उमा भारती ने मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की
मध्य प्रदेश के दिग्गज बीजेपी नेता और राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। इस बार उन्होंने सेना की एक महिला अधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर डाली, जिससे बवाल मच गया है।7 बार विधायक, मंत्री पद भी मिला…लेकिन हर बार विवादों में क्यों फंसते हैं विजय शाह? कभी पुलिस से पिटे, तो कभी मंत्रीपद गंवाया। अब सेना की अफसर को “आतंकियों की बहन” बताकर फंसे फिर बवाल में।मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद इंदौर के मानपुर थाना में बुधवार रात करीब 11 बजे मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी करते हुए उन्हें आतंकियों की बहन बताया था. हाईकोर्ट ने इस मसले पर स्वत: संज्ञान लिया था.
कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ विवादित बयान देने पर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के खिलाफ आखिरकार देर रात इंदौर के मानपुर थाने में FIR दर्ज की गई. बुधवार दोपहर जबलपुर हाईकोर्ट ने केस दर्ज करने का आदेश दिया था. मंत्री पर गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इससे पहले शाह ने माफीनामे का एक वीडियो भी जारी किया है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया था. कोर्ट ने विजय शाह पर चार घंटे में एफआईआर दर्ज करने को लेकर डीजीपी को निर्देश दिए थे. इधर, पूरे देश मे मंत्री विजय शाह का विरोध हो रहा है. मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने विजय शाह को मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि शाह ने पूरे देशवासियों को लज्जित किया है.
हाईकोर्ट के जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की बेंच ने डीजीपी को सख्त निर्देश देते हुए आज की तारीख में ही मंत्री शाह पर एफआईआर के निर्देश दिए थे. हाईकोर्ट ने साफ कहा था कि मंत्री विजय शाह का बयान भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाला है. कोर्ट ने साफ कहा था कि अगर 14 मई को एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो 15 मई को अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाएगी. माना जा रहा है कि गुरुवार सुबह कोर्ट खुलते ही पहली सुनवाई इसी मामले पर होगी.
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
विजय शाह के बयान के बाद मंत्री के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेशानुसार बीएनएस की धारा 152, 196(1)(बी) और 197(1)(सी) में केस दर्ज हुआ है. मंत्री विजय शाह के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज हुआ है. दोष सिद्ध होने पर इन धाराओं में आजीवन कारावास का प्रावधान है.

क्याविजय शाह की सफाई और सोशल मीडिया रिएक्शन
विजय शाह ने अपने बयान पर सफाई दी है कि उनका मकसद किसी की छवि खराब करना नहीं था, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना तेज हो गई है। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोग उन्हें मंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।
019 – आदिवासी छात्रों को “कुपोषित भिखारी” कहने पर हुआ था बड़ा बवाल।
2021 – वन विभाग में अधिकारियों को खुले मंच से धमकाया: “काम नहीं किया तो उठा दूंगा।”
2022 – पंचायत चुनाव में पार्टी कार्यकर्ताओं को “फ्री हैंड” देने की बात कहकर चुनाव आयोग के निशाने पर आए।
2023 – एक पत्रकार को “चप्पल मार दूंगा” कहने पर मीडिया ने किया बहिष्कार।
विजय शाह ने हाल ही में सेना की मेजर वृंदा शुक्ला को लेकर ऐसा बयान दिया जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हंगामा मचा दिया। उन्होंने वृंदा शुक्ला को “आतंकियों की बहन” बता दिया। यह बयान उस वक्त आया जब मेजर वृंदा ने शाह की कथित धमकी और व्यवहार को लेकर सोशल मीडिया पर आवाज उठाई थी।
मेजर वृंदा शुक्ला कौन हैं?
मेजर वृंदा शुक्ला एक सम्मानित महिला सेना अधिकारी हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई चुनौतियों का सामना करते हुए देश की सेवा की है। उन्होंने हाल ही में मंत्री विजय शाह पर गंभीर आरोप लगाए कि उन्होंने उन्हें धमकी दी और बदसलूकी की
विजय शाह की सफाई और सोशल मीडिया रिएक्शन
विजय शाह ने अपने बयान पर सफाई दी है कि उनका मकसद किसी की छवि खराब करना नहीं था, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना तेज हो गई है। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोग उन्हें मंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं मंत्री विजय शाह
विजय शाह का विवादों से पुराना रिश्ता रहा है। इससे पहले भी वे कई बार विवादित बयानों और कथित गलत व्यवहार को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। यहां तक कि एक बार तो उन्हें मंत्री पद से भी हाथ धोना पड़ा था। उन्हें पुलिस द्वारा पीटे जाने की घटना भी काफी चर्चा में रही थी।
राजनीतिक हलचल और विपक्ष का वार
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लेते हुए भाजपा सरकार पर हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि ऐसे बयान न सिर्फ सेना के सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि देश की सुरक्षा और महिला अफसरों के मनोबल को भी गिराते हैं।
बयान से बवाल तक, क्या खत्म होगा विजय शाह का विवादों का सफर?
विजय शाह के लिए यह कोई नया मामला नहीं है, लेकिन इस बार मामला सेना और देश की सुरक्षा से जुड़ा है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री और भाजपा नेतृत्व इस पर क्या रुख अपनाते हैं।
कौन हैं विजय शाह?
कुंवर विजय शाह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के अनुभवी विधायक हैं, जो खंडवा जिले की हरसूद विधानसभा सीट से 8 बार विधायक चुने गए हैं। वह आदिवासी समाज से आते हैं और बीजेपी में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ है। वर्तमान में वह मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री हैं।
मंत्री विजय शाह व्यक्तिगत जीवन
- जन्म: 1 नवम्बर 1962, मकड़ाई, मध्य प्रदेश
- शैक्षिक योग्यता: एम.ए. (इतिहास)
- पारिवारिक स्थिति: विवाहित (पत्नी: भावना शाह, एक पुत्र)
- व्यवसाय: कृषि, गैस एजेंसी, वेयरहाउस संचालन
- रुचियां: जनसेवा, पर्यटन, तैराकी
- मंत्री विजय शाह की राजनीतिक यात्रा
विजय शाह ने छात्र जीवन में ABVP से जुड़कर राजनीति की शुरुआत की और 1990 से 2023 तक हरसूद विधानसभा क्षेत्र से लगातार 8 बार चुनाव जीते। उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों में अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं।
ये पहला विवाद नहीं: मंत्री के पुराने विवादित बयान और कारनामे
विजय शाह पहले भी कई बार सुर्खियों में रह चुके हैं:
- 2019 – आदिवासी छात्रों को “कुपोषित भिखारी” कहने पर हुआ था बड़ा बवाल।
- 2021 – वन विभाग में अधिकारियों को खुले मंच से धमकाया: “काम नहीं किया तो उठा दूंगा।”
- 2022 – पंचायत चुनाव में पार्टी कार्यकर्ताओं को “फ्री हैंड” देने की बात कहकर चुनाव आयोग के निशाने पर आए।
- 2023 – एक पत्रकार को “चप्पल मार दूंगा” कहने पर मीडिया ने किया बहिष्कार।
- अब 2025 में उनका ये बयान सेना की महिला अफसर पर, पूरे सिस्टम की सोच पर सवाल खड़े करता है।
विजय शाह ने फिर मांगी माफी
मंत्री विजय शाह ने एक और वीडियो जारी करते हुए माफी मांगी है. उन्होंने वीडियो में कहा, ‘हाल ही मेरे बयान से हर समाज की भावनाएं आहत हुई हैं. उसके लिए मैं दिल से न केवल शर्मिंदा हूं, दुखी हूं बल्कि माफी चाहता हूं. सोफिया कुरैशी हमारे देश की बहन, राष्ट्रधर्म निभाते हुए जाति-समाज से ऊपर उठकर, उन्होंने जो काम किया है, वो हमारी सगी बहन से भी ज्यादा है. मैं उनका सम्मान करता हूं. हाल के भाषणों में मेरी इच्छा उनकी बात को समाज के सामने अच्छे से रखने की थी. दुखी और विचलित मन से कुछ शब्द गलत निकल गए, इसके कारण आज मैं खुद शर्मिंदा हूं. पूरे समाज और समुदाय से माफी मांगता हूं. बहन सोफिया और सेना का मैं सम्मान करता हूं. हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं.’




