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दुनिया में रिश्वत के 67 फीसदी मामले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से जुड़े हैं, लागत 25 फीसदी बढ़ जाती है

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अधिकतर देशों ने महामारी से निपटने के लिए कम अवधि के राहत पैकेज दिए हैं। 27 दिसंबर को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 65 लाख करोड़ रुपए से अधिक का पैकेज मंजूर किया है। इसके साथ इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च की भूख भी है। निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन सड़कों, बिजली सिस्टम और रेलवे पर 14 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च करना चाहते हैं। यूरोपियन यूनियन ने 16 लाख करोड़ रुपए का पैकेज मंजूर किया है। लेकिन, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के साथ समस्याओं का अंबार लगा है।

दुनियाभर में सरकारी और निजी निवेश जीडीपी के 3-4% पर ठहर गया है। विकसित देशों में पुराने पड़ चुके बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए यह पैसा बहुत कम है। अमेरिका में एक तिहाई पुल कमजोर पड़ चुके हैं। बहुत देशों में स्वच्छ पानी और बिजली की व्यवस्था नहीं है। कई अर्थशास्त्री सोचते हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर पैसा लगाने के परिणाम आकर्षक हैं। इस बीच जलवायु परिवर्तन और अर्थव्यवस्था के डिजिटाइजेशन से ऊर्जा के नए स्रोतों के सिस्टम और 5जी नेटवर्क में पैसा लगाने की मांग बढ़ी है।

दरअसल, इंफ्रास्ट्रक्चर का रिकॉर्ड मुंबई की गड्ढों से भरी सड़कों के समान है। अक्सर प्रोजेक्ट की लागत 25% बढ़ जाती है। विदेशों से रिश्वत लेनदेन के दो तिहाई मामले इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट में होते हैं। भारत में 2000 के दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहुत अधिक काम हुआ लेकिन उसका अंत कर्ज के भारी बोझ में हुआ है। यहां तक कि जर्मनी में भी स्थिति ठीक नहीं हैं।

चिली और नार्वे में इंफ्रास्ट्रक्चर पर अच्छा काम हुआ है। लेकिन, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने जिन देशों का सर्वे किया है, उनमें से आधे देश प्रोजेक्ट का राष्ट्रीय ब्योरा नहीं रखते हैं। अमेरिका 5जी पर भारी पैसा लगा रहा है लेकिन उसके विमानतलों की हालत खराब है। ऊर्जा के नए स्रोत अधिक नहीं हैं। यूरोप में चमचमाते एयरपोर्ट और हवा से बिजली पैदा करने के फार्म बड़ी संख्या में हैं लेकिन उसका 5 जी सिस्टम पाषाण युग में है।

100 वर्ष से अधर में एक योजना
अमेरिका के सिनसिनाटी में 1916 में रेलवे सबवे सिस्टम बनाने का निर्णय हुआ। कई दशक काम चलने के बाद 1948 में प्रोजेक्ट रद्द कर दिया गया। शहर के नीचे आज भी तीन किमी लंबी सुरंग है जिसका आज तक इस्तेमाल नहीं हुआ है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं की दुर्गति का एक उदाहरण है।

Ramswaroop Mantri

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