बीजेपी जैन समाज को चंदा देने वाले एटीएम के तौर पर करती है इस्तेमाल
गिरनार जी, श्री सम्मेद शिखर जी, जी, पूज्य श्रुतिदेवी की प्रतिमा समेत जैनियों पर बढ़ते हमलों पर जताई चिंता
>> अल्पसंख्यक कैटेगरी में आता है जैन समाज
लखनऊ। इससे पहले की बीजेपी इंडिया गठबंधन के पीडीए का मुकम्मल जवाब दे पात्ती अखिलेश यादव ने राजनीतिक नहला ये दहला करते हुए जैन समाज को भी इसमें शामिल करने की पहल कर दी। अखिलेश यादव का यह हमला होमवर्क करके किया गया है और उनके इरादों को जाहिर करने के लिए काफी है।
एक तरफ सुमन सरोज के जरिये सपा राजनीतिक फायर कर रही है तो वहीं जैन समाज की पौडीए में शामिल करने का न्योता उसके बड़े राजनीतिक मंसूबों को बहाने के लिए काफी है। दरअस्त आज सुबह सपा प्रमुख ने आंकड़ों के साथ बीते कुछ समय में जैन समाज के साथ घटित घटनाओं का उल्लेख किया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि बीजेपी जैन समाज को सिर्फ बंदा देने वाला एटीएम समझाती है।
जहां-जहां बीजेपी सरकार वहां-वहां हमले
अखिलेश यादव ने लिखा है कि आखिर ये क्यों होता है कि जहां-जहां भी भाजपा सरकार है यहां-वहां जैनियों के तीर्थस्थलों, मंदिरों, जिनालयों चैत्यालयों, समाजसेवी पर हमले हो रहे हैं।सपा प्रमुख ने हाल में घटित जैन समाज के साथ सिलसिलेवार घटनाओं का विवरण दिया
संस्थानों और समाज के साथ ऐसी विशेषपूर्ण घटनाएं हो रही है। भाजपा समर्थित एक ऐसा बहुत बड़ा वर्ग है जो जैनियों की धार्मिक सार्वजनिक व्यापारिक व्यावसायिक ही नहीं बल्कि व्यक्तिगत संपतियों पर भी आख गड़ाए बैठा है और जैनियों को अत्यसंख्यक ही मानकर उनसे उन सब कुछ छीन लेना चाहता है।
अचानक बढ़ गये जैनियों पर हमले
अखिलेश यादव ने कहा कि शांतिप्रिय जैन समाज पर अचानक बढ़ते जा रहे हमली की कड़ी में मध्य प्रदेश के सिंगोली थाना क्षेत्र में एक मंदिर के प्रागण में जैन मुनियों पर हुआ हिंसक हमला शारीरिक हमले की श्रेणी में आता है। जबलपुर में भाजपाई और उनके रागी साथी के बीच लीक हुए टेलीफोनिक ऑडियो में जैनियों के बारे में की गई बेहद दुर्भावनापूर्ण-आपत्तिजनक टिप्पणिया एक वाचिक हमला रही और मुंबई में जैन मंदिर के ध्वस्तीकरण और जैन तीर्थंकरों की मूर्तियों, जिनवाणी व अन्य पूजनीय ग्रंथों और शास्त्रों का निर्वासन और निरादर बेहद गंभीर और पोर निदनीव कुकूल्य की श्रेणी में आएगा।
पूरी दुनिया में हो रही है निंदा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जजैन समाज को लेवार भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है किभाजपा समर्थित एक ऐसा बहुत बड़ा वर्ग है जो जैनियों से उनका सब कुछ छीन लेना चाहता है। उन्होंने एक्स पर लिखा है कि वर्तमान समय में देश में अल्पसंख्यक होना एक अभिशाप बनता जा रहा है। आज अल्पसंख्यक जैन समुदाय में भय असुरक्षा और अनिश्चितता की जो भावना व्यास है यह अत्यधिक चिंता का विषय है। जिसकी चर्चा, निदा और आक्रोशपूर्ण प्रतिक्रिया संपूर्ण विश्व में हो रही है।
पेश किये आंकड़े
उन्होंने कहा कि चाहे भाजपा शासित गुजरात में ‘श्री गिरनार जी के मंदिर पर कब्जे का प्रकरण हो या फिर श्री सम्मेद शिखर जी’ पर केंद्र की भाजपा सरकार का आपतिजनक हस्तक्षेप। कुछ साल पहले भाजपा राज में ही उत्तर प्रदेश के बागपत बहौत के एक जैन कॉलेज की वह घटना जिसमें जैनियों की पूज्य श्रुतिदेवी’ की प्रतिमा स्थापित करने का उग्र विरोध भाजपाई संगी-साथियों ने किया था। मध्य प्रदेश के नीमच में एक बुजुर्ग जैन 65 वर्षीय ‘भवरलाल जैन’ को भाजपा सत्ता समर्थित एक प्रभुत्वशाली व्यक्ति द्वारा बम्पड़ मार-मारकर मार डालने की वीभत्स घटना। ये सब कुछ जैन समुदाय के उत्पीड़न के ही मामले हैं।
बीजेपी से पूछे कई सवाल
आज भाजपा में पूछ रहा है कि भकी निगाह में हमारा महत्य क्या निर्मा देने तक सीमित है हमारे की और हमारी रक्षा कौन करेगा? जम दबाव डालते हैं तो हर बार बाद में बाफी भागने का नाटक किया जाता है। मंदिर कोरा कराने से मूर्तियों हनीय पुस्तकों और जैन समाज-समुदाय का जो अपमान हुआ है तथा वा वापरा
पीडीए में शामिल होने का जैन समाज को सपा का न्योता
जैन समाज के साथ है सपा
अखिलेश यादव ने जैन दर्शन की शिक्षा को अतुलनीय बताते हुए कहा किसताधारी भाजपाइयों द्वारा की गई ऐसी हतोत्साहित करने वाली पटना जैन समुदाय की चाहकर रूप में उस 90 फीसदी जनसंख्या का हिस्सा है जिनकी पीडीए के समेकित रूप में रक्षा-सुरका और लिया है। इस कठिन समय जैन समाज के नाथ हैं। जैन समाज याद रखें, भाजपाई किसी के सर्ग नहीं है। वर्तमान समय में देश में अल्पसंख्यक होना एक अभिशाप बनता जा रहा है।





