अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

गांधी की प्रासंगिकता किसी फिल्म की मोहताज नही

Share

आशीष रंजन चौधरी 

सन् 1930 का दौर जब महात्मा गांधी ने अपने 78 अनुयायियों के साथ साबरमती आश्रम से दांडी तक की 385 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर ब्रिटिश हुकूमत द्वारा बनाए गए नमक कानून को तोड़ा था, गांधी जी ने अपने इस कदम के बदौलत ब्रिटिश शासन की नींदे हराम कर दी थी। दुनिया के सभी बड़े प्रतिष्ठित समाचार-पत्रों में गांधी जी के इस कदम ने सुर्खियां बटोरी थी, ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ जैसे समाचार-पत्र में यह खबर पहले पन्ने पर प्रकाशित की गई थी। इस घटना के बाद वैश्विक स्तर पर गांधी की छवि एक नायक के रूप में उभर कर सामने आई थी।

सन् 1931, जब लंदन में हुए दूसरे गोलमेज सम्मेलन में महात्मा गांधी को आमंत्रित किया गया। गांधी जी जब उस सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे तो उन्हें देखने के लिए लंदन की सड़को पर ऐसी भीड़ इकट्ठी हो गई, जिसे देखकर विंस्टन चर्चिल तक हैरान हो गए थे।

नामक सत्याग्रह के बाद टाइम मैगजीन ने गांधी जी को अपने कवर पर प्रकाशित किया और उन्हें ‘संत गांधी’ बताया, उसी टाइम मैगजीन ने सन् 1931 में जब गांधी को पुनः अपने कवर पर प्रकाशित किया तो उन्हें इस बार “ मैन ऑफ द ईयर’ की उपाधि दी।

20 सितंबर 1931 को ‘बर्लिंगर्लिंटन हॉक आई’ नामक समाचार-पत्र में गांधी जी को लेकर एक खबर प्रकाशित की गई, जिसमें उन्हें ‘दुनिया का सबसे अधिक चर्चित आदमी’ बताया गया।

दुनिया के मशहूर वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने गांधी का जिक्र करते हुए एक बार कहा था कि हम हम बड़े भाग्यशाली हैं और हमें कृतज्ञ होना चाहिए कि ईश्वर ने हमें गांधी जैसा प्रकाशमान समकालीन पुरुष दिया है जो भावी पीढ़ियों के लिए भी प्रकाश स्तंभ का काम करेंगे, भविष्य की पीढ़ियों को इस बात पर विश्वास करने में मुश्किल होगी कि हाड़-मांस से बना ऐसा कोई व्यक्ति भी कभी धरती पर आया था।

दूसरे गोलमेज सम्मेलन के दौरान जब चार्ली चैप्लिन का महात्मा गांधी जी से मिलना हुआ तब उन्होंने कहा कि गांधी सबसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों में से एक थे जिनसे अब तक मुझे मिलने का अवसर मिला, लेकिन साथ ही वह सबसे देवतुल्य भी थे।

बाद में जब चार्ली चैपलिन ने 1940 में एडोल्फ हिटलर के तानाशाही व्यवहार के खिलाफ ‘द डिक्टेटर’ नामक फिल्म बनाई तो उस में शांतिपूर्ण और अहिंसक विरोध की वकालत की। फिल्म के समापन का हिस्सा स्पष्ट रूप से महात्मा गांधी के प्रभाव को दर्शाता था।

मार्टिन लूथर किंग जूनियर जो कि अफ्रीकी-अमेरिकी नागरिक अधिकारों के संघर्ष के प्रमुख नेता थे, वह गांधी को अपना आदर्श मानते थे। उन्होंने जनवरी 30, 1958 को ‘द हिंदुस्तान टाइम्स’ में अपने एक आलेख में लिखा कि मैंने बहुत शुरुआती चरण में देखा कि गांधी की अहिंसा की पद्धति और प्रेम की नैतिकता का होना लोगों के लिए स्वतंत्रता और मानव के इस संघर्ष के लिए उपलब्ध सबसे अच्छा हथियार है। यह अच्छी तरह से हो सकता है कि गांधीवादी दृष्टिकोण अमेरिका में नस्ल भेद की समस्या का समाधान लाए।

दक्षिण अफ्रीका के  प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला ने “पवित्र योद्धा” शीर्षक निबंध में लिखा था कि देश में नस्लीय रंगभेद को समाप्त करने के लिए वह भारत में गांधी के आंदोलन से प्रेरित थे। उन्होंने आगे लिखा कि गांधी जी कोई साधारण नेता नहीं थे। उन्होंने नैतिकता को एक दृढ़ संकल्प के साथ जोड़ा, जिसके बदौलत ही उन्होंने उत्पीड़क ब्रिटिश साम्राज्य के साथ समझौता न करने का निर्णय लिया, वह असल मायनों में हमारे प्रेरणाश्रोत हैं।

सन् 1950 में कैलिफोर्निया, अमेरिका के अंदर एक गांधी विश्व शांति स्मारक बनाया गया। सन् 1968 में लंदन में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण इंग्लैंड के तत्कालीन प्रधानमंत्री हेराल्ड विल्सन ने किया। दुनिया भर में गांधी जी की सैंकड़ों प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी है, अधिकांश देशों में उनके नाम पर किसी न किसी सड़क या किसी संस्थान का नाम रखा जा चुका है और अनेकों विश्वविद्यालय की नींव रखी जा चुकी है। दुनिया भर में सबसे अधिक पुस्तकें गांधी के ऊपर लिखी गई है।

ऐसे में बीते बुधवार (29 मई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा अपने एक इंटरव्यू में यह कहना कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को सन् 1982 में बनी फिल्म ‘गांधी’ से पहले कोई नहीं जानता था और पिछले 75 सालों में बापू को किसी प्रकार की कोई वैश्विक मान्यता नहीं मिली, यह बयान बेहद हास्यास्पद प्रतीत होता है।

रिपोर्ट- आशीष रंजन चौधरी

छात्र, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें