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एक और लेटर बम ने बढ़ाई महाराष्ट्र सरकार की मुश्किल, IPS रश्मि शुक्ला ने किए कई खुलासे!

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महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार के ऊपर लगातार संकट के काले बादल मंडरा रहे हैं. जहां हाल ही में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्‍नर परमबीर सिंह की चिट्ठी ने राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख की मुश्किलें बढ़ी दी थी तो वहीं अब एक और लेटर बम सामने आया है जिसने कोहराम मचा दिया है. जी हां अगस्त 2020 में तत्कालीन इंटेलिजेंस कमिश्नर रश्मि शुक्ला ने डीजीपी को ये खत लिखा था. इस खत में पुलिस महकमे के अंदर ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए एक दलाली नेटवर्क की बात कही गई थी. इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट ने कुछ फोन भी सर्विलांस पर लिए थे, जिसके आधार पर ये सुराग मिले थे कि इस दलाली नेटवर्क के नेताओँ और बड़े अफसरों की बीच गहरी पैठ है. लेकिन रश्मि शुक्ला की रिपोर्ट पर कोई एक्शन लेने की बजाय उन्हें हाशिए पर कर दिया गया थाफैसला’इसी चिट्ठी का हवाला देकर पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि वो इस मसले को लेकर केंद्रीय गृह सचिव से मुलाकात करेंगे और पूरे विवाद की सीबीआई जांच की अपील करेंगे.

उधर गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे परमबीर सिंह ने याचिका में अपने ही बैच की आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्‍ला का जिक्र किया है. शुक्‍ला ने कॉल रिकॉर्डिंग्‍स के आधार पर देशमुख के खिलाफ भ्रष्‍टाचार के आरोप लगाए थे. अपनी याचिका में सिंह ने कहा कि इस बारे में पक्‍की जानकारी है कि टेलीफोन पर हुई बातचीत सुनने के बाद, तब स्टेट इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट की कमिश्नर रहीं रश्मि शुक्‍ला ने ट्रांसफर-पोस्टिंग में अनिल देशमुख की हरकतों की जानकारी पुलिस महानिदेशक को दी थी. उन्‍होंने ये बात महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव को बताई. सिंह का दावा है कि “अनिल देशमुख के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें पद से हटा दिया गया.बता दें कि रश्मि शुक्‍ला और परमबीर सिंह, दोनों 1988 के आईपीएस बैच से हैं. फिलहाल वो सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स में ऐडिशनल डायरेक्‍टर जनरल  हैं. उससे पहले वो डीजी के पद पर थीं. स्टेट इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट की कमिश्‍नर होने के दौरान उन्‍होंने अनिल देशमुख को लेकर शिकायत की थी. उससे पहले वो पुणे के पुलिस कमिश्‍नर का पद भी संभाल चुकी हैं. तो इस तरह से महाराष्ट्र सरकार अब बुरी तरह से फंस गई है. एक मामला ठंडा नहीं पड़ता है कि दूसरा सामने आ जाता है.

Ramswaroop Mantri

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