*हमलावरों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग*
किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता, संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख नेता श्री राकेश टिकैत पर आज दिनांक 2 मई 2025 को मुजफ्फरनगर में हुए कायरतापूर्ण और सुनियोजित हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। यह हमला तब हुआ जब श्री टिकैत पहलगाम के मुद्दे को लेकर आक्रोश रैली को संबोधित करने पहुंचे थे।
इस घटना से देशभर के किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है, जो इसे किसान आंदोलन पर सीधा हमला मान रहे हैं।
श्री राकेश टिकैत ने स्वयं इस हमले को सुनियोजित बताते हुए कहा कि प्रशिक्षित लोगों को शराब पिलाकर उनकी हत्या करने के इरादे से भेजा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के कृत्य उनकी हत्या तक का कारण बन सकते थे। इसके बावजूद, वे दृढ़ता से बोले कि “वे किसानों की दम पर आंदोलन को और मजबूत करेंगे।”
डॉ सुनीलम ने कहा यह हमला न केवल श्री टिकैत की व्यक्तिगत सुरक्षा पर आघात है, बल्कि किसान आंदोलन और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी एक सुनियोजित प्रहार है।
राकेश टिकैत किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत की विरासत को आगे बढ़ाते हुए वर्षों से किसानों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनकी आवाज को दबाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जाना निंदनीय है। यह पहला मौका नहीं है जब उन पर हमला हुआ हो। इससे पूर्व, 2 अप्रैल 2021 को राजस्थान के अलवर में उनके काफिले पर हमला हुआ था, जिसमें उनकी कार के शीशे तोड़े गए थे। इसके अलावा, 30 मई 2022 को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पर स्याही फेंकी गई और माइक से हमला किया गया था। इन हमलों से स्पष्ट है कि श्री टिकैत को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है। उनके मनोबल को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. सुनीलम ने इस हमले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी दिलाने, कर्जा मुक्ति कराने, और भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने का हमारा संघर्ष जारी रहेगा। हमलों से किसान नेता घबराने वाले नहीं हैं। किसानों पर कई बार गोलियां चलीं, फिर भी किसान नहीं डरा। ऐसे हमलों से हम डरने वाले नहीं हैं।” किसान आंदोलन अटूट एकता और संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि तत्काल मौके पर हमलावरों को गिरफ्तार न किया जाना स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि हमलावरों को सत्तारूढ़ दल और स्थानीय पुलिस प्रशासन से संरक्षण प्राप्त है। किसान संघर्ष समिति इस हमले को किसान आंदोलन को कमजोर करने की साजिश के रूप में देखती है, जो उन ताकतों द्वारा प्रायोजित है जो किसानों की एकता और अधिकारों को कुचलना चाहती हैं।
हम सरकार और प्रशासन से मांग करते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित उच्चस्तरीय जांच हो, हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी हो, और दोषियों को कठोर सजा दी जाए। इस घटना के विरोध में किसान एकजुट हो रहे हैं।
किसान संघर्ष समिति इस हमले के खिलाफ ज्ञापन सौंपेगी।
डॉ सुनीलम ने कहा कि इस तरह के कायरतापूर्ण और सुनियोजित कृत्य हमारी एकता और संकल्प को कमजोर नहीं कर सकते।
हम किसानों के अधिकारों और सम्मान के लिए अपनी लड़ाई को और तेज करेंगे।





