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रिप्रोडक्टिव हेल्थ डेमेज करती है पीरियड्स संबंधी लापरवाही

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     (यह लेख चेतना मिशन की डॉक्टर प्रिया से प्राप्त जानकारी पर आधारित है)

 ~ रिया यादव, भोपाल 

पीरियड्स के दौरान हाइजीन का ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण है। आम दिनों में भी इंटिमेट हाइजीन बेहद जरूरी होती है, परंतु जब हम पीरियड्स में होते हैं तो हाइजीन मेंटेन करना अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। पूरे दिन पैड, मेंस्ट्रूअल कप आदि के इस्तेमाल से वेजाइना इरिटेट हो जाती है। 

      ऐसे में इंटिमेट हाइजीन के प्रति की गई छोटी सी भी लापरवाही आपको बड़ी परेशानी में डाल सकती है। इन दिनों संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कई बार पीरियड्स हाइजीन के प्रति बरती गई लापरवाही रिप्रोडक्टिव हेल्थ को प्रभावित कर सकती है।

इनफर्टिलिटी का कारण बनता है पीरियड हाइजीन को नजरअंदाज करना :

    पीरियड्स के स्वच्छता संबंधी मुद्दे प्रजनन स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। वहीं इसके परिणामस्वरूप कई रिप्रोडक्टिव समस्याएं हो सकती हैं। यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन और बैक्टीरियल वेजिनोसिस जैसे बैक्टिरियल इन्फेक्शन उन्हेल्दी सामग्रियों का उपयोग करने या पीरियड्स उत्पादों को अक्सर पर्याप्त रूप से न बदलने के कारण हो सकते हैं।

      यदि समय पर इनका इलाज नहीं किया जाता है, तो इन संक्रमणों के रिप्रोडक्टिव ऑर्गन में जाने और पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी) उत्पन्न करने की क्षमता होती है, जिससे इनफर्टिलिटी या लगातार पेल्विक दर्द हो सकता है।

      गंदे, गीले पीरियड प्रोडक्ट्स के लंबे समय तक उपयोग से चकत्ते, त्वचा में जलन और फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। अनडेवलप एरिया में, पीरियड हाइजीन के अनुचित प्रबंधन के कारण लड़कियां कई चीजों में पार्टिसिपेट नहीं कर पाती।

      सेहत के साथ साथ पीरियड्स को लेकर चली आ रही सामाजिक अवधारणाओं से भी लड़कियों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सभी बातों पर विचार करने पर, रिप्रोडक्टिव हेल्थ से लेकर अन्य प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से बचने और पीरियड्स अनुभव करने वाली महिलाओं की भलाई की गारंटी के लिए उचित मासिक धर्म स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है।

ये हैं मेंस्ट्रुअल हाइजीन मेंटेन करने के लिए खास टिप्स :

*1. हर 4 घंटे पर बदले पैड :*

सभी महिलाओं के लिए हर 4 घंटे पर मेंस्ट्रूअल हाइजीन प्रोडक्ट को बदलना बेहद महत्वपूर्ण है। 

      आपके पैड या अन्य प्रोडक्ट्स ब्लड के कारण गीले हो जाते हैं, वहीं ऐसे में इन्हे लंबे समय तक गिला छोड़ने की वजह से संक्रमण फैलाने वाले जीवाणुओं के ग्रोथ का खतरा बढ़ जाता है। अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित करें और हर चार घंटों पर पैड जरूर बदलें।

*2. एक समय में एक ही पीरियड प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें :*

बहुत सी महिलाएं एक साथ दो पैड या एक पैड एक टैंपोन का इस्तेमाल करती हैं। यह बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। ऐसा करना अनकंफरटेबल होने के साथ ही अनहाइजीनिक भी होता है। जिसकी वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, खासकर स्किन रैशेज और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए एक समय में एक ही हाइजीन प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें।

*3. हाइड्रेटेड रहें :*

पीरियड्स के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर अपनी बॉडी को हाइड्रेटेड रखें। इससे यूरिन क्लियर रहेगा और यदि किसी प्रकार के हानिकारक बैक्टीरिया हुए तो वे यूरीनेट करने से निकल जायेंगे। ऐसे में आप संक्रमण से सुरक्षित रहेंगी।

*4. साबुन और वेजाइनल हाइजीन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें :*

     वेजाइना सेल्फ क्लींजिंग मेकैनिज्म अपनाती है। ऐसे में यदि आप साबुन या सेंटेड वेजाइनल हाइजीन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं, तो इससे वेजाइना के पीएच के साथ ही गुड और बैड बैक्टीरिया भी असंतुलित हो सकते हैं। जिसकी वजह से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। खासकर पीरियड के दौरान वेजाइना नॉर्मल नहीं होती, ऐसे में संक्रमण का अधिक खतरा होता है।

Ramswaroop Mantri

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