भोपाल। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने उपचुनाव में दमोह विधानसभा सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए जातीय जमावट के तीर जमा दिए हैं। इसमें जहां प्रत्येक बूथ जीतने और मैदानी कार्यकर्ताओं को चुनावी माहौल में बांधे रखने के लिए राज्य सरकार के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है वहीं असंतुष्टों को मनाने में भी वे कामयाब हुए हैं। यही वजह है कि वीडी शर्मा की जयंत मलैया से मुलाकात के बाद ही पिछले कई चुनाव इस सीट से जीत चुके पूर्व मंत्री जयंत मलैया और उनके बेटे सिद्धार्थ मलैया के विद्रोही स्वर शांत हो गए हैं। यही नहीं सिद्धार्थ ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि मैं अपने पिता के कहने पर पार्टी के साथ हूं और पार्टी के लिए काम करूंगा। संगठन ने जमावट के समीकरणों में बदलाव करते हुए नगरीय आवास एवं विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह के बाद अब इस सीट की जिम्मेदारी लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव को सौंपी है। दरअसल गोपाल भार्गव और उनके बेटे अभिषेक भार्गव का दमोह में अच्छा खासा प्रभाव है। अभिषेक पिछले समय से दमोह से लोकसभा चुनाव की दावेदारी भी कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले जब कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए राहुल सिंह को दमोह से प्रत्याशी बनाए जाने की बात चली तो सिद्धार्थ मलैया ने अपने अलग तेवर दिखाते हुए आशीर्वाद यात्रा निकाली थी। उनकी इस यात्रा को समर्थन देने गोपाल भार्गव के पुत्र अभिषेक भार्गव भी पूरे लाव-लश्कर के साथ पहुंचे थे। दरअसल इसकी बड़ी वजह यह भी है कि गोपाल भार्गव और जयंत मलैया के आपसी संबंध पहले से ही मधुर रहे हैं।
वीडी से 20 मिनट में समझ गए सिद्धार्थ
प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने सिद्धार्थ को बातचीत के लिए भोपाल बुलाया था। 20 मिनट बंद कमरे में बातचीत के बाद सिद्धार्थ मलैया खुशी मन से दमोह लौटे। वहीं अब भाजपा भी अपने वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री जयंत भैया को चुनाव में अहम जिम्मेदारी देकर मैदान में उतारने जा रही है। 30 मार्च को राहुल लोधी के नामांकन के दौरान मलैया परिवार साथ रहेगा। वहीं पार्टी में एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन भी दिखाई देगा। दरअसल नामांकन के बाद प्रदेश अध्यक्ष शर्मा सहित पूरा संगठन दमोह में डेरा डालेगा। भाजपा पूरे दमखम के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में जुटी है। यही वजह है कि पार्टी प्रत्याशी द्वारा नामांकन जमा करने के पहले घर के सभी कोनों को कस दिया गया है। बुंदेलखंड के कद्दावर वरिष्ठ नेता और विधायक गोपाल भार्गव को भाजपा ने पहले ही बतौर मंत्री चुनाव का प्रभारी बनाकर पूरे परिवार की नाराजगी मिटा दी थी। यही नहीं भार्गव को चुनाव प्रभारी बनाने के साथ ही उनके पुत्र अभिषेक की नाराजगी को भी शांत कर दिया गया है। अगले कदम में संगठन को मलैया परिवार का भी साथ मिल गया है। मलिया परिवार की नाराजगी मिटाने का काम खुद प्रदेशाध्यक्ष शर्मा ने किया। पूर्व वित्त मंत्री और छह बार कि अपने विधायक जयंत मलैया को लेकर पार्टी पहले से ही आश्वस्त थी। पार्टी को विश्वास था कि मलैया किसी फैसले से नाराज हो सकते हैं लेकिन पार्टी को नुकसान कभी नहीं पहुंचा सकते। सिद्धार्थ और प्रदेश अध्यक्ष शर्मा की चर्चा में मलैया परिवार को चुनाव में मिलने वाले जिम्मेदारी पर भी खुलकर चर्चा हुई है। यानी अब प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों भूपेंद्र सिंह और गोपाल भार्गव के साथ दमोह जिले में भाजपा का सबसे ताकतवर परिवार भी चुनाव मैदान में नजर आएगा। सूत्रों की मानें तो बूथ स्तर तक की जमावट और प्रबंधन की कमान मलैया परिवार को सौंपी जा सकती है।
सामाजिक समीकरण साधने पहुंचेंगे दिग्गज
दमोह सीट लोधी, कुर्मी, पटेल के साथ ही ब्राह्मण और जैन वोटर अधिक हैं। प्रत्याशी की जीत यही तय करते हैं। ऐसे में भाजपा ने केंद्रीय मंत्री और दमोह के सांसद प्रह्लाद पटेल, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, प्रदेश सरकार के गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल, प्रद्युम्न लोधी सहित कई दिग्गजों को मैदान में उतारा है। संघ की ओर से विधानसभा के प्रत्येक मंडल और बूथ स्तर तक मैदानी तैयारी की जा रही है। जिसमें संघ के प्रचारक कई स्तरों पर अपनी रिपोर्ट उच्च पदाधिकारियों को देंगे।
संघ, भाजपा संगठन और पार्टी के दिग्गजों का रहेगा डेराhttps://googleads.g.doubleclick.net/pagead/ads?client=ca-pub-3145509372542302&output=html&h=280&adk=1832338718&adf=2051423630&pi=t.aa~a.1307298166~i.11~rp.1&w=900&fwrn=4&fwrnh=100&lmt=1616896202&num_ads=1&rafmt=1&armr=3&sem=mc&pwprc=6995881272&psa=1&ad_type=text_image&format=900×280&url=https%3A%2F%2Fwww.bichhu.com%2Fbreaking-news%2Fvd-starts-gathering-arrows-of-ethnic-gathering-in-damoh%2F&flash=0&fwr=0&pra=3&rh=200&rw=900&rpe=1&resp_fmts=3&wgl=1&fa=27&adsid=ChEI8K_7ggYQvt_7hbDV-NbBARI9AMMybrWR95Dus9QYVlXhfZ4x8cGPpWGZoxtZk88vB83wTJ3pcJLigmZQp_9c9IGOeIG326bwTYjAIysKEw&uach=WyJXaW5kb3dzIiwiMTAuMCIsIng4NiIsIiIsIjg5LjAuNDM4OS45MCIsW11d&dt=1616896226238&bpp=23&bdt=1172&idt=24&shv=r20210322&cbv=r20190131&ptt=9&saldr=aa&abxe=1&cookie=ID%3D064bae0380fde21a-2253ec6cd5b80098%3AT%3D1614476803%3ART%3D1614476803%3AS%3DALNI_MaFIFSfsHo_mpNpsmZbap5W2dAZQQ&prev_fmts=728×90%2C728x90%2C0x0&nras=2&correlator=4819134069100&frm=20&pv=1&ga_vid=218248310.1614476804&ga_sid=1616896226&ga_hid=2047237316&ga_fc=0&u_tz=330&u_his=4&u_java=0&u_h=768&u_w=1366&u_ah=728&u_aw=1366&u_cd=24&u_nplug=3&u_nmime=4&adx=70&ady=1701&biw=1349&bih=600&scr_x=0&scr_y=0&eid=21068084%2C44740079%2C44739387&oid=3&pvsid=2235125144170594&pem=193&ref=https%3A%2F%2Fwww.bichhu.com%2F&rx=0&eae=0&fc=384&brdim=0%2C0%2C0%2C0%2C1366%2C0%2C1366%2C728%2C1366%2C600&vis=1&rsz=%7C%7Cs%7C&abl=NS&fu=8320&bc=31&ifi=4&uci=a!4&btvi=1&fsb=1&xpc=olxSkNjIag&p=https%3A//www.bichhu.com&dtd=43
दमोह में संगठन द्वारा घर-घर जनसंपर्क का काम पहले से ही चल रहा है, लेकिन नामांकन के साथ ही भाजपा का पूरा संगठन, आरएसएस और भाजपा का डेरा दमोह में ही रहेगा। सूत्रों की जानकारी के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा मतदान तक अधिकांश समय दमोह में ही रहेंगे। इस दौरान वे सभी दिग्गजों को साधने के साथ ही बूथ स्तर तक नजर रखेंगे। आरएसएस भी पूरी ताकत के साथ बूथ स्तर तक सक्रिय रहेगा प्रदेश सह संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा जिम्मेदारी संभालते हुए लगातार दमोह में ही रहेंगे। चुनाव प्रभारी भार्गव और भूपेंद्र सिंह पहले से ही क्षेत्र में सक्रिय हो चुके हैं। दिग्गजों की मौजूदगी का लाभ मैदानी स्तर पर पार्टी को एकजुट करने और असंतुष्ट नेताओं व कार्यकतार्ओं को शांत रखने में भी मिल सकेगा।
नामांकन में दिखेगी एकजुटता
भाजपा 30 मार्च को अपने प्रत्याशी राहुल सिंह के नामांकन जमा कराने के दौरान एकजुटता और पूरी ताकत दिखाएगी। इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, सह संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, दोनों प्रभारी भूपेंद्र सिंह गोपाल भार्गव के अलावा जयंत मलैया भी साथ रहेंगे। साथ ही हर मंडल और बूथ के कार्यकर्ता नामांकन के दौरान साथ देंगे। नामांकन के दौरान आम सभा को भी दिग्गजों द्वारा संबोधित किया जाएगा।
दमोह में जीत सुनिश्चित करने के लिए जातीय जमावट





