भाजपा लोकसभा चुनाव 2024 में 400 से अधिक सीटें जीतने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। खुद पीएम मोदी अपनी जनसभाओं में ‘अबकी बार 400 पार’ जैसे नारों के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने में लगे हैं। सियासी पंडितों के मुताबिक पार्टी जीतने की अधिक संभावना रखने वाले प्रत्याशियों को टिकट बांट रही है। इसी कारण कई सांसदों के टिकट काटे भी जा रहे हैं। कर्नाटक के वरिष्ठ भाजपा नेता आर अशोक ने भी संकेत दिए हैं कि भाजपा प्रत्याशियों की अगली सूची चौंकाने वाली होगी। इसमें कई ऐसे नाम होंगे, जिन्हें वर्तमान सांसदों के नाम काटने के बाद राजनीतिक रणभूमि में उतारा जाएगा।
लोकसभा चुनाव 2024 के लिए टिकट बंटवारे का दौर शुरू हो चुका है। सत्ताधारी पार्टी भाजपा कई अहम सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का एलान कर चुकी है। ताजा घटनाक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता आर अशोक ने संकेत दिए हैं कि भाजपा की अगली सूची में कई नाम चौंकाने वाले हो सकते हैं। उन्होंने कहा है कि कई सांसदों का पत्ता साफ हो सकता है।
उन्होंने पार्टी की उच्च स्तरीय बैठक में हुई चर्चा के हवाले से कहा कि सोमवार को टिकट बंटवारे पर मंथन हुआ। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने कहा, केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में राज्य के नेताओं से विस्तृत परामर्श हुआ। बैठक में चर्चा के बाद यह तय किया गया कि कुछ सीटों पर नए प्रत्याशियों के नाम पर विचार किया जाएगा, भले ही इसके लिए वर्तमान सांसदों के टिकट काटने पड़ें। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की सभी 28 लोकसभा सीटों से जुड़े पहलुओं पर गहन मंथन के बाद टिकट के लिए उपलब्ध प्रत्याशियों के नाम पर चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा प्रमुख नड्डा की मौजूदगी में हुआ मंथन
अशोक ने कहा कि सोमवार को भाजपा मुख्यालय में हुई बैठक में कर्नाटक की सभी 28 लोकसभा सीटों के बारे में विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और कर्नाटक भाजपा इकाई के कई नेता शामिल हुए। केंद्रीय नेतृत्व ने सभी नेताओं से राय ली। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष भी मौजूद रहे। बैठक के लिए कर्नाटक से दिल्ली पहुंचे नेताओं में आर अशोक और संसदीय बोर्ड के सदस्य बीएस येदियुरप्पा (पूर्व मुख्यमंत्री), संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी, कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और भाजपा के राज्य संगठन सचिव राजेश जीवी भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि आर अशोक कर्नाटक के पूर्व उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों के चयन और भाजपा की दूसरी सूची के बारे में एक सवाल पर राष्ट्रीय राजधानी में यह बयान दिया।
टिकट बांटने से पहले अलग-अलग पहलुओं पर मंथन कर रहा भाजपा आलाकमान

अशोक के मुताबिक कर्नाटक की सभी सीटों पर उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा के लिए अब संभवत: कोई और बैठक नहीं होगी। उन्होंने कहा कि लगभग सभी सीटों पर उम्मीदवारों के नाम फाइनल हो चुके हैं। पार्टी आलाकमान अंतिम फैसला लेने के बाद एक या दो सूचियों में सभी प्रत्याशियों के नाम का एलान कर देगी। कुछ मौजूदा सांसद नए चेहरों के लिए रास्ता बनाने के लिए चुनाव नहीं लड़ने का फैसला करेंगे या पार्टी इनके टिकट काट सकती है। इस सवाल पर आर अशोक ने कहा कि कुछ नेताओं ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की घोषणा की है। ऐसे में इन सीटों पर नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। अन्य सीटों पर उम्मीदवारों का चयन राजनीतिक प्रदर्शन, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में जनाधार और जनता का मूड और जातिगत समीकरण जैसे फैक्टर पर भी निर्भर होगा।
तीन कद्दावर नेताओं के सियासी भविष्य पर सस्पेंस

कर्नाटक विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने कहा, वे सटीक संख्या नहीं बता सकते कि कितने सांसदों का टिकट कटेगा, लेकिन बदलाव निश्चित है। अंतिम फैसला आलाकमान करेगा। भाजपा नए प्रत्याशियों को लगातार मौके देते रहती है। इसलिए कुछ फैसले चौंकाने वाले जरूर होंगे। दक्षिण कन्नड़ से मौजूदा सांसद नलिन कुमार कतील, उत्तर कन्नड़ से अनंत कुमार हेगड़े और मैसूर से प्रताप सिम्हा को दोबारा टिकट न मिलने की अटकलों पर आर अशोक ने कहा, सोशल मीडिया पर भावनात्मक टिप्पणियां हो रही हैं। भाजपा की बैठक में हुई चर्चा को वे सार्वजनिक नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि मौजूदा सांसदों को भी उम्मीदें बरकरार रखनी चाहिए। सूची जारी होने से पहले अंतिम मिनट तक संभावनाओं को खारिज नहीं किया जा सकता।
शाही परिवार से जड़ी अटकलें, अन्य दिग्गजों के नाम पर भी कयासबाजी
भाजपा मैसूरु में रहने वाले शाही परिवार के वंशज यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार को मैसूरु सीट से लोकसभा प्रत्याशी बना सकती है। टिकट मिलने की अटकलों पर आर अशोक ने कहा, उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं। उन्होंने यदुवीर से संपर्क नहीं किया है। उनसे टिकट के संबंध में बात भी नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे को उडुपी-चिकमंगलूर से हटाकर बंगलूरू उत्तर से राजनीतिक रणक्षेत्र में उतारा जा सकता है।
खबरों के मुताबिक भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में कर्नाटक की गठबंधन सहयोगी जेडीएस को ऑफर किए जाने वाले निर्वाचन क्षेत्रों पर भी चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक जेडीएस तीन सीटों- मांड्या, हासन और कोलार पर चुनाव लड़ सकती है। एक उम्मीदवार के भाजपा के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक प्रसिद्ध कार्डियक सर्जन और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के दामाद डॉ. सीएन मंजूनाथ बंगलूरू ग्रामीण क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं। इस सीट पर मौजूदा सांसद और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश कांग्रेस उम्मीदवार हैं।
कर्नाटक की संसदीय सीटों पर भाजपा का जनाधार काफी मजबूत
गौरतलब है कि भाजपा ने कर्नाटक में पांच साल पहले- 2019 में कराए गए लोकसभा चुनावों में कुल 28 सीटों में से 25 सीटें हासिल की थीं। भाजपा समर्थित एक निर्दलीय सांसद मांड्या लोकसभा सीट से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुआ था। 2019 में कर्नाटक में कांग्रेस और पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा की पार्टी- जेडीएस के गठबंधन वाली सरकार थी। साथ मिलकर चुनाव लड़ने के बावजूद लोकसभा चुनाव में उन्हें करारी शिकस्त मिली और दोनों दल- केवल एक-एक सीट जीतने में सफल रहे।





