डॉ. प्रिया ‘मानवी’
व्यापारियों के किसी भी प्रोडक्ट की शुद्धता अविश्वसनीय होती है चाहे वह गेरुआ वेशधारी कोई कथित साधु ही क्यों नहीं हो. व्यापारी का ऐम बस मुनाफा होता है.
बाजार में कई तरह के च्यवनप्राश के ब्रांड उपलब्ध हैं। यदि आप पूरी तरह से प्रिजर्वेटिव फ्री च्यवनप्राश का आनंद लेना चाहते हैं, तो आपके घर की लक्ष्मी इसे आसानी से घर पर तैयार कर सकती हैं. यह तरीका चरक और सुश्रुत के आयुर्वेदीय विधान सम्मत है.
च्यवनप्राश को घर पर बनाना बेहद आसान है, और इसे बिना अधिक मेहनत के तैयार किया जा सकता है। तो चलिए जानते हैं, इसे किस तरह तैयार करना है। पहले यह जान लेते हैं ये रेसेपी सेहत के लिए किन रूपों फायदेमंद होती है।
*1. इम्यूनिटी बूस्टर :*
च्यवनप्राश को बनाने में इस्तेमाल हुई सामग्री में विटामिन सी जैसी एंटी-ऑक्सीडेंट की गुणवत्ता पाई जाती है। यह आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाती है, और आपके शरीर को बीमारी, संक्रमण और फ्लू के लक्षणों से लड़ने में मदद करती है।
*2. पाचन में सुधारक :*
अक्सर पाचन क्रिया धीमी हो जाती है, ऐसे में च्यवनप्राश का यह विशेष फॉर्मूलेशन गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम के कामकाज को बढ़ावा देता है, और एक स्वस्थ पाचन में सहायता करता है। च्यवनप्राश के नियमित सेवन से पेट फूलने या कब्ज जैसी पाचन संबंधी परेशानियों का खतरा कम हो जाता है।
*3. हृदय स्वास्थ्य वर्धक :*
इस च्यवनप्राश में मौजूद आवश्यक जड़ी-बूटियों की गुणवत्ता हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करती हैं और हृदय रोगों के जोखिम को कम कर देती हैं। यदि किसी व्यक्ति को हृदय संबंधी समस्या है, तो उन्हें च्यवनप्राश जरूर खाना चाहिए।
*3. फर्टिलिटी इम्प्रूवर :*
च्यवनप्राश एक प्राकृतिक कामोद्दीपक के रूप में कार्य करता है। जड़ी-बूटियों और मसालों का इसका अनूठा मिश्रण कामेच्छा को उत्तेजित करता है और प्रजनन क्षमता में सुधार कर सकता है। इस प्रकार च्यवनप्राश का नियमित सेवन रिप्रोडक्टिव हेल्थ को भी बूस्ट करता है।
*4. मांसपेशियों का टॉनिक :*
च्यवनप्राश में इस्तेमाल की गई सामग्रियों में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन मौजूद होता है, जो मांसपेशियों और शरीर को ताकत प्रदान करते हैं। नियमित रूप च्यवनप्राश का सेवन मांसपेशियों की वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। यदि आप एक्सरसाइज करती हैं, तो आपको च्यवनप्राश जरूर खाना चाहिए।
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*5. त्वचा पोषक :*
च्यवनप्राश में मौजूद घी और शहद आपकी त्वचा को आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं। इसके साथ ही आंवला में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट की गुणवत्ता त्वचा को फ्री रेडिकल्स के हानिकारक प्रभाव से प्रोटेक्ट करती है, जिससे त्वचा लंबे समय तक यंग रहती है। यदि आप बढ़ती उम्र के साथ एजिंग के निशानों को धीमा करना चाहती हैं, तो रोजाना च्यवनप्राश का सेवन करें। इस च्यवनप्राश का पोषक तत्वों से भरपूर फॉर्मूला आपकी त्वचा को अंदर से हाइड्रेट और फिर से जीवंत करने में मदद करता है।
*6. रेस्पिरेटरी हेल्थ डेवलपर :*
च्यवनप्राश में मौजूद पोषक तत्वों की गुणवत्ता श्वसन पथ को संक्रमण से बचाने में मदद करती हैं। यह सर्दी, खांसी और अन्य श्वसन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक होते हैं। विशेष रूप से ठंड के मौसम में बढ़ते संक्रमण से बचाव में च्यवनप्राश का नियमित सेवन आपकी मदद कर सकता है।
*च्यवनप्राश की रेसिपी :*
च्यवनप्राश बनाने के लिए आपको चाहिए :
15 कप आंवला
10 कप गुड़
11 कप शहद
25 – 26 बड़े चम्मच घी
60-70 इलायची हरी
10 चम्मच काली मिर्च
12 इंच दालचीनी
10 बड़ा चम्मच जीरा
15 बड़े चम्मच सौंफ
10 चुटकी केसर.
स्टेप 1:
आंवले को साफ करके प्रेशर कुकर में पानी डालकर 1 सीटी आने तक पकाएं।
स्टेप 2 :
मसालों के लिए सभी आवश्यक सामग्री को पीसकर पाउडर बना लें।
स्टेप 3 :
आंवले के पक जाने के बाद उन्हें पूरी तरह से ठंडा होने दें और बीज निकाल दें। बीज निकालने के बाद आंवले को मसल लें।
स्टेप 4 :
नॉन-स्टिक पैन में घी गर्म करें, अब मसले हुए आंवले को इसमें डालकर, तब तक मिलाएं जब तक कि पैन के किनारों से घी न निकलने लगे।
स्टेप 5 :
अब गुड़ और शहद को पैन में डालें और लगभग 4 से 5 मिनट तक पकने दें।
स्टेप 6 :
फिर पिसे हुए सूखे मसाले का मिश्रण डालें और तब तक पकने दें, जब तक कि सामग्री थोड़ी चिपचिपी न हो जाए और पैन के किनारों से न निकलने लगे।
स्टेप 7 :
ठंडा करें और इसे एयर टाइट जार में स्टोर करें।
नोट : घर पर बने च्यवनप्राश को सूखे और ठंडी जगह पर 4 से 6 महीने तक स्टोर कर सकती हैं। पर हम सुझाव देंगे कि आप इतना ही च्यवनप्राश बनाएं, जो 2 महीनों में खत्म हो जाए। जब यह खत्म हो जाए तो इसे दोबारा से बना लें।





