मुंबई
महाराष्ट्र में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह और गृहमंत्री अनिल देशमुख के विवाद में रोजाना नई परतें खुल रही हैं। पता चला है कि परमबीर सिंह की पत्नी सविता सिंह 5 कंपनियों में डायरेक्टर हैं। हालांकि LIC हाउसिंग ने पिछले साल TRP मामले में परमबीर सिंह की कार्रवाई के बाद जबरदस्ती उनसे बोर्ड से इस्तीफा दिलवा दिया था।

परमबीर सिंह की पत्नी सविता एडवोकेट फर्म खेतान एंड कंपनी में पार्टनर हैं। कहा जाता है कि वे खेतान से सालाना 2 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाती हैं।
सविता सिंह एक बड़ी कॉर्पोरेट प्लेयर हैं। सविता इंडिया बुल्स ग्रुप की 2 कंपनियों में डायरेक्टर हैं। वे एडवोकेट फर्म खेतान एंड कंपनी में पार्टनर हैं। सविता कॉम्प्लेक्स रियल एस्टेट ट्रांजेक्शन और विवादों के लिए अपने ग्राहकों को सलाह देती हैं। वे ट्रस्ट डीड, रिलीज डीड और गिफ्ट डीड पर भी सलाह देती हैं। उनके ग्राहकों में ओनर, खरीदार, डेवलपर्स, कॉर्पोरेट हाउसेज, घरेलू निवेशक और विदेशी निवेशक शामिल हैं।
हरियाणा से PG और मुंबई से लॉ किया
सविता सिंह ने हरियाणा की कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की है। इसके बाद उन्होंने मुंबई से लॉ में ग्रेजुएशन किया है। वे 28 मार्च 2018 को इंडिया बुल्स प्रॉपर्टी की डायरेक्टर बनी थीं। यस ट्रस्टी में भी 17 अक्टूबर 2017 को डायरेक्टर बनीं। वे इंडिया बुल्स असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी में भी डायरेक्टर हैं। सोरिल इंफ्रा में भी डायरेक्टर थीं। सोरिल इंडिया बुल्स की ही कंपनी है। कहा जाता है कि वे खेतान से सालाना 2 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाती हैं।
परमबीर के दिल्ली कनेक्शन पर नवाब मलिक करेंगे बड़ा खुलासा
NCP के प्रवक्ता नवाब मलिक ने पिछले दिनों कहा था कि वे समय आने पर बहुत बड़ा धमाका करेंगे। उन्होंने कहा था कि परमबीर सिंह दिल्ली में किससे मिले और क्या बात हुई, इसका खुलासा वे समय आने पर करेंगे। अब माना जा रहा है कि BJP से परमबीर सिंह की नजदीकियां है।
परमबीर सिंह के समधी BJP नेता
परमबीर सिंह के बेटे रोहन की शादी बेंगलुरू में हुई थी। यह शादी बहुत ही धूमधाम से हुई थी। रोहन की पत्नी राधिका BJP के कद्दावर नेता दत्ता मेघे की पोती हैं। दत्ता मेघे विदर्भ के अलगाव आंदोलन के सबसे बड़े चेहरे थे। राधिका के पिता सागर मेघे नागपुर में बिजनेसमैन हैं। वे लोकसभा चुनाव भी लड़े थे, पर हार गए। उनके चाचा समीर मेघे विधायक हैं। कहा जाता है कि शादी का पूरा खर्च मेघे परिवार ने उठाया था। बाद में रोहन के परिवार ने मुंबई में रिसेप्शन दिया था।
कंपनी में 4 IPS की पत्नियां डायरेक्टर
दूसरी ओर श्रेयस मैनेजमेंट में 4 IPS अधिकारियों की पत्नियां डायरेक्टर हैं। इनमें मेघा विवेक फणसलकर, सविता परमबीर सिंह, सुरुचि देवेन भारती और मनीषा सदानंद दाते शामिल हैं। यह कंपनी पुलिस विभाग के लिए काम करती है। मेघा ठाणे के पुलिस कमिश्नर विवेक फणसलकर की पत्नी हैं। वे 5 फरवरी 2014 को डायरेक्टर बनी थीं। वे तिसर रूरल हैंडीक्राफ्ट में भी डायरेक्टर हैं। इसी कंपनी में मैत्रेयी विवेक फणसलकर भी डायरेक्टर हैं। माइक्रो एसोसिएट्स कंसलटेंसी में भी वे डायरेक्टर हैं।

श्रेयस मैनेजमेंट में डायरेक्टर 4 IPS अधिकारियों की पत्नियां।
परमबीर सिंह ने देवेन भारती की जांच रुकवाई थी
सुरुचि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) देवेन भारती की पत्नी हैं। वे 26 अगस्त 2008 को डायरेक्टर बनी थीं। देवेन भारती वही अधिकारी हैं, जिनके खिलाफ सबसे सीनियर DG संजय पांडे ने जांच की थी। इस जांच को परमबीर सिंह ने रुकवा दिया था। उस समय के DG सुबोध जायसवाल ने भी जांच रोकी थी। अतिरिक्त गृह सचिव ने भी इस जांच को रोक दिया था।
आप ने देवेन भारती के खिलाफ खोला है मोर्चा
पिछले 2 दिनों से आम आदमी पार्टी ने मुंबई में देवेन भारती के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। पार्टी का आरोप है कि देवेन भारती के रिश्ते बुकी और अन्य गलत लोगों के साथ हैं। पार्टी ने एक वीडियो जारी कर यह आरोप लगाया था। वैसे देवेन भारती मुंबई पुलिस में संयुक्त कमिश्नर (ज्वॉइंट सीपी- लॉ एंड ऑर्डर) के रूप में 4 साल से ज्यादा समय तक रहे। उस समय BJP की सरकार थी।
सबसे लंबे समय तक ज्वॉइंट CP रहे भारती
इस पद पर भारती सबसे लंबे समय तक रहने वाले अधिकारी हैं। 2 साल से ज्यादा इस पद पर किसी को नहीं रखा जाता है। उनका बाद में ATS में तबादला कर दिया गया था। महाविकास आघाड़ी की सरकार आने के बाद देवेन भारती को ATS से हटाकर महाराष्ट्र स्टेट सिक्योरिटी में भेज दिया गया।
परमबीर सिंह का मामला अब सियासी होने वाला है
सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा मामला अब राजनीतिक होने वाला है। इसमें NCP और BJP सामने आने वाली हैं। BJP को घेरने के लिए देवेन भारती की जांच की जा सकती है। हालांकि BJP सरकार के समय जो भी IPS टॉप पर थे, वे सभी इस समय केंद्र सरकार में हैं। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ दत्ता पडसलगीकर भी हैं।
दत्ता भाजपा सरकार के समय 2016 में मुंबई के कमिश्नर थे। बाद में वे DGP बने। 2019 में वे NSA में चले गए। दत्ता पहले भी इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में रहे हैं। उसके बाद से 3 अधिकारी सुबोध जायसवाल, रश्मि शुक्ला और मनोज शर्मा भी केंद्र में चले गए हैं।






Wrong tasveer laga rakhi aapne. Ye koi aur savita Singh hain, ye professor hai. Kisi ki patni nahin. Kripya ise turant hatayen. Police mein report karni pad jayegi nahin to.