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*मध्यप्रदेश के महत्वपूर्ण नेता चर्चाओं में ….*.

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                    -सुसंस्कृति परिहार 

इस बार तो मध्यप्रदेश के भाजपा नेता ने जिस तरह के अशोभनीय कृत्य और बयान देकर पूरे भारत का ध्यान खींचा है उससे ना केवल उनकी बल्कि भाजपा की छवि धूमिल हुई है। सबसे पहले उस अशोभनीय दृश्य की बात की जाए जो भाजपा के एक नेता धाकड़ ने नेशनल हाईवे पर किसी की परवाह ना करते हुए किया। इसकी लीपापोती की कोशिश हो रही है लेकिन वायरल वीडियो साफ़ साफ़ सच दिखा कर धाकड़ जी की उग्रवासना का प्रदर्शन कर रहा है। लोग इसे सड़क पर साखा लगाने की संज्ञा दे रहे हैं। यह तो यथार्थ है कि जिस संगठन में कामवासना को प्रतिबंधित किया जाता है वहां यह आग और उत्तेजित होती है इसकी एक बानगी सड़क पर देखने मिली। अंदर की बात तो संघ ही जानता होगा। कहने की ज़रुरत नहीं।

गाली गलौज और  वह भी मां बहिन की अपमान जनक गाली देते एक वीडियो में मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी भी देखें गए  हैं। यह उनकी गरिमा को आहत करता है। सार्वजनिक तौर पर यह आचरण अशोभनीय और शर्मनाक है।

आजकल मध्यप्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के साथ एक केबिनेट मंत्री विजय शाह और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते वीडियो में सीधे सीधे ऐसे शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं जो उनकी असली छवि को प्रदर्शित करते हैं।उनके अन्तरतम से आए ये संवाद बताते हैं कि सेना मोदी जी के चरणों में नतमस्तक है ,कर्नल सोफिया कुरेशी आतंकवादियों की बहिन है और  जिनको समाप्त करने हमारे देश की सेना ने बाईस घंटे युद्ध लड़ा वे हमारे आतंकवादी कहना गंभीर मामला है।

माननीय संभवतः यह नहीं जानते कि सेना किसी की चरण वंदना नहीं करती।वह राष्ट्रपति के आदेश का परिपालन करती है। कर्नल सोफिया का पूरा परिवार भारतीय सेना की अमानत है। वह आतंकियों की बहिन नहीं। भारतीय मुस्लिम परिवार से हैं।और हमारे आतंकवादी कैसे हो सकते हैं? इस परिप्रेक्ष्य में तो यही लगता है।इन तीन महामनाओं के दिल में सेना से प्यार नहीं है। तभी वे इस तरह की बात कह सकते हैं।

अब भले भाजपा इसे जबान की फिसलन बताके इस बदजुबानी से अपने साथियों को बचाने की कोशिश करें लेकिन असलियत तो इनकी बोलीबानी में स्पष्ट झलकती है। इसमें गलती इन नेताओं की नहीं है क्योंकि जिस चाल चलन का प्रदर्शन अब तक केन्द्र के नेताओं का सामने आया है और उन्हें सरकार का संरक्षण ही नहीं बल्कि पद और सम्मान देकर नवाजा गया है वह अन्य लोगों को प्रोत्साहित करती है। इसलिए कर्नल सोफिया को टोल किया जाता है। हिंदू मुस्लिम की जो विष बेल लगाई गई ये उसका ही परिणाम है।

संभवतः इसलिए ऐसे लोगों को बचाने प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। क्योंकि ये तो भविष्य के उनके आईकान है जिनसे समस्त कार्यकर्ता प्रेरणा लेंगे। वस्तुत आज देश जिस मुकाम पर पहुंच गया है वहां ऐसे ही वाचाल लोगों की ज़रुरत है तभी वे खुशहाल रह पाएंगे। इसलिए कहना ना होगा कि यह जुबान की फिसलन है बल्कि यह एक से बढ़कर एक बयानबाजी अपने को सुखद भविष्य की ओर ले जाने वाली एक तरकीब के दायरे में आती है। इससे भाजपा की छवि  धूमिल हुई या निखरी यह तो आगत वक्त बताएगा।मगर इस तरह के आचरण और बयान ने मध्यप्रदेश को चर्चाओं के घेरे में ला दिया है।वह अब देश भर में अव्वल स्थान पर पहुंच चुका है।

Ramswaroop Mantri

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