जयपुर को धमाकों से दहलाने की साजिश में शामिल आतंकी फिरोज को NIA की टीम शुक्रवार को रतलाम लेकर पहुंची। टीम आतंकी फिरोज को साथ लेकर उसके घर उसकी बहन के घर और जुलवानिया रोड स्थित फार्म पर पहुंची और यहां जांच करने के बाद जयपुर के लिए रवाना हुई।
एनआईए की टीम आतंकी फिरोज को कड़ी सुरक्षा के बीच उसके घर और जुलवानिया रोड स्थित उस फार्महाउस पर जांच के लिए ले गई, जो पूर्व में गिरफ्तार आतंकी इमरान का है। जांच में खुलासा हुआ कि जयपुर को दहलाने की साजिश इसी फार्महाउस पर रची गई थी।
इसके बाद टीम फिरोज को उसकी बहन के घर भी लेकर गई, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के बाद एनआईए की टीम उसे स्टेशन रोड थाने लेकर पहुंची। थाने में किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी।
फिरोज रतलाम का निवासी है और उसने अपने गांव के खेतों में बड़े-बड़े गड्ढे खोदकर बंकरनुमा ठिकाने तैयार किए थे, जिनमें भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक छिपाए गए थे। वह अल-सुफा नामक कट्टरपंथी संगठन का सक्रिय सदस्य था और संगठन में खजांची की भूमिका निभा रहा था।
एनआईए मार्च 2022 से उसकी तलाश कर रही थी और जयपुर एनआईए द्वारा उस पर ₹5 लाख का इनाम घोषित किया गया था। 3 अप्रैल को रतलाम एसपी अमित कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने उसे उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वह ईद मनाने के लिए अपनी बहन के घर आया हुआ था। रतलाम जेल में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण 5 अप्रैल को उसे भोपाल की केंद्रीय जेल में शिफ्ट कर दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
30 मार्च 2022 को राजस्थान के निम्बाहेड़ा में पुलिस ने 12 किलो विस्फोटक सामग्री के साथ जुबेर (आनंद कॉलोनी), अल्तमस पुत्र बशीर खान और सरफुद्दीन उर्फ सैफुल्ला पुत्र रमजानी (शेरानीपुरा) को गिरफ्तार किया था। इनके बाद सात अन्य आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से पकड़ा गया। सभी आरोपी अल-सुफा संगठन से जुड़े हुए थे। पहले गिरफ्तार किए गए 10 आरोपी जयपुर की जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ न्यायालय में चालान भी पेश हो चुका है। इसी केस में फिरोज फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद फिरोज को भोपाल केंद्रीय जेल के उच्च सुरक्षा वाले “अंडा सेल” में रखा गया था, जहां देश के सबसे खतरनाक और प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के 69 से अधिक कैदी बंद हैं। यहीं से 24 अप्रैल को एनआईए की टीम उसे जयपुर लेकर गई थी।





