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*आज की ताजा खबरे:पाकिस्तान के टूटने का खतरा, … इस बार नहीं बच पाएगा पाकिस्तान, ट्रंप ने की मध्यस्थता की पेशकश…*

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मैं भी मर जाता तो अच्‍छा होता… भारत के हमले के बाद बोला आतंकी मसूद अजहर

आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर ने कहा है कि भारत के मिसाइल हमले में उसके परिवार और दोस्तों की मौत हो गई है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने बुधवार तड़के पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित सुभान अल्लाह मस्जिद परिसर पर चार मिसाइल दागी हैं। हमले में ये इमारत पूरी तरह तबाह हो गई। इस हमले में मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्यों और उसके गुट के चार आतंकियों सहित उसके 14 करीबी लोगों की मौत हुई है।

आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर ने कहा है कि भारत के मिसाइल हमले में उसके परिवार और दोस्तों की मौत हो गई है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने बुधवार तड़के पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित सुभान अल्लाह मस्जिद परिसर पर चार मिसाइल दागी हैं। हमले में ये इमारत पूरी तरह तबाह हो गई। इस हमले में मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्यों और उसके गुट के चार आतंकियों सहित उसके 14 करीबी लोगों की मौत हुई है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अजहर ने बुधवार सुबह एक बयान जारी कर अपने परिवार के सदस्यों के मारे जाने की जानकारी दी। मिसाइल हमले में मरने वालों में अजहर की बड़ी बहन और उसका पति, अजहर का भतीजा और उसकी पत्नी, एक भतीजी और उसके परिवार के पांच बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा जैश से जुड़े अजहर के चार करीबी आतंकियों की भी मौत हुई है। मसूद ने परिवार के लोगों की मौत पर रोते हुए कहा कि अगर वह भी मर जाता तो अच्छा रहता।

आतंक का अड्डा है ये मस्जिद परिसर

पाकिस्तान मीडिया में बताया गया है कि बहावलपुर के मसूद अजहर के मदरसे मरकज सुभानअल्लाह पर चार मिसाइलें दागी गई हैं। इससे ये पूरा परिसर तबाह हो गया। यह परिसर जैश-ए-मोहम्मद के ऑपरेशनल हेडवक्वार्टर के तौर के रूप में काम करता है। बहावलपुर स्थित इसी परिसर में जैश चीफ मौलाना मसूद अजहर और दूसरे कई आतंकियों का घर भी है। ऐसे में इस हमले में मसूद का परिवार भी खत्म हो गया है।

बहावलपुर का ये मदरसा परिसर बीते तीन दशक से आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप रहा है। इस मदरसे में 600 से ज्यादा युवाओं को आतंक की ट्रेनिंग दिए जाने का दावा किया जाता है। मसूद अजहर और आतंकी सगरना खुद यहां आकर उन्माद फैलाने वाले भाषण देते रहे हैं। ऐसे में भारत की मिसाइलों के निशाने पर ये परिसर था।

पाकिस्तान के दक्षिणी पंजाब में बहावलपुर स्थित मरकज सुभानअल्लाह में मसूद अजहर के नेतृत्व में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय चलता है। इस समूह ने भारत में कई बड़े हमलों की जिम्मेदारी ली है या उनकी साजिश से इसका नाम जुड़ा है। इसमें 2001 का संसद हमला और 2019 का पुलवामा हमला भी शामिल है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक खास मिशन में जुट गए डोभाल-जयशंकर

पहलगाम में 26 निर्दोष जिंदगियों को निगलने वाले आतंकी हमले के बाद भारत ने दुनिया को दिखा दिया कि वह आतंकवाद के खिलाफ कितना सख्त और बुलंद है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया, बल्कि वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की रणनीति भी तेज कर दी। विदेश मंत्री एस जयशंकर और एनएसए अजीत डोभाल दुनियाभर के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं, ताकि पाकिस्तान में पल रहे आतंक के सच को हर देश तक पहुंचाया जाए। यूएनएससी के सदस्य देशों से लेकर बड़े मुल्कों के शीर्ष अधिकारियों तक, भारत ने सभी को इस ऑपरेशन की जानकारी दी है। 

भारत ने दुनिया को दिखा दिया कि वह आतंकवाद के खिलाफ कितना सख्त और बुलंद है। ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ के जरिए भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया, बल्कि वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की रणनीति भी तेज कर दी। विदेश मंत्री एस जयशंकर और एनएसए अजीत डोभाल दुनियाभर के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं, ताकि पाकिस्तान में पल रहे आतंक के सच को हर देश तक पहुंचाया जाए। यूएनएससी के सदस्य देशों से लेकर बड़े मुल्कों के शीर्ष अधिकारियों तक, भारत ने सभी को इस ऑपरेशन की जानकारी दी है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद, विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल एक विशेष कूटनीतिक मिशन में जुट गए। डोभाल ने अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, चीन, सऊदी अरब, यूएई, जापान और फ्रांस के शीर्ष नेताओं व सुरक्षा अधिकारियों से संपर्क कर ऑपरेशन की कार्रवाई को स्पष्ट किया, जिसमें केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, न कि पाकिस्तानी नागरिक या सैन्य प्रतिष्ठानों को। दूसरी ओर, जयशंकर ने वैश्विक मंच पर भारत की शून्य सहिष्णुता की नीति को रेखांकित करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भारत के दृष्टिकोण से अवगत कराया। यह समन्वित प्रयास भारत की स्थिति को मजबूत करने, क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाने के लिए था।

किस मिशन में जुट गए डोभाल और जयशंकर

ऑपरेशन सिंदूर के बाद, विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल एक विशेष कूटनीतिक मिशन में जुट गए। डोभाल ने अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, चीन, सऊदी अरब, यूएई, जापान और फ्रांस के शीर्ष नेताओं व सुरक्षा अधिकारियों से संपर्क कर ऑपरेशन की कार्रवाई को स्पष्ट किया, जिसमें केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, न कि पाकिस्तानी नागरिक या सैन्य प्रतिष्ठानों को। दूसरी ओर, जयशंकर ने वैश्विक मंच पर भारत की शून्य सहिष्णुता की नीति को रेखांकित करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भारत के दृष्टिकोण से अवगत कराया। यह समन्वित प्रयास भारत की स्थिति को मजबूत करने, क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाने के लिए था।

ट्रंप ने फिर की भारत और पाकिस्तान में मध्यस्थता की पेशकश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारत के हमले पर बयान दिया है। इस बार ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान में मध्यस्थता की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों से हमारे अच्छे संबंध हैं और अगर मैं इसमें कुछ कर सकता हूं तो मैं वहां मौजूद रहूंगा। यह पहली बार नहीं है, जब ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का ऑफर दिया है। इससे पहले भी उन्होंने ऐसा ही बयान दिया था, जिसे भारत ने ठुकरा दिया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “यह बहुत भयानक है। मैं दोनों के साथ अच्छा व्यवहार करता हूं। मैं दोनों को बहुत अच्छी तरह से जानता हूं। मैं उन्हें इसे हल करते हुए देखना चाहता हूं, मैं उन्हें इसे रोकते हुए देखना चाहता हूं। उम्मीद है कि अब वे इसे रोक सकते हैं। उन्होंने जैसे को तैसा किया है। हमारे दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं। अगर मैं कुछ मदद कर सकता हूं, तो मैं वहां जरूर रहूंगा।”

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि शत्रुता ‘‘बहुत जल्द’’ समाप्त हो जाएगी। ट्रंप ने कहा, ‘‘हमने इसके बारे में तब सुना जब हम ओवल (राष्ट्रपति के कार्यालय) के दरवाजे की ओर रुख कर रहे थे। मुझे लगता है कि लोगों को अतीत के आधार पर पता था कि कुछ होने वाला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वे (भारत और पाकिस्तान) लंबे समय से लड़ रहे हैं। अगर आप वास्तव में इसके बारे में सोचें, तो वे कई दशकों और सदियों से लड़ रहे हैं।’’

भारत ने अमेरिका को दी हमले की जानकारी

यह पूछे जाने पर कि क्या उनके पास दोनों देशों के लिए कोई संदेश है तो उन्होंने कहा, ‘‘नहीं, मैं बस उम्मीद करता हूं कि यह बहुत जल्द खत्म हो जाए।’’ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। उधर, पाकिस्तान पर हमले के बाद भारत ने अमेरिका को आधिकारिक तौर पर इसकी जानकारी दी है।

पाकिस्तान पर हमले के बाद UAE की पहली प्रतिक्रिया

भारत और पाकिस्तान के बीच पहले जब भी तनाव का माहौल बनता था, इस्लामिक देश हमेशा इस्लामाबाद के साथ खड़ा होता था। लेकिन अब मामला बदल गया है। संयुक्त अरब अमीरात ने साबित कर दिया है कि वो दिल्ली का असली दोस्त है। पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमला करने के बाद संयुक्त अरब अमीरात ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए दोनों देशों से शांति बरतने का आग्रह किया है।

भारत और पाकिस्तान के बीच पहले जब भी तनाव का माहौल बनता था, इस्लामिक देश हमेशा इस्लामाबाद के साथ खड़ा होता था। लेकिन अब मामला बदल गया है। संयुक्त अरब अमीरात ने साबित कर दिया है कि वो दिल्ली का असली दोस्त है। पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमला करने के बाद संयुक्त अरब अमीरात ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए दोनों देशों से शांति बरतने का आग्रह किया है। संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि “महामहिम शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान, उप प्रधान मंत्री और विदेश मामलों के मंत्री ने भारत गणराज्य और इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान से संयम बरतने, तनाव कम करने और क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शांति को खतरे में डालने वाले तनाव को और बढ़ाने से बचने का आह्वान किया है।”

पाकिस्तान के लिए इसे झटका हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अतीत में इन इस्लामिकों देशों ने हमेशा पाकिस्तान का साथ दिया है। भारत पर प्रेशर बनाने के लिए ये इस्लामिक देश पाकिस्तान के लिए एक टूल की तरह काम करते थे। लेकिन अब इन्होंने न्यूट्रल रूख अपनाया है। संयुक्त अरब अमीरात ने कहा है कि “महामहिम ने सैन्य संघर्ष को रोकने, दक्षिण एशिया में स्थिरता को मजबूत करने और आगे क्षेत्रीय तनाव से बचने के लिए बातचीत और आपसी समझ के लिए आवाज उठाने वालों की आवाजों पर ध्यान देने के महत्व पर जोर दिया है।”

अरब देशों की मीडिया में क्या छपा है?
संयुक्त अरब अमीरात के भारत के साथ संबंध पिछले कुछ सालों में काफी मजबूत हुए हैं। यही वजह है कि UAE ने न्यूट्रल स्टैंड लिया है। उसने तुर्की की तरह पाकिस्तान पर हमले को लेकर भारत के बारे में कुछ नहीं कहा है। जो बताता है कि यूएई भारत का असली दोस्त बन चुका है। वहीं खलीज टाइम्स की रिपोर्ट भी काफी न्यूट्रल है। खलीज टाइम्स की वेबसाइट पर इस हमले का लाइव कवरेज किया जा रहा है। इसका हेडलाइन है “India launches overnight attack; Pakistan vows to ‘settle score’ as 11 dead”, यानि “भारत ने रात में किया हमला; 11 लोगों की मौत पर पाकिस्तान ने ‘बदला लेने’ की कसम खाई।” यानि खलीज टाइम्स न्यूट्रल रिपोर्टिंग कर रहा है और उसकी रिपोर्टिंग पाकिस्तान के पक्ष में झुकी नहीं है। इसके अलावा खलीज टाइम्स ने एक और एक्सप्लेनर स्टोरी बनाई है, जिसमें उसने भारत के पाकिस्तान पर हमले की वजह बताई और विस्तार से लिखा है कि भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का क्या मकसद था।

वहीं सऊदी अरब से संचालित होने अरब न्यूज भी न्यूट्रल रिपोर्टिंग कर रहा है। वो भी पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की लाइव कवरेज कर रहा है। इसके अलावा मिडिल ईस्ट आई भी भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण स्थिति की लाइव कवरेज कर रहा है। मिडिल ईस्ट आई ने लिखा है कि “भारत ने पाकिस्तान पर मिलिट्री स्ट्राइक लॉंच किए।” इसके अलावा इस्लामिक देशों का प्रोपेगेंडा फैलाने वाले कतरी न्यूज चैनल अलजजीरा भी पाकिस्तान पर भारत के एयरस्ट्राइक की लाइव कवरेज कर रहा है। उसने अपने लाइव कवरेज का हेडलाइन में लिखा है ‘भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान एडमिनिस्ट्रेटेड कश्मीर में स्ट्राइक किए।’ अलजजीरा ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के उस बयान को छापा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि “दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता रखनी चाहिए।”

संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब का न्यूट्रल रहना डिप्लोमेसी के हिसाब से भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। कश्मीर से जब भारत ने अनुच्छेद 370 को खत्म किया था, उस वक्त भी ये दोनों देश न्यूट्रल रहे थे, जबकि पाकिस्तान को लग रहा था कि ये दोनों उसका साथ देंगे। इन दोनों देशों के शांत रहने का मतलब है कि ज्यादातर अरब देश भी न्यूट्रल हैं और ऐसे में पाकिस्तान को सिर्फ तुर्की का ही साथ मिल पाता है।

कोलकाता की मुट्ठी में था मैच, 6 गेंदों में तबाह हो गई KKR

इंडियन प्रीमियर लीग 2025 का 57वां मैच डिफेंडिंग चैंपियन कोलकाता नाइटराइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला गया। यह मैच कोलकाता 2 विकेट से हार गई। इसी के साथ केकेआर का प्लेऑफ में पहुंचना अब लगभग नामुमकिन हो गया। वह अब बचे हुए दो मैच जीतकर भी 15 अंक तक ही पहुंच पाएंगे। उनका यहां से प्लेऑफ में पहुंचने के चांस न के बराबर हैं, क्योंकि हैदराबाद, चेन्नई, राजस्थान और अब कोलकाता के अलावा अन्य 6 टीमें 16 अंक तक पहुंच सकती हैं।

केकेआर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स को 180 रन का लक्ष्य दिया था। यह टारगेट चेन्नई ने 2 विकेट रहते 19.4 ओवर में हासिल कर लिया। हालांकि, एक समय था जब मैच पूरी तरह से कोलकाता के हाथ में था। ऐसा लग रहा था कि कोलकाता आसानी से इस मैच को जीत जाएगी। लेकिन, फिर 6 गेंदों ने पूरा खेल बदल दिया। यह 6 गेंदें मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।

डेवाल्ड ब्रेविस ने वैभव अरोड़ा के एक ओवर में कूट दिए थे 30 रन

पावरप्ले के अंदर ही चेन्नई सुपर किंग्स के 60 रन पर 5 विकेट गिर गए थे। यहां से चेन्नई का जीतना मुश्किल लग रहा था। लेकिन फिर बल्लेबाजी करने के लिए बेबी एबी के नाम से मशहूर साउथ अफ्रीका के विस्फोटक बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस आए। ब्रेविस ने फिर शिवम दुबे के साथ साझेदारी की। 10 ओवर के बाद चेन्नई का स्कोर 5 विकेट पर 93 रन था। यानी चेन्नई को एक बड़ा ओवर चाहिए था।

सीएसके का वो बड़ा ओवर पारी के 11वें ओवर में आया। यह ओवर केकेआर की तरफ से वैभव अरोड़ा डालने आए थे। पहली गेंद पर डेवाल्ड ब्रेविस स्ट्राइक पर थे। ब्रेविस ने इस ओवर में 3 चौके और 3 छक्के की मदद से 30 रन ठोक डाले। उन्होंने छक्के से ओवर की शुरुआत की और चौके से ओवर को खत्म किया। यह 30 रन का ओवर ही मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। डेवाल्ड ब्रेविस ने सिर्फ 22 गेंद में अपनी फिफ्टी पूरी की थी। वह 25 गेंदों में 52 रन बनाकर आउट हो गए थे। उन्होंने अपनी पारी में 4 चौके और 4 छक्के लगाए थे।

Ramswaroop Mantri

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