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*कटनी नगर,जहां पत्रकारों ने निडर हो कर डीएसपी से हाथ जोड़कर माफ़ी मंगवाई* 

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-सुसंस्कृति परिहार 

जी हां।आज के दहशतज़दा और भ्रष्ट माहौल में जहां सर्वत्र चापलूस गोदी मीडिया और नागरिक समाज मौन है ऐसे कठिन दौर में मध्यप्रदेश के कटनी नगर को यह गौरव हासिल हुआ है कि वहां मीडिया कर्मियों ने एक नया इतिहास रचा है। उन्होंने पुलिसिया आतंकी साए को ना केवल ध्वस्त किया है बल्कि पुलिस अधिकारी से हाथ जोड़कर पुलिस वर्दी में माफ़ी भी मंगवाई। इस घटना के मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव जी से  पास पहुंचते ही पूरे पुलिस मोहकमे पर तत्काल कार्रवाई करते हुए कटनी एस पी अभिजीत रंजन सहित वहां मौजूद  पुलिस अधिकारियों के तबादले करवा दिए हैं।

खास बात यह है घटना को गंभीर बताते हुए  मुख्यमंत्री जी ने दो बार सार्वजनिक ट्वीट करते हुए इन अधिकारियों के व्यवहार और आचरण को लोकसेवा के विरुद्ध बताया है।

आइए उस घटना का ज़िक्र कर लिया जाए जिससे ऐसी स्थिति निर्मित हुई। वस्तुत:यह मामला कटनी के समीपवर्ती दमोह नगर में पदस्थ तहसीलदार पति शैलेन्द्र बिहारी शर्मा और कटनी  में सीएसपी पद पर पदस्थ  उनकी पत्नि ख्याति मिश्रा के परस्पर विवाद का था। विशेष बात ये कि पिछले लगभग डेढ़ बरस से तहसीलदार पति ने इस विवाद के मद्देनजर प्रशासनिक अधिकारियों  को इस सम्बन्ध में कई पत्र भी लिखे लेकिन  जैसा अमूमन होता है उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इन पत्रों  का जब खुलासा हुआ तो पत्रकारों तक यह जानकारी पहुंची, कि कटनी जिले के एसपी अभिजीत रंजन के दबाव में उनकी पत्नी गलत कार्यों में रत है और पुलिस  अधीक्षक इन दोनों को अलग कराना चाहते हैं।

इस जानकारी के मिलते ही पत्रकारों ने संज्ञान लेना शुरू किया तो अन्तर्सम्बन्धों की बात तो स्पष्ट तौर पर सामने नहीं आई लेकिन ख्याति पर पुलिस अधीक्षक के दबाव की पुष्टि ज़रुर हुई। पता चला कि एसपी के आदेशों का परिपालन करते हुए मोहतरमा किस तरह कटनी जिले में विशेष अभियान चला रही थीं वह तथ्य सामने आया।

 इस दबाव के वशीभूत ख्याति और उनके पति की दूरियां बढ़ती चली गई।ख्याति इसे उनके पति का कमतर पद पर होना बताती हैं। ख्याति पूरी तरह से एसपी के गुलाम की तरह आज्ञा पालन में जुटी रही। सबसे बड़ी बात कि कटनी जिले की पूरी पुलिस सीएसपी महोदया के इस दबाव में थी।

इसी बीच भोपाल पहुंची शिकायतों की वजह से सीएसपी  महोदया का स्थानांतरण अमरपाटन कर दिया गया। बताया जा रहा है ख्याति अपने  सामान की पैकिग में जुटी थी तभी तहसीलदार साहिब और उनके परिवार के साथ ख्याति के परिवार जन वहां पहुंच गए। जिनमें  दोनों पक्षों के बुजुर्गो के साथ ख्याति का नाबालिग आठ वर्षीय पुत्र भी था। जो अपनी नानी के पास रहता है उसने महिला थाना की सलाखों के बीच से कहा कि शर्मा जी ने मां और मेरे साथ मारपीट की।इसी बीच ख्याति ने एसपी साहिब को बंगले में चल रहे विवाद की सूचना दी।तब उन्होंने उच्च पुलिस अधिकारियों से इस घटना को बताने कहा। समझा जाता है  ऊपर से आदेश पाकर एसपी ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को ख्याति की रक्षा हेतु भेजा।इस बीच एसपी साहिब के हुकुम का पालन करते हुए दोनों परिवारों को ना केवल पुलिस ने पीटा बल्कि सबको लेकर बिना एफआईआर किये महिला थाने में बंद कर दिया या। उसमें वह आठ वर्षीय बच्चा भी था। जहां उन सबके साथ पुलिस ज्यादती करती रही।

इस दुर्दांत घटना की ख़बर मिलते ही कटनी नगर के पत्रकार बड़ी संख्या में थाना पहुंच गए।उनके साथ पुलिस ने धक्का मुक्की की। उन्हें प्रवेश करने से रोका गया।उनको कैमरा बंद करने कहा जिस पर वे भड़क गए और पुलिस अधिकारियों को कानून बताते रहे।जब कोई उनकी बात सुनने तैयार नहीं हुआ तो आक्रोशित पत्रकार अंदर पहुंचे और सब कुछ  मोबाइल में कैद कर लिया तथा पकड़े गए  लोगों और नाबालिग बच्चे को तत्काल  छोड़ने की मांग की।जब पुलिस को कानून का ख़्याल आया तो डीएसपी प्रभात शुक्ला महोदय ने पुलिस व्यवहार के लिए माफ़ी मांगी। तथा देर रात सभी परिवार जनों को छोड़ा गया। विदित  हो बाल आयोग से भी नाबालिग बच्चे को लाक अप में बंद करने की शिकायत की गई है।पत्रकारों की एकजुटता की प्रशंसा  चारों ओर जारी है जिस तरह उन्होंने पुलिसिया आतंक को घुटने  टेकने मज़बूर किया वह सराहनीय और देश के तमाम पत्रकारों और पुलिस के लिए सबक है। 

यह भी महत्वपूर्ण है इस घटना के जिम्मेदार एसपी को तत्काल प्रभाव से मुख्यमंत्री ने पीएचक्यू भेज दिया है।

यह पहला अवसर है जब पत्रकारों की एकजुटता ने ना केवल कटनी में पुलिस की अवैध कार्रवाई की पोल खोली है बल्कि महिला पुलिस अधिकारी पर अनावश्यक दबाव के चलते  पति पत्नी के नाज़ुक  रिश्ते तो तोड़ने जैसे गंभीर विषय पर सोचने विवश किया है। मुख्यमंत्री की ओर से अधिकारियों पर जो त्वरित कार्रवाई की गई  वह भी एक मिसाल बन गई है। आमतौर पर इतनी शीघ्रता से कार्रवाई नहीं होती हैं।

कटनी इंदौर के बाद सबसे ज़्यादा कमाई वाला जिला माना जाता है। किंतु  इस कमाई प्रधान नगर में पत्रकारों ने इससे जो दूरी बनाई वह भी श्लाघनीय पहल है।

बहरहाल, इस घटना से लोग चौकन्ने हुए हैं और पत्रकारों वा मुख्यमंत्री को दिल से सलाम भेज रहे हैं।

Ramswaroop Mantri

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