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*पीथमपुर अपडेट….याचिका खारिज,शुक्रवार से जलेगा कचरा*

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सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के कचरा जलाने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद से ही कचरा जलाने का रास्ता साफ हो गया था। कुछ दिनों पहले कंटेनरों को ट्रकों से अलग किया गया था। अब उस कचरे को चार से छह माह के भीतर जलाया जाएगा। जस्टिस गवई और जस्टिस मसीह की डबल बेंच में पहले नंबर इस केस की सुनवाई की।पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को जलाने के लिए 56 दिन बाद गुरुवार को रामकी संयंत्र में कंटेनर खोले गए। अब इस कचरे को शुक्रवार से भस्मक में जलाने की तैयारी होगी। उससे पहले सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हाईकोर्ट के निर्देश पर किए गए हैं। रामकी कंपनी के आसपास गुरुवार को पुलिस के पुख्ता सुरक्षा इंतजाम है। 

याचिकार्ताओं की जो आपत्तियां थीं उसके विरुद्ध सरकार की ओर से दिए गए काउंटर एफिडेविट को सुप्रीम कोर्ट ने अवलोकन किया। और उसके ग्राउंड पर पिटिशन को रिजेक्ट किया। सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए इस मामले को डिस्पोज ऑफ किया कि हाईकोर्ट में पहले ही यह मामला विचाराधीन है। उसमें एक्सपर्ट्स और कमेटी के इन्वॉल्वमेंट के होने के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि इसके डिस्पोजल का आज 27 तारीख को ट्रायल रन होने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने 2013 और 2015 में हुए दो ट्रायल रनों का भी संज्ञान लिया। CPCB के टेस्ट रिपोर्ट्स का अवलोकन भी किया। उसके आधार पर डबल बेंच ने पिटिशन को डिस्पोज किया। अगर पिटिशनर को किसी तरीके से कोई भी तथ्य या आपत्ति करना है तो हाईकोर्ट जबलपुर में दे सकते हैं। आज ट्रायल रन को लेकर कहा कि जैसा हाईकोर्ट का आदेश है उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाए। 

एक्सपर्ट्स के मार्गदर्शन में जो कार्रवाई चल रही है। उसको भी एप्रिशिएट किया। कोर्ट ने राज्य सरकार, CPCB और एमपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा किए गए प्रयासों को भी सराहा

शुक्रवार को विशेषज्ञों की मौजूदगी में कचरे के निपटान का ट्रायल रन होगा। इस दौरान वातावरण में कचरा जलाने के प्रभाव का आकलन किया जाएगा और उसकी रिपोर्ट तैयार कर अगली सुनवाई में हाईकोर्ट को सौंपी जाएगी। हाईकोर्ट के आदेश पर रामकी ने 10 मीट्रिक टन कचरा जलाने के ट्रायल की प्रक्रिया शुरू कर दी।

कलेक्टर और एसपी मौजूद रहेंगे
इंदौर संभागायुक्त दीपक सिंह ने बताया कि कचरा जलाने के दौरान धार के कलेक्टर और एसपी मौके पर मौजूद रहेंगे और यह ट्रायल रन हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन कर रहे संगठनों ने कहा है कि वे हाईकोर्ट में अपनी बात रखेंगे और आंदोलन जारी रखेंगे।

800 डिग्री तक गर्म करेंगे भट्टी
कचरे का निपटान आशापुरा गांव में लगे रामकी के भस्मक में होगा। कचरे को 800 डिग्री तापमान से ज्यादा में जलाया जाएगा। इसके लिए रात से ही भट्टी को गर्म करने की प्रक्रिया शुरू होगी। तीन दिन में 10—10 टन कचरे का निपटान होगा और जो कचरा जलाने के बाद जो राख निकलेगी, उसे परिसर में ही जमीन में दफन किया जाएगा।

30 टन कचरा जलाने के बाद हाईकोर्ट में पेश की जाएगी रिपोर्ट
ट्रायल रन की अनुमति मिलने के बाद पीथमपुर बचाओ समिति और अन्य आंदोलनकारियों में हलचल तेज हो गई है। वे मांग कर रहे हैं कि जब तक हाईकोर्ट उनकी बात नहीं सुन लेता, तब तक ट्रायल रन पर रोक लगाई जाए। हालांकि, प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ट्रायल रन की प्रक्रिया 27 फरवरी से ही शुरू होगी। हाईकोर्ट के आदेश के तहत, 27 फरवरी को 10 मीट्रिक टन कचरे का पहला ट्रायल रन किया जाएगा। इसके बाद 4 मार्च को 10 मीट्रिक टन और 10 मार्च को 10 मीट्रिक टन अतिरिक्त कचरा जलाया जाएगा। इस 30 मीट्रिक टन कचरे को जलाने की रिपोर्ट 27 मार्च को हाईकोर्ट में पेश की जाएगी।

मुख्यमंत्री बोले कांग्रेस का पाप है यूका कचरा

यूनियन कार्बाइड कचरे को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कंपनी को कांग्रेस ने ही भोपाल में फैक्टरी लगाने का लाइसेंस दिया था। घटना के बाद कचरे का निपटान भी कांग्रेस ने नहीं किया। यूनियन कार्बाइड का कचरा कांग्रेस का पाप है। कांग्रेस के शासनकाल में ही लोगों की मौत हुई थी। कोर्ट कैबिनेट के आधार पर कचरे के निपटान का फैसला लिया गया।

इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि बीआरटीएस के चौराहों पर ब्रिज बनाए जाएंगे। कोर्ट ने भी बीआरटीएस हटाने की अनुमति दी है। इससे ट्रैफिक और आसान होगा। 

Ramswaroop Mantri

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