टेकनपुर स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। पुलिस ने 11 फर्जी आरक्षकों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनके दस्तावेज जांच में डुप्लीकेट पाए गए। यह मामला तब सामने आया जब सत्यापन के दौरान संदेह हुआ और गहराई से जांच करने पर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
पकड़े गए सभी फर्जी आरक्षकों को न्यायालय में पेश किया गया, जिसके बाद पुलिस ने 11 फरवरी तक के लिए रिमांड पर लिया है। पुलिस को संदेह है कि इस मामले के पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जिसने पैसों के दम पर उम्मीदवारों को अवैध रूप से भर्ती कराने की साजिश रची थी। पूछताछ के दौरान आरोपियों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की संभावना है, जिससे इस फर्जी भर्ती घोटाले के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।
भर्ती में धांधली के लिए मोटी रकम का लेन-देन
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इन फर्जी उम्मीदवारों को बीएसएफ में भर्ती कराने के लिए दलालों ने उनसे मोटी रकम ऐंठी थी। कुछ आरोपियों ने 50,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए, जबकि अन्य ने 2 से 3 लाख रुपये तक नकद दिए थे। इससे यह साफ हो गया है कि यह धोखाधड़ी एक बड़े स्तर पर की गई थी और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
मकानों से मिले अहम दस्तावेज
गिरफ्तार आरोपियों के घरों की तलाशी लेने पर पुलिस को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इन दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई, जिससे पता चला कि इनके जरिए भर्ती प्रक्रिया में हेराफेरी की गई थी। दस्तावेज सही होने के बावजूद इनकी भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता पाए जाने के कारण पुलिस ने इन्हें फर्जी आरक्षकों के रूप में चिह्नित किया।





