झाबुआ
बिलीडोज में ग्रामीणों ने धुलेंडी पर्व पर गल घूमकर मन्नत पूरी की। यहां वर्षों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन किया। यहां ग्रामीण करीब 20 फीट ऊंचे गल पर लटक कर हवा में घूमे। मन्नतधारी को कमर के बल रस्सी से बांधा गया। फिर मन्नत के अनुसार वह गल देवता की जय करते हुए हवा में झूलते हुए 5 से 7 परिक्रमा करते रहे।
इस आयोजन को देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इसके अलावा ग्राम खरडूबड़ी में भी ग्रामीणों ने गल घूमा। ढोल-मांदल के साथ ग्रामीण मन्नतधारियों को लेकर गल स्थल पर पहुंचे। पश्चात उसे मचान पर चढ़ाकर गल घुमाया गया। यहां करीब 15 मन्नतधारियों ने गल घूमा। आयोजन देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे।

ग्राम पंथ बोराली और टेमरिया में धुलेंडी पर हुआ चूल का आयोजन
करड़ावद | धुलेंडी पर गेर निकाली। शाम को ग्राम पंथ बोराली व टेमरिया में चूल का आयोजन किया गया। शुद्ध देसी घी और बबूल की लकड़ी से 11 फीट लंबी चूल तैयार की गई। दहकते अंगारों और भभकती आग पर 20 से ज्यादा मन्नतधारी चले। जो आसानी से चलकर निकल गए। रामुड़ी पति नानू राम निनामा ने बताया 12 वर्ष की थी तब से हर साल चूल पर चल रही है। सुख-शांति की हिंगलाज माता से मन्नत मांगते हैं। फिर मन्नत पूरी करते हैं।




