*लहसुन की मंडी समिति द्वारा नीलामी किए जाने से किसानों को होगा फायदा, उपज का सही मूल्य मिलेगा*
इंदौर। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने लहसुन की सरकारी नीलामी किए जाने और मंडी बोर्ड के कर्मचारियों द्वारा ही नीलामी किए जाने को सही ठहराते हुए उनके पक्ष में आदेश पारित किया है तथा व्यापारियों को लहसुन की नीलामी से दूर कर दिया है । संयुक्त किसान मोर्चा ने सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे किसान हितैषी निर्णय बताया है ।
संयुक्त किसान मोर्चा के रामस्वरूप मंत्री, बबलू जाद
धव, शैलेंद्र पटेल, चंदन सिंह बड़वाया आदि ने आज जारी बयान में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लहसुन जैसी महत्वपूर्ण फसल के किसानों को उचित दाम मिल पाएंगे तथा विचोलियां की लूट बंद होगी। गोरतलाब है कि लहसुन की सरकारी नीलामी बंद होने से निजी व्यापारी नीलाम करते थे और किसानों से 5% आडत वसूल करते थे बाद में यही आडत की राशि उपभोक्ता को लहसुन बेचते वक्त उनसे वसूली जाती थी जिससे किसान और उपभोक्ता दोनों ठगा रहे थे। आडत के चलते केवल इंदौर मंडी में ही 2 करोड रुपए से ज्यादा का खेल हो गया है ।आज जब सुप्रीम कोर्ट ने आडत बंद करने का फैसला दिया है तो संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने मंडी बोर्ड और मंडी समिति से मांग की है कि जल्द से जल्द लहसुन की सरकारी नीलामी शुरू की जाए तथा आडत पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाए ।





