इंदौर
दो साल से राजबाड़े का जीर्णोद्धार कर रही स्मार्ट सिटी कंपनी के चार सीईओ बदल गए, लेकिन जीर्णोद्धार अब तक पूरा नहीं हो पाया। चेन्नई की टीम के दौरा करने के बावजूद अब मार्च 2022 तक इसे पूरा करने की बात कही जा रही है। नवंबर 2020 में आईआईटी चेन्नई के डॉ. अरुण मेनन की रिपोर्ट पर राजबाड़ा का बाकी काम शुरू किया गया था। अभी तक तीन मंजिलों का काम ही पूरा हो पाया है। अब चौथी, पांचवीं, छठी और सातवीं मंजिल का काम होगा। इसमें लकड़ी के जोड़, पिलर के सेगमेंट सहित वुडन स्ट्रक्चर की हर बारीकी को ध्यान में रखकर काम किया जाना है।
चेन्नई के एक्सपर्ट बोले- वुडन स्ट्रक्चर के कारण आ रही चुनौती
आईआईटी चेन्नई के वुडन एक्सपर्ट डॉ. मेनन ने पूरे स्ट्रक्चर को देखने के बाद बताया था कि राजबाड़ा की पांचवीं मंजिल की सड़ी हुई लकड़ियों के झरोखों को खोलकर फिर बदला जाएगा। इसका काम बहुत जटिल है। इसलिए इस काम को पूरी सावधानी से करना होगा। उन्होंने बताया था कि राजबाड़ा के तीन स्ट्रक्चर हो चुके हैं। एक आगे का हिस्सा, दूसरा मध्य का, तीसरा पीछे का हिस्सा जिसमें बालकनी है।
नया दावा… मार्च 2022 तक पूरा कर देंगे काम
स्मार्ट सिटी की सीईओ अदिति गर्ग के कार्यकाल में कहा गया था कि पहले लॉकडाउन के कारण यह काम 2020 में पूरा नहीं हो सका है। उनके बाद शीतला पटले सीईओ बनीं तो बताया गया कि तीन महीने का काम शेष है। उनके बाद संदीप सोनी ने सीईओ का कार्यभार संभाला, तब कहा गया कि दिसंबर तक काम पूरा हो जाएगा। अब वर्तमान सीईओ ऋषव गुप्ता का कहना है कि सुझाव व ड्रॉइंग में परिवर्तन के कारण दिसंबर 2021 तक काम पूरा होना मुश्किल है। हालांकि अब इसे मार्च 2022 तक पूरा करने की कोशिश करेंगे।





