अग्नि आलोक
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करोना मरीज़ और उनके परिवारों से नवनीत शुक्ला की विनम्र अपील!

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मित्रों, मैं ७ दिन अस्पताल में भर्ती होने के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर स्वयं ही अपना स्कूटर चला कर घर आया! मेरा फेफड़ों में इन्फ़ेक्शन ३५-४०% था! मुझे अस्पताल में एक बात समझ में आई, करोना बीमारी के कारण खाने का स्वाद नहीं आने ओर बुख़ार के कारण इच्छा नही होने पर लोग खाते नही है! अस्पताल में कर्मचारियों के पास समय की भारी कमी रहती है। इसका सबसे ज़्यादा ख़ामियाज़ा बुज़ुर्गों ओर कमजोर शरीर हो चुके लोगों को उठाना पड़ता है! ३६ घंटे में ही भयानक कमजोरी आ जाती है, और ऑक्सिजन का लेवल नीचे आ जाता है, जिसके कारण भयानक दिक़्क़तें होने लगती है! मुझे एक बात समझ में आई की आपके आसपास कोई भी हो जिसके परिवार का सदस्य अस्पताल में भर्ती है, तो उसे संदेश पहुँचाइए की  नहीं भी इच्छा हो रही हो तो भी खाने में कोई कमी नहीं करें! पूरा आहार लेने के साथ ही मख़ाने, किशमिश, नारियल पानी भी लेते रहें वरना आप बीमारी से पहले ही कमजोरी के शिकार हो जाएँगे! जिन लोगों ने दुनिया  छोड़ी है, वे बीमारी की बजाय कमजोरी के कारण ही इसके शिकार बने। मैं मेरे साथ ६ ओर बुज़ुर्गों को बेहतर खाना खिलाने का ध्यान रख कर वापिस लेके आया हूँ! अपने तमाम मरीज़ों को कहो – सब खाने के लिए एक दूसरे का ध्यान अस्पताल में अवश्य रखें! खाने में कोई कमी नही रखें और पानी भी पीते रहें!

दूसरी एवं अंतिम अपील! 
मैं फिर आपको दोहरा रहा हूँ, उसकी दहशत से मर रहे है! और भर्ती होने के बाद, खाने का स्वाद नही आने के कारण बिल्कुल भी नही खा रहे है! ऐसे में उन्हें ३६ घंटे में ही इतनी ज्यादा  कमजोरी और संक्रमण हो जाता है की वे संघर्ष की स्थिति  में नही आ पाते! आप तमाम मरीज़ों को ये संदेश भेजिए की वे भोजन भरपूर मात्रा में हर हाल में खायें! स्वाद आए या ना आए! गरम पानी भी पीते रहैऐसे में ही मरीज़ ६०% से अधिक संक्रमित होने के बाद भी तेज़ी से बाहर स्वस्थ्य हो कर आ जाएगा! अस्पताल में भर्ती मरीज़ों को ramdesivir injection लगवाने के लिए भागने की ज़रूरत नही है! पिछले ४ दिनो में अस्पताल में भर्ती मरीज़ों को इंजेक्शन उपलब्ध नही हो पायें, इसका मतलब ये नहीं हो रहा है कि वे और बीमार हो रहे है। डॉक्टर भी कहते है जब मिले तब लगवा लें! सबसे ज़रूरी बात, मरीज़ का बुख़ार उतरा है या नही , उतर गया है तो उसके स्वस्थ होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है! आप इस पॉज़िटिव साइड पर ध्यान दीजिए!
नवनित शुक्ला, समूह सम्पादक दैनिक दोपहर – 9826667063!

Ramswaroop Mantri

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