सुप्रीम कोर्ट ने SBI के उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें चुनाव आयोग को चुनावी बांड का विवरण जमा करने के लिए 30 जून तक समय बढ़ाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने SBI से 12 मार्च को कामकाजी समय समाप्त होने तक चुनावी बांड के विवरण का खुलासा करने को कहा है। लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों पर चर्चा के लिए कांग्रेस पार्टी दिल्ली में दूसरी सीईसी बैठक करेगी। विश्वव्यापी खतरों पर अमेरिकी सीनेट में सुनवाई होगी।
पीएम आज 85 हजार करोड़ की परियोजनाओं की देंगे सौगात, रेले परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास और लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अहमदाबाद में डीएफसी के ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर का दौरा करेंगे और 85,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। पीएमओ के मुताबिक प्रधानमंत्री रेलवे कार्यशालाओं, लोको शेड, पिट लाइनों/कोचिंग डिपो की आधारशिला रखेंगे। फलटण- बारामती नई लाइन, इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम उन्नयन कार्य और पूर्वी डीएफसी के न्यू खुर्जा से साहनेवाल (401 मार्ग किमी) खंड और पश्चिमी डीएफसी के न्यू मकरपुरा से न्यू घोलवड खंड (244 मार्ग किमी) के बीच समर्पित माल गलियारे के दो नए खंड व अहमदाबाद में वेस्टर्न डीएफसी का ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
पीएम मोदी रेलवे स्टेशनों पर 50 प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये केंद्र लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं प्रदान करेंगे। पीएम 51 गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये टर्मिनल परिवहन के विभिन्न तरीकों के बीच माल की निर्बाध आवाजाही को बढ़ावा देंगे।
10 नई वंदे भारत को दिखाएंगे हरी झंडी
पीएम मोदी अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल, सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम, मैसूरु-डॉ एमजीआर सेंट्रल (चेन्नई), पटना-लखनऊ, न्यू जलपाईगुड़ी-पटना, पुरी-विशाखापत्तनम, लखनऊ-देहरादून, कलबुर्गी-सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल बंगलूरू, रांची-वाराणसी, खजुराहो-दिल्ली (निजामुद्दीन) के बीच दस नई वंदे भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। वह चार वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें अहमदाबाद-जामनगर वंदे भारत को द्वारका तक बढ़ाया जा रहा है। अजमेर- दिल्ली सराय रोहिल्ला वंदे भारत को चंडीगढ़ तक बढ़ाया जा रहा है।
वहीं, गोरखपुर-लखनऊ वंदे भारत को प्रयागराज और तिरुवनंतपुरम-कासरगोड वंदे भारत को मंगलूरू तक बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा मोदी आसनसोल और हटिया तथा तिरूपति और कोल्लम स्टेशनों के बीच दो नई ट्रेनों की शुरुआत करेंगे। मोदी विभिन्न स्थानों न्यू खुर्जा जंक्शन, साहनेवाल, न्यू रेवाड़ी, न्यू किशनगढ़, न्यू घोलवड और न्यू मकरपुरा से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर मालगाड़ियों को भी हरी झंडी दिखाएंगे।
50 प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र राष्ट्र को समर्पित करेंगे
पीएम मोदी रेलवे स्टेशनों पर 50 प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये केंद्र लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं प्रदान करेंगे। पीएम 51 गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये टर्मिनल परिवहन के विभिन्न तरीकों के बीच माल की निर्बाध आवाजाही को बढ़ावा देंगे।
लोकपाल योजनाओं के तहत 68 फीसदी बढ़ीं शिकायतें, बैंकों के खिलाफ मिलीं करीब दो लाख शिकायतें

आरबीआई की लोकपाल योजनाओं के तहत दर्ज शिकायतों की संख्या 2022-23 में 68.24 फीसदी बढ़कर 7.03 लाख पहुंच गई। ये शिकायतें मोबाइल/इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग, ऋण व अग्रिम कर्ज, एटीएम/ डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पेंशन भुगतान, धन-प्रेषण, पैरा बैंकिंग और अन्य से संबंधित थीं।आरबीआई की एकीकृत लोकपाल योजना (आरबी-आईओएस), 2021 के तहत सोमवार को जारी पहली रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकों के खिलाफ कुल 1,96,635 शिकायतें मिली हैं। यह कुल शिकायतों में सर्वाधिक है। यह आरबीआई लोकपाल (ओआरबीआईओ) को प्राप्त शिकायतों का 83.78 फीसदी है।
आरबीआई की एकीकृत लोकपाल योजना (आरबी-आईओएस), 2021 के तहत सोमवार को जारी पहली रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकों के खिलाफ कुल 1,96,635 शिकायतें मिली हैं। यह कुल शिकायतों में सर्वाधिक है। यह आरबीआई लोकपाल (ओआरबीआईओ) को प्राप्त शिकायतों का 83.78 फीसदी है। रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकों के साथ गैर-बैंकिंग भुगतान प्रणाली प्रतिभागियों के खिलाफ मिली शिकायतों की कुल संख्या में मोबाइल/इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग से जुड़ीं शिकायतें सबसे अधिक रहीं। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के मामले में निष्पक्ष व्यवहार संहिता का पालन न करने से संबंधित शिकायतें सबसे अधिक थीं।
2,34,690 मामलों का निपटान
ओआरबीआईओ ने 2022-23 में कुल 2,34,690 शिकायतों का निपटान किया। सेंट्रलाइज्ड रिसिप्ट एंड प्रोसेसिंग सेंटर (सीआरपीसी) में 4,68,854 शिकायतों का निपटारा किया गया। ओआरबीआईओ में शिकायतों का निपटान औसतन 33 दिनों में कर दिया गया, जबकि 2021-22 में यह 44 दिन था। योजना के तहत निपटान योग्य शिकायतों में से 57.48 फीसदी का समाधान आपसी समझौते, सुलह या मध्यस्थता के जरिये किया गया।
नेशनल क्रिएटर्स अवार्ड से बदली कीर्तिका की जिंदगी, पहले पिता को होती थी शर्मिंदगी, अब गर्व का

नेशनल क्रिएटर्स अवार्ड के तहत बेस्ट स्टोरी टेलर का अवार्ड जीतने वाली तमिलनाडु की कीर्तिका गोविंदसामी के खुद के जीवन की कहानी झकझोरने वाली है। कीर्तिका ने अपनी कहानी इंस्टाग्राम अकाउंट पर बयां करते हुए बताया बचपन में उन्हें समाज की रूढ़िवादी सोच का सामना करना पड़ा और जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों नेशनल क्रिएटर अवार्ड मिला है, उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई है।
कीर्तिका कहती हैं कि जब छोटी थीं, तो एक बार उन्हें सिर्फ इस वजह से थप्पड़ पड़ा था कि वे घर से महज 100 मीटर दूर एक दुकान तक अकेली चली गई थीं। उनके पिता इस बात से काफी नाराज और शर्मिंदा हुए, क्योंकि जिस गांव में वे पैदा हुईं, वहां लड़कियों का घर से अकेले निकलना गुनाह समझा जाता था। बहरहाल, जिस पिता ने गुस्से और शर्मिंदगी की वजह से उनसे 6 वर्ष तक बात नहीं की वही पिता आज अपनी बेटी की उपलब्धि पर गौरवान्वित होते हुए खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। इंस्टाग्राम पर अपनी जिंदगी की कहानी को भी मर्मर्स्पर्शी अंदाज में बयां करते हुए लिखा, जब 5 साल की थी, तो पिता को रोते हुए देखा, क्योंकि गांव के लोग उन्हें बुरा-भला कह रहे थे। वजह घर से अकेले बाहर निकलना था। ऐसा नहीं था कि किसी लड़के के चक्कर में घर से रफूचक्कर हो गई थी, बस घर से 100 मीटर दूर की दुकान तक भी अकेले जाने का गुनाह किया था। पिता जीवनभर इस वजह से शर्मिंदा महसूस करते रहे।
जब कहा गया…शादी के लिए स्नातक काफी
हर बुनियादी चीज के लिए भी जीवनभर संघर्ष करना पड़ा। पुरातत्ववेत्ता बनने के लिए इतिहास से स्नातक किया, लेकिन जब स्नातक हुआ, तो आगे की पढ़ाई के दरवाजे बंद कर दिए गए और कहा गया कि शादी करने के लिए स्नातक की पढ़ाई पर्याप्त है। उस दिन अपनी बेबसी पर खूब रोना आया। लेकिन, अपनी जिंदगी को इस दायरे में सीमित नहीं रखना चाहती थी। घर के बाहर निकलने के बजाय घर के अंदर रहकर अवसरों की तलाश शुरू की और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर बनने के लिए 1.5 साल तक ट्यूशन, इलेक्ट्रिशियन, रिसेप्शनिस्ट जैसे तमाम काम किए और आखिर एक सेकंड हैंड लैपटॉप खरीदी और कीर्ति हिस्ट्री की शुरुआत हुई।
समाज और रिश्तेदारों का दबाव, फिर भी माता-पिता ने साथ दिया
कीर्तिका कहती हैं कि वे अपने माता-पिता को अपने हालात के लिए जिम्मेदार नहीं मानती हैं, क्योंकि उन्होंने उनके दायरे में जो भी संभव था सब किया। लेकिन, गांव में माता-पिता को समाज और रिश्तेदार के दबाव में फैसले लेने होते हैं।
उत्तर भारतीयों के भोजन में नमक ज्यादा, पोटैशियम बहुत कम; पोषण की कमी से भारतीयों की किडनी हो रही खराब

स्वस्थ जीवन के लिए पोषण युक्त आहार बहुत जरूरी है, लेकिन हमारी थाली में इन पोषक तत्वों की संतुलित मात्रा का अभाव है। किसी भोजन में सोडियम तो कोई पोटैशियम का सेवन कम कर रहा है। कुछ लोग अपने दिनभर के आहार में प्रोटीन पर जोर देते हैं, लेकिन फास्फोरस या अन्य तत्व पर उनका ध्यान नहीं है। यह संतुलन उत्तर भारतीयों की थाली में सबसे ज्यादा बिगड़ा हुआ है जो इनमें गैर संचारी रोगों का जोखिम बढ़ रहा है।
जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ इंडिया और पीजीआई चंडीगढ़ के एक संयुक्त अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है, जिसे जर्नल फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन में प्रकाशित किया गया। अध्ययन में 400 से ज्यादा लोगों के दिन और रात सभी समय के भोजन की निगरानी रखी गई। जो लोग पूरी तरह से स्वस्थ हैं उनका एक अलग समूह बनाया गया और जो क्रोनिक किडनी रोग (सीकेडी) से ग्रस्त हैं उन्हें अलग समूह में रखा। विश्लेषण के दौरान जब दोनों समूह के भोजन की तुलना की गई तो रोगी और स्वस्थ लोगों के बीच एक जैसा भोजन व्यवहार देखने को मिला। इनके भोजन में नमक की मात्रा तय मानक से अधिक पाई गई, जबकि अन्य पोषक तत्व जरूरी मात्रा से कम पाए गए।
पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को जोखिम
शोधकर्ताओं के अनुसार, भोजन में सोडियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस और प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा न होने की वजह से लोगों को उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और क्रोनिक किडनी रोग सहित गैर-संचारी रोगों का जोखिम बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि अनुशंसित स्तर से अधिक नमक की खपत, अपर्याप्त पोटैशियम का सेवन और पर्याप्त मात्रा से कम प्रोटीन की खपत उच्च रक्तचाप व हृदय रोग को बढ़ावा देते हैं। अध्ययन में यह भी पता चला कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं अपने आहार में कम पोषक तत्वों पर ध्यान देती हैं, जिसकी वजह से मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी परेशानियों का जोखिम उन्हें ज्यादा है।
भोजन पर ध्यान जरूरी
द जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ के कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर विवेकानंद झा का कहना है कि भारत में लोग अलग-अलग खाद्य पदार्थ खाते हैं, इसलिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि इन बीमारियों को रोकने में मदद के लिए उन्हें कौन से पोषक तत्व मिल रहे हैं। अधिक नमक का सेवन और कम पोटैशियम का सेवन बताता है कि लोगों को अपने भोजन पर हर दिन ध्यान देने की जरूरत है।
असम के 30 संगठनों ने किया सीएए लागू करने का विरोध, जलाईं प्रतियां, आज हड़ताल का आह्वान

असम में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (सीएए), के खिलाफ जमकर विरोध हो रहा है। प्रदेश में केंद्र सरकार की खूब आलोचना हो रही है। अखिल असम छात्र संघ (आसू) और 30 स्वदेशी संगठनों ने सोमवार को गुवाहाटी, बारपेटा, लखीमपुर, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़ और तेजपुर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में विवादास्पद कानून सीएए की प्रतियां जलाई। इसके अलावा असम में 16 दलों के संयुक्त विपक्ष (यूओएफए) ने चरणबद्ध आंदोलन के तहत मंगलवार को राज्यव्यापी हड़ताल की घोषणा की है।अवैध अप्रवासियों की पहचान और निर्वासन की मांग को लेकर 1979 में छह साल तक आंदोलन चलाने वाले एएएसयू ने कहा कि वह अदालत के अंदर और बाहर इस कानून के खिलाफ लड़ेगा।
अखिल असम छात्र संघ (आसू) ने केंद्र सरकार के नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को अधिसूचित किए जाने के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने का एलान किया है। आसू के मुख्य सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य ने कहा कि हमने प्रत्येक जिले में सीएए की प्रतियां जलाने का फैसला किया है। मंगलवार को नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन (एनईएसओ) की ओर से क्षेत्र के सभी राज्यों की राजधानियों में सीएए की प्रतियां जलाई जाएंगी।
प्रदेश में 16-पक्षीय संयुक्त विपक्षी मंच, असम (यूओएफए) ने चरणबद्ध तरीके से अन्य आंदोलनात्मक कार्यक्रम शुरू करने के अलावा, मंगलवार को राज्यव्यापी हड़ताल की भी घोषणा की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, अधिनियम के कार्यान्वयन के बाद अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ राज्य भर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
सभी पुलिस थानों को अलर्ट मोड पर रखा
राज्य के सभी पुलिस स्टेशनों को अलर्ट पर रखा गया है, जबकि लगभग सभी कस्बों में प्रमुख मार्गों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं, जहां दिसंबर 2019 में अधिनियम के पारित होने के दौरान व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ था। आसू के सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य ने कहा, ‘हम सीएए के खिलाफ अपना अहिंसक, शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रखेंगे। साथ ही हम अपनी कानूनी लड़ाई भी जारी रखेंगे।’
समुज्जल भट्टाचार्य ने आगे कहा कि मंगलवार को नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन (एनईएसओ) द्वारा क्षेत्र के सभी राज्यों की राजधानियों में सीएए की प्रतियां जलाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि हम असम में मशाल जुलूस भी निकालेंगे और अगले दिन से सत्याग्रह शुरू करेंगे।
चुनावी बॉन्ड से ध्यान हटाने के लिए सीएए लागू किया गया, शरद पवार ने की केंद्र के फैसले की निंदा

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को नागरिकता (संशोधन) के नियमों को अधिसूचित करने के केंद्र के फैसले की निंदा की।उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले यह कदम संसदीय लोकतंत्र पर हमले के समान है।
पत्रकारों से बात करते हुए, पवार ने सीएए अधिसूचना को लेकर केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह नियम अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा से ठीक पहले आये हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा लोकसभा चुनावों की घोषणा से कुछ दिन पहले इस तरह का निर्णय संसदीय लोकतंत्र पर हमला है। हम इसकी निंदा करते हैं।
नरेंद्र मोदी दोबारा नहीं बनेंगे पीएम: पवार
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि सीएए इसलिए लागू किया जा रहा है क्योंकि सत्तारूढ़ सरकार को एहसास है कि लोकसभा चुनाव से पहले उसके पक्ष में कोई समर्थन लहर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘राम मंदिर का उद्घाटन किया गया लेकिन समर्थन की अपेक्षित लहर नहीं देखी गई। अब, वे सीएए अधिसूचना जारी करके एक और लहर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। कभी-कभी, वे हिंदू-मुस्लिम मुद्दों पर लोगों का ध्रुवीकरण करने की भी कोशिश करते हैं।’ राउत ने दावा किया, ‘केंद्र सरकार चाहे कितने भी सांप्रदायिक या अन्य प्रकार के तनाव पैदा कर ले, नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे।’
चुनावी बॉन्ड से ध्यान हटाने के लिए सीएए लागू किया गया
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम को लागू करने का निर्णय चुनावी बॉन्ड विवाद से लोगों का ध्यान हटाने के लिए लिया।
राजस्थान में आज आ सकती है कांग्रेस की पहली सूची

राजस्थान में लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची कल तक जारी हो सकती है। सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस सीईसी की बैठक में राजस्थान की 9 सीटों पर नाम फाइनल किए गए हैं। इनमें चूरू सीट से मौजूदा सांसद राहुल कस्वां को टिकट दिया जा रहा है। बीजेपी से टिकट कटने के बाद कस्वां ने सोमवार को ही दिल्ली में कांग्रेस ज्वाइन की है।लोकसभा चुनावों के लिए राजस्थान में कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची कल तक जारी हो सकती है। सोमवार शाम को दिल्ली में हुई सीईसी की बैठक में 9 सीटों पर नाम फाइनल किए गए हैं। इनमें जालौर, जोधपुर, बीकानेर, टोंक, भरतपुर, झुंझुनू, उदयपुर, चूरू और अलवर के नाम तय हुए जाने की जानकारी मिली है।
वहीं जालौर-सिरोही सीट पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत को टिकट दिया जा सकता है। राजस्थान की स्क्रिनिंग कमेटी ने यहां से सिंगल पैनल में वैभव का नाम सीईसी में रखा था। इनके अलावा बीकानेर से पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंद राम मेघवाल, टोंक-सवाई माधोपुर से हरीश मीणा, भरतपुर से संजना जाटव, झुंझुनू से विधायक बृजेंद्र ओला, जोधपुर से करण सिंह, अलवर से विधायक ललित यादव और उयपुर से ताराचंद मीणा को टिकट दिया जा सकता है।
गौरतलब है बीजेपी राजस्थान में लोकसभा चुनावों के लिए 15 नामों की सूची पहले ही जारी कर चुकी है। इनमें जोधपुर से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, बीकानेर से केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, बाड़मेर-जैसलमेर सीट से कैलाश चौधरी, अलवर से भूपेंद्र यादव, चूरू से देवेंद्र झाझडिया, भरतपुर से रामस्वरूप कोली, सीकर से सुमेधानंद सरस्वति, नागौर से ज्योति मिर्धा, पाली से पीपी चौधरी, जालौर-सिरोही से लुंबाराम चौधरी, उदयुर से मन्नालाल रावत, डूंगरपुर-बांसवाड़ा से महेंद्र जीत मालवीय, चित्तौड़गढ़ से सीपी जोशी, कोटा से ओम बिड़ला और झालावाड़ से दुष्यंत सिंह को टिकट दिया गया है।
इलेक्टोरल बॉन्ड मामले पर बोले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, बीजेपी अपने काले कारनामे छुपाने के लिए यह सब कर रही
इलेक्टोरल बॉन्ड मामले पर बोले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कहा- साफ हो गया कि बीजेपी अपने काले कारनामे छुपाने के लिए यह सब कर रही है। संस्थाओं की मिस-यूज करते हैं। इलेक्शन तक यह सब छुपाना चाहते हैं या लोग सिलेक्शन कमिटी में विपक्ष की राय नहीं सुनते। हमें डिसेंट नोट देना पड़ता है। कांग्रेस का कल चुनावी बॉन्ड मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन होगा।
उमर अब्दुल्ला बोले- हम कांग्रेस के साथ 3 सीटों पर समझौता के लिए तैयार
अगर हम अड़े होते तो ममता बनर्जी की तरह सभी 6 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित करते, हम 50% सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े नहीं कर रहे। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने कांग्रेस की जीती हुई सीट भी कांग्रेस के लिए नहीं छोड़ी। हम कांग्रेस के साथ 3 सीटों पर समझौता करने को तैयार हैं- नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला, जम्मू
सुप्रीम कोर्ट ने ED अधिकारियों पर हमले से संबंधित संदेशखाली मामले पर HC के आदेश में हस्तक्षेप से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने ED अधिकारियों पर हमले से संबंधित संदेशखाली मामले में CBI जांच का निर्देश देने वाले कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। हालांकि, सर्वोच्च अदालत ने राज्य पुलिस और सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट की ओर से की गई टिप्पणियों को हटा दिया।
- BJP की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक , मंगलवार को आ सकती है उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट
- देश में लोकसभा चुनाव की हलचल तेज है। बीजेपी ने इस बार 400 पार का टारगेट सेट किया है। बीजेपी ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। पीएम मोदी ने खुद चुनाव प्रचार की कमान संभाल रखी है। बीजेपी लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर चुकी है। पहली लिस्ट में 195 उम्मीदवारों के नाम हैं। अब सभी की निगाहें दूसरी लिस्ट पर हैं। बीजेपी ने केंद्रीय चुनाव समिति की आज होने वाली बैठक को टाल दिया गया है। अब यह बैठक सोमवार को शाम 6 बजे होगी। उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में दूसरी लिस्ट पर मुहर लग सकती है। 12 मार्च को बीजेपी की दूसरी लिस्ट जारी हो सकती है।




