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वल्लभ भवन में फेस रिकग्नाइजेशन से लगेगी हाजरी

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भोपाल। राज्य मंत्रालय अब पूरी तरह से हाइटेक होने जा रहा है। जिससे गड़बड़ी के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत हो रही है। इसके लिए नई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। नए साल में इसे प्रशासनिक ढांचे में सुधार के लिए बड़े निर्णय के रुप में देखा जा रहा है। दरअसल, नए साल के पहले ही दिन से मंत्रालय में ई- ऑफिस प्रणाली लागू की जा चुकी है। इसके बाद अब कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया को भी पेपरलेस करने की तैयारी कर ली गई है। यानी अब मंत्रालय में आधार बेस्ड फेस अटेंडेंस सॉफ्टवेयर प्रणाली लागू होगी।

यह प्रणाली संबंधित कर्मचारी के आधार से लिंक होगी, जो चेहरा पहचानकर कर्मचारी को प्रवेश की अनुमति देने के साथ ही उसकी हाजरी भी लगाएगी। नई प्रणाली को अगले माह से लागू करने की तैयारी हे। यही वजह है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी कर्मचारियों को 24 जनवरी तक अटेंडेंस पोर्टल पर अपना पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए हर विभाग के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अलग- अलग नोडल अधिकारी नियुक्ति किए गए हैं। खास बात यह है कि पोर्टल पर जिलों से लेकर मंत्रालय स्तर तक सभी सरकारी कार्यालयों के कर्मचारियों के पंजीयन का विकल्प है। यानी निकट भविष्य में मंत्रालय से शुरू होने के बाद सिलसिलेवार ढंग से अन्य सभी सरकारी कार्यालयों में आधार बेस्ड फेस अटेंडेंस सॉफ्टवेयर प्रणाली लागू होना तय है।
हवाई अड्डों की तरह मिलेगा प्रवेश
अगले माह से आधार बेस्ड फेस अटेंडेंस सॉफ्टवेयर प्रणाली लागू होने के बाद कर्मचारियों को मंत्रालय में प्रवेश हवाई अड्डों की तर्ज पर मिलेगा। इसके लिए सभी प्रवेश द्वारों पर इससे संबंधित प्रणाली लगाई जा रही है। इस प्रणाली से संबंधित कर्मचारी का चेहरा, आंखों को पुतली या फिर अंगूठा या उंगली लगाने पर स्वत: ही उपस्थित दर्ज हो जाएगी और उसे अंदर जाने की अनुमति मिल जाएगी।  इस दौरान सुरक्षाकर्मी भी मौजूद रहेंगे। मंत्रालय में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने के बाद अब इसे एचओडी स्तर पर भी लागू किया जाएगा। हाल में हुई बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागों को ये व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। सभी विभागों में दस्तावेज स्कैन करके ऑनलाइन अपलोड करने की प्रक्रिया चल रही है। एचओडी कार्यालय में शुरू होने के बाद जिला कार्यालयों में भी कामकाज पेपरलेस होना है यानी फाइलों का भौतिक मूवमेंट बंद हो जाएगा।
ई-ऑफिस का यह है लाभ
अग्निकांड या अन्य दुर्घटना में ई ऑफिस का रिकॉर्ड नष्ट होता है तो उसकी रिकवरी आसान हो जाएगी। अलग सर्वर में सारा डाटा सुरक्षित होगा। जबकि सतपुड़ा और बाद में मंत्रालय में लगी आग के बाद पुराना डाटा रिकवर करने में बहुत दिक्कत आई थी। साथ ही भौतिक फाइलें भी सुरक्षित रखी जाएंगी। इसके अलावा किसी विशेष फाइल में जो भी एंट्री करते जाएंगे, वह अपने आप ऑटो सेव हो जाएगी।

Ramswaroop Mantri

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