प्रखर अरोड़ा
आत्मा अमर है वो नए वस्त्र की भांति शरीर बदलती रहती है.” तो प्रश्न उठना चाहिए कि क्या आपकी आत्मा ने भी कुछ ऐसा ही किया है ? क्या आप पहली बार ही इस संसार में आए हो या बारम्बार आ चुके हो ?
कभी सोचे थे या नहीं, आज अवश्य ही सोचना पड़ेगा.
जब कोई आत्मा जितनी बार संसार में जन्म लेती है वो उतनी ही बार बहुत से अनुभव भी लेती है और यदि जाने अंजाने सही लोगों की संगत में किसी जन्म में आती है तब उसके चयन में बड़ा अंतर भी आ जाता है जो उसके अगले जन्म को पूरी तरह प्रभावित करता है !
आपकी आत्मा नई है या पुरानी इसका सिंबल आपके हाथ में क्रास या एम आदि जैसा चिह्न भी साक्ष्य रूप में अंकित है पर आप जानने समझने का प्रयास नहीं करते ! तो अब आपकी आत्मा नई है या पुरानी है ?
यदि निम्नलिखित बातें आपके भीतर हैं व उपरोक्त चिह्न हाथों में भी हैं तब तो आप विशेष ही हो ! आप साधारण नहीं अपितु पंच आवरण यानिकि काम क्रोध लोभ मद मोह के चलते आप स्वयं को नहीं पहचान पा रहे हो आओ बताता हूं !
कोई बालक यदि कम उम्र में ही अधिक समझदार हो जाए व बहुत बड़ी – बड़ी बातों को भी बड़ी ही सरलता से समझ जाता है तथा बचपन से ही उसकी रुचि भी उन्ही चीजों में हो जाती है जिसमें बहुत बड़ी उम्र के लोग रुचि लेते हैं तो समझ सकते हो कि इसका सीधा संकेत है कि यह बालक जो शरीर से तो अभी बालक है किंतु इसके भीतर जो आत्मा है वो पुरानी अनुभवी है जो अभी से अपनी रुचि को सही से पहचानती है !
यदि कोई बच्चा बचपन से ही किसी क्षेत्र में प्रतिभाशाली हो जाए तो उसके पीछे उसकी उसी आत्मा का हाथ होता है जो बहुत सारे अनुभव पहले से ही कर चुकी होती है और उसी के अगले लेवल को इस जन्म में छोड़ना चाहती है!
जीवन के शुरुआती दौर में ही जब किसी की इच्छा बहुत जल्द कीमती ज्ञान प्राप्त करने की होने लगे व वो हर चीज से ऊपर अपनी इसी ज्ञान की चाहत को रखने लगे चाहे भले ही उसके निकट के लोग सांसारिक चीजों को पाने के प्रयास में व्यस्त हों तो भी उससे भी उसे अधिक प्रभाव नहीं पड़ता !
तो इसका सीधा सा अर्थ है कि शायद इसकी आत्मा ने पहले कभी बहुत कुछ पा लिया हो तथा प्राप्ति उपरांत उसे ज्ञात हुआ हो कि सारी मायावी सांसारिक चीजें मनुष्य शरीर संग खत्म हो जाती है एवम् अब यही बात इसको याद रही हो , इसलिए अब तक वो केवल वही पाना चाहता है जो तब उससे छूट गया था ! कुछ समझे. मैने आपसे क्या कहा ? चलो इस विषय को थोड़ा गहराई से समझाता हूं !
इसका अर्थ ये नहीं कि आप सांसारिक चीजों की प्राप्ति के लिए श्रम ही न करो अपितु यह है कि ज्ञान प्राप्ति की इच्छा पूर्ण करने के लिए कुछ अधिक समय देने की आवश्यकता है ! किंतु साथ ही साथ वह सब भी प्राप्त करना आवश्यक है जो आपके और समाज के हिसाब से सही लगता हो ! वर्ना इस बार भी जो छूट जाएगा उसके लिए आपको फिर से अगले जन्म में इसके लिए शुरुआत करनी पड़ सकती है !
जब कोई व्यक्ति जीवन में केवल उन्हीं चीजों को महत्व देता है या यह देने लगता है जो बाकी में कोई अर्थ रखती हैं जैसे स्वयं के बारे में सब कुछ जानना , इस ब्रम्हांड में कार्य करने वाले सारे नियमों के बारे में सही से जान समझकर उसी अनुरूप जीवन जीना , अपने निकट मित्र रिश्तेदार समाज को उपयुक्त समय देना आदि.
क्योंकि ऐसे लोगों की आत्मा अच्छे से जानती है कि इस दुनिया में आप कितने लंबे समय तक जीवन जिए हो ! किंतु यह कोई अधिक महत्व नहीं रखता है अपितु आप कैसे जिएं और कितने प्रसन्न रहें यही महत्वपूर्ण है ! इस तरह की समझ केवल उन्हीं आत्माओं को बहुत जल्दी समझ आती है जिनकी उम्र बहुत अधिक हो और वो बहुत कुछ अलग अलग जगहों से अनुभव के चुकी होती हों !
यदि किसी को लगता है वो पहले भी संसार में आ चुका और किसी विशेष समय के दौर में जीवन जी चुका है या भूतकाल में घटी कुछ ऐतिहासिक घटनाएं बहुत अधिक आकर्षित करती हैं और उनको फिर से गहराई में जानने का प्रयास करता है.
तो इस भांति की चीजें भी किसी व्यक्ति संग यूं ही नहीं होती उसका कोई ना कोई संबंध इन सभी चीजों से तो होता ही है ! क्योंकि इस भांति के विचार किसी को तभी आयेंगे जब उसका कोई न कोई संबंध इससे होता है ! जैसे यदि किसी की मृत्यृ जल में डूवने से हुई हो तो इसके बहुत ज्यादा चांस होते हैं कि उसको किसी भी तरह की गहरे बहते पानी में जाने से डर लग सकता है जबकि उसने इस जीवन में कुछ भी ऐसा फेस नहीं किया होता लेकिन फिर भी उसको किसी भी नदी नहर सागर झील के तेज बहाव को देखकर या गहरी खाई को देखकर डर लगने लगता है !
इसलिए यदि आपके मन को भी भूतकाल में घटी घटना बहुत प्रभावित करती हों तो हो सकता है कि आप उस विशेष समय के दौर में पूर्व में भी रह चुके हों तभी आपको कुछ इस भांति के विचार उस घटना के विषय में आते हैं !
यदि आपके भीतर दूसरों के प्रति कुछ अधिक ही इमानदारी है और आप किसी का भी बुरा नहीं चाहते हैं भले ही आपका कोई कितना ही बुरा करे या करना चाहे तो ये बात भी उस ओर संकेत करती है कि आपके भीतर कोई ऐसी आत्मा है जो बहुत बार बुरा करने वाले को जवाब से चुकी हो या बहुत बार लोगों के साथ बुरा कर चुकी हो और अब उसे समझ आ गया है कि किसी का बुरा करने या किसी का बुरा सोचने से कोई लाभ नहीं होता अपितु उल्टा नुकसान ही होता है तो ये चीजें भी किसी के भीतर पुरानी अनुभवी आत्मा का संकेत जानो !
अब यदि उपरोक्त बहुत सी पहचान आपके भीतर हैं तो वो यही बताती है कि आपके भीतर काफी अनुभवी आत्मा है जो बहुत बार जन्म ले चुकी है और बहुत कुछ प्राप्त कर चुकी है और बहुत कुछ कीमती बातें सही से समझ भी चुकी है.
आपके साथ भी ऐसा ही है तो इसका आपको क्या लाभ होगा? इसे भी गहराई से समझते हैं :
प्रथम लाभ तो यही है कि ऐसे लोगों की नई सोच इतनी अद्भुत होती है कि यदि ऐसे लोग अपना फोकस किसी भी चीज पर ले जाएं तो मानो एक्सरे जैसा ही सब कुछ गहराई से निकाल लेते हैं और उसको सही से समझ जाते हैं ! जिसका समय के साथ ये लोग बहुत सी चीजों को स्वयं के लिए साथ ही साथ दूसरों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं और किसी भी रहस्य को गहराई से समझ जाते हैं जो कि केवल कुछ ही विशेष लोगों को समझ में आ सकता है !
इस भांति की आत्माएं हर पीढ़ी के लिए एक प्रकार के पुल का कार्य करती हैं जिनके पास पुराने समय का अनुभव किया गया कीमती ज्ञान – जानकारियां और अपने तीव्र माइंड के चलते ही वर्तमान पीढ़ी की पूर्ण समझ भी होती है ! जिसके चलते ऐसे लोग बातों ही बातों में दूसरों की मुसीबतों को हल कर देते हैं और उनके समाज में समाधानकर्ता की भांति ही कार्य करते हैं क्योंकि मानो जैसे इनके पास प्रत्येक समस्या का समाधान होता हो !
इस भांति के लोग अपने माइंड पर तेजी से नियन्त्रण करना सीख जाते हैं जिसके कारण ये किसी भी टैलेंट को भीतर पैदा करने में पूर्णरूप सफल रहते हैं जैसे कि आपने देखा होगा कि संसार में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें कोई कुछ भी नहीं सिखाता लेकिन फिर भी वो संसार के सबसे गहरे रहस्य स्वयं ही समझ जाते हैं ! जबकि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो बहुत साधारण सी चीजों को समझने का बारंबार प्रयास करते हैं पर फिर भी वो सीखने के बाद उसका सही से इस्तेमाल नहीं कर पाते ! लेकिन ऐसा होने पर आपको किसी पर दोष देने की भी जरूरत नहीं है क्योंकि किसी के पास बहुत पुराना अनुभव होता है जिस कारण जल्दी ही वह किसी चीज को समझ जाता है जबकि कुछ लोग इस जीवन में नए – नए ही यात्री होते हैं !
उपरोक्त समस्त बातों को गहनता से जांचा समझा जाए तो और भी बहुत सी बाते हैं जो स्पष्ट व्यक्त करती हैं कि यदि किसी की आत्मा के पास पुराना अनुभव न होता तो वो चाहतें इच्छाएं भी बिल्कुल वैसी ही होनी चाहिए थी जैसे उनके आसपास या साथ रहने वालों को होती है !
क्यों कोई व्यक्ति एक विशेष चीज में दिलचस्पी लेता है तो दूसरा उन्ही तरह की चीजों में दिलचस्पी क्यों नहीं लेता क्योंकि यह विषय सोसाइटी और वातावरण का नहीं अपितु इन सबके लिए व्यक्ति की आत्मा की रुचि व उसका पिछले जन्म का अनुभव बहुत बड़ा रोल निभाता है !
किसी व्यक्ति की आत्मा वर्तमान जीवन में क्या चाहती है जो लोग इसे समय से समझ जाते हैं वो इस मायावी संसार के सारे राज, सारे खेल को भी समझ जाते हैं और जो नहीं समझ पाते वे बिना वजह की परेशानियों से घिरे रहते हैं.
लेकिन यदि इस भांति का आपके साथ कुछ भी नहीं होता है तो आप समझ सकते हो कि आपके भीतर किसी नई नई आत्मा ने अपनी यात्रा आरंभ की है जिसका अर्थ भी स्पष्ट है कि उसकी उम्र काफी कम होगी लेकिन इसमें भी कोई बुराई वाली बात नहीं है.





