसबाले के खिलाफ युवा कांग्रेस ने की शिकायत
भारतीय युवा कांग्रेस (आईवीसी) की कर्नाटक इकाई के लीगल सेल ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले के खिलाफ शेषाद्रिपुरम पुलिस स्टेशन में शिकायत दी। होसबाले ने संविधान की प्रस्तावना में शामिल समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्दों पर पुनर्विचार और इन्हें हटाने की मांग की थी।
शिकायत आईवीसी लीगल सेल के अध्यक्ष श्रीधर, सह-अध्यक्ष समृद्ध हेगड़े और अन्य पदाधिकारियों और वकीलों की ओर से दी गई। शिकायत में 26 जून को आपातकाल की याद में आयोजित एक सार्वजनिक सभा में होसबले की टिप्पणी का उल्लेख है। श्रीधर ने शिकायत के साथ संलग्न पत्र में कहा, होसबाले ने खुले तौर पर कहा कि संविधान की प्रस्तावना में समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्दों पर पुनर्विचार और इन्हें हटाने की जरूरत है। पत्र में कहा गया है कि सांविधानिक मूल्यों को सार्वजनिक रूप से कमजोर करने के प्रयासों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यह स्पष्ट संदेश देना जरूरी है कि कोई भी संविधान से ऊपर नहीं है, और सांविधानिक सिद्धांतों को तोड़ने की सार्वजनिक वकालत करने वालों को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
बंगलूरू: महिला का शव बोरे में भरकर कचरा ट्रक में फेंका
कर्नाटक पुलिस ने कचरे के ट्रक में बोरी में भरा एक महिला का शव बरामद किया है। शव चेन्नम्मानकेरे अचुकट्टू पुलिस स्टेशन की सीमा में मिला। मृतक की उम्र 30 से 35 साल के बीच बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि शव को बांधकर बोरी में भर दिया गया था और संभवत: शनिवार रात से रविवार सुबह के बीच किसी समय उसे कचरा ट्रक में फेंका गया होगा। आस-पास के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को संदेह है कि शव को ऑटो-रिक्शा में घटनास्थल पर ले जाया गया होगा। रविवार की सुबह कूड़ा फेंकने आए एक व्यक्ति को बोरी देखकर संदेह हुआ और उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और शव को बरामद किया। हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है तथा इसमें शामिल लोगों की पहचान करने तथा हत्या के मकसद का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

फोर्डो के अंदर मक्खन की तरह घुसे बंकर बस्टर बम’, ईरान में अमेरिकी हमलों पर ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि कैसे अमेरिका के बंकर बस्टर बम ईरान के फोर्डो परमाणु ठिकाने में मक्खन की तरह धंस गए। उन्होंने कहा कि ईरान फोर्डो के प्रवेश द्वार को बंद करने की कोशिश कर रहा थे, लेकिन अमेरिका के बंकर बस्टर बम उसमें से ऐसे गुजरे, जैसे बिल्कुल मक्खन हो।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर कैसे हमला किया। उन्होंने बताया कि अमेरिका के बी-2 स्टील्थ फाइटर जेट से गिराए गए बंकर बस्टर बम ईरान के फोर्डो परमाणु स्थल में बिल्कुल मक्खन की तरह घुस गए।
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान फोर्डो के प्रवेश द्वार को बंद करने की कोशिश कर रहा था, जहां बम के जाने की सबसे अधिक संभवाना थी। लेकिन अमेरिका के बंकर बस्टर बम उसमें से ऐसे गुजरे, जैसे वह बिल्कुल मक्खन हो।
ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से नष्ट हुआ
ट्रंप ने बताया कि 22 जून को अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों- फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत हमला किया। उन्होंने एक बार फिर दावा किया कि अमेरिकी हमलों से ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से नष्ट हो गया।
बंकर बस्टर बमों ने फोर्डो को चट्टान के ढेर में बदला
फोर्डो को ईरान का सबसे गोपनीय और मजबूत परमाणु केंद्र माना जाता था। यह एक पहाड़ के नीचे बनाया गया था ताकि दुश्मनों के हमले से बचाया जा सके। लेकिन ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के बंकर बस्टर बमों ने इस ठिकाने को चट्टानों के ढेर में बदल दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमले से पहले साइट से अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को नहीं हटाया गया था, यह दावा इस्राइली अधिकारियों ने न्यूयॉर्क टाइम्स से किया था। ट्रंप ने कहा, ‘यह बहुत मुश्किल काम था। बहुत खतरनाक था। लेकिन हमने चुपचाप किया ताकि उन्हें पता न चले कि हम आ रहे हैं।’
ईरान-इस्राइल में बढ़ते संघर्ष के बीच चलाया ऑपरेशन मिडनाइट हैमर
ऑपरेशन मिडनाइट हैमर तब चलाया गया, जब ईरान और इस्राइल के बीच संघर्ष लगातार बढ़ रहा था। दोनों देश 13 जून से एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे थे। अमेरिका ने दावा किया कि उसने तेहरान को यूरेनियम संवर्धन बंद करने के लिए अल्टीमेटम दिया था। लेकिन ईरान ने ऐसा नहीं किया, जिसके चलते अमेरिका ने हमले किए। इसके लिए अमेरिका ने खतरनाक बमों और मिसाइलों का इस्तेमाल किया, जैसे कि GBU-57 बंकर बस्टर और टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें।
ट्रंप ने दावा किया हमलों से दशकों पीछे चला गया ईरान का परमाणु कार्यक्रम
ट्रंप ने हमले के एक दिन बाद कहा कि अमेरिकी हमले से ईरान का परमाणु कार्यक्रम दशकों पीछे चला गया है। लेकिन संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी के प्रमख राफेल ग्रॉसी ने कहा कि ईरान शायद कुछ ही महीनों में फिर से यूरेनियम बनाना शुरू कर सकता है।
कनाडा के साथ अमेरिका की व्यापार वार्ता पर भी बात की
डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यक्रम में कनाडा के साथ अमेरिकी व्यापार वार्ता पर भी बात की। उन्होंने कहा कि कनाडा के साथ अमेरिका की व्यापार वार्ता तब तक रोक दी जाएगी, जब तक कि वे कुछ करों को कम नहीं कर देते। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि टिकटॉक के लिए एक खरीदारों का समूह तैयार हो गया है। उन्होंने कहा कि अगले दो सप्ताह में इन खरीदारों के नाम बता दिए जाएंगे। उन्होंने बस इतना कहा कि ये ‘बहुत अमीर लोग’ हैं।

ट्रंप बोले- नौ जुलाई के बाद नहीं मिलेगी टैरिफ से राहत, अमेरिका से सौदा न करने वाले देश को देना होगा टैक्स
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि नौ जुलाई के बाद वह अधिकांश देशों पर टैरिफ पर 90 दिवसीय रोक को बढ़ाने की योजना नहीं बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद, अगर कोई देश अमेरिका के साथ सौदा नहीं करता है, तो उसे टैरिफ देना होगा।
ट्रंप ने रविवार (स्थानीय समयानुसार) को प्रसारित एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका समय सीमा समाप्त होने से पहले देशों को पत्र भेजेगा, जिसमें लिखा होगा कि हम आपको अमेरिका में खरीदारी करने की अनुमति दे रहे हैं, आपको 25, 35, 50 या 10 फीसदी टैरिफ देना होगा। उन्होंने कहा, ‘हम देखेंगे कौन-सा देश हमें अच्छा या बुरा ट्रीट करता है। कुछ देशों से हमें फर्क नहीं पड़ता, उन्हें बस ज्यादा टैक्स देना होगा।’
90 दिनों में 90 व्यापार सौदे करने का लक्ष्य
ट्रंप ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में आयोजित एक समाचार सम्मेलन में समय-सीमा को कम करके आंका था। उन्होंने माना कि हर देश के साथ अलग-अलग डील करना आसान नहीं है, लेकिन उनके प्रशासन की कोशिश है कि 90 दिनों में 90 व्यापार सौदे किए जाएं। हालांकि, उन्होंने कहा कि दुनिया में करीब 200 देश हैं और हर किसी से बात करना मुश्किल है।
ट्रंप ने टिकटॉक सौदे को लेकर भी की बात
साक्षात्कार के दौरान ट्रंप ने टिकटॉक सौदे, चीन के साथ संबंध, ईरान पर हमलों और अपने आव्रजन दमन पर भी बात की। ट्रंप ने बताया कि एक अमीर लोगों का समूह टिकटॉक को खरीदना चाहता है, जिसका स्वामित्व चीनी कंपनी बाइटडांस के पास है। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास एक खरीदार है। शायद हमें चीन की मंजूरी लेनी होगी, और मुझे लगता है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग मंजूरी दे देंगे।’ हालांकि, इस दौरान ट्रंप ने निवेशकों के बारे में कोई विवरण नहीं दिया, उन्हें बहुत अमीर लोगों का समूह बताया। जब उनसे और जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा, ‘मैं आपको दो सप्ताह में बताऊंगा।’
ट्रंप ने टिकटॉक को 90 दिन चालू रखने का दिया था आदेश
इस महीने की शुरुआत में, ट्रंप ने टिकटॉक को अमेरिका में 90 दिनों तक चालू रखने का आदेश दिया था, ताकि डील पूरी हो सके। इससे पहले उन्होंने टिकटॉक को चालू रखने के लिए दो बार समयसीमा बढ़ाई थी।
ट्रंप का दावा- हमलों से ईरान के परमाणु ठिकाने पूरी तरह नष्ट हुए
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। उनका कहना है कि ईरान कुछ ही हफ्तों में परमाणु हथियार बना सकता था, लेकिन अमेरिकी हमलों ने उनकी योजना को रोक दिया। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने ट्रंप की बातों को झूठ और बढ़ा-चढ़ाकर कही गईं बातें बताया। उन्होंने कहा कि उनका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ शांतिपूर्ण कामों के लिए है, और उनका यूरेनियम संवर्धन जारी रहेगा।
खुफिया रिपोर्ट लीक करने वाले पर चलाया जाना चाहिए मुकदमा
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान पर अमेरिकी हमलों ने उसकी परमाणु सविधाओं को नष्ट कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिसने भी प्रारंभिक खुफिया रिपोर्ट लीक की है, जिसमें कहा गया है कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को केवल कुछ महीने पीछे धकेल दिया गया है, उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

यूक्रेन पर अब तक सबसे बड़ा हवाई हमला, रूस ने 477 ड्रोन से निशाना साधा, 60 मिसाइलें दागीं
रूस ने यूक्रेन पर शनिवार रविवार की दरम्यानी रात अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया। रूस ने यूक्रेन पर 477 ड्रोन और 60 मिसाइलें दागीं। यूक्रेन के एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि रूस की ओर से की गई इस कार्रवाई से तीन साल पुराने युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में सफलता की उम्मीदें और धूमिल हो गई हैं।
यूक्रेन की वायु सेना ने दावा किया कि रूस ने यूक्रेन पर कुल 537 हवाई हथियार दागे। जिसमें 477 ड्रोन और फर्जी हथियार तथा 60 मिसाइलें शामिल हैं। इनमें से 249 को मार गिराया गया और 226 खो गए। यूक्रेन की वायु सेना के संचार प्रमुख यूरी इहनात ने बताया कि रात में अभी तक का सबसे बड़ा हवाई हमला था। इसमें ड्रोन और विभिन्न प्रकार की मिसाइलों को शामिल किया गया। यह हमला यूक्रेन के पश्चिमी क्षेत्र समेत पूरे क्षेत्र को निशाना बनाकर किया गया, जो अग्रिम मोर्चे से काफी दूर है।
यूक्रेन पर यह हमला रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शुक्रवार को दिए गए उस बयान के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि मॉस्को इस्तांबुल में सीधे शांति वार्ता के नए दौर के लिए तैयार है। हालांकि, युद्ध के थमने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं क्योंकि अमेरिका के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों में अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।
पोलैंड और सहयोगी देशों ने भेजे विमान
खुरासान क्षेत्रीय गवर्नर ओलेक्सेंडर प्रोकुडिन ने कहा कि पोलैंड और उसके सहयोगी देशों ने पोलिश हवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विमान भेजे हैं। ओलेक्सेंडर प्रोकुडिन ने कहा कि ड्रोन हमले में एक एफ-16 पायलट की मौत हो गई। क्षेत्रीय गवर्नर के अनुसार, चेर्कासी में एक बच्चे सहित छह लोग घायल हो गए।
ड्रोहोबिच में औद्योगिक इकाई तबाह
यूक्रेन के सुदूर पश्चिम में ड्रोन हमले के बाद ड्रोहोबिच शहर में एक औद्योगिक इकाई में बड़े पैमाने पर आग लग गई। जिससे शहर के कुछ हिस्सों में बिजली भी गुल हो गई।
सुलह की गुंजाइश खत्म
इस्तांबुल में रूसी और यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडलों के बीच हाल ही में हुई दो दौर की वार्ता संक्षिप्त रही। इसमें किसी समझौते पर पहुंचने में कोई प्रगति नहीं हुई। लंबी दूरी के ड्रोन हमलों के बाद सुलह की गुजाइश पूरी तरह खत्म हो गई है। दोनों पक्षों के बीच घातक ड्रोन विकसित करने की होड़ ने संघर्ष को नए हथियारों के परीक्षण के मैदान में बदल दिया है।

कोरोना विस्फोट पर अब भी पर्दा, चीन ने साझा नहीं कीं सूचनाएं; डब्ल्यूएचओ की तमाम कोशिशें रहीं विफल
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार डब्ल्यूएचओ ने चीन से कई अहम जानकारियां मांगी थीं, जिनमें 2019 के अंत में संक्रमित लोगों के जैविक नमूने, वुहान की मंडियों में बिकने वाले जानवरों की सूची व वहां की प्रयोगशालाओं की सुरक्षा प्रक्रियाएं शामिल थीं। पर, चीन ने ये सूचनाएं साझा नहीं कीं। इससे जांच अधूरी रह गई।
तमाम कोशिशों के बावजूद इस रहस्य से पर्दा अब तक नहीं उठ सका है कि कोविड-19 महामारी के लिए जिम्मेदार कोरोना वायरस आखिर कहां से आया? विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार कुछ नई जानकारियां जरूरी मिली हैं, पर महामारी की उत्पत्ति का स्रोत अब भी अज्ञात है। रिपोर्ट के अनुसार डब्ल्यूएचओ ने चीन से कई अहम जानकारियां मांगी थीं, जिनमें 2019 के अंत में संक्रमित लोगों के जैविक नमूने, वुहान की मंडियों में बिकने वाले जानवरों की सूची व वहां की प्रयोगशालाओं की सुरक्षा प्रक्रियाएं शामिल थीं। पर, चीन ने ये सूचनाएं साझा नहीं कीं। इससे जांच अधूरी रह गई।
डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों के अंतरराष्ट्रीय समूह साइंटिफिक एडवाइजरी ग्रुप फॉर द ऑरिजिंस ऑफ नोवल पैथोजेन्स (सागो) की यह रिपोर्ट तीन वर्षों की व्यापक खोजबीन का नतीजा है। इसमें 27 देशों के स्वतंत्र वैज्ञानिक शामिल हैं। अब तक 52 बैठकों और सैकड़ों दस्तावेज व शोध रिपोर्टों का अध्ययन करने के बावजूद रिपोर्ट यह निष्कर्ष नहीं दे पाई कि वायरस की उत्पत्ति का असली कारण क्या था। रिपाेर्ट में कहा गया है कि कोरोना महामारी के शुरुआती समय में पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग होता तो शायद इस रहस्य से पर्दा उठ चुका होता।

क्या काजोल की फिल्म ‘मां’ को मिला रविवार की छुट्टी का फायदा?
फिल्म ‘मां’ सिनेमाघरों में लगी हुई है। यह फिल्म शुक्रवार 27 जून को रिलीज हुई। जानते हैं आज रविवार को तीसरे दिन फिल्म ने कैसा प्रदर्शन किया है?काजोल अभिनीत फिल्म ‘मां’ सिनेमाघरों में लगी हुई है। बॉ शुक्रवार को रिलीज हुई फिल्म ने कमाई के मामले में सुस्त शुरुआत की। दूसरे दिन कलेक्शन में कुछ इजाफा दर्ज हुआ। आज रविवार की छुट्टी का फिल्म को कितना फायदा मिला है? जानिए
आज तीसरे दिन किया कितना कलेक्शन?
काजोल की मूवी ‘मां’ ने ओपनिंग डे पर 4.65 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। कल शनिवार को दूसरे दिन कारोबार में कुछ इजाफा दर्ज हुआ और कलेक्शन रहा 6 करोड़ रुपये। खबर लिखे जाने तक प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक आज रविवार को तीसरे दिन फिल्म ने 5.92 करोड़ रुपये कमाए हैं। अंतिम आंकड़े आने तक इसमें और बढ़त दर्ज होगी।
बजट के हिसाब से औसत प्रदर्शन
फिल्म का टोटल नेट कलेक्शन 16.57 करोड़ रुपये हो गया है। इस फिल्म का बजट 50-60 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। बजट के हिसाब से अब तक का कलेक्शन देखें तो यह बहुत करिश्माई नहीं है। शुरुआती तीन दिन फिल्म ने औसत प्रदर्शन किया है। फिल्म का असली संघर्ष सोमवार से शुरू होगा। देखना दिलचस्प होगा कि कल मंडे टेस्ट में यह कैसा प्रदर्शन करती है।

‘कन्नप्पा’ और ‘सितारे जमीन पर’ से मिली टक्कर
फिल्म ‘मां’ सुपरनेचुरल हॉरर जॉनर की फिल्म है। क्रिटिक्स से इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। दर्शकों ने भी फिल्म को सराहा है। मगर, कमाई के मामले में यह सुस्त चाल चल रही है। बॉक्स ऑफिस पर इसका मुकाबला विष्णु मांचू, प्रभास और अक्षय कुमार की फिल्म ‘कन्नप्पा’ से हुआ है। इसके अलावा आमिर की फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ पहले से शानदार प्रदर्शन कर रही है। ऐसे में फिल्म ‘मां’ के सामने ये दोनों फिल्में चुनौती हैं।

क्या है फिल्म की कहानी
‘मां’ फिल्म की कहानी की बात की जाए तो इसमें एक मां अपनी बेटी को शैतानी ताकतों से बचाती है। फिल्म के निर्देशक विशाल फूरिया हैं। वह हॉरर फिल्म बनाने के लिए जाने जाते हैं। काजोल की फिल्म ‘मां’ में हॉरर, थ्रिलर की भरपूर डोज है। काजोल के अलावा इस फिल्म में रोनित रॉय, इंद्रनील सेनगुप्ता, जितिन गुलाटी, खेरिन शर्मा, गोपाल सिंह और विभा रानी जैसे एक्टर्स मौजूद हैं।
दिल्ली में हुई झमाझम बारिश, देशभर में झूमकर बरसेंगे मेघ
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में रविवार को लगातार दूसरे दिन भी झमाझम बारिश हुई। इसके साथ ही मौसम विभाग ने पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के 9 दिन पहले पहुंचने का आधिकारिक एलान कर दिया है। हालांकि, दिल्ली में मानसून दो दिन की देरी से पहुंचा है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में रविवार को लगातार दूसरे दिन भी झमाझम बारिश हुई। इसके साथ ही मौसम विभाग ने पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के 9 दिन पहले पहुंचने का आधिकारिक एलान कर दिया है। हालांकि, दिल्ली में मानसून दो दिन की देरी से पहुंचा है। आमतौर पर पूरे देश में मानसून के पहुंचने की तिथि 8 जुलाई है। हिमाचल प्रदेश और पंजाब समेत लगभग पूरे देश में अगले सात दिनों तक मूसलाधार बारिश होने की संभावना है और रेड से लेकर यलो अलर्ट तक जारी किया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मानसून रविवार को राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के शेष भागों और पूरी दिल्ली को कवर कर लिया है। 2020 के बाद से पहली बार मानसून समय से इतना पहले पूरे देश में पहुंचा है। 2020 में यह 26 जून तक पूरे देश को कवर कर लिया था। इस साल 1 जून के तय समय से एक हफ्ता पहले 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। मानसून के प्रभाव से अगले सात दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में मूसलाधार बारिश जारी रहने की संभावना है। सोमवार को झारखंड के कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण यमुनोत्री राजमार्ग को भारी नुकसान हुआ है और चार जगहों पर यातायात करीब 10 घंटे तक ठप रहा। यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आए 850 श्रद्धालु रास्ते में फंस गए हैं। प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोका है। मौसम के सुधरने और राजमार्ग पर यातायात बहाल होने के बाद इन लोगों को आगे भेजा जाएगा। गंगोत्री से लौट रहे श्रद्धालुओं को ऋषिकेश-देहरादून की ओर भेजा जा रहा है।
हरियाणा और पंजाब में संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ समेत कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिली है। अभी तीन से चार दिन दोनों ही राज्यों में भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। रविवार को सुबह साढ़े आठ बजे तक चंडीगढ़ में 119.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। हरियाणा में रोहतक, गुरुग्राम, कैथल, नूह और पंचकुला में भारी बारिश हुई और कुल 91 मिमी वर्षा दर्ज की गई। दोनों राज्यों में ज्यादातर क्षेत्रों में 1 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है।
प्रेमिका से वीडियो कॉल करते हुए युवक ने खुद को मारी गोली, बंद कमरे के बाहर रोती रही पत्नी और दो बच्चे
गुलजार की पत्नी और दो बच्चे हैं, फिर भी उसका अफेयर खतौली निवासी विवाहिता से चल रहा है। रविवार को उसने पत्नी को धक्का देकर बाहर निकाला और कमरा बंद कर खुद को गोली मार ली। गांव मवाना खुर्द में विवाहित गुलजार ने शादीशुदा प्रेमिका से वीडियो कॉल पर कहासुनी होने के बाद खुद के पेट में गोली मार ली। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उसे निकाला और परिजनों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने कमरे से एक तमंचा 315 बोर, दो खोखे व दो कारतूस बरामद किए हैं।

घटना की जानकारी देती गुलजार की पत्नी।
गांव मवाना खुर्द निवासी गुलजार (32) विवाहित है। गुलजार के दो बच्चे हैं, आठ साल का एक लड़का और छह साल की लड़की है। गुलजार मोबाइल टावर की फाउडेंशन बनाने की ठेकेदारी करता है। उसकी पत्नी ने बताया कि गुलजार के मुजफ्फरनगर के खतौली निवासी किसी विवाहित महिला से तीन-चार साल से अनैतिक संबंध हैं। वह दो दिन पहले घर से गया था, शनिवार रात को वापस लौटा, लेकिन परिवार के किसी सदस्य से उसने कोई बात नहीं की।

कमरे में बिखरा पड़ा सामान। – फोटो : अमर उजाला
रविवार सुबह वह उसके कमरे में नाश्ता देने गई, तो गुलजार उसी महिला से वीडियो कॉल पर बात कर रहा था। गुलजार ने उससे खाना लिया और धक्का देकर बाहर निकाल दिया व दरवाजा बंद कर लिया। अंदर से आवाज आ रही थी। गुलजार कह रहा था कि तूने मेरे साथ खेल खेला है। कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज आई तो परिवार में हंगामा मच गया।
पुलिस को सूचना दी गई। किसी तरह दरवाजा तोड़कर पुलिस और परिजन अंदर पहुंचे तो गुलजार बिस्तर पर उल्टा पड़ा था और खून बह रहा था।

गुलजार को कमरे से बाहर निकालने के लिए तोड़ा गया दरवाजा।
गुलजार को इलाज के लिए मेरठ प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं पुलिस ने कमरे में रखी ड्रेसिंग टेबल से तमंचा और दो कारतूस व दो खोखे बरामद किए। पत्नी का कहना है कि उसका पति से कोई विवाद नहीं है। पति ने रिश्तेदारों से कहा है कि उसकी मौत की जिम्मेदार खतौली निवासी महिला होगी। वहीं पुलिस का कहना है कि अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
कोलकाता गैंगरेप का आरोपी महिलाओं को कैसे बनाता था निशाना?
कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज की एक छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार हुआ है। इस मामले में टीएमसी के एक पदाधिकारी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी मनोजित मिश्रा पर पहले भी कई लड़कियों को परेशान करने के आरोप हैं। वह कॉलेज में दादागिरी करता था।

साउथ कोलकाता के लॉ कॉलेज में 24 साल की छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना से देशभर में गुस्सा है। इस मामले में टीएमसी के एक कार्यकर्ता सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही कॉलेज के एक सुरक्षा गार्ड को भी गिरफ्तार किया गया है। गैंगरेप का मुख्य आरोपी मनोजित मिश्रा है। उस पर आरोप है कि उसने कई लड़कियों को निशाना बनाया। वह उनसे ‘क्या तुम मुझसे शादी करोगी?’ जैसे सवाल पूछता था। इस घटना ने कोलकाता के कॉलेजों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यह घटना आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक पोस्ट-ग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के मामले के एक साल से भी कम समय में हुई है।
‘तुई आमाय बिये कोरबी’
मुख्य आरोपी मनोजित मिश्रा (31) है। वह कॉलेज का पूर्व छात्र है। इसके अलावा वह तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद (TMCP) के दक्षिण कोलकाता जिले का संगठन सचिव भी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मिश्रा को उसके जूनियर और पूर्व सहपाठियों ने साइको बताया है। उस पर यौन हिंसा करने का आरोप है। खबरों के मुताबिक, मिश्रा को ‘मैंगो’ के नाम से भी जाना जाता है। कॉलेज में कई लड़कियों को परेशान करता था। वह उनसे ‘तुई आमाय बिये कोरबी’ (क्या तुम मुझसे शादी करोगी)? जैसे सवाल पूछता था। यह जानकारी उसके साथ पढ़ने वाले छात्रों ने दी है।
गुंडागर्दी के लिए जाना जाता था मनोजित मिश्रा
CNN-News18 से बात करते हुए देबोलीना दास ने बताया कि मनोजित मिश्रा अपने गुंडागर्दी के लिए जाना जाता था। देबोलीना दास ने साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में मनोजित के साथ पढ़ाई की थी। उसने बताया कि मिश्रा को कॉलेज से निकाल दिया गया था। देबोलीना दास ने कहा कि मनोजित मिश्रा 2013 बैच का था। उसे अपने व्यवहार के कारण कॉलेज से निकाल दिया गया था। लेकिन बाद में उसने फिर से एडमिशन ले लिया। वह लड़कियों को यूनियन रूम में बुलाता था। वहां शराब पीता था और यहां तक कि जूनियर्स का अपहरण भी करता था। उसके खिलाफ कई शिकायतें थीं। उसे कई बार चेतावनी दी गई थी। एक समय ऐसा भी था जब उसे केवल परीक्षा देने के लिए कॉलेज आने की अनुमति थी। वह हमेशा ‘दादा’ (स्थानीय गुंडे) की तरह व्यवहार करने की कोशिश करता था। लेकिन हमने उसे रोकने की कोशिश की।
महिलाओं को करता था ब्लैकमेल
हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को कॉलेज के एक सूत्र ने बताया कि मनोजित मिश्रा महिलाओं के साथ निजी पलों को रिकॉर्ड करता था और अपने दोस्तों को दिखाता था। उसे लगभग हर चीज का वीडियो बनाने की आदत थी। वह और उसके साथी महिलाओं की तस्वीरें क्लिक करते थे और उन्हें समूहों में पोस्ट करते थे। उनका बॉडी शेमिंग करते थे और उन्हें बदनाम करते थे। कई छात्रों ने बताया कि मिश्रा के पास कॉलेज की इमारतों तक पहुंच थी। वह कॉलेज के WhatsApp ग्रुपों को भी चलाता था। उसके खिलाफ छेड़छाड़, उत्पीड़न, शारीरिक हमला और जबरन वसूली की कई शिकायतें दर्ज की गई थीं।
मनोजित मिश्रा का कॉलेज में आतंक
एक तीसरे वर्ष के कॉलेज के छात्र ने बताया कि यह व्यक्ति और उसके साथी खासकर लड़कियों के लिए किसी आतंक से कम नहीं थे। अधिकारियों को सब कुछ पता था लेकिन उन्होंने उसे बचाया। हमने शिक्षक-प्रभारी को एक औपचारिक यौन उत्पीड़न की शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। कुछ वर्तमान छात्रों ने बताया कि वे उससे इतने डरे हुए थे कि उन्होंने कॉलेज जाना बंद कर दिया था। कॉलेज के एक पूर्व छात्र मिश्रा ने जूनियर्स को भी डराया। उसने पिछले साल ‘रिक्लेम द नाईट’ आंदोलन में भाग लेने वाले कुछ छात्रों को धमकी दी और पीटा।
1 जुलाई तक पुलिस हिरासत में मिश्रा
अधिकारियों ने कहा कि वह अपने राजनीतिक संबंधों का दिखावा करता था और खुले तौर पर कहता था कि उसका कुछ नहीं होगा। इस वजह से वह कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र था। वह कॉलेज का बॉस बनकर रहता था। शिक्षक और गार्ड उससे डरते थे। मिश्रा फिलहाल पुलिस हिरासत में है। उसे गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार को उसे अन्य दो आरोपियों के साथ अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया। उसे 1 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। अन्य दो आरोपियों की पहचान जैब अहमद (19) और प्रमित मुखोपाध्याय (20) के रूप में हुई है। दोनों कॉलेज के तीसरे सेमेस्टर के छात्र हैं।
अलीपुर लॉ कॉलेज में प्रैक्टिस करता था मिश्रा
मनोजित मिश्रा साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज से 2022 में ग्रेजुएट हुआ। कॉलेज से पास होने के बाद भी उसने कॉलेज में अपना प्रभाव बनाए रखा। ग्रेजुएशन के बाद उसने अलीपुर लॉ कॉलेज में प्रैक्टिस करना शुरू कर दिया। अपने छात्र जीवन के दौरान मिश्रा अपनी दबंगई के लिए जाना जाता था। उसका नाम कई मारपीट की घटनाओं में सामने आया था। BJP IT सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी TMC पर हमला बोला। उन्होंने मिश्रा के पार्टी के साथ संबंधों को उजागर किया। उन्होंने X पोस्ट में कहा कि चौंकाने वाला! कसबा में एक कॉलेज की छात्रा के साथ क्रूर गैंगरेप के मुख्य आरोपियों में से एक मनोजित मिश्रा का TMC में सबसे शक्तिशाली लोगों के साथ सीधा संबंध है।
जांच के लिए एसआईटी का गठन
कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पूरा अपराध पूर्व नियोजित था या नहीं? पुलिस को कॉलेज से CCTV फुटेज मिला है। इससे पता चलता है कि छात्रा ने पुलिस को अपनी शिकायत में जो गैंगरेप के आरोप लगाए हैं, वे सही हैं।
4. राजा रघुवंशी की सोने की चेन, सोनम के जेवर बरामद
मेघालय पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने रविवार को एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए राजा रघुवंशी की गुम हुई सोने की चेन समेत कई अहम सबूत बरामद किए हैं। राजा की पिछले महीने सोहरा में हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच मेघालय पुलिस कर रही है।


मेघालय पुलिस की एसआईटी टीम को एक बड़ी सफलता मिली है। टीम ने राजा रघुवंशी की गुम हुई सोने की चेन और कुछ अन्य जरूरी चीजें बरामद की हैं। राजा की हत्या पिछले महीने सोहरा में हुई थी। पुलिस ने इस मामले में प्रॉपर्टी डीलर सिलोम जेम्स को गिरफ्तार किया है। उसके घर से राजा और उसकी पत्नी सोनम के सोने के गहने, लैपटॉप और कुछ दस्तावेज़ भी मिले हैं। पुलिस का कहना है कि ये सभी चीजें हत्या के मामले को सुलझाने में मदद करेंगी। राजा रघुवंशी और सोनम 23 मई को लापता हो गए थे। बाद में 2 जून को राजा का शव वेइसाडोंग फॉल्स के पास मिला था।
सिलोम जेम्स के घर से मिले अहम सबूत
पुलिस ने बताया कि सिलोम जेम्स के मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में स्थित घर पर छापा मारा गया। यहीं से ये सारी चीजें बरामद हुईं। ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सेयम ने बताया कि ये इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज़ सबूत के तौर पर बहुत महत्वपूर्ण हैं। इनसे 23 मई को हुई हत्या के मामले में और भी जानकारी मिल सकती है। एसपी सेयम ने बताया कि एसआईटी टीम का नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर एंथनी खोंगसिट और करण पचुआ ने किया। इस अभियान में अलकापुरी पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों ने भी मदद की।
राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश का पर्दाफाश
एसआईटी ने राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। राजा और सोनम के लापता होने के 10 दिन बाद राजा का शव मिला था। जांच अधिकारियों के अनुसार, राजा और सोनम ने 22 मई को शहर के कीटिंग रोड से एक स्कूटर किराए पर लिया था। वे सोहरा घूमने गए थे। वहां उन्हें होमस्टे में कमरा नहीं मिला, तो उन्होंने अपना सामान वहीं छोड़ दिया। फिर वे मावलखियात से 3,000 सीढ़ियां उतरकर नोंग्रियात पहुंचे। वहां उन्होंने रात बिताई।
कैसे किया मर्डर?
अगली सुबह दोनों लगभग 5:30 बजे होटल से निकले और मावलखियात की ओर चढ़ाई शुरू की। उन्होंने अपना किराए का स्कूटर वहीं पार्क किया था। राजा को यह नहीं पता था कि इंदौर के तीन लोग उसका पीछा कर रहे हैं। सोनम उन तीनों को जानती थी। बाद में पता चला कि वही तीनों हत्यारे थे। 23 मई को दिन में 11 बजे तक वेइसाडोंग फॉल्स के पास एक सुनसान जगह पर राजा पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। उसके शव को पास की एक खाई में फेंक दिया गया। एसपी सेयम ने बताया कि सोनम और तीनों हमलावर कुछ ही मिनटों बाद वहां से भाग गए।
एसपी सेयम ने क्या बताया?
सेयम ने कहा कि यह कोई अचानक किया गया काम नहीं था। हमला बहुत सोच-समझकर किया गया था। पहले ऐसा लग रहा था कि सोनम और उसके प्रेमी ने भाड़े के हत्यारे बुलाए थे। लेकिन अब हम कह सकते हैं कि तीनों लोग राज के करीबी दोस्त थे और उन्होंने सोनम की मदद के लिए उसकी हत्या की। एसआईटी ने यह भी पता लगाया है कि हत्यारों ने 21 मई को शिलांग पहुंचने से पहले गुवाहाटी में हत्या के लिए हथियार खरीदा था।
हत्या के लिए शिलांग पहुंचे थे सभी लोग
इस हत्या में शामिल सभी लोग लगभग एक ही समय पर शिलांग पहुंचे थे। उसके तुरंत बाद वे सोहरा चले गए। सोनम वारदात स्थल से टैक्सी में भाग गई थी। उसे 9 जून को उत्तर प्रदेश में गिरफ्तार किया गया। उसका मंगलसूत्र और अंगूठी सोहरा के होमस्टे में मिला था। इससे पता चलता है कि वह भी इस हत्या में शामिल थी।
बहुत हुआ बुमराह! दूसरे टेस्ट के लिए पूर्व दिग्गज ने की इस खास गेंदबाज की मांग
पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन का मानना है कि भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट मैच में कुलदीप यादव को शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जसप्रीत बुमराह पर अत्यधिक निर्भरता को कम करने और गेंदबाजी आक्रमण में अनुभव जोड़ने की आवश्यकता है।

इंग्लैंड दौरे पर गई भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने गेंदबाज को लेकर एक हैरान करने वाला बयान दिया है। उनका मानना है कि भारत को अपने गेंदबाजी आक्रमण में अधिक अनुभव जोड़ने और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पर बोझ कम करने के लिए इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव को खिलाना चाहिए। लीड्स में पहले टेस्ट में भारतीय टीम पांच विकेट से हार गई जिसमें मेहमान टीम विकेटों के लिए बुमराह पर बहुत अधिक निर्भर थी।
अजहरुद्दीन ने कहा, ‘वे बुमराह पर बहुत अधिक निर्भर हैं। यह आसान नहीं है क्योंकि आपको अधिक अनुभवी गेंदबाजों की जरूरत है और उन्हें कुलदीप यादव को खिलाना चाहिए।’ अब भारतीय टीम दो जुलाई से बर्मिंघम में दूसरे टेस्ट में खेलेगी जिसमें पिच सूखी रहने की उम्मीद है जिससे कुलदीप को कुछ मदद मिल सकती है। भारत ने कप्तान शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत के शतकों की मदद से पहली पारी में 471 रन का अच्छा स्कोर बनाया था।
दमदार बल्लेबाजी के बावजूद हार गई थी टीम इंडिया
केएल राहुल और पंत के शतकों की मदद से उन्होंने दूसरी पारी में 364 रन बनाए, लेकिन दोनों ही पारियों में मध्य और अंतिम क्रम के बल्लेबाजों के विफल होने के कारण मेहमान टीम मजबूत स्कोर या लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। अजहरुद्दीन ने टीम संयोजन को सही रखने की बात की ताकि टीम को लीड्स की हार से बाहर निकाला जा सके। उन्होंने कहा, ‘हम बल्लेबाजी के विफल होने के कारण हारे, लेकिन अब उन्हें सही खिलाड़ियों को चुनना होगा और गेंदबाजी भी सही होनी चाहिए।’ अजहरुद्दीन ने नए टेस्ट कप्तान गिल का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें अपनी क्षमता साबित करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘यह कप्तान के तौर पर उनका पहला मैच है। आप कप्तानी के बारे में बात नहीं कर सकते। कप्तानी के बारे में बात करना अभी जल्दबाजी होगी।’ भारत को कप्तान के तौर पर 47 टेस्ट में से 14 जीत दिलाने वाले अजहरुद्दीन ने कहा, ‘हमें उन्हें उचित मौका देना चाहिए और उन्होंने अभी अभी कमान संभाली है। इसलिए आपको उन्हें काफी समय और समर्थन देना चाहिए। हम सिर्फ खिलाड़ियों की शिकायत और आलोचना नहीं कर सकते।’
अदालत जाएंगे, लालू जी से बात हुई है! बिहार में महागठबंधन की बैठक से पहले कोर्ट-कचहरी की तैयारी क्यों?
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसे संविधान विरोधी साजिश बताया और कहा कि अगर आयोग ने मांगें नहीं मानीं, तो INDIA गठबंधन सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा।

बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पटना के सदाकत आश्रम में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने इस प्रक्रिया को गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के मताधिकार को खत्म करने की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि यह संविधान विरोधी कदम है और जरूरत पड़ी तो कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट जाएगी। साथ ही लालू प्रसाद यादव से मुलाकात कर INDIA गठबंधन की बैठक बुलाने और चुनाव आयोग से प्रतिनिधिमंडल भेजने की बात भी कही।
मतदाता सूची सत्यापन को बताया संविधान विरोधी साजिश
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि बरसात के दौरान सिर्फ 28 दिनों में मतदाता सत्यापन जैसा बड़ा कार्य संभव नहीं है। इससे गरीब, पिछड़े वर्ग के वोटर सूची से बाहर हो सकते हैं। उन्होंने ये भी जोड़ा कि जिन दस्तावेजों की मांग की जा रही है, वे सभी के पास नहीं होते। ये साजिश है ताकि लाखों नाम काटे जा सकें।
चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप
दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग पर सीधा आरोप लगाया कि वह एक विशेष राजनीतिक पार्टी के समर्थन में निर्णय ले रहा है। उन्होंने कहा कि यदि आयोग ने हमारी मांगें नहीं मानीं तो हम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने लालू प्रसाद यादव से मुलाकात कर INDIA गठबंधन की बैठक बुलाने की मांग भी रखी है।
शिक्षा व्यवस्था पर भी साधा निशाना
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी भाजपा-जदयू सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य में स्कूलों में बिजली, शिक्षक, कंप्यूटर और लाइब्रेरी का घोर अभाव है। ड्रॉपआउट दर देश में सबसे अधिक है। उन्होंने पेपर लीक को संगठित घोटाला बताया और कहा कि NEET-UG, NEET-PG और बैंकिंग परीक्षाओं में लाखों की बोली लग रही है। यह युवाओं के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।




