भारतीय क्रिकेट टीम की वनडे सीरीज हार के 5 बड़े कारण रहे. इंदौर वनडे में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रसे हरा दिया. न्यूजीलैंड की टीम ने पहली बार भारत में वनडे सीरीज जीतकर इतिहास रचा है. वही शुभमन गिल की कप्तानी में एक ऐसा दाग लग गया जो कभी खत्म होने वाला है. 1989 में न्यूजीलैंड की टीम भारत में वनडे सीरीज खेलने की शुरुआत की और उसे पहली सीरीज जीत मिली है 2026 में. टीम इंडिया अगर ये 5 गलती ना करती तो शायद यह वनडे सीरीज हमारी होती.
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में 2-1 की जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने घर में हार का मुंह देखना पड़ा है. भारतीय टीम ने अपने घर में पहली बार न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज गंवाई है.न्यूजीलैंड के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है जिसने पहली बार भारत को उसके घर में हराकर वनडे सीरीज पर कब्जा किया है. 1989 से कीवी टीम भारत का दौरा करती रही है लेकिन उसे सीरीज जीतने के लिए 2026 तक इंतजार करना पड़ा. न्यूजीलैंड ने लगातार दो वनडे मैच जीतकर भारत से 3 मैचों की सीरीज जीत ली है. इसके साथ ही भारत का अपने घर में 2019 के बाद लगातार वनडे सीरीज जीतने का क्रम भी टूट गया. सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम की जमकर आलोचना हो रही है. इन 5 वजहों से भारत ने वनडे सीरीज गंवा दी.
भारतीय टीम हमेशा से अपने घर में मजबूत रही है. लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के तीसरे और अंतिम वनडे में उसके गेंदबाज कमजोर कड़ी साबित हुए. इंदौर वनडे में भारतीय गेंदबाज विकेट के लिए तरसते नजर आए. पूरी सीरीज में न्यूजीलैंड के गेंदबाज छाए रहे. डेब्यूटेंट क्रिस्टियन क्लार्क 3 मैचों में सात विकेट लेकर टॉप पर रहे वहीं काइल जेमीसन छह विकेट लेकर दूसरे नंबर पर रहे. भारत के हर्षित राणा छह विकेट के साथ तीसरे नंबर पर रहे. बल्लेबाजी में डेरिल मिचेल ने पूरी सीरीज में तीन पारियों में सर्वाधिक 352 रन बनाए वहीं विराट कोहली 240 रन के साथ दूसरे नंबर पर रहे.
रोहित- गिल का बल्ला तीसरे वनडे में रहा खामोश
रोहित शर्मा और कप्तान शुभमन गिल की ओपिनंग जोड़ी अच्छी शुरुआत नहीं दिला सकी. भारतीय टीम 338 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी थी लेकिन दोनों ओपनर्स ने 28 रन की पार्टनरशिप कर भारत की शुरुआत खराब कर दी. रोहित शर्मा 13 गेंदेां पर 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए वहीं गिल 18 गेंदों पर 23 रन बनाक चलते बने. भारतीय टीम की वनडे सीरीज हार में भारतीय ओपनिंग जोड़ी का अहम रोल रहा.
श्रेयस अय्यर ने किया निराश
मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर से काफी उम्मीदें थीं लेकिन उन्होंने निराश किया. श्रेयस को जब टीम को जरूरत थी तब वो अपना विकेट गंवाकर पवेलियन लौट गए.तीसरे वनडे में श्रेयस के बल्ले से 10 गेंदों पर तीन रन निकले. इससे साफ जाहिर होता है कि श्रेयस रन बनाने के लिए किस तरह जूझ रहे थे.

जडेजा बल्लेबाजी और गेंदबाजी में सुपर फ्लॉप
रवींद्र जडेजा की पूरी सीरीज में न तो बल्लेबाजी चली और न ही गेंदबाजी. जडेजा गेंद और बल्ले से सुपर फ्लॉप रहे.इंदौर वनडे में उन्होंने बल्ले से 16 गेंदों पर 11 रन बनाए वहीं जब गेंदबाजी की बारी आई तो उन्होंने छह ओवर में 41 रन दे डाले और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. जडेजा की गेंदबाजी भी अब धीरे धीरे फीकी पड़ रही है.

कुलदीप यादव की फिरकी का नहीं चला जादू
चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव का पूरी सीरीज में जादू नहीं चला. वह हमेशा अपने घर में कारगर साबित रहे हैं लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी फिरकी बेअसर रही. तीसरे वनडे में उन्होंने 6 ओवर में 48 रन खर्च किए और एक विकेट लिए. भारतीय टीम की वनडे में यह हाल के दिनों में सीरीज में तीसरी हार है.इससे पहले भारत को श्रीलंका ने मात दी थी वहीं ऑस्ट्रेलिया ने भी उसे वनडे सीरीज में हराया था.





