मणिपुर में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। शनिवार रात इंफाल पूर्व और पश्चिम जिलों में उस वक्त हिंसा भड़क उठी जब खबरें आईं कि मेइती संगठन अरंबाई तेंगगोल के एक नेता को गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर और फर्नीचर जलाकर प्रदर्शन किया और नेता की रिहाई की मांग की। वहीं राजधानी लखनऊ के फाइव स्टार होटल सेंट्रम में रविवार को क्रिकेटर रिंकू सिंह और सपा सांसद प्रिया सरोज की रिंग सेरेमनी होगी। इसमें 300 से अधिक वीवीआईपी शामिल होंगे। देश और प्रदेश की कई बड़ी हस्तियों को न्योता भेजा गया है। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राज्य कर विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कर संग्रह में पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता और कड़े प्रवर्तन की नीति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने शेल कंपनियों और पंजीकृत फर्जी फर्मों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कृत्य व्यापारी बन्धुओं की सुविधाओं में सेंध लगाने का प्रयास है, जो अक्षम्य है। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दुनिया के सबसे अमीर आदमी और टेस्ला के मालिक एलन मस्क के बीच रिश्ते अब पूरी तरह से टूट चुके हैं। फलस्वरूप अब राष्ट्रपति ट्रंप ने मस्क को एक बड़ी धमकी भी दे दी है। जहां एक न्यूज चैनल को दिए फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ कहा कि अब वे मस्क से कोई बातचीत नहीं करना चाहते और उनका रिश्ता खत्म हो चुका है।
अरम्बाई टेंगोल नेता की गिरफ्तारी की खबर से इंफाल में तनाव
मणिपुर में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। शनिवार रात इंफाल पूर्व और पश्चिम जिलों में उस वक्त हिंसा भड़क उठी जब खबरें आईं कि मेइती संगठन अरंबाई तेंगगोल के एक नेता को गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर और फर्नीचर जलाकर प्रदर्शन किया और नेता की रिहाई की मांग की।

हालात को देखते हुए राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने पांच जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाएं पांच दिन के लिए बंद करने का आदेश जारी किया है। बता दें कि इन जिलों में इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग शामिल है।
सोशल मीडिया से भड़काऊ मैसेज पर शिकंजा
इंटरनेट सेवा बंद की बात पर गृह विभाग के कमिश्नर एन अशोक कुमार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि कि वर्तमान कानून व्यवस्था को देखते हुए यह आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के माध्यम से भड़काऊ मैसेज, फोटो और वीडियो फैला सकते हैं, जिससे राज्य में हालात और बिगड़ सकते हैं।
इसलिए वीएसएटी, वीपीएन सहित सभी इंटरनेट सेवाएं तत्काल प्रभाव से शनिवार रात 11:45 बजे से पांच दिन के लिए बंद कर दी गई हैं। इसके साथ ही आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर कोई इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा सांसद का वीडियो वायरल
वहीं दूसरी ओर हिंसा के बीज भाजपा के राज्यसभा सांसद लेशेम्बा सनाजाओबा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे एक इलाके में सुरक्षा बलों से बात करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में उन्हें यह कहते सुना जा सकता है, हमने बहुत कोशिश की शांति बहाल करने की, लेकिन अगर आप ऐसा करेंगे तो शांति कैसे आएगी?
वीडियो में भाजपा सांसद आगे बोलते हुए नजर आ रहें है कि अगर आपको गिरफ्तार करना है तो मुझे भी विधायक के साथ गिरफ्तार कीजिए। हालांकि, गिरफ्तार किए गए नेता का नाम या उन पर लगे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है। फिलहाल प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर हालात पर काबू पाने की कोशिश की है।
आज लखनऊ के इस होटल में है रिंकू-प्रिया की रिंग सेरेमनी

राजधानी लखनऊ के फाइव स्टार होटल सेंट्रम में रविवार को क्रिकेटर रिंकू सिंह और सपा सांसद प्रिया सरोज की रिंग सेरेमनी होगी। इसमें 300 से अधिक वीवीआईपी शामिल होंगे। देश और प्रदेश की कई बड़ी हस्तियों को न्योता भेजा गया है।
क्रिकेट और राजनीति जगत की दोनों चर्चित हस्तियों की रिंग सेरेमनी में सपा मुखिया अखिलेश यादव, सांसद डिंपल यादव और जया बच्चन जैसे बड़े नाम शामिल होंगे। इनको न्योता भेजा गया है। इसके अलावा सांसद इकरा हसन और कई केंद्रीय मंत्रियों के भी शामिल होने की खबर है।
सगाई से पहले बंगले में शिफ्ट हो चुका है परिवार
आज होने वाली सगाई से पहले ही रिंकू का परिवार अलीगढ़ के महुआ खेड़ा स्थित साढ़े तीन करोड़ रुपये के बंगले में आ गया है। इस बंगले को रिंकू सिंह ने खरीदा था। बंगले में माता-पिता, बहन के अलावा भाई भी रह रहे हैं। शादी के बाद सांसद प्रिया सरोज इसी आलीशान बंगले में आएंगी।
पिता ने छोड़ा गैस सिंलिडर लाने-ले जाने का काम
सगाई से पहले रिंकू सिंह के पिता खानचंद ने गैस सिंलिडर लाने-ले जाने का काम छोड़ दिया है। काम के साथ उन्होंने उस सर्वेंट क्वार्टर को भी छोड़ दिया है, जहां वह पिछले 25 साल से रह रहे थे। अब वह साढ़े तीन करोड़ रुपये के बंगले में रहने लगे हैं।
मैदान के बाद सियासी परिवार से जोड़ा नाता
साल 2023 के आईपीएल सीजन में गुजरात टाइटंस के खिलाफ यश दयाल की पांच गेंदों पर पांच छक्के मारकर रिंकू सिंह क्रिकेट के सितारे बन गए थे। वह चंद वर्षों में क्रिकेट के उभरते सितारे बने और अब उनका नाता जौनपुर के बड़े सियासी परिवार से हो रहा है।
18 नवंबर को वाराणसी में होगी रिंकू और प्रिया की शादी
जौनपुर की मछलीशहर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी सांसद प्रिया सरोज की रिंग सेरेमनी 8 जून को लखनऊ में होगी। उनकी शादी भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे रिंकू सिंह के साथ होनी है। शादी 18 नवंबर 2025 को वाराणसी के होटल ताज से होगी। इसमें क्रिकेट के सितारे, फिल्म जगत की हस्तियों और उद्योगपतियों का जमवाड़ा रहेगा।
सीएम योगी के निर्देश पर फर्जी, शेल कंपनियों के खिलाफ चलेगा बड़ा अभियान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राज्य कर विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कर संग्रह में पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता और कड़े प्रवर्तन की नीति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने शेल कंपनियों और पंजीकृत फर्जी फर्मों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कृत्य व्यापारी बन्धुओं की सुविधाओं में सेंध लगाने का प्रयास है, जो अक्षम्य है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राज्य कर विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कर संग्रह में पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता और कड़े प्रवर्तन की नीति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने शेल कंपनियों और पंजीकृत फर्जी फर्मों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कृत्य व्यापारी बन्धुओं की सुविधाओं में सेंध लगाने का प्रयास है, जो अक्षम्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर चोरी एक राष्ट्रीय अपराध है और इससे राज्य की विकास योजनाओं तथा लोककल्याणकारी कार्यक्रमों पर प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) उपभोक्ता आधारित कर प्रणाली है, इसलिए जहां जनसंख्या घनत्व अधिक है, वहां से अपेक्षाकृत अधिक कर प्राप्त होना स्वाभाविक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे जोन जहां कर संग्रह औसत से कम है, वहां विशेष रणनीति बनाकर कार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सेंट्रल जीएसटी के अंतर्गत पंजीकृत संदिग्ध फर्मों की जानकारी केंद्र को भेजी जाए ताकि उनका पंजीकरण निरस्त हो सके। वहीं स्टेट जीएसटी के अंतर्गत पंजीकृत फर्मों की विभागीय स्तर पर गहन जांच कर यदि अनियमितता मिले, तो पंजीकरण निरस्त कर एफआईआर दर्ज की जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी नई पंजीकृत फर्मों के स्थलीय निरीक्षण का निर्देश देते हुए कहा कि ऐसा न हो कि कुछ फर्जी कंपनियां ईमानदार करदाताओं के अधिकारों को बाधित करें। इसके दृष्टिगत सभी नई पंजीकृत फर्मों का स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, जिससे वास्तविक फर्म ईमानदारी से अपना कार्य कर सकें।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1,75,725 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष अप्रैल-मई माह में अब तक 18,161.59 करोड़ रुपए का जीएसटी और वैट संग्रहित किया जा चुका है, जिसकी उन्होंने सराहना करते हुए लक्ष्य प्राप्ति की कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ (दोनों ज़ोन), अयोध्या, बरेली, आगरा, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, झांसी और सहारनपुर सहित लगभग 14 ज़ोन में 60% या उससे अधिक लक्ष्य पूर्ति को सराहनीय बताया। वहीं वाराणसी जोन प्रथम, प्रयागराज, कानपुर द्वितीय, इटावा, अलीगढ़ और मुरादाबाद जैसे ज़ोन में 50% से कम संग्रह को असंतोषजनक बताते हुए तत्काल व्यापक समीक्षा का निर्देश दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- मस्क से संबंध सुधारने में रुचि नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दुनिया के सबसे अमीर आदमी और टेस्ला के मालिक एलन मस्क के बीच रिश्ते अब पूरी तरह से टूट चुके हैं। फलस्वरूप अब राष्ट्रपति ट्रंप ने मस्क को एक बड़ी धमकी भी दे दी है। जहां एक न्यूज चैनल को दिए फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ कहा कि अब वे मस्क से कोई बातचीत नहीं करना चाहते और उनका रिश्ता खत्म हो चुका है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दुनिया के सबसे अमीर आदमी और टेस्ला के मालिक एलन मस्क के बीच रिश्ते अब पूरी तरह से टूट चुके हैं। फलस्वरूप अब राष्ट्रपति ट्रंप ने मस्क को एक बड़ी धमकी भी दे दी है। जहां एक न्यूज चैनल को दिए फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ कहा कि अब वे मस्क से कोई बातचीत नहीं करना चाहते और उनका रिश्ता खत्म हो चुका है।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपनी पहली सरकार में मस्क को बड़ी राहतें दी थीं और उसकी जान बचाई थी, लेकिन अब उन्हें मस्क से कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मस्क 2026 के चुनाव में डेमोक्रेट्स का समर्थन करते हैं, तो मस्क को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, हालांकि ट्रंप ने ये नहीं बताया कि गंभीर परिणाम में वो मस्क के लिए क्या-क्या हो सकते है।
क्यों भड़के ट्रंप?
दरअसल, विवाद की शुरुआत तब हुई जब मस्क ने ट्रंप के संसद में लंबित टैक्स और खर्चों से जुड़े एक बिल को घिनौना और घाटा बढ़ाने वाला बताया। इसके बाद दोनों के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस हुई। मस्क ने ट्रंप को हटाने की मांग तक कर दी। इतना ही नहीं उन पर जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइलें छुपाने का आरोप भी लगा दिया। हालांकि शनिवार सुबह तक मस्क ने ट्रंप और एपस्टीन से जुड़े कुछ विवादित पोस्ट डिलीट कर दिए। उनका कहना था कि ट्रंप को हटाकर वेंस को राष्ट्रपति बना देना चाहिए।
जेडी वेंस ने की बचाव की कोशिश
विवाद बढ़ते देख उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि मस्क को थोड़ा शांत होने की ज़रूरत है और उन्होंने यह भी जोड़ा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे पर बहुत संयमित रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर मस्क थोड़ा ठंडा हो जाए, तो सब ठीक हो सकता है। साथ ही वेंस ने मस्क की आलोचना को भावनात्मक प्रतिक्रिया बताया और उम्मीद जताई कि मस्क दोबारा ट्रंप के समर्थन में आ सकते हैं।
ब्रेन डेड मरीज से मिला पांच लोगों को जीवनदान

ब्रेन डेड मरीज के अंगदान से 5 लोगों को नई जिंदगी मिली – फोटो : एक्स@IAF_MCC
बंगलूरू में एक ब्रेन डेड मरीज के अंग दान से पांच लोगों को नई जिंदगी मिली। भारतीय वायुसेना ने इस जीवनरक्षक ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शनिवार को वायुसेना ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की। वायुसेना के अनुसार, कमांड हॉस्पिटल एयरफोर्स बंगलूरू (सीएचएएफबी) में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
आज भाजपा कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करेंगे अमित शाह
तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राज्यभर में सियासी गर्माहट अपने चरम पर है। राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी भी तेज कर दी है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार देर शाम तमिलनाडु के मदुरै पहुंचे। वहां वे रविवार को होने वाले तमिलनाडु भाजपा की कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करेंगे और राज्य, जिला और मंडल स्तर के पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं को देंगे मंत्र
तमिलनाडु के मदुरै पहुंचते ही अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से अपनी योजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने लिखा कि मैं कल तमिलनाडु भाजपा के ऊर्जावान कार्यकर्ताओं से मिलने को उत्सुक हूं। हालांकि तमिलनाडु के लिए रवाना होने से पहले भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि मैं तमिलनाडु जा रहा हूं। कल मदुरै में पार्टी की कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करूंगा और शाम को पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात करूंगा।
चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं को देंगे मंत्र
बता दें कि अमित शाह के तमिलनाडु आगमन पर भाजपा नेता तमिलिसाई सुंदरराजन और तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेन्द्रन समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके साथ ही सुंदरराजन ने कहा कि अमित शाह के दौरे से पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है और इससे 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को मजबूती मिलेगी।
अमित शाह के आने से डीएमके में घबराहट- सुंदरराजन
उन्होंने कहा कि जब भी अमित शाह आते हैं, डीएमके में घबराहट होती है। अब उनके कुशासन का अंत होना चाहिए। हम पूरी तरह तैयार हैं और अमित शाह जी का मार्गदर्शन हमें आगामी चुनाव में सफलता दिलाएगा। इसी बीच चुनाव आयोग ने असम और तमिलनाडु की राज्यसभा सीटों के लिए 19 जून को द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा की है।
US में थरूर नीत शिष्टमंडल उप विदेश मंत्री से मिला

भारत ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस बात को कई बार दोहरा चुके हैं कि अब किसी भी दहशतगर्द के कायराना कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि भारत किसी भी आतंकी वारदात को ‘एक्ट ऑफ वॉर’ की तरह समझेगा और माकूल जवाब दिया जाएगा।
भारत के सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल 33 देशों की राजधानियों का दौरा कर दहशतगर्दों के पनाहगाह पाकिस्तान और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों को अलग-अलग मंचों पर बेनकाब किया। शिष्टमंडलों ने अल्जीरिया, डेनमार्क, ब्रिटेन, इथियोपिया, फ्रांस, इटली जैसे देशों में भारत का पक्ष मजबूती से रखा। ग्रीस, बहरीन, कतर, रूस, जापान और यूएई जैसे देशों में भी दहशतगर्दों के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति बताई गई। कांग्रेस सांसद शशि थरूर नीत सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका दौरे पर है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद नीत शिष्टमंडल जर्मनी दौरे पर है। वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की कूटनीतिक मुहिम जारी है। अलग-अलग दलों में शामिल इन 51 सांसदों के अलावा कई राजनयिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजनयिकों ने पाकिस्तानी दुष्प्रचार को धराशायी किया है।
पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल के समक्ष अमेरिका में उठीं मानवाधिकार चिंताएं
भारत की नकल करते हुए पाकिस्तान ने भी अपने प्रतिनिधिमंडल विदेशों में भेजे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिल रहा है। अमेरिका पहुंचे पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से अमेरिकी कांग्रेसी ब्रैड शेरमेन ने सिंध में लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाया। उन्होंने वहां पानी की कमी, लोगों को जबरन गायब किए जाने और सिंधी लोगों के व्यवस्थित दमन पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने सिंध में सामने आ रहे पर्यावरणीय और मानवीय संकट को भी रेखांकित किया। उन्होंने पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग द्वारा 2011 से 8,000 से अधिक जबरन गायब किए जाने के दस्तावेजों का हवाला दिया, जिनमें से कई की कभी भी उचित जांच नहीं की गई।
क्रिस वान और बुकर से भी वार्ता…
अमेरिका में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सीनेट की विदेश संबंध समिति के सदस्य सीनेटर क्रिस वान होलेन से भी चर्चा की और उन्हें पाकिस्तान से उत्पन्न आतंकवाद के खतरे के बारे में बताया, जिसने भारत और अमेरिका दोनों को प्रभावित किया है। सीनेटर ने भारत में बार-बार हुए आतंकी हमलों के पीड़ितों के प्रति सहानुभूति जताई।
वैश्विक सुरक्षा मामलों पर की चर्चा…
जर्मनी पहुंचे भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने विदेश और सुरक्षा नीति के प्रभारी प्रमुख सदस्यों, जैसे कि सीडीयू के विदेश नीति प्रवक्ता जुर्गन हार्ड्ट और टिलमैन क्यूबन के साथ-साथ जर्मनी के प्रमुख थिंक-टैंक से भी बातचीत की थी। उन्होंने भारत की स्पष्ट स्थिति को भी स्पष्ट किया कि आतंकियों और उन्हें सहायता या आश्रय देने वालों के बीच कोई अंतर नहीं है।
जर्मनी ने भी की मजबूत समर्थन की पुष्टि
जर्मनी ने भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को अपने मजबूत समर्थन और एकजुटता की पुष्टि की। संघीय विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल को भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान द्वारा परमाणु ब्लैकमेल के आगे न झुकने के नई दिल्ली के संकल्प को रेखांकित किया। यूरोपीय देश का दौरा करने के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने जर्मन राजनीतिक और कूटनीतिक नेतृत्व को आतंकवाद के प्रति शून्य-सहिष्णुता के लिए भारत के अडिग एकजुट रुख से अवगत कराया। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री वाडेफुल से मिलकर बहुआयामी भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत एवं गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। यहां एक कार्यक्रम के दौरान शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारत महात्मा गांधी और महात्मा बुद्ध का है, जो शांति का संदेश देता है। लेकिन संकट के समय भारत को कृष्ण भी याद रहते हैं। प्रियंका ने महाभारत का जिक्र करते हुए आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का जिक्र किया।
ट्रंप सरकार में उप विदेशमंत्री बोले- भारत के साथ हमेशा खड़ा है अमेरिका
अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से कहा है कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर भारत के रुख से अवगत कराने के लिए अमेरिका पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान की तरफ से राज्य-पोषित सीमापार आतंकवाद पर अमेरिकी मंत्री को अवगत कराया। लैंडाउ ने कहा, भारत हमारा रणनीतिक साझेदार है, उससे संबंध जरूरी हैं। भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर बताया, डॉ. शशि थरूर के नेतृत्व में सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल की अमेरिकी उप विदेश मंत्री से स्पष्ट बातचीत हुई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें पहलगाम आतंकी हमले की क्रूरता व ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जानकारी दी। लैंडाउ ने इस मुलाकात के बाद बैठक को ‘शानदार’ बताया।
US में थरूर नीत शिष्टमंडल उप विदेश मंत्री से मिला; जर्मनी में गांधी-बुद्ध-कृष्ण के संदेश
भारत ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस बात को कई बार दोहरा चुके हैं कि अब किसी भी दहशतगर्द के कायराना कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि भारत किसी भी आतंकी वारदात को ‘एक्ट ऑफ वॉर’ की तरह समझेगा और माकूल जवाब दिया जाएगा। इसी नीति से पूरी दुनिया को अवगत कराने की कवायद के तहत सरकार ने सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों का गठन किया है। भारत से अब तक छह शिष्टमंडल रूस, जापान, यूएई, कतर और गुयाना जैसे देशों में जाकर अलग-अलग मंचों पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को बेनकाब कर चुके हैं।
पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा के खिलाफ भारतीय शिष्टमंडल की मुखर मुहिम
दहशतगर्दों के खिलाफ भारतीय सेना की कार्रवाई से तिलमिलाए पड़ोसी देश पाकिस्तान ने खुद को पीड़ित बताने के लिए दुष्प्रचार का सहारा लिया है। बीते 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की नृशंस हत्या हुई। इसके बाद से ही बीते एक महीने में पाकिस्तान के कई नेता-राजनयिकों ने विदेशी मीडिया के सहारे भारत के खिलाफ जमकर प्रोपेगेंडा किया है। पाकिस्तान के कुत्सित प्रयासों के खिलाफ भारत के सांसद मुखर होकर टिप्पणी कर रहे हैं। अलग-अलग दलों के होने के बावजूद सांसदों ने एक स्वर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति को पूरी दुनिया के सामने स्पष्टता से रखा है।

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा (फाइल) – फोटो : एक्स@BarackObama
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को धमकी देने के आरोप में युवक को गिरफ्तार किया गया है।

अल-कायदा की यमन शाखा के प्रमुख का पद संभालने के बाद साद बिन अतेफ अल-अवलाकी ने अपने पहले वीडियो संदेश में गाजा पट्टी में इस्राइल-हमास युद्ध पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपति एलन मस्क समेत कई लोगों को बदला लेने की धमकी दी है। अल-अवलाकी ने पिछले साल एक्यूएपी की कमान खालिद अल-बतरफी की मौत के बाद संभाली थी।
अल-कायदा की यमन शाखा के प्रमुख का पद संभालने के बाद साद बिन अतेफ अल-अवलाकी ने अपने पहले वीडियो संदेश में गाजा पट्टी में इस्राइल-हमास युद्ध पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपति एलन मस्क समेत कई लोगों को बदला लेने की धमकी दी है। अल-अवलाकी ने पिछले साल एक्यूएपी की कमान खालिद अल-बतरफी की मौत के बाद संभाली थी।
वीडियो संदेश में इन नेताओं को दी धमकी
अपने आधे घंटे के वीडियो संदेश में अल-अवलाकी ने ट्रंप और मस्क के साथ-साथ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विदेश मंत्री पीट हेगसेथ को धमकी दी। साथ ही कहा कि इन लोगों ने मिस्र, जॉर्डन और खाड़ी अरब राज्यों में नेताओं की हत्या करने के लिए आतंकवाद का सहारा लिया। गाजा को तबाह करने में भी यही लोग शामिल हैं।
जब भी मौका मिलेगा हम बदला लेंगे- अल-अवलाकी
इतना ही नहीं शनिवार सुबह जारी हुए धमकी भरे वीडियो में अल-अवलाकी ने गाजा संघर्ष का बदला लेने की बात कही। वीडियो में अवलाकी ने कहा कि गाजा में हमारे लोगों के साथ जो कुछ हुआ और हो रहा है, उसके बाद वैध-अवैध की कोई सीमा नहीं बची। हमें जब भी मौका मिलेगा हम बदला लेंगे।
कौन है यमन की अल-कायदा?
बता दें कि यमन की अल-कायदा शाखा को लंबे समय से सबसे खतरनाक शाखा माना जाता है। यह 2011 में अमेरिकी नौसेना के सील द्वारा इसके संस्थापक ओसामा बिन लादेन की हत्या के बाद भी सक्रिय है। अल-अवलाकी पर अमेरिका ने 60 लाख डॉलर (51 करोड़ रुपये) का इनाम रखा है। वह पहले भी सार्वजनिक रूप से अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ हमले की धमकी दे चुका है।
वाणिज्य मंत्रालय ने बताया, चीन में दुर्लभ धातुओं के निर्यात आवेदनों को मंजूरी

चीन ने शनिवार को दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के लिए कुछ निर्यात लाइसेंस आवेदनों को मंजूरी दे दी है। इन धातुओं का इस्तेमाल ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, मोबाइल फोन और कई अन्य इलेक्ट्रानिक उद्योगों के निर्माण में किए जाते हैं।
चीन ने शनिवार को दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के लिए कुछ निर्यात लाइसेंस आवेदनों को मंजूरी दे दी है। इन धातुओं का इस्तेमाल ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, मोबाइल फोन और कई अन्य इलेक्ट्रानिक उद्योगों के निर्माण में किए जाते हैं। चीनी वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि रोबोटिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे उद्योगों के लिए दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (रेअर अर्थ मटेरियल) की बढ़ती वैश्विक मांग को देखते हुए यह मंजूरी दी गई है। हालांकि, अभी चीन की तरफ से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि निर्यात लाइसेंस आवेदन की मंजूरी किन-किन देशों की दी गई है।
दो महीने पहले चीन से दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के निर्यात पर प्रतिबंधलगा था
बता दें कि चार अप्रैल को चीन ने दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। चीन के इस फैसले से दुनियाभर की ऑटो इंडस्ट्री में हाहाकार मच गया है। जापान में सुजुकी ने स्विफ्ट कार का प्रॉडक्शन रोक दिया है, तो भारत में भी कंपनियों के सामने मैन्युफैक्चरिंग रोकने की नौबत आ रही है।
इन धातुओं का इस्तेमाल मिसाइल बनाने में भी किया जाता है
विशेषज्ञों के अनुसार चीन ने यह फैसला अमेरिकी की ओर से लगाए गए टैरिफ के बाद लिया था। हालांकि, चीन का कहना है कि इन धातुओं का इस्तेमाल मिसाइल बनाने में भी किया जाता है इसलिए वह इसके निर्यात पर प्रतिबंध लगा रहा है। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, दुर्लभ पृथ्वी धातुएं 17 तत्वों से मिलकर बनी धातुओं का एक समूह है।
61 प्रतिशत भंडार के साथपूरी दुनिया में 90 फीसदी निर्यात का नियंत्रण चीन के पास
हालांकि ये कई देशों में मौजूद हैं, लेकिन इसकी खुदाई और प्रोसेसिंग बहुत महंगी है। इससे भारी मात्रा में प्रदूषण भी निकलता है। वर्तमान में दुलर्भ पृथ्वी धातुओं का 61 प्रतिशत भंडार चीन में है और पूरी दुनिया में 90 फीसदी निर्यात नियंत्रित करता है।
सुप्रीम कोर्ट का ITBP के बर्खास्त कांस्टेबल की सेवा बहाली से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के उस कांस्टेबल की बर्खास्तगी को बरकरार रखा है जिसने वेतन वितरण के लिए रखे गए कैश बॉक्स से पैसे चुरा लिए थे। मामले में अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, ‘जिसे सुरक्षा का जिम्मा दिया गया था, वही लुटेरा बन गया। ऐसे गंभीर कृत्य के लिए सुरक्षाबल में कोई जगह नहीं हो सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के उस कांस्टेबल की बर्खास्तगी को बरकरार रखा है जिसने वेतन वितरण के लिए रखे गए कैश बॉक्स से पैसे चुरा लिए थे। मामले में अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, ‘जिसे सुरक्षा का जिम्मा दिया गया था, वही लुटेरा बन गया। ऐसे गंभीर कृत्य के लिए सुरक्षाबल में कोई जगह नहीं हो सकती।’
क्या है पूरा मामला?
आईटीबीपी के कांस्टेबल जगेश्वर सिंह को 4 और 5 जुलाई, 2005 की रात को कैश बॉक्स की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया था। ये पैसे कंपनी के जवानों को वेतन के रूप में देने के लिए रखे गए थे। लेकिन जगेश्वर सिंह ने इस भरोसे को तोड़ते हुए कैश बॉक्स का ताला तोड़ा, उसमें रखे लाखों रुपये चुराए और उन्हें पोस्ट से करीब 200 मीटर दूर छुपा कर फरार हो गया। जब कंपनी कमांडर को यह जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन जगेश्वर सिंह का कुछ पता नहीं चला। बाद में कमांडिंग ऑफिसर को सूचित किया गया और 6 जुलाई 2005 को एफआईआर दर्ज की गई। जांच और गिरफ्तारी के बाद जगेश्वर सिंह ने अपराध कबूल किया, जिसके आधार पर 14 नवंबर 2005 को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
मामले हाईकोर्ट ने क्या कहा था?
जगेश्वर सिंह ने हाईकोर्ट में बर्खास्तगी को चुनौती दी और दावा किया कि उसका कबूलनामा दबाव में लिया गया था। हालांकि, अदालत ने यह दलील खारिज कर दी, लेकिन आईटीबीपी को सजा पर दोबारा विचार करने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या दिया फैसला?
सुप्रीम कोर्ट की दो-न्यायाधीशों की पीठ, जिसमें जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह शामिल थे, ने हाईकोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया जिसमें सजा पर पुनर्विचार करने को कहा गया था। अदालत ने कहा, ‘जब कोई सुरक्षा बल का जवान ऐसा गंभीर और नैतिक पतन वाला अपराध करता है, तो उसे कड़ी से कड़ी सजा देना जरूरी होता है। ऐसे कर्मियों के लिए बल में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। यह घटना सिर्फ चोरी नहीं है, बल्कि विश्वासघात भी है।’
पुराने रिकॉर्ड से भी नहीं मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी ध्यान दिया कि आरोपी जगेश्वर सिंह का पिछला रिकॉर्ड भी अच्छा नहीं था। उनके खिलाफ पहले भी आठ बार अनुशासनात्मक कार्रवाई हो चुकी थी। हालांकि अदालत ने माना कि पिछले मामलों को सीधे मौजूदा मामले से जोड़ना सही नहीं होगा, लेकिन यह जरूर दिखाता है कि वह बार-बार अनुशासन तोड़ते रहे।
यात्रा के दौरान रैंडम आधार प्रमाणित करें TC

रेलवे मंत्रालय ने सभी ज़ोन को एक आधिकारिक पत्र भेजकर बताया है कि अब ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की पहचान की जांच रियल टाइम में ‘एमआधार’ ऐप के ज़रिए की जाएगी। यह ऐप यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) द्वारा बनाया गया है। मंत्रालय ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि हाल के समय में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां लोग फर्जी या जाली आधार कार्ड का इस्तेमाल कर देश में अवैध रूप से रह रहे हैं और नौकरी तथा यात्रा जैसे कार्यों में इसका गलत फायदा उठा रहे हैं।
रेलवे मंत्रालय ने सभी ज़ोन को एक आधिकारिक पत्र भेजकर बताया है कि अब ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की पहचान की जांच रियल टाइम में ‘एमआधार’ ऐप के ज़रिए की जाएगी। यह ऐप यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) द्वारा बनाया गया है। मंत्रालय ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि हाल के समय में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां लोग फर्जी या जाली आधार कार्ड का इस्तेमाल कर देश में अवैध रूप से रह रहे हैं और नौकरी तथा यात्रा जैसे कार्यों में इसका गलत फायदा उठा रहे हैं।
मामले में रेलवे मंत्रालय ने कहा कि आधार कार्ड के गलत इस्तेमाल और किसी अन्य की पहचान का दुरुपयोग रोकने के लिए पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को मजबूत करना ज़रूरी है। इसलिए टिकट चेकिंग स्टाफ को हर यात्रा में रैंडम आधार पर यात्रियों की आईडी जांच करनी चाहिए।
यूआईडीएआई द्वारा विकसित mAadhaar ऐप में QR कोड स्कैन करने की सुविधा है, जिससे आधार कार्ड की सत्यता तुरंत जांची जा सकती है। QR कोड स्कैन करते ही व्यक्ति की फोटो, नाम, लिंग, जन्मतिथि, पता और आधार नंबर जैसे ज़रूरी विवरण स्क्रीन पर आ जाते हैं।सबसे खास बात यह है कि यह ऐप बिना इंटरनेट के यानी ऑफलाइन मोड में भी काम करता है।
अन्य स्टाफ की भी होगी जांच
रेलवे मंत्रालय ने यह भी कहा है कि इस ऐप का इस्तेमाल न सिर्फ यात्रियों बल्कि ट्रेन में काम करने वाले अनुबंधित कर्मचारियों जैसे ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस (ओबीएचएस), केटरिंग स्टाफ आदि की पहचान की जांच के लिए भी किया जाए।
भारत ने 2011 से 2023 के बीच 17 करोड़ से अधिक लोगों को घोर गरीबी से बाहर निकाला

भारत की अत्यधिक गरीबी दर एक दशक में तेजी से घटकर 5.3 प्रतिशत हो गई है, यह 2011-12 में 27.1 प्रतिशत थी। यह टिप्पणी की है विश्व बैंक ने। वैश्विक संस्था ने अपनी गरीबी रेखा के दायरे को भी बढ़ाकर 3 अमेरिकी डॉलर प्रतिदिन कर दिया है। विश्व बैंक ने यह भी दावा किया है कि भारत ने 2011-12 से 2022-23 के बीच के दशक में 17.1 करोड़ लोगों को अत्यधिक गरीबी से बाहर निकाला है।
जानिए तीन डॉलर प्रतिदिन से कम पर कितने लोग जीवनयापन कर रहे
विश्व बैंक ने एक रिपोर्ट में कहा कि 2017 और 2021 के बीच भारत की मुद्रास्फीति दर को देखते हुए, 3 अमेरिकी डॉलर की संशोधित अत्यधिक गरीबी रेखा को आधार मानें तो भारत में गरीबी दर 5.3 प्रतिशत रही। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 2024 में 54,695,832 लोग तीन डॉलर प्रतिदिन से कम पर जीवनयापन कर रहे थे।
भारत में घोर घरीबी 16.2 प्रतिशत से घटकर 2.3% हो गई
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2011-12 और 2022-23 के बीच अत्यधिक गरीबी की दर 16.2 प्रतिशत से घटकर 2.3 प्रतिशत हो गई। इस दौरान, निम्न मध्यम आय वाले देश (एलएमआईसी) में गरीबी दर में 33.7 प्रतिशत अंकों की गिरावट आई। विश्व बैंक ने माना है कि मुफ्त और रियायती खाद्यान्न वितरण से से गरीबी में कमी आई है और ग्रामीण व शहरी गरीबी का अंतर कम हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पांच सबसे अधिक आबादी वाले राज्यों में 54 प्रतिशत अत्यंत गरीब लोग रहते हैं।
भारत की वास्तविक जीडीपी कोरोना के पहले के स्तर के 5 प्रतिशत कम
अर्थव्यवस्था के बारे में, रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की वास्तविक जीडीपी वित्त वर्ष 2025 तक कोरोना के पहले के स्तर से लगभग 5 प्रतिशत कम है। विश्व बैंक ने यह भी कहा है कि यदि वर्तमान वैश्विक अनिश्चितताओं का व्यवस्थित ढंग से समाधान कर लिया जाता है तो 2027-28 तक भारत का विकास धीरे-धीरे अपनी संभावित स्थिति में पहुंच जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है, “हालांकि, भारतीय आर्थिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण नकारात्मक जोखिम विद्यमान हैं, और इसका कारण वैश्विक स्तर पर नीतिगत बदलाव जारी रहना है। रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने से भारत के निर्यात की मांग कम होगी और निवेश में सुधार में और देरी होगी।”
वित्त वर्ष 2026-28 में चालू खाता घाटा
रिपोर्ट के अनुसार चालू खाता घाटा वित्त वर्ष 2026-28 के दौरान सकल घरेलू उत्पाद के औसतन 1.2 प्रतिशत के आसपास रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार भारत का विदेशी मुद्रा भंडार सकल घरेलू उत्पाद के 16 प्रतिशत के आसपास स्थिर रहने का अनुमान है। विश्व बैंक ने अप्रैल में भारत पर अपनी ‘गरीबी और समानता संक्षिप्त रिपोर्ट’ में कहा था, “पिछले एक दशक में भारत ने गरीबी को काफी हद तक कम किया है। अत्यधिक गरीबी (प्रतिदिन 2.15 अमेरिकी डॉलर से कम पर जीवनयापन) 2011-12 में 16.2 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 2.3 प्रतिशत हो गई है। इससे लगभग 17 करोड़ 10 लाख लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर आ गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यधिक गरीबी घटकर 2.8% पर पहुंची
रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यधिक गरीबी 18.4 प्रतिशत से घटकर 2.8 प्रतिशत हो गई है। शहरी क्षेत्रों में यह 10.7 प्रतिशत से घटकर 1.1 प्रतिशत हो गई है। जिससे ग्रामीण-शहरी अंतर 7.7 प्रतिशत से घटकर 1.7 प्रतिशत रह गया है। यह 16 प्रतिशत की वार्षिक गिरावट है।
माइकल जैक्सन का सोनाली बेंद्रे ने भारत में किया था स्वागत

बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे ने शनिवार को एक बेहद खास और ऐतिहासिक पल को याद करते हुए बताया कि साल 1996 में जब पॉप म्यूजिक के बादशाह माइकल जैक्सन भारत आए थे, तब उन्हें उनका स्वागत करने का सौभाग्य मिला था। ये मौका ना सिर्फ सोनाली के लिए बल्कि भारतीय मनोरंजन जगत के लिए भी ऐतिहासिक था, जब दुनिया के सबसे चर्चित पॉप सिंगर का भारतीय जमीन पर पारंपरिक अंदाज में स्वागत हुआ था।
सोनाली बेंद्रे ने किस्सा किया शेयर
सोनाली ने ANI को दिए एक इंटरव्यू में उस दिन की यादें साझा करते हुए बताया कि यह सब कुछ एक संयोग की तरह हुआ। उस वक्त राज ठाकरे की पत्नी शर्मिला ठाकरे ने उनसे संपर्क किया था और इस विशेष आयोजन का हिस्सा बनने का प्रस्ताव दिया था। सोनाली ने कहा, ‘शर्मिला की मां और मेरी मासी की बहुत पुरानी दोस्ती है। उन्होंने मुझसे कहा कि क्यों न तुम ये स्वागत करो।’
सोनाली ने रखी थी शर्त
हालांकि, उस समय बॉलीवुड में अपने करियर के ऊंचाई पर चल रहीं सोनाली ने हां कहने से पहले एक शर्त रखी- उन्हें शो के बेहतरीन टिकट्स चाहिए थे ताकि वो अपने दोस्तों और बहन के साथ माइकल जैक्सन का परफॉर्मेंस लाइव देख सकें। उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘मैंने कहा कि अगर मुझे अच्छे टिकट्स मिलते हैं तो मैं जरूर करूंगी। और मैंने कर भी लिया क्योंकि मैं और मेरे दोस्त शो देखने को लेकर बहुत उत्साहित थे।’

1996 में भारत आए थे माइकल जैक्सन
माइकल जैक्सन का भारत दौरा उनके मशहूर ‘हिस्ट्री वर्ल्ड टूर’ का हिस्सा था और उन्होंने उस दौरान मुंबई में एक जबरदस्त परफॉर्मेंस दिया था। एयरपोर्ट पर सोनाली ने पारंपरिक नौ गज की साड़ी पहनी थी और तिलक और आरती से उनका स्वागत किया था।
भारत के लिए गौरव का पल
ये पल सिर्फ एक सेलिब्रिटी मीटिंग नहीं था, बल्कि भारतीय संस्कृति और पश्चिमी पॉप कल्चर का अद्भुत मिलन भी था। जैक्सन के शो ने भारत में लाखों फैंस को झूमने पर मजबूर कर दिया था और उनका मुंबई कॉन्सर्ट आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसा हुआ है।
सोनाली ने कई हिट फिल्मों में किया काम
साल 1996 सोनाली बेंद्रे के लिए भी बेहद अहम साबित हुआ था। इसी साल उन्होंने ‘दिलजले’, ‘सपूत’ और ‘रक्षक’ जैसी हिट फिल्मों में काम किया था। उस समय वे इंडस्ट्री की उभरती हुई सुपरस्टार थीं और उनके सरल व्यवहार और दमदार अभिनय ने दर्शकों के बीच उन्हें खास जगह दिलाई।
राजा- सोनम रघुवंशी लापता मामले में CM मोहन का बड़ा एक्शन; गृहमंत्री अमित शाह से CBI जांच की सिफारिश, खुलेंगे कई राज
इंदौर के नवविवाहित जोड़े राजा-सोनम रघुवंशी के लापता मामले में सीएम मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सीबीआई जांच का आदेश देने का आग्रह किया है। 2 जून को राजा रघुवंशी का शव बरामद हो चुका है। लेकिन पत्नी सोनम अभी भी लापता है
हनीमून के लिए इंदौर निवासी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी मेघालय गए थे। वहां वे 23 मई को रहस्यमयी तरीके से लापता हो गए। गुमशुदगी के बाद शुरू हुई सर्चिंग में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि राजा रघुवंशी का शव चेरापूंजी के सोहरारिम क्षेत्र की एक गहरी खाई से बरामद हो चुका है। लेकिन सोनम का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
एक तरफ जहां अपनी लापता बेटी के सुरक्षित आने के लिए घरवाले अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। वहीं, सोनम के ससुराल वाले भी उसके जिंदा लौटने की आस लगाए हुए हैं। सर्चिंग शुरू करने के साथ ही पीड़ित परिवार लगातार केस में सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। अब उनकी मांग पर प्रदेश मुखिया मोहन यादव ने प्रतिक्रिया दी है। साथ ही गृहमंत्री अमित शाह से बात की है।
सीएम ने किया सीबीआई जांच का आग्रह
दरअसल, सीएम डॉ मोहन यादव ने इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए एक्शन लिया है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सीबीआई जांच के आदेश देने का आग्रह किया है। सीएम अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर लिखा, संकट की इस घड़ी में मध्यप्रदेश सरकार सोनम रघुवंशी के परिवार के साथ खड़ी है। मैंने मेघालय के मुख्यमंत्री से इस मामले को लेकर चर्चा की है। साथ ही प्रदेश के सीनियर पुलिस अधिकारियों को मेघालय के अधिकारियों के साथ सतत समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
सुरक्षित वापसी के किए जा रहे प्रयास
मुख्यमंत्री ने यह भी लिखा कि सोनम की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, इस मामले को लेकर सोनम के पिता देवीसिंह रघुवंशी ने भी पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सीबीआई जांच की मांग की थी। इसके अलावा पीड़ित परिवार ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात की है।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि राजा और सोनम रघुवंशी 22 मई को हनीमून मनाने शिलांग पहुंचे थे, लेकिन 23 मई से दोनों लापता हो गए। लंबे समय तक तलाश के बाद 2 जून को राजा का शव बरामद किया गया। हालांकि सोनम का कोई अता-पता अब तक नहीं लग पाया है। मेघालय पुलिस की टीमें लगातार सोनम की खोज में लगी हुई हैं, लेकिन अभी तक हाथ खाली हैं।
अब तक क्या-क्या घटा
बेटे और बहू के लापता होने के बाद से ही परिवार मेघालय पहुंचकर तलाशी अभियान में शामिल है। खराब मौसम और विषम परिस्थिति होने के बाद परिवार सर्चिंग दल के साथ शामिल रहा। इसके चलते घटनास्थल से करीब 20 किमी दूरी पर राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ। उसके शरीर पर दाओ हथियार से जख्म पाए गए हैं। वहीं, बहू सोनम रघुवंशी अभी भी लापता है। उसकी तलाश लगातार जारी है। इस दौरान कई वीडियो, सीसीटीवी और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। परिवार बेटी के घर सकुशल लौटने की कामना कर रहा है।
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को मिला ब्रिटेन का समर्थन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड लैमी से मुलाकात की, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक प्रयासों पर जोर दिया गया। लैमी ने पहलगाम हमले की निंदा करते हुए सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के समर्थन को दोहराया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी से मुलाकात की। इस मुलाकात में पीएम मोदी ने आतंकवाद और इसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ निर्णायक वैश्विक प्रयासों का आह्वान किया। यह बातचीत जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले की कड़ी ब्रिटिश निंदा के बीच हुई।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के एक बयान के अनुसार, लैमी ने हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई के लिए ब्रिटेन के दृढ़ समर्थन को व्यक्त किया। पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दृढ़ता से और सामूहिक रूप से कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बयान के मुताबिक, “ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई के लिए समर्थन व्यक्त किया। वहीं पीएम मोदी ने आतंकवाद और इसका समर्थन करने वालों के खिलाफ निर्णायक अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।”
दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और दोहरे कराधान बचाव सम्मेलन के सफल समापन का स्वागत किया। पीएम मोदी ने यहां तक पहुंचने में दोनों पक्षों से मिले “रचनात्मक जुड़ाव” की सराहना की। लैमी ने कहा कि ब्रिटेन रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के लिए उत्सुक है।
पीएम मोदी ने भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी की बढ़ती ताकत पर भी बात की। उन्होंने प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल के तहत चल रहे सहयोग की सराहना की। उन्होंने इसे “विश्वसनीय और सुरक्षित नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र” बनाने की दिशा में एक कदम बताया। लैमी की यात्रा नई दिल्ली और लंदन के बीच बढ़े हुए राजनयिक प्रयासों के समय हुई है।
अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान, उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ भी विस्तृत बातचीत की। विदेश मंत्री जयशंकर ने आतंकवाद पर भारत की जीरो-टॉलरेंस नीति पर जोर दिया। उन्होंने वैश्विक भागीदारों से अपराधियों और पीड़ितों के बीच स्पष्ट विभाजन को पहचानने का आग्रह किया। जयशंकर ने कहा, “भारत को उम्मीद है कि उसके सहयोगी समझेंगे कि हम कभी भी बुराई करने वालों को उनके शिकार लोगों के बराबर नहीं मानेंगे।”
कनाडा ने G7 शिखर सम्मेलन में भारत को क्यों दिया न्योता
भारत को दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था तथा कई महत्वपूर्ण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का केंद्र बताते हुए कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि इसके (भारतीय) नेतृत्व को आगामी जी-7 शिखर सम्मेलन में चर्चा का हिस्सा होना चाहिए। कार्नी की यह टिप्पणी कनाडा में उनके कुछ राजनीतिक विरोधियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जी-7 शिखर सम्मेलन में निमंत्रित करने को लेकर उनकी आलोचना किये जाने के बाद आई है।

भारत को दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था तथा कई महत्वपूर्ण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का केंद्र बताते हुए कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि इसके (भारतीय) नेतृत्व को आगामी जी-7 शिखर सम्मेलन में चर्चा का हिस्सा होना चाहिए। कार्नी की यह टिप्पणी कनाडा में उनके कुछ राजनीतिक विरोधियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जी-7 शिखर सम्मेलन में निमंत्रित करने को लेकर उनकी आलोचना किये जाने के बाद आई है।
कार्नी के विरोधियों ने की आलोचना
वर्ष 2023 में एक खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या में भारतीय संबंधों के आरोपों की जांच चल रही है और ऐसे में मोदी को निमंत्रित करने पर कार्नी की उनके विरोधियों ने आलोचना की है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को फोन पर बातचीत के दौरान जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए कार्नी के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया। कनाडा जी-7 के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में 15 से 17 जून तक अल्बर्टा प्रांत में इस समूह के सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।
खालिस्तान समर्थक अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की 2023 में हुई हत्या के मामले में विशिष्ट प्रश्न पूछे जाने पर कार्नी ने संवाददाताओं से कहा कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उनके लिए उचित नहीं है। कनाडाई प्रधानमंत्री ने कहा कि जी-7 शिखर सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल भविष्य, महत्वपूर्ण खनिजों और उभरते एवं विकासशील देशों में बुनियादी ढांचे के निर्माण में साझेदारी समेत कई प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
जी7 के देशों ने कनाडा पर बनाया था दबाव?
कार्नी ने सुझाव दिया कि उन्होंने जी7 के अन्य सदस्य देशों से बात करने के बाद मोदी को निमंत्रण दिया है। जब उनसे पूछा गया कि निज्जर की हत्या के मामले में भारतीय संबंधों का आरोप लगने के बाद भी प्रधानमंत्री मोदी को क्यों आमंत्रित किया गया, तो उन्होंने कहा, ”कुछ ऐसे देश हैं जिन्हें इन चर्चाओं में शामिल होना चाहिए।”
कनाडाई पीएम ने भारत का माना लोहा
उन्होंने कहा, ”भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, प्रभावी रूप से दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। (यह) आपूर्ति श्रृंखलाओं में से कई के केंद्र में है। (यह) इन आपूर्ति श्रृंखलाओं में से कई के मूल में है, इसलिए उन्हें निमंत्रण देना अर्थपूर्ण है।” बिना विस्तार से चर्चा किये कार्नी ने कहा कि भारत और कनाडा कानून प्रवर्तन वार्ता जारी रखने पर सहमत हो गए हैं।
कार्नी ने भारत को लेकर बड़ा दावा किया
उन्होंने कहा, ”महत्वपूर्ण यह है कि द्विपक्षीय रूप से, हम अब कानून प्रवर्तन वार्ता जारी रखने के लिए सहमत हो गए हैं। इस पर कुछ प्रगति हुई है… जवाबदेही के मुद्दों को स्वीकार किया गया है।” कनाडा की एनडीपी पार्टी ने मोदी को निमंत्रण देने के लिए कार्नी की आलोचना की। उसने कहा, ”यह निर्णय बहुत परेशान करने वाला है।” 2023 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा निज्जर की हत्या में संभावित भारतीय संबंध के आरोप लगाने के बाद भारत-कनाडा संबंधों में भारी गिरावट आई थी।
सिंगर के 10 गाने किए बैन, पहुंचा प्रेमानंद महाराज के पास
हरियाणवी गायक मासूम शर्मा, जो पहले गन कल्चर वाले गानों के कारण विवादों में थे, अब आध्यात्मिकता की ओर मुड़ गए हैं। वृंदावन यात्रा के दौरान उन्होंने प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की और श्याम बाबा पर आधारित एक भक्ति गीत सुनाया।

हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री के चर्चित गायक मासूम शर्मा हाल के दिनों में अपने गन कल्चर वाले गानों के कारण विवादों में रहे हैं। लेकिन अब उन्होंने एक नया रुख अपनाते हुए आध्यात्मिकता की ओर कदम बढ़ाया है। हाल ही में मासूम शर्मा ने वृंदावन यात्रा के दौरान प्रसिद्ध धार्मिक गुरु प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की और उनके समक्ष श्याम बाबा पर आधारित एक भक्ति गीत प्रस्तुत किया। इस मुलाकात के दौरान हरियाणवी गायक केडी भी मासूम शर्मा के साथ मौजूद रहे। जैसे ही प्रेमानंद महाराज को बताया गया कि यह वही गायक हैं जिनके कई गानों को सरकार ने बैन कर दिया है, तो महाराज ने उत्सुकता दिखाई और उनसे कोई भक्ति गीत सुनाने का आग्रह किया।
मासूम शर्मा ने जिस धुन पर गन कल्चर आधारित गाना गाया था उसी पर भक्ति गीत गाकर सुनाया। यह सुनकर प्रेमानंद महाराज भावविभोर हो उठे और उन्होंने गीत की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की ऊर्जा और शैली अगर भगवान के चरणों में समर्पित हो, तो उसका प्रभाव कहीं अधिक सकारात्मक होता है। इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोगों ने मासूम शर्मा की इस धार्मिक और सकारात्मक छवि की सराहना की है। वीडियो में प्रेमानंद महाराज मुस्कुराते हुए शर्मा की गायकी की तारीफ करते नजर आ रहे हैं।
सरकार ने 10 गाने किए हैं बैन
मासूम शर्मा के सहायक दीपक कुमार ने जानकारी दी कि यह मुलाकात धार्मिक यात्रा के दौरान संयोगवश हुई थी। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों से मासूम शर्मा अपने गानों को लेकर चर्चाओं में रहे हैं और कई गानों पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। सरकार द्वारा ट्यूशन बदमाशी का, 60 मुकदमे, पिस्तौल, चंबल के डाकू, खटोला जैसे करीब दस गानों को बैन कर दिया गया है क्योंकि इनमें हथियारों और हिंसा को बढ़ावा देने वाले दृश्य और बोल शामिल थे।
नई शुरुआत की ओर इशारा?
प्रेमानंद महाराज से मिलकर और भक्ति गीत प्रस्तुत कर मासूम शर्मा ने संकेत दिया है कि वह अब अपनी कला को सकारात्मक दिशा में मोड़ना चाहते हैं। उन्होंने श्याम बाबा पर बनाए गए इस गीत का ऑडियो पहले ही रिलीज कर दिया है, और अब इसका वीडियो भी जल्द ही आने की संभावना है। यह बदलाव देखकर उनके प्रशंसक भी उत्साहित हैं कि शायद अब मासूम शर्मा समाज में सकारात्मक संदेश देने वाले गीतों पर ध्यान देंगे। वहीं कुछ आलोचक यह भी कह रहे हैं कि यह बदलाव मात्र छवि सुधारने का प्रयास हो सकता है, लेकिन अगर यह बदलाव वास्तविक है तो इसे सराहा जाना चाहिए।
चुनाव आयोग के पास कुछ छिपाने को नहीं है जवाब दे- राहुल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर फिर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है। मध्यस्थों के जरिए बिना हस्ताक्षर के, टाल-मटोल करने वाले नोट जारी करना गंभीर सवालों का जवाब देने का तरीका नहीं है। अगर चुनाव आयोग के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो मेरे लेख में दिए गए सवालों के जवाब दें और इसे साबित करें कि महाराष्ट्र चुनाव में हेराफेरी नहीं की गई।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर फिर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है। मध्यस्थों के जरिए बिना हस्ताक्षर के, टाल-मटोल करने वाले नोट जारी करना गंभीर सवालों का जवाब देने का तरीका नहीं है। अगर चुनाव आयोग के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो मेरे लेख में दिए गए सवालों के जवाब दें और इसे साबित करें कि महाराष्ट्र चुनाव में हेराफेरी नहीं की गई।
चुनाव आयोग पर राहुल का डबल अटैक
राहुल गांधी ने शनिवार को एक अंग्रेजी और हिंदी अखबार में लेख लिखकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में धांधली का आरोप लगाया था। राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कहा कि महाराष्ट्र की मतदाता सूची को लेकर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे कानून का अपमान है। चुनाव आयोग ने बताया कि उन्होंने 24 दिसंबर 2024 को कांग्रेस पार्टी को इस बारे में जवाब दिया गया था। वह जवाब ECI की वेबसाइट पर मौजूद है। ECI का कहना है कि ऐसा लगता है कि इन तथ्यों को बार-बार अनदेखा किया जा रहा है और फिर से वही मुद्दे उठाए जा रहे हैं।
मतदाता सूची, सीसीटीवी फुटेज जारी करने की चुनौती दी
चुनाव आयोग की सफाई आने के बाद भी राहुल गांधी नहीं रुके और निर्वाचन आयोग को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। राहुल गांधी एक्स पर लिखा, ‘प्रिय चुनाव आयोग, आप एक संवैधानिक संस्था हैं। मध्यस्थों के जरिए बिना हस्ताक्षर के, टाल-मटोल करने वाले नोट जारी करना गंभीर सवालों का जवाब देने का तरीका नहीं है। अगर आपके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो मेरे लेख में दिए गए सवालों के जवाब दें और इसे साबित करें कि महाराष्ट्र सहित सभी राज्यों के लोकसभा और विधानसभा के सबसे हालिया चुनावों के लिए समेकित, डिजिटल, मशीन-पठनीय मतदाता सूची प्रकाशित करें। महाराष्ट्र के मतदान केंद्रों से शाम 5 बजे के बाद की सभी सीसीटीवी फुटेज जारी करें। टाल-मटोल करने से आपकी विश्वसनीयता सुरक्षित नहीं रहेगी। सच बोलने से आपकी विश्वसनीयता सुरक्षित रहेगी।’
बीजेपी ने राहुल गांधी को हताश, निराश बताया
राहुल गांधी के आरोप पर बीजेपी ने भी पलटवार किया। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी का लेख ‘फर्जी विमर्श गढ़ने का एक ब्लूप्रिंट’है, क्योंकि वह लगातार चुनाव हारने से दुखी और हताश हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वह इसे चरण दर चरण इस प्रकार करते हैं। चरण 1: कांग्रेस पार्टी अपनी हरकतों के कारण चुनाव दर चुनाव हारती है। चरण 2: आत्मनिरीक्षण करने के बजाय, वह विचित्र षड्यंत्र रचते हैं और धांधली का रोना रोते हैं। चरण 3: सभी तथ्यों और आंकड़ों की अनदेखी करते हैं। चरण 4: बिना सबूत के साथ संस्थाओं को बदनाम करते हैं।’’ बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, ‘‘चरण 5: तथ्यों की अपेक्षा सुर्खियों की उम्मीद करना। बार-बार पोल खुलने के बावजूद, वह बेशर्मी से झूठ फैलाते रहते हैं। और, वह ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि बिहार में उनकी हार निश्चित है।’’ नड्डा ने कहा कि लोकतंत्र को नाटक की नहीं, बल्कि सच्चाई की जरूरत है।
खैनी बनाने वाली कंपनी के शेयर ने एक साल में बना दिया करोड़पति, कभी 11 रुपये थी कीमत
शेयर मार्केट में फिर से रौनक आने लगी है। शुक्रवार को सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं स्टॉक मार्केट में कुछ ऐसे शेयर हैं जो निवेशकों पर लगातार पैसों की बारिश कर रहे हैं। ऐसे ही एक मल्टीबैगर शेयर ने एक साल में निवेशकों को करोड़पति बना दिया है। इस शेयर में लगातार अपर सर्किट लग रहा है। इसका नाम एलीटेकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड (Elitecon International Ltd) है। यह कंपनी तंबाकू से जुड़ा कारोबार करती है और खैनी समेत कई प्रोडक्ट बनाती है।
शुक्रवार को यह शेयर 5 फीसदी के अपर सर्किट के साथ 571.05 रुपये पर बंद हुआ था। यह इसका 52 हफ्ते का हाई भी है। पिछले हफ्ते ही इस शेयर में 21 फीसदी की तेजी आई। वहीं एक महीने में यह शेयर 57 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया है। यानी इसने निवेशकों को एक महीने में ही जबरदस्त फायदा दिया है। एक साल में इस शेयर ने निवेशकों को 5000 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है। कभी इस शेयर की कीमत 11 रुपये थी।
6 महीने में 600% से ज्यादा रिटर्न
इस शेयर ने 6 महीने में निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न दिया है। 6 महीने में इसका रिटर्न 655 फीसदी रहा है। अगर आपने 6 महीने पहले इसमें एक लाख रुपये निवेश किए होते तो आज उनकी वैल्यू 7.55 लाख रुपये होती। यानी एक लाख रुपये के निवेश पर मात्र 6 महीने में ही 6.55 लाख रुपये का फायदा हो चुका होता।
कैसे बनाया करोड़पति?
इसने एक साल में निवेशकों को करोड़पति बना दिया है। एक साल पहले शेयर की कीमत करीब 11 रुपये थी। अब 571.05 रुपये है। ऐसे में इस शेयर का एक साल का रिटर्न 5000 फीसदी से ज्यादा रहा है।
अगर आपने एक साल पहले इसमें दो लाख रुपये निवेश किए होते तो उनकी वैल्यू आज एक करोड़ रुपये कुछ ज्यादा होती। यानी आप करोड़पति बन चुके होते। वहीं अगर आपने एक लाख रुपये निवेश किए होते तो उनकी वैल्यू 50 लाख रुपये होती।
क्या करती है कंपनी?
यह कंपनी साल 1987 में शुरू हुई थी। यह कंपनी घरेलू बाजार और विदेशी बाजार में सिगरेट, स्मोकिंग मिक्सर, शीशा और तंबाकू इंडस्ट्री से संबंधित अन्य प्रोडक्ट बनाती है। बीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक कंपनी का मार्केट कैप 9,128.23 करोड़ रुपये है।
एफडी में निवेश करने वालों के लिए बुरी खबर!
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस साल तीसरी बार रेपो रेट घटा दिया है। यह कटौती 50 बेसिस पॉइंट्स (bps) की है। अब रेपो रेट 5.5% हो गया है। रेपो रेट कम होने से लोन लेने वालों को फायदा होगा। लेकिन, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों के लिए यह बुरी खबर है। रिजर्व बैंक ने साल 2025 की शुरुआत में रेपो रेट कम करना शुरू किया था। इसके बाद से बैंकों ने एफडी पर ब्याज दरें घटानी शुरू कर दी हैं। रेपो रेट के साथ-साथ रिजर्व बैंक ने कैश रिजर्व रेशियो (CRR) को भी 1% कम कर दिया है।
रिजर्व बैंक ने फरवरी और अप्रैल 2025 में हर बार 25 bps रेपो रेट कम किया था। लगातार दो बार रेट कट होने से बैंकों ने एफडी की ब्याज दरों में भारी कटौती की है। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार फरवरी 2025 से एफडी की दरों में 30 से 70 bps की कमी आई है। फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें कम होने के साथ-साथ बैंक बचत खातों पर भी ब्याज दरें कम कर रहे हैं। रिजर्व बैंक ने अब तक तीन बार रेपो रेट कम किया है। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाली तिमाहियों में डिपॉजिट दरों में भारी गिरावट आने की उम्मीद है। FY26 में 100 bps तक रेपो रेट में कटौती हो सकती है।
कितनी हो गई ब्याज दर?
इस साल फरवरी से पहले तक जहां कई बैंक एफडी पर सालाना 9 फीसदी से ज्यादा ब्याज ऑफर कर रहे थे, वहीं अब यह घटकर 7 फीसदी से भी नीचे आ गई है। हालांकि कुछ बैंक अभी भी 8 फीसदी से इससे ज्यादा ब्याज ऑफर कर रहे हैं, लेकिन अब रेपो रेट में कमी के बाद इन्हें भी ब्याज दर में कमी करनी होगी। ऐसे में आने वाले दिनों में एफडी की ब्याज दरों में और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।
क्या हैं निवेशकों के पास विकल्प?
एफडी ने निवेश करने वालों को अब अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा। फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें आने वाले महीनों में गिरने की उम्मीद है। हालांकि, इसमें कुछ समय लग सकता है। अभी भी कई बैंक हैं जो आकर्षक दरों पर एफडी दे रहे हैं। इसलिए, एफडी निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे जल्द से जल्द मौजूदा उच्च दरों पर एफडी बुक करें।
विमान ध्वस्त होने से सदमे में क्यों हैं पुतिन?
: यूक्रेनी सेना ने दावा किया है कि उसने शनिवार सुबह कुर्स्क क्षेत्र में रूस के अत्याधुनिक सुखोई Su-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। सेना ने टेलीग्राम मैसेंजर पर कहा, “आज सुबह, 7 जून 2025 को, कुर्स्क दिशा में एक सफल वायुसेना अभियान के परिणामस्वरूप, एक रूसी Su-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया गया।” हालांकि, यूक्रेन के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है, लेकिन रूस की चुप्पी को स्वीकृति माना जा रहा है। ऐसे में Su-35 लड़ाकू विमान का गिराया जाना रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जो इसने निर्यात का सपना देख रहे थे।
Su-35 लड़ाकू विमान कितना शक्तिशाली
सुखोई Su-35 4.5-पीढ़ी का मल्टीरोल लड़ाकू विमान है। Su-35 रूस के सबसे उन्नत विमानों में से एक है, जिसे हवाई श्रेष्ठता और सटीक हमलों के लिए डिजाइन किया गया है। Su-27 से विकसित Su-35 लड़ाकू विमान में उन्नत एवियोनिक्स, थ्रस्ट-वेक्टरिंग के साथ शक्तिशाली AL-41F1S इंजन लगा हुआ है, जो इसे मैक 2.25 की टॉप स्पीड तक उड़ा सकता है। इसका इरबिस-ई रडार 400 किलोमीटर दूर तक के लक्ष्यों का पता लगा सकता है, जबकि इसके शस्त्रागार में हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, गाइडेड बम और एंटी शिप हथियार शामिल हैं।
रूसी वायुसेना की रीढ़ है Su-35
सुपरमैन्युवरेबिलिटी और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं के साथ Su-35 डॉगफाइट्स और जटिल मिशनों में उत्कृष्ट लड़ाकू विमान है। सीरिया और यूक्रेन में तैनात रह चुका यह लड़ाकू विमान रूसी वायुसेना की रीढ़ की हड्डी बना हुआ है। इसे अमेरिकी F-15 और यूरोफाइटर टाइफून जैसे पश्चिमी लड़ाकू विमानों का सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी भी माना जाता है। यही कारण है कि रूस एंटी अमेरिकी लॉबी वाले देशों को Su-35 लड़ाकू विमान का ऑफर दे रहा है।
रूस ने SU-35 को भारत को किया है ऑफर
एसयू-35 को बनाने वाली कंपनी सुखोई ने भारत को इस विमान का ऑफर दिया है। सुखोई ने ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ भारत में इसके उत्पादन की भी हामी भरी है। हालांकि, भारत की तरफ से इस विमान की खरीद को लेकर कोई बयान नहीं दिया गया है। Su-35 लड़ाकू विमान की अधिकतम गति 2,500 किमी (1,553 मील) प्रति घंटे तक है। यह लड़ाकू विमान दो वैकल्पिक आउटबोर्ड ईंधन टैंक की सहायता से अपनी अधिकतम सीमा को 3,600 किमी से 4,500 किमी तक बढ़ा सकता है।
सुखोई डिजाइन ब्यूरो ने बनाया है Su-35
Su-35 लड़ाकू विमान का निर्माण रूस की सुखोई डिजाइन ब्यूरो ने किया है। यह सिंगल-सीट का लड़ाकू विमान है, हालांकि इसके ट्रेनिंग वेरिएंट में दो सीट दिए गए हैं। Su-35 लड़ाकू विमान पुराने T-10 का आधुनिकीकरण है। टी-10 वही प्लेटफॉर्म है, जिस पर Su-27 ऑल-वेदर सुपरसोनिक हेवी मल्टीरोल चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान बनाया गया था। Su-35 लड़ाकू विमान ने 2008 में अपनी पहली उड़ान भरी और 2014 में रूसी सेना के साथ सेवा में प्रवेश किया था।





